हदीस
Ikatlah untamu kemudian bertawakallah
Imam Tirmidzi : 2441حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ حَدَّثَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ أَبِي قُرَّةَ السَّدُوسِيُّ قَال سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُ قَالَ رَجُلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَعْقِلُهَا وَأَتَوَكَّلُ أَوْ أُطْلِقُهَا وَأَتَوَكَّلُ قَالَ اعْقِلْهَا وَتَوَكَّلْ قَالَ عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ قَالَ يَحْيَى وَهَذَا عِنْدِي حَدِيثٌ مُنْكَرٌ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أَنَسٍ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ عَمْرِو بْنِ أُمَيَّةَ الضَّمْرِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَ هَذَا
हमनी के बतवले बाड़े [अमरू बिन अली] हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन सईद अल कत्तन] हमनी के बतवले बाड़े [अल मुगीरा बिन अबू कुर्राह अस सदुसी] कहले बाड़े: हम सुनले बानी कि [अनस बिन मलिक] कहले बाड़े; एगो आदमी रहे जे पूछले कि हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, का हम अपना ऊंट के बान्ह के फेर ओकरा प भरोसा करीं कि बस ओकरा के छोड़ दीं अवुरी ओकरा बाद ओकरा प भरोसा करीं? उ जवाब देले कि आपन ऊंट के बांध लीं फिर अल्लाह प भरोसा करीं'। अमरू बिन अली कहले कि याह्या कहले कि: हमरा लागता कि इ हदीस बुराई बा'। अबू ईसा कहले कि: इ हदीस अनस के हदीस से घरीब ह, हमनी के एकरा के ए सनाद लाइन के छोड़ के नईखी जानत, अवुरी इ अम्र बिन उमय्याह अद डोमरी से नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम से रिवायत भईल बा जवन कि एगो सार्थक हदीस ह।