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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Nabi Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam Kematian Nabi Muhammad SAW Rasulullah wafat di hari Senin

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Rasulullah wafat di hari Senin
Imam Darimi : 83

َخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ عِكْرِمَةَ قَالَ تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَ الِاثْنَيْنِ فَحُبِسَ بَقِيَّةَ يَوْمِهِ وَلَيْلَتَهُ وَالْغَدَ حَتَّى دُفِنَ لَيْلَةَ الْأَرْبِعَاءِ وَقَالُوا إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَمُتْ وَلَكِنْ عُرِجَ بِرُوحِهِ كَمَا عُرِجَ بِرُوحِ مُوسَى فَقَامَ عُمَرُ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَمُتْ وَلَكِنْ عُرِجَ بِرُوحِهِ كَمَا عُرِجَ بِرُوحِ مُوسَى وَاللَّهِ لَا يَمُوتُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى يَقْطَعَ أَيْدِيَ أَقْوَامٍ وَأَلْسِنَتَهُمْ فَلَمْ يَزَلْ عُمَرُ يَتَكَلَّمُ حَتَّى أَزْبَدَ شِدْقَاهُ مِمَّا يُوعِدُ وَيَقُولُ فَقَامَ الْعَبَّاسُ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ مَاتَ وَإِنَّهُ لَبَشَرٌ وَإِنَّهُ يَأْسُنُ كَمَا يَأْسُنُ الْبَشَرُ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ فَإِنَّهُ أَكْرَمُ عَلَى اللَّهِ مِنْ أَنْ يُمِيتَهُ إِمَاتَتَيْنِ أَيُمِيتُ أَحَدَكُمْ إِمَاتَةً وَيُمِيتُهُ إِمَاتَتَيْنِ وَهُوَ أَكْرَمُ عَلَى اللَّهِ مِنْ ذَلِكَ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ فَإِنْ يَكُ كَمَا تَقُولُونَ فَلَيْسَ بِعَزِيزٍ عَلَى اللَّهِ أَنْ يَبْحَثَ عَنْهُ التُّرَابَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاللَّهِ مَا مَاتَ حَتَّى تَرَكَ السَّبِيلَ نَهْجًا وَاضِحًا فَأَحَلَّ الْحَلَالَ وَحَرَّمَ الْحَرَامَ وَنَكَحَ وَطَلَّقَ وَحَارَبَ وَسَالَمَ مَا كَانَ رَاعِي غَنَمٍ يَتَّبِعُ بِهَا صَاحِبُهَا رُءُوسَ الْجِبَالِ يَخْبِطُ عَلَيْهَا الْعِضَاهَ بِمِخْبَطِهِ وَيَمْدُرُ حَوْضَهَا بِيَدِهِ بِأَنْصَبَ وَلَا أَدْأَبَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ فِيكُمْ أَيْ قَوْمِ فَادْفِنُوا صَاحِبَكُمْ قَالَ وَجَعَلَتْ أُمُّ أَيْمَنَ تَبْكِي فَقِيلَ لَهَا يَا أُمَّ أَيْمَنَ تَبْكِي عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ إِنِّي وَاللَّهِ مَا أَبْكِي عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَّا أَكُونَ أَعْلَمُ أَنَّهُ قَدْ ذَهَبَ إِلَى مَا هُوَ خَيْرٌ لَهُ مِنْ الدُّنْيَا وَلَكِنِّي أَبْكِي عَلَى خَبَرِ السَّمَاءِ انْقَطَعَ قَالَ حَمَّادٌ خَنَقَتْ الْعَبْرَةُ أَيُّوبَ حِينَ بَلَغَ هَا هُنَا

हमरा सब के कहलक अछि [सुलेमान बिन हर्ब] हमरा सब के [हम्मद बिन जैद] के [अय्यूब] स ['इकरीमा] स कहलक अछि जे ओ कहलनि: ' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सोमदिन मरि गेल छलाह मुदा हुनकर लाश एखन धरि ओहि दिन, ओहि साँझ, आ दोसर दिन दफनाओल नहि गेल छल, ताहि लेल हुनका बुध दिन राति मे दफनाओल गेल छल, ओ सब कहलनि: 'रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहिलम हस।' नहि मरल, मात्र ओ अपन आत्माक संग -आकाश मे- चढ़ल जेना मूसा अलैहिस्सलम उठल छल, तखन उमर रदलियाल्लाहुअनहु ठाढ़ भ' गेल आ कहलक: 'सत्ते अल्लाह केर रसूलुल्लाहु अलैहि वसल्लम नहि मरि गेल छथि, मुदा ओ अपन आत्माक संग -आकाश मे- जेना मूसा अलैहिस्सलम जी उठल छलाह।' अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के कसम, रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ताबत धरि नहि मरि गेलाह जाबत धरि हुनकर हाथ आ जीभ नहि काटि देलनि। उमर रदलियाल्लाहुअनहु कहैत रहलाह - एहने - जाबत धरि हुनकर धमकी आ बातक कारणेँ हुनकर मुँहक कोन मे झाग नहि बनि रहल छलनि । तखन अब्बास रदलियाहुअनहु ठाढ़ भ' क' कहलनि: 'सत्ते रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मरि गेल छथि, कारण ओ एकटा साधारण मनुक्ख छलाह, आ मनुक्ख बदलैत-बदलैत बदलैत गेलाह, तेँ अपन मित्र केँ दफना दियौक, सचमुच ओ अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला केर नजरि मे ओहि सँ बेसी कुलीन छलाह, जखन कि ओ दू बेर मरि गेलाह, की ई संभव अछि जे अहाँ एक बेर मारल गेल होथि आ ओ दू बेर सेहो मरि गेल होथि यद्यपि अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के नजर में हुनका सब स बेसी कुलीन छलाह? हे लोक सब अपन मित्र के दफना दियौ तखन जँ ओ अहाँक कहब जकाँ अछि तऽ अल्लाह सुभानल्लाहु व ताला के लेल ओकरा लेल दफन स्थल ताकब कठिन नहि होयत। अल्लाह के कसम, सचमुच अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ओ ताबत धरि नहि मरि सकलाह जाबत धरि ओ स्पष्ट मन्हज नहि छोड़ि देलनि, ओ जे जायज अछि ओकरा हलाम क देलनि, जे हरम अछि ओकरा मना क देलनि, विवाह आ तलाक क देलनि, युद्ध केलनि आ शांति केलनि। आ कोनो एहन चरबाह नहि छल जे अपन बकरी के पाछाँ-पाछाँ पहाड़ के चोटी तक पहुँचैत थाकि गेल आ थाकि गेल हो, ओ अपन लाठी सँ काँटदार गाछ के खसा देलक, अपन पानिक पोखरि के हाथ सँ मरम्मत केलक, अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स बेसी। आब ओ अहाँ सभक बीच अछि, तेँ अपन मित्र केँ गाड़ि दियौक'। ओ कहलनि : आ उम्म ऐमान रदलियाहुअनहा कानि रहल छलाह, तखन हुनका सँ पूछल गेलनि जे हे उम्म ऐमन, की अहाँ अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लेल कानि रहल छी? ' ओ जवाब देलनि : 'अल्लाह केर कसम हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर लेल नहि कानैत छी | अहाँकेँ बुझल अछि जे हमरा नीक जकाँ बुझल अछि जे ओ एहि संसारसँ नीक देशमे गेल छथि , मुदा हम कानि रहल छी कारण स्वर्ग -प्रकाशन-क समाचार बाधित भ' गेल अछि' । ' हम्मद रहीमाहुल्लाह : 'अय्यूब कटु कानि उठलाह जखन उम्म ऐमानक बात एतय पहुँचल ।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 23646
Imam Darimi : 83