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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2424

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ يَهُودِيَّةً أَتَتْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِشَاةٍ مَسْمُومَةٍ فَأَكَلَ مِنْهَا فَجِيءَ بِهَا فَقِيلَ أَلَا نَقْتُلُهَا قَالَ لَا فَمَا زِلْتُ أَعْرِفُهَا فِي لَهَوَاتِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

[अब्दुल्ला बिन अब्दुल वहाब] ने हमें [खालिद बिन अल हारिथ] ने हमें [सुबा] [हिशाम बिन ज़ैद] से [अनस बिन मलिक रदियल्लाहु अन्हु] से बताया कि, एक यहूदी औरत पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास एक बकरा लेकर आई थी जिसमें ज़हर मिला हुआ था और उन्होंने उसे खा लिया। फिर उस औरत को सबूत के तौर पर मांस के साथ पकड़ लिया गया और कहा गया: "क्या हमें उसे मार नहीं देना चाहिए?" उन्होंने जवाब दिया: "नहीं।" तब से मैंने हमेशा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़बान पर ज़हर के निशान देखे हैं।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 2648, 3366, 3679
इमाम बुखारी : 2424, 3918
इमाम मुस्लिम : 4060
इमाम अबू दाऊद : 3909