Hadith Representative
Mukjizat Nabi Muhammad shallallahu 'alaihi wasallam dalam makanan roti sedikit dari rumah Abu Thalhah yang mengenyangkan puluhan sahabat
Imam Tirmidzi : 3563حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ قَالَ عَرَضْتُ عَلَى مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُقَالَ أَبُو طَلْحَةَ لِأُمِّ سُلَيْمٍ لَقَدْ سَمِعْتُ صَوْتَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعْنِي ضَعِيفًا أَعْرِفُ فِيهِ الْجُوعَ فَهَلْ عِنْدَكِ مِنْ شَيْءٍ فَقَالَتْ نَعَمْ فَأَخْرَجَتْ أَقْرَاصًا مِنْ شَعِيرٍ ثُمَّ أَخْرَجَتْ خِمَارًا لَهَا فَلَفَّتْ الْخُبْزَ بِبَعْضِهِ ثُمَّ دَسَّتْهُ فِي يَدِي وَرَدَّتْنِي بِبَعْضِهِ ثُمَّ أَرْسَلَتْنِي إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَذَهَبْتُ بِهِ إِلَيْهِ فَوَجَدْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسًا فِي الْمَسْجِدِ وَمَعَهُ النَّاسُ قَالَ فَقُمْتُ عَلَيْهِمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرْسَلَكَ أَبُو طَلْحَةَ فَقُلْتُ نَعَمْ قَالَ بِطَعَامٍ فَقُلْتُ نَعَمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِمَنْ مَعَهُ قُومُوا قَالَ فَانْطَلَقُوا فَانْطَلَقْتُ بَيْنَ أَيْدِيهِمْ حَتَّى جِئْتُ أَبَا طَلْحَةَ فَأَخْبَرْتُهُ فَقَالَ أَبُو طَلْحَةَ يَا أُمَّ سُلَيْمٍ قَدْ جَاءَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسُ مَعَهُ وَلَيْسَ عِنْدَنَا مَا نُطْعِمُهُمْ قَالَتْ أُمُّ سُلَيْمٍ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ فَانْطَلَقَ أَبُو طَلْحَةَ حَتَّى لَقِيَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَقْبَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَبُو طَلْحَةَ مَعَهُ حَتَّى دَخَلَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلُمِّي يَا أُمَّ سُلَيْمٍ مَا عِنْدَكِ فَأَتَتْهُ بِذَلِكَ الْخُبْزِ فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَفُتَّ وَعَصَرَتْ أُمُّ سُلَيْمٍ بِعُكَّةٍ لَهَا فَآدَمَتْهُ ثُمَّ قَالَ فِيهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَقُولَ ثُمَّ قَالَ ائْذَنْ لِعَشَرَةٍ فَأَذِنَ لَهُمْ فَأَكَلُوا حَتَّى شَبِعُوا ثُمَّ خَرَجُوا ثُمَّ قَالَ ائْذَنْ لِعَشَرَةٍ فَأَذِنَ لَهُمْ فَأَكَلُوا حَتَّى شَبِعُوا ثُمَّ خَرَجُوا فَأَكَلَ الْقَوْمُ كُلُّهُمْ وَشَبِعُوا وَالْقَوْمُ سَبْعُونَ أَوْ ثَمَانُونَ رَجُلًاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के कहलक अछि [इशक बिन मूसा अल अंसारी] हमरा सब के [मा'न] के कहने अछि ओ कहलनि; हम [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तलहा] स [मलिक बिन अनस] स -हदीस- सुना देलहुं जे ओ [अनस बिन मलिक] कए कहैत सुनलथि; अबू तलहा उम्मूल सुलैम स कहलथिन; 'हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर कोमल आवाज सुनलहुँ, हमरा बुझल अछि जे ओ भूखल छथि, अहाँ लग किछु अछि की?' ओ जबाब देलनि; 'हँ'। तखन किछु मुट्ठी गहूम निकालि लेलनि, तकर बाद अपन घूंघट लऽ कऽ किछु रोटी मोड़ि हमरा हाथ मे दबा देलनि आ फेर किछु आओर दऽ देलनि । तखन ओ हमरा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग पठौलनि, उम्म सुलैम कहलनि; 'तखन हम हुनका रसुलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम सँ भेंट करय लेल ल' गेलहुँ, पता चलल जे ओ अपन साथी सभक संग मस्जिद मे बैसल छलाह, तखन हम हुनका लोकनिक सोझाँ ठाढ़ भ' गेलहुँ, तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वस्लाम कहलनि: 'की अबू तल्हाह छलाह जे अहाँ केँ एतय पठेने छलाह?' हम उत्तर देलियनि; 'हँ'। ओ बजलाह: 'अन्न आनबाक अछि की?' हम उत्तर देलियनि; 'हँ'। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'जे कियो हुनका संग रहय चाहैत छथि, ठाढ़ भ' जाउ,' तखन ओ चलि गेलाह आ हमहूँ हुनका सभक संग चलि गेलहुँ, जाबत हम अबू तल्हा सँ भेंट क' हुनका एहि विषय मे नहि बतौलहुँ, अबू तल्हाह कहलनि; 'हे उम्म सुलैम, सचमुच अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन साथी के साथ आबि गेल छैथ, जखन कि हमरा सब लग हुनकर मनोरंजन के लेल कोनो भोजन नै छै'। ओ उत्तर देलथिन; 'अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह बेसी जनैत छथि'। अनस बिन मलिक कहलनि; 'तखन अबू तल्हाह रसुलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम सँ भेंट करय गेलाह आ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम हुनका अभिवादन करय लेल आबि गेलाह जाबत अबू तल्हाह आ ओ घर मे प्रवेश नहि केलनि, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम कहलनि: 'एतय आउ, हे उम्म सुलैम, अहाँ लग की अछि?' तखन ओ रोटी ल' क' आबि गेलाह, तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसल्लम आदेश देलखिन्ह -परोसल जाय-, तें ओ अपन शुद्ध दूध के बाँटि क' अभिव्यक्त केलनि आ ओकरा लेल साइड डिश के रूप मे परोसलनि, तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहि वसलम अल्लाह के इच्छानुसार किछु कहलनि, फेर कहलनि: 'दस लोक के प्रवेश करबाक अनुमति दियौक'। अनुमति देलखिन, तेँ ओ सभ भीतर गेलाह आ जा धरि पेट नहि भरि गेलाह ता धरि भोजन केलनि, फेर जखन बाहर निकललाह त' फेर कहलनि: 'दस गोटे आओर भीतर आबय दियौक'. ओ अनुमति देलनि, तखन दस गोटे भीतर आबि गेलाह, तकर बाद ओ सभ पेट भरि गेलाह आ फेर बाहर निकलि गेलाह, जा धरि ओहि दिन सभ लोक भोजन केलनि आ सभ पेट भरि गेलाह, ओहि समय मे करीब सत्तरि-अस्सी गोटे छल।' अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि।'