प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 19
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ الْخَلَّادِ الْبَاهِلِيُّ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ أَنْبَأَنَا عَوْنُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَإِذَا حَدَّثْتُكُمْ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَظُنُّوا بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الَّذِي هُوَ أَهْنَاهُ وَأَهْدَاهُ وَأَتْقَاهُ
हमें बताया है [अबू बक्र बिन अल खल्लाद अल बहिली] ने कहा, हमें बताया है [याह्या बिन सईद] ने [इब्न अजलान] से कहा, हमें बताया है [औन बिन अब्दुल्लाह] ने [अब्दुल्ला बिन मसूद] से उन्होंने कहा; "अगर मैं तुम्हें अल्लाह के रसूल की कोई हदीस पढ़कर सुनाऊं, तो मान लो कि अल्लाह के रसूल ने उसे सुनाया, उन्होंने हिदायतें दीं और वही थे जिन्होंने तक़वा का पैगाम दिया।"