प्रतिनिधि हदीस
इमाम मलिक : 1576
حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَامِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِأَنَّهُ كَانَ إِذَا سَمِعَ الرَّعْدَ تَرَكَ الْحَدِيثَ وَقَالَ سُبْحَانَ الَّذِي يُسَبِّحُ الرَّعْدُ بِحَمْدِهِ وَالْمَلَائِكَةُ مِنْ خِيفَتِهِ ثُمَّ يَقُولُ إِنَّ هَذَا لَوَعِيدٌ لِأَهْلِ الْأَرْضِ شَدِيدٌ
मलिक ने मुझे ['अमीर बिन अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर] से बताया कि जब वह गरजने की आवाज़ सुनते थे, तो बातचीत छोड़ देते थे और कहते थे: "पवित्र अल्लाह है, जिसकी गरज अपनी तारीफ़ से पवित्र करती है और उन फ़रिश्तों को जो उससे डरते हैं।" फिर उन्होंने कहा: "बेशक, यह धरती के रहने वालों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।"