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Perintah memuji allah dan membaca shalawat sebelum berdoa
Imam Ahmad : 22811حَدَّثَنَا أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمُقْرِئُ حَدَّثَنَا حَيْوَةُ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو هَانِئٍ حُمَيْدُ بْنُ هَانِئٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَالِكٍ الْجَنْبِيِّ حَدَّثَنِي أَنَّهُ سَمِعَ فَضَالَةَ بْنَ عُبَيْدٍ صَاحِبَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ سَمِعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَجُلًا يَدْعُو فِي الصَّلَاةِ وَلَمْ يَذْكُرْ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ وَلَمْ يُصَلِّ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَجِلَ هَذَا ثُمَّ دَعَاهُ فَقَالَ لَهُ وَلِغَيْرِهِ إِذَا صَلَّى أَحَدُكُمْ فَلْيَبْدَأْ بِتَحْمِيدِ رَبِّهِ وَالثَّنَاءِ عَلَيْهِ ثُمَّ لِيُصَلِّ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ لِيَدْعُ بَعْدُ بِمَا شَاءَ
हमसे कहिस है [अबू 'अब्दुर रहमान अल मुकरी`] हमसे कहिस है [हैवाह] कहिन: हमसे कहिस है [अबू हानी` हुमैद बिन हानी`] से [अमरू बिन मलिक अल जानबी] हमसे कहिस है, उ सुनिस है [फदलल्लाह अल अंसारी, रसूलुल्लाह सल्लाहु सल्लाहु सल्लल्लाह सल्लल्लाह के दोस्त] वा सल्लम ने केहू का नमाज पढ़त सुना जबकि उ अल्लाह अज्जा वजल्ला का जिक्र नाहीं किहिन अऊर पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम पर बरकत नाहीं पढ़िन, तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'उनका बहुत जल्दी रहा'। फिर उ उनके लिए दुआ किहिन, यहिके बाद उ उनसे अऊर दूसरन से कहिन: 'जब तुममें से कोई नमाज पढ़त है, तौ तुम अल्लाह के पूजा अऊर स्तुति से शुरू करौ, फिर तुम पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्म पर आशीर्वाद पढ़ौ, वहिके बाद कृपया आपन इच्छानुसार नमाज पढ़ौ'।