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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5854

حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا وَرْقَاءُ عَنْ سُمَيٍّ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ ذَهَبَ أَهْلُ الدُّثُورِ بِالدَّرَجَاتِ وَالنَّعِيمِ الْمُقِيمِ قَالَ كَيْفَ ذَاكَ قَالُوا صَلَّوْا كَمَا صَلَّيْنَا وَجَاهَدُوا كَمَا جَاهَدْنَا وَأَنْفَقُوا مِنْ فُضُولِ أَمْوَالِهِمْ وَلَيْسَتْ لَنَا أَمْوَالٌ قَالَ أَفَلَا أُخْبِرُكُمْ بِأَمْرٍ تُدْرِكُونَ مَنْ كَانَ قَبْلَكُمْ وَتَسْبِقُونَ مَنْ جَاءَ بَعْدَكُمْ وَلَا يَأْتِي أَحَدٌ بِمِثْلِ مَا جِئْتُمْ بِهِ إِلَّا مَنْ جَاءَ بِمِثْلِهِ تُسَبِّحُونَ فِي دُبُرِ كُلِّ صَلَاةٍ عَشْرًا وَتَحْمَدُونَ عَشْرًا وَتُكَبِّرُونَ عَشْرًاتَابَعَهُ عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ عَنْ سُمَيٍّ وَرَوَاهُ ابْنُ عَجْلَانَ عَنْ سُمَيٍّ وَرَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ وَرَوَاهُ جَرِيرٌ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ رُفَيْعٍ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ وَرَوَاهُ سُهَيْلٌ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमें बताया है [इस्हाक] ने' हमें बताया है [यज़ीद] ने हमें बताया है [वरका] [सुमय्य] से [अबू सलेह] से [अबू हुरैरा] से "लोगों ने कहा: 'अल्लाह के रसूल, अमीर लोग कई डिग्रियों और सुखों के साथ चले जाते हैं।' उन्होंने पूछा; 'ऐसा क्यों है?' तो उसने कहा: 'क्या तुम चाहते हो कि मैं तुम्हें कुछ ऐसा दिखाऊं, जो तुमसे पहले वालों के बराबर न हो और न तुम्हारे बाद वालों के बराबर हो, और न ही उस तक वही लोग पहुंचेंगे जो तुम्हारे जैसा काम करते हैं? यानी; इस हदीस को [उबैदुल्लाह बिन उमर] ने [सुमाय] से मज़बूत किया है। और इसे [इब्न अजलान] ने [सुमाय] और [रजा बिन हैवाह] से भी रिवायत किया है। और इसे [जरीर] ने [अब्दुल अज़ीज़ बिन रुफ़ई] से [अबू शालीह] से [अबू दर्दा] से भी रिवायत किया है। और इसे [सुहैल] ने [अपने पिता] से [अबू हुरैरा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से भी रिवायत किया है।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 797, 6616
इमाम बुखारी : 5854
इमाम अबू दाऊद : 4404
इमाम तिर्मिदज़ी : 3332
इमाम नसाई : 1331
इमाम इब्नु माजा : 916