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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 933

حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ هُوَ ابْنُ سَلَامٍ قَالَ أَخْبَرَنَا أَبُو تُمَيْلَةَ يَحْيَى بْنُ وَاضِحٍ عَنْ فُلَيْحِ بْنِ سُلَيْمَانَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْحَارِثِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا كَانَ يَوْمُ عِيدٍ خَالَفَ الطَّرِيقَتَابَعَهُ يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ فُلَيْحٍ وَقَالَ مُحَمَّدُ بْنُ الصَّلْتِ عَنْ فُلَيْحٍ عَنْ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَحَدِيثُ جَابِرٍ أَصَحُّ

हमसे रिवायत है कि मुहम्मद (यानी इब्न सलाम) ने कहा, हमें (अबू तुमैला यह्या बिन वाद्लिह) ने (फुलैह बिन सुलेमान) से (सईद बिन अल हारिथ) (जाबिर बिन अब्दुल्लाह) रदलिअल्लाहु अन्हुमा से बताया है, उन्होंने कहा, “जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने ईद की नमाज़ पढ़ी, तो उन्होंने (जाने और लौटने के बीच) एक अलग रास्ता अपनाया।” इस हदीस की तस्दीक (पुष्टि) [यूनुस बिन मुहम्मद] ने (फुलैह) से की है। और (मुहम्मद बिन अश शाल्त) ने (फुलैह) से (सईद) से (अबू हुरैरा) कहा है। और जाबिर की हदीस ज़्यादा सही है।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 5612, 8100
इमाम बुखारी : 933
इमाम अबू दाऊद : 976
इमाम तिर्मिदज़ी : 496
इमाम इब्नु माजा : 1289, 1290, 1291
इमाम दरिमी : 1562