प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 584
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ وَحَفْصُ بْنُ عُمَرَ قَالَا حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ رَاشِدٍ عَنْ وَابِصَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى رَجُلًا يُصَلِّي خَلْفَ الصَّفِّ وَحْدَهُ فَأَمَرَهُ أَنْ يُعِيدَ قَالَ سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ الصَّلَاةَ
उन्होंने कहा, "सुलेमान बिन हरब और हफ़्स बिन उमर ने हमें बताया है; स्यूबा ने अम्र बिन मुर्राह से हिलाल बिन यासफ़ से अम्र बिन राशिद से वबिशाह से बताया है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने एक आदमी को अकेले सफ़ के पीछे नमाज़ पढ़ते देखा, तो उन्होंने उसे अपनी नमाज़ दोहराने का आदेश दिया। सुलेमान बिन हरब ने कहा; अपनी नमाज़ दोहराते हुए।