प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 982
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ الْمُسَيَّبِ بْنِ رَافِعٍ عَنْ تَمِيمِ بْنِ طَرَفَةَ عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ السُّوَائِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَا تَصُفُّونَ كَمَا تَصُفُّ الْمَلَائِكَةُ عِنْدَ رَبِّهَا قَالَ قُلْنَا وَكَيْفَ تَصُفُّ الْمَلَائِكَةُ عِنْدَ رَبِّهَا قَالَ يُتِمُّونَ الصُّفُوفَ الْأُوَلَ وَيَتَرَاصُّونَ فِي الصَّفِّ
हमसे कहा है [अली बिन मुहम्मद] ने कहा, हमसे कहा है [वाकी] ने कहा, हमसे कहा है [अल अमासी] ने [अल मुसय्यब बिन रफी] से [तमीम बिन तराफा] से [जाबिर बिन समुराह अस सुवाई] ने कहा, "अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने कहा: "क्या तुम अपने रब के सामने फ़रिश्तों की तरह नमाज़ की सफ़ नहीं बनाओगे?" जाबिर ने कहा, "हमने पूछा, "फ़रिश्ते अपने रब के सामने सफ़ कैसे बनाते हैं?" उन्होंने उत्तर दिया: "उन्होंने पहली सफ़ पूरी की और सफ़ में थे।"