प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 141
حَدَّثَنَا آدَمُ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا الزُّهْرِيُّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَتَى أَحَدُكُمْ الْغَائِطَ فَلَا يَسْتَقْبِل الْقِبْلَةَ وَلَا يُوَلِّهَا ظَهْرَهُ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُوا
हमें बताया गया है [आदम] ने कहा, हमें बताया गया है [इब्न अबू दज़ीब] ने कहा, हमें बताया गया है [अज़ ज़ुहरी] ['अथा' बिन यज़ीद अल लैतसी] से [अबू अय्यूब अल अंसारी] ने कहा, "अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यदि तुम में से कोई शौच के लिए शौचालय में जाए, तो उसकी ओर पीठ करके क़िबला की दिशा में मुँह न करे। उसका मुँह पूर्व या पश्चिम की ओर होना चाहिए।"