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Kontroversi hukum shalat dhuha dalam pandangan sahabat
Imam Bukhari : 1652حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ مُجَاهِدٍ قَالَ دَخَلْتُ أَنَا وَعُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ الْمَسْجِدَ فَإِذَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاجَالِسٌ إِلَى حُجْرَةِ عَائِشَةَ وَإِذَا نَاسٌ يُصَلُّونَ فِي الْمَسْجِدِ صَلَاةَ الضُّحَى قَالَ فَسَأَلْنَاهُ عَنْ صَلَاتِهِمْ فَقَالَ بِدْعَةٌ ثُمَّ قَالَ لَهُ كَمْ اعْتَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَرْبَعًا إِحْدَاهُنَّ فِي رَجَبٍ فَكَرِهْنَا أَنْ نَرُدَّ عَلَيْهِ قَالَ وَسَمِعْنَا اسْتِنَانَ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ فِي الْحُجْرَةِ فَقَالَ عُرْوَةُ يَا أُمَّاهُ يَا أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ أَلَا تَسْمَعِينَ مَا يَقُولُ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَتْ مَا يَقُولُ قَالَ يَقُولُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اعْتَمَرَ أَرْبَعَ عُمَرَاتٍ إِحْدَاهُنَّ فِي رَجَبٍ قَالَتْ يَرْحَمُ اللَّهُ أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ مَا اعْتَمَرَ عُمْرَةً إِلَّا وَهُوَ شَاهِدُهُ وَمَا اعْتَمَرَ فِي رَجَبٍ قَطُّ
सानु दस्सेया है [कुतैबा] ने सानू [जरीर] तों [मंसूर] तों [मुजाहिद] तों दस्सेया है; जदूं मैं ते उरवाह बिन अज़ जुबैर मस्जिद च दाखल होए तां [अब्दुल्लाह बिन उमर रदलीअल्लाहु अनहू] ऐसिया रदलीअल्लाहु अन्हा दे घर दे कमरे च बैठे दे हे, जिसलै के लोक मस्जिद च धुहा दी नमाज करा करदे हे। उसने -मुजाहिद- ने आख्या: 'इस करके असीं उस तों ओह नमाज दे बारे विच पुच्छया, जिस करके उन्हां ने आख्या: 'ओह बिद'आ है'। फिर उसने फिर उससे आख्या: 'अल्लाह दे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कितनी बारी उमरा कीती? उसने जवाब दित्ता: 'चार बारी, इक रजब महीने च'। इस करिए अस इसदा इन्कार करने थमां परहेज करदे आं। मुजाहिद ने आख्या: फिर असीं ['ऐस्याह रदलीअल्लाहु 'अनहा] उम्मूल मु'मिनिन दी आवाज़ सुनी कि ओ अपने घर दे पिच्छे तों दांत ब्रश करदी है, इस करके उरवाह ने पुच्छया: 'हे माँ, हे उम्मूल मु'मिनिन, क्या तुसें अबू अब्दुररहमान ने जो आख्या हा, ओह नेईं सुनेआ? 'ऐशा अल्लाह रम्हद उससे कहा: 'उसने क्या कहा? 'उरवाह ने जवाब दित्ता; उनें आक्खेआ जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने चार बारी उमरा कीता हा, जिंदे चा इक रजब महीने च हा। 'ऐस्याह रदीअल्लाहु 'अनहा ने आख्या: 'अल्लाह अबू अब्दुररहमान पर रहम करन, उने उमरा भी नेईं कीता पर मैं हमेशा उंदे पिच्छे चलदा रेआ ते उने कदें रजब दे महीने च बी उमरा नेईं कीता।