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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1052

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ وَأَبِي النَّضْرِ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي جَالِسًا فَيَقْرَأُ وَهُوَ جَالِسٌ فَإِذَا بَقِيَ مِنْ قِرَاءَتِهِ نَحْوٌ مِنْ ثَلَاثِينَ أَوْ أَرْبَعِينَ آيَةً قَامَ فَقَرَأَهَا وَهُوَ قَائِمٌ ثُمَّ يَرْكَعُ ثُمَّ سَجَدَ يَفْعَلُ فِي الرَّكْعَةِ الثَّانِيَةِ مِثْلَ ذَلِكَ فَإِذَا قَضَى صَلَاتَهُ نَظَرَ فَإِنْ كُنْتُ يَقْظَى تَحَدَّثَ مَعِي وَإِنْ كُنْتُ نَائِمَةً اضْطَجَعَ

हमें [अब्दुल्ला बिन यूसुफ़] ने बताया है, हमें [मलिक] को [अब्दुल्ला बिन यज़ीद] और [अबू अन-नादिर] सहाया उमर बिन उबैदुल्लाह से [अबू सलमा बिन अब्दुर्रहमान] से [ऐस्या उम्मुल मुकम्मिनिन रदलिअल्लाहु अन्हा] तक बताया गया है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक बार बैठकर नमाज़ पढ़ी और बैठकर सूरह पढ़ी। जब उनकी थोड़ी सी आयतें बचीं, लगभग तीस या चालीस, तो वह खड़े हो गए और खड़े-खड़े पढ़ना जारी रखा। फिर उन्होंने रुकू किया और सजदा किया। फिर उन्होंने दूसरी रकाअत में भी ऐसा ही किया। जब उन्होंने अपनी नमाज़ पूरी कर ली, तो उन्होंने (मेरी तरफ़) देखा। जब मैं जाग रहा था, तो उन्होंने मुझे बात करने के लिए बुलाया और अगर मैं अभी भी सो रहा था, तो वह लेट गए।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 23124, 23689, 23813, 24277, 24642, 24750
इमाम बुखारी : 1052, 1080
इमाम मुस्लिम : 1205, 1206, 1207, 1208
इमाम अबू दाऊद : 816, 817
इमाम तिर्मिदज़ी : 341
इमाम नसाई : 1630, 1632
इमाम इब्नु माजा : 1216, 1217
इमाम मलिक : 286, 287