हदीस
Rasulullah mulai shalat malam sambil duduk di usia tua, lalu berdiri saat tersisa 30–40 ayat sebelum ruku
Imam Bukhari : 1052حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ وَأَبِي النَّضْرِ مَوْلَى عُمَرَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُصَلِّي جَالِسًا فَيَقْرَأُ وَهُوَ جَالِسٌ فَإِذَا بَقِيَ مِنْ قِرَاءَتِهِ نَحْوٌ مِنْ ثَلَاثِينَ أَوْ أَرْبَعِينَ آيَةً قَامَ فَقَرَأَهَا وَهُوَ قَائِمٌ ثُمَّ يَرْكَعُ ثُمَّ سَجَدَ يَفْعَلُ فِي الرَّكْعَةِ الثَّانِيَةِ مِثْلَ ذَلِكَ فَإِذَا قَضَى صَلَاتَهُ نَظَرَ فَإِنْ كُنْتُ يَقْظَى تَحَدَّثَ مَعِي وَإِنْ كُنْتُ نَائِمَةً اضْطَجَعَ
हमनी के बतावल गइल बा [अब्दुल्लाह बिन यूसुफ] कहले बाड़न, हमनी के [मलिक] के [अब्दुल्लाह बिन यजीद] से आ [अबू अन-नदीर] सहाय उमर बिन उबैदुल्लाह से [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान] से ['ऐसिया उम्मूल मुकमिनिन रदलिअल्लाहु अनहा] से बतावल गइल बा कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर बइठ के नमाज पढ़ले रहले आ ऊ बइठत घरी सूरा पढ़ले रहले. जब उनकर पढ़ाई के तनी बाचल रहे, लगभग तीस चालीस छंद त ऊ खड़ा होके खड़ा होके आपन पढ़ाई जारी रखले। फेर प्रणाम क के सजदा कइलन। फिर दूसरा रकाअत में भी उहे कईले। जब ऊ आपन नमाज खतम कर लिहले त ऊ -हमरा ओर- देखले. जब हम जागल रहनी त उ हमरा के बात करे के नेवता देले अवुरी जदी हम अभी तक सुतल रहनी त उ लेट गईले'।