हदीस
Rasulullah shalat dua rakaat ringan, lalu dua rakaat panjang, lalu dua rakaat demi dua rakaat dengan cara berbeda-beda, dan diakhiri witir
Imam Ibnu Majah : 1352حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلَامِ بْنُ عَاصِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نَافِعِ بْنِ ثَابِتٍ الزُّبَيْرِيُّ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسِ بْنِ مَخْرَمَةَ أَخْبَرَهُ عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ قَالَقُلْتُ لَأَرْمُقَنَّ صَلَاةَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّيْلَةَ قَالَ فَتَوَسَّدْتُ عَتَبَتَهُ أَوْ فُسْطَاطَهُ فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَصَلَّى رَكْعَتَيْنِ خَفِيفَتَيْنِ ثُمَّ رَكْعَتَيْنِ طَوِيلَتَيْنِ طَوِيلَتَيْنِ طَوِيلَتَيْنِ ثُمَّ رَكْعَتَيْنِ وَهُمَا دُونَ اللَّتَيْنِ قَبْلَهُمَا ثُمَّ رَكْعَتَيْنِ وَهُمَا دُونَ اللَّتَيْنِ قَبْلَهُمَا ثُمَّ رَكْعَتَيْنِ وَهُمَا دُونَ اللَّتَيْنِ قَبْلَهُمَا ثُمَّ رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ أَوْتَرَ فَتِلْكَ ثَلَاثَ عَشْرَةَ رَكْعَةً
हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुस सलाम बिन अशिम] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [अब्दुल्लाह बिन नाफी’ बिन थाबीत अज जुबैरी] कहले बाड़े, हमनी के [मलिक बिन अनस] से [अब्दुल्लाह बिन अबू बकर] से [अपना पिता] से बतवले बाड़े कि [अब्दुल्लाह बिन कैस बिन मखरामा] उनुका के [जैद बिन खालिद अल जुहानी] से रिपोर्ट कईले बाड़े, उ कहले कि, 'इंदेद, हम करब।' देखल जाव कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि रात में वसाल्लम के नमाज कइसे करेला। ' ऊ कहले, 'त हम उनका अटारी में चढ़ गइनी, ऊ उठ के दू गो हल्का रकाअत, फेर दू गो लमहर रकाअत, फेर एगो लमहर, फेर एगो लमहर रकाअत कइलन. एकरा बाद उ दु रकाअत कईले लेकिन पछिला दु रकाअत निहन ना, फेर दु रकाअत कईले लेकिन पछिला दु रकाअत निहन ना, फेर दु रकाअत कईले लेकिन पछिला दु रकाअत निहन ना। ओकरा बाद दू रकाअत आ वितर के नमाज करीं। तब तेरह रकाअत पूरा हो गइल। ' 1999 में भइल रहे।