हदीस
Barangsiapa yakin tidak bisa bangun di akhir malam, maka berwitirlah di awal malam
Imam Tirmidzi : 418وَرُوِيَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ مَنْ خَشِيَ مِنْكُمْ أَنْ لَا يَسْتَيْقِظَ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ فَلْيُوتِرْ مِنْ أَوَّلِهِ وَمَنْ طَمِعَ مِنْكُمْ أَنْ يَقُومَ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ فَلْيُوتِرْ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ فَإِنَّ قِرَاءَةَ الْقُرْآنِ فِي آخِرِ اللَّيْلِ مَحْضُورَةٌ وَهِيَ أَفْضَلُحَدَّثَنَا بِذَلِكَ هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي سُفْيَانَ عَنْ جَابِرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِذَلِكَ
नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत बा कि ऊ कहले बाड़न कि रउरा सभे में से जेकरा डर लागेला कि ऊ रात के अंत में ना जाग पाई, ओकरा रात के शुरुआत में वितर के नमाज करे के चाहीं, आ रउरा में से जे रात के अंत में जागे में सक्षम होखे, ओकरा रात के अंत में वितर के नमाज करे के चाहीं, काहे कि वाकई में रात के पाठ करे के चाहीं रात के अंत में कुरान के गवाह फरिश्ता हवे अवुरी इ सबसे बढ़िया समय ह।' [हन्नाद] हमनी के [अल अ'माश] से [अबू सुफियन] से [जाबीर] से [जाबीर] से एह हदीस के संगे एह हदीस के बतवले बाड़े।