हदीस
Sunnahnya membaca dua surat dalam satu rakaat apabila terlalu pendek
Imam Nasa'i : 994أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَنْبَأَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَإِنِّي لَأَعْرِفُ النَّظَائِرَ الَّتِي كَانَ يَقْرَأُ بِهِنَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عِشْرِينَ سُورَةً فِي عَشْرِ رَكَعَاتٍ ثُمَّ أَخَذَ بِيَدِ عَلْقَمَةَ فَدَخَلَ ثُمَّ خَرَجَ إِلَيْنَا عَلْقَمَةُ فَسَأَلْنَاهُ فَأَخْبَرَنَا بِهِنَّ
हमनी के [इशाक बिन इब्राहिम] हमनी के [ईसा बिन यूनुस] के रिपोर्ट [अल अ'मासी] से [श्याकीक] से [अब्दुल्लाह] से कहले रहले कि, 'हम अयीसन अक्षर जानतानी जवन कि लगभग ओतने लंबाई के होखेला, जवना के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पढ़त रहले, यानी दस रकाअत में बीस अक्षर - हर रकाअत में दुगो अक्षर - अनुवादक -' के बा। फेर अलकोमा के हाथ खींच के अंदर घुस गईले। तब अलकोमा हमनी के लगे निकलल, अवुरी हमनी के उनुका से एकरा बारे में पूछनी, त उ इ सभ बात बतवले'।