Hadith Representative
Doa at tahiyyat, salam, syahadat - 1: ATTAHIYYAATUL MUBAARAKAATUSH SHALAWAATUTH THAYYIBAATU LILAHI …
Imam Tirmidzi : 267حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ وَطَاوُسٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُعَلِّمُنَا التَّشَهُّدَ كَمَا يُعَلِّمُنَا الْقُرْآنَ فَكَانَ يَقُولُ التَّحِيَّاتُ الْمُبَارَكَاتُ الصَّلَوَاتُ الطَّيِّبَاتُ لِلَّهِ سَلَامٌ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ سَلَامٌ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللَّهِقَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَى عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ حُمَيْدٍ الرُّؤَاسِيُّ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ نَحْوَ حَدِيثِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ وَرَوَى أَيْمَنُ بْنُ نَابِلٍ الْمَكِّيُّ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ وَهُوَ غَيْرُ مَحْفُوظٍ وَذَهَبَ الشَّافِعِيُّ إِلَى حَدِيثِ ابْنِ عَبَّاسٍ فِي التَّشَهُّدِ
हमरा सभकेँ कहि देने अछि [कुतैबा] कहलक; हमरा सब के [अल लैथ] के [अबू अज़ जुबैर] स [सैद बिन जुबैर] स आ [थवस] स [इब्न अब्बास] स कहलक अछि जे ओ कहलनि; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सब के तैसाहुद सिखबैत छलाह जेना ओ हमरा सब के कुरान सिखबैत छलाह, ओ कहलनि: 'अत्ताहियातुल मुबारकतुश सलाहातुथ थाईय्यिबतुलिल्लाह सलामुन अलैका अय्युहान-नबिय्यू वा रहमतुल्लाही वा बरकतुह, सलामुन अलईना वलाअला 'इबादील्लाहिश शालिहिन अस्यहादु अनला इलाहा इल्लाह, वा अस्यहादु अन्ना मुहम्मदन रसुलुल्लाह -सब इज्जत आ बरकत केवल अल्लाह के अछि। -तहिना- सब दया आ भलाई। खुशहाली अहाँ पर हो नबी, संगहि अल्लाह के रहम आ बरकत सेहो। हमरा सब के आ अल्लाह के धर्मी सेवक के समृद्धि भेटय। हम गवाही दैत छी जे अल्लाह के अलावा कोनो देवता इबादत के लायक नै छथि, आ हम गवाही दैत छी जे मुहम्मद अल्लाह के सेवक आ दूत छथि'। ओ कहलनि; 'इब्न अब्बास केरऽ ई हदीस हसन घरीब प्रामाणिक छै । [अब्दुररहमान बिन हुमैद अर रु`सी] न॑ भी [अबू अज़ जुबैर] स॑ ई हदीस क॑ अल लैत्स बिन स’द केरऽ हदीस के रूप म॑ बतैन॑ छै । आरू [ऐमन बिन नबील अल मक्की] न॑ ई हदीस [अबू अज़ जुबैर] स॑ [जबीर] स॑ बतैलकै लेकिन सनाद सुरक्षित नै छेलै । जाबे तक इमाम स्याफी तस्यहुद के मामला में इब्न अब्बास के हदीस के पालन नै केलक।