हदीस
Pokok perkara adalah islam, sedangkan tiangnya adalah shalat
Imam Ahmad : 21054حَدَّثَنَا عَبْد اللَّهِ حَدَّثَنِي أَبِي حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنِ الْحَكَمِ قَالَ سَمِعْتُ عُرْوَةَ بْنَ النَّزَّالِ يُحَدِّثُ عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ قَالَ أَقْبَلْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ غَزْوَةِ تَبُوكَ فَلَمَّا رَأَيْتُهُ خَلِيًّا قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَخْبِرْنِي بِعَمَلٍ يُدْخِلُنِي الْجَنَّةَ قَالَ بَخٍ لَقَدْ سَأَلْتَ عَنْ عَظِيمٍ وَهُوَ يَسِيرٌ عَلَى مَنْ يَسَّرَهُ اللَّهُ عَلَيْهِ تُقِيمُ الصَّلَاةَ الْمَكْتُوبَةَ وَتُؤَدِّي الزَّكَاةَ الْمَفْرُوضَةَ وَتَلْقَى اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ لَا تُشْرِكُ بِهِ شَيْئًا أَوَلَا أَدُلُّكَ عَلَى رَأْسِ الْأَمْرِ وَعَمُودِهِ وَذُرْوَةِ سَنَامِهِ أَمَّا رَأْسُ الْأَمْرِ فَالْإِسْلَامُ فَمَنْ أَسْلَمَ سَلِمَ وَأَمَّا عَمُودُهُ فَالصَّلَاةُ وَأَمَّا ذُرْوَةُ سَنَامِهِ فَالْجِهَادُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ أَوَلَا أَدُلُّكَ عَلَى أَبْوَابِ الْخَيْرِ الصَّوْمُ جُنَّةٌ وَالصَّدَقَةُ وَقِيَامُ الْعَبْدِ فِي جَوْفِ اللَّيْلِ يُكَفِّرُ الْخَطَايَا وَتَلَا هَذِهِ الْآيَةَ { تَتَجَافَى جُنُوبُهُمْ عَنْ الْمَضَاجِعِ يَدْعُونَ رَبَّهُمْ خَوْفًا وَطَمَعًا وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنْفِقُونَ } أَوَلَا أَدُلُّكَ عَلَى أَمْلَكِ ذَلِكَ لَكَ كُلِّهِ قَالَ فَأَقْبَلَ نَفَرٌ قَالَ فَخَشِيتُ أَنْ يَشْغَلُوا عَنِّي رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ شُعْبَةُ أَوْ كَلِمَةً نَحْوَهَا قَالَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَوْلُكَ أَوَلَا أَدُلُّكَ عَلَى أَمْلَكِ ذَلِكَ لَكَ كُلِّهِ قَالَ فَأَشَارَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِيَدِهِ إِلَى لِسَانِهِ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَإِنَّا لَنُؤَاخَذُ بِمَا نَتَكَلَّمُ بِهِ قَالَ ثَكِلَتْكَ أُمُّكَ مُعَاذُ وَهَلْ يَكُبُّ النَّاسَ عَلَى مَنَاخِرِهِمْ إِلَّا حَصَائِدُ أَلْسِنَتِهِمْ قَالَ شُعْبَةُ قَالَ لِي الْحَكَمُ وَحَدَّثَنِي بِهِ مَيْمُونُ بْنُ أَبِي شَبِيبٍ و قَالَ الْحَكَمُ سَمِعْتُهُ مِنْهُ مُنْذُ أَرْبَعِينَ سَنَةً
बता देले बाड़े 'अब्दुल्ला हमरा बाबूजी के बारे में बतवले बाड़े।' हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन जा'फर] हमनी के [स्यूबाह] [अल हकम] से बतवले बाड़े कहत; हम सुनले बानी कि ['उरवाह बिन अन नज्जल] [मुअदज बिन जबल] से एगो कहानी सुनावत रहले कि; हम नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के साथे तबुक युद्ध से वापस अइनी जब खाली समय मिलल रहे, हम पूछनी; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह ! एगो अइसन करम बताईं जवन हमरा के स्वर्ग में पहुँचा सके। नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहले कि; 'अच्छा, तू कुछ बड़हन माँगऽ आ जेकरा अल्लाह के सहजता दिहल गइल बा ओकरा खातिर ई आसान बा; रउआ फर्ज नमाज निभावत बानी, फर्ज जकात देत बानी, अल्लाह अज्जावाजल्ला से अइसन हालत में मिलत बानी कि उनुका से कवनो चीज से साझीदार ना जोड़त बानी। का हम रउरा के चीजन के प्रधान, खंभा आ पराकाष्ठा इस्लाम देखाईं. मुख्य मुद्दा इस्लाम के बा। एह से जे इस्लाम अपनावेला ओकर मतलब होला कि ऊ सुरक्षित बा. जबकि खंभा नमाज ह आ चोटी अल्लाह के राह में जेहाद ह। का हम तोहरा के भलाई के दुआर देखावत बानी; उपवास ढाल ह, आधा रात में जागला से गलती मिटा सकता'। तब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम आयत पढ़ले कि, 'उनकर पेट ओह लोग के बिछौना से दूर बा, ऊ लोग अपना रब्ब के डर आ उम्मीद से पुकारत बा आ ऊ लोग हमनी के ओह लोग खातिर हमनी के रोजी-रूट्टी देत बा'. नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहले कि; 'का हम तोहरा के ओह सब में सबसे काम के देखाईं?' ऊ कहले कि; तब कुछ लोग आइल आ हमरा चिंता भइल कि रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम से बेसी हमरा पर ध्यान देत बा. ऊ पूछले कि; क्लास, शब्द भा अइसने कुछ? एकरा बाद रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम अपना मुंह के ओर इशारा कईले। ऊ कहले कि; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह ! का हमनी के बात के सजा मिली? नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहले कि; 'हाय तोहार माई मुअदज के, कवनो इंसान के जीभ के नतीजा के छोड़ के नाक के ऊपर मुँह नीचे ना राखल जाला'। [शु'बाह] कहत बानी; [अल हकम] हमरा से कहले; हमरा के [मैमुन बिन अबू स्याबीब] बतवले बाड़े। अल हकम के कहनाम बा; चालीस साल पहिले मैमुन से सुनले रहनी।