प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 114
حَدَّثَنَا آدَمُ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا الْحَكَمُ قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَبِتُّ فِي بَيْتِ خَالَتِي مَيْمُونَةَ بِنْتِ الْحَارِثِ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عِنْدَهَا فِي لَيْلَتِهَا فَصَلَّى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْعِشَاءَ ثُمَّ جَاءَ إِلَى مَنْزِلِهِ فَصَلَّى أَرْبَعَ رَكَعَاتٍ ثُمَّ نَامَ ثُمَّ قَامَ ثُمَّ قَالَ نَامَ الْغُلَيِّمُ أَوْ كَلِمَةً تُشْبِهُهَا ثُمَّ قَامَ فَقُمْتُ عَنْ يَسَارِهِ فَجَعَلَنِي عَنْ يَمِينِهِ فَصَلَّى خَمْسَ رَكَعَاتٍ ثُمَّ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ نَامَ حَتَّى سَمِعْتُ غَطِيطَهُ أَوْ خَطِيطَهُ ثُمَّ خَرَجَ إِلَى الصَّلَاةِ
हमसे कहा है [आदम] ने कहा, हमसे कहा है [स्यूबा] ने कहा, हमसे कहा है [अल हकम] ने कहा, मैंने [सईद बिन जुबैर] को [इब्न अब्बास] से कहते सुना, "मैंने अपनी चाची (मैमुना बिन्त अल हारिथ) के घर पर रात बिताई, जो पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पत्नी थीं। और उस समय पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनके साथ थे क्योंकि यह उनकी बारी थी। पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ईशा की प्रार्थना की, फिर वह घर गए और चार रकअत नमाज़ पढ़ी, फिर सो गए और फिर से नमाज़ पढ़ने के लिए उठे।" इब्न अब्बास ने कहा, "फिर वह एक बच्चे की तरह सो गया (रुक-रुक कर जागता हुआ) -या ऐसा ही एक वाक्य-, फिर वह नमाज़ पढ़ने के लिए उठा। फिर मैं उठा और उसके बाईं तरफ खड़ा हो गया, फिर उसने मुझे अपनी दाईं तरफ बिठाया। उसके बाद उसने पाँच रकअत नमाज़ पढ़ी, फिर दो रकअत नमाज़ पढ़ी, फिर सो गया जब तक मैंने उसके खर्राटे नहीं सुने, फिर वह सुबह की नमाज़ पढ़ने के लिए बाहर आया।"