प्रतिनिधि हदीस
इमाम नसाई : 4951
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَثَلُ الْمُنَافِقِ كَمَثَلِ الشَّاةِ الْعَائِرَةِ بَيْنَ الْغَنَمَيْنِ تَعِيرُ فِي هَذِهِ مَرَّةً وَفِي هَذِهِ مَرَّةً لَا تَدْرِي أَيَّهَا تَتْبَعُ
उन्होंने कहा, "हमें [याकूब] ने [मूसा बिन उकबा] से [नफी] से [इब्न उमर] से बताया है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मुनाफ़िक़ की मिसाल एक बकरे जैसी है जो दो बकरियों के बीच कन्फ्यूज़ हो जाता है, कभी वह इस बकरे के पास जाता है और कभी इस बकरे के पास जाता है, उसे पता नहीं होता कि वह किसका पीछा करेगा।"