Imam Malik : 121
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ الْمُنْذِرِ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ أَنَّهَا قَالَتْسَأَلَتْ امْرَأَةٌ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ أَرَأَيْتَ إِحْدَانَا إِذَا أَصَابَ ثَوْبَهَا الدَّمُ مِنْ الْحَيْضَةِ كَيْفَ تَصْنَعُ فِيهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَصَابَ ثَوْبَ إِحْدَاكُنَّ الدَّمُ مِنْ الْحَيْضَةِ فَلْتَقْرُصْهُ ثُمَّ لِتَنْضِحْهُ بِالْمَاءِ ثُمَّ لِتُصَلِّ فِيهِ
मलिक सूं [हिस्याम बिन उरवाह] सूं [उणरै पिता] सूं [फतिमा बिन्त अल मुंडजीर बिन अज जुबैर] सूं [असमा बिन्त अबू बकर अस सिद्दीक] सूं बतायो हो; 'एक लुगाई ही जिण रसूल रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो, उण कह्यो, 'थांरो कांई विचार है कै जे म्हारै मांय सूं किणी रै कपड़ां माथै मासिक धर्म रो खून हुवै तो वा कांई करै?' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दियो; 'अगर थारै मांय सूं किणी रै कपड़ां माथै मासिक धर्म रो खून है तो पैली उणनै खुरच'र पाणी छिड़को, पछै वा उणरै साथै प्रार्थना कर सकै'।
Imam Malik : 122
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا قَالَتْقَالَتْ فَاطِمَةُ بِنْتُ أَبِي حُبَيْشٍ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي لَا أَطْهُرُ أَفَأَدَعُ الصَّلَاةَ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا ذَلِكِ عِرْقٌ وَلَيْسَتْ بِالْحَيْضَةِ فَإِذَا أَقْبَلَتْ الْحَيْضَةُ فَاتْرُكِي الصَّلَاةَ فَإِذَا ذَهَبَ قَدْرُهَا فَاغْسِلِي الدَّمَ عَنْكِ وَصَلِّي
मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [ऐस्याह] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी सूं याह्या रै बारै में बतायो हो, उण कह्यो, 'फातिमा बिन्त हुबैसी पूछ्यो, 'हे अल्लाह रा रसूल, मैं अजै तांई शुद्ध कोनी हूं, कांई मैं नमाज छोड़ सकूं?' रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'यो सामान्य खून है अर मासिक धर्म कोनी। मासिक धर्म आ गयो है तो नमाज छोड़ो। अर जे थारी मासिक धर्म खत्म हो जावै तो नमाज पढ़ो, आपरो खून साफ करो अर नमाज पढ़ो'।
Imam Malik : 123
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَأَنَّ امْرَأَةً كَانَتْ تُهَرَاقُ الدِّمَاءَ فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاسْتَفْتَتْ لَهَا أُمُّ سَلَمَةَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لِتَنْظُرْ إِلَى عَدَدِ اللَّيَالِي وَالْأَيَّامِ الَّتِي كَانَتْ تَحِيضُهُنَّ مِنْ الشَّهْرِ قَبْلَ أَنْ يُصِيبَهَا الَّذِي أَصَابَهَا فَلْتَتْرُكْ الصَّلَاةَ قَدْرَ ذَلِكَ مِنْ الشَّهْرِ فَإِذَا خَلَّفَتْ ذَلِكَ فَلْتَغْتَسِلْ ثُمَّ لِتَسْتَثْفِرْ بِثَوْبٍ ثُمَّ لِتُصَلِّي
मलिक सूं [नाफी] सूं [सुलेमान बिन यासर] सूं [उमू सलामा] पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री पत्नी सूं म्हनैं बतायो गयो है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै बगत एक लुगाई ही जिकी लगातार खून बहावती ही। उम्म सलामा फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं फतवा मांग्यो, उण जवाब दियो: 'उणां नै ध्यान राखणो चाइजै कै वे एक महीनै रै मांय कितरा दिन मासिक धर्म करै है, इणसूं पैली कै वे अबार कांई अनुभव कर रैया है। उण महीनै रै मांय मासिक धर्म रै दिनां री सामान्य संख्या नै छोड़णी चाइजै, इणरै बाद वा नहाणी चाइजै, कपड़ा बदलणा चाइजै अर नमाज पढ़णी चाइजै।
Imam Malik : 124
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ زَيْنَبَ بِنْتِ أَبِي سَلَمَةَ أَنَّهَا رَأَتْ زَيْنَبَ بِنْتَ جَحْشٍ الَّتِي كَانَتْ تَحْتَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍوَكَانَتْ تُسْتَحَاضُ فَكَانَتْ تَغْتَسِلُ وَتُصَلِّي
मलिक म्हनैं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [जैनब बिन्त अबू सलामा] सूं बतायो कै उणनैं अब्दुर्रहमान बिन औफ री घरआळी [जैनब बिन जाहसी] नैं देख्यो हो, जिणरो खून बह रैयो हो अर अजै ई नमाज पढ़ रैयो हो'।
Imam Malik : 125
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ سُمَيٍّ مَوْلَى أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ الْقَعْقَاعَ بْنَ حَكِيمٍ وَزَيْدَ بْنَ أَسْلَمَ أَرْسَلَاهُ إِلَى سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِيَسْأَلُهُ كَيْفَ تَغْتَسِلُ الْمُسْتَحَاضَةُ فَقَالَ تَغْتَسِلُ مِنْ طُهْرٍ إِلَى طُهْرٍ وَتَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلَاةٍ فَإِنْ غَلَبَهَا الدَّمُ اسْتَثْفَرَتْ
अबू बकर बिन अब्दुर्रहमान रै पूर्व दास [सुमय्या] रै मलिक सूं मन्नै बतायो गयो है कै अल काका बिन हकीम अर जैद बिन असलम उणनै [सैद बिन मुसैयब] रै कनै पूछण सारू भेज्यो है कै 'एक लुगाई कियां नहावै है? ' सईद बिन मुसैयब जवाब दियो; 'वो फेरूं पवित्र सूं पवित्र नहाया अर हरेक नमाज रै मांय वजू करतो रैयो। जे घणो खून निकळै तो उणनै रोकण दो'।
Imam Malik : 126
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ قَالَلَيْسَ عَلَى الْمُسْتَحَاضَةِ إِلَّا أَنْ تَغْتَسِلَ غُسْلًا وَاحِدًا ثُمَّ تَتَوَضَّأُ بَعْدَ ذَلِكَ لِكُلِّ صَلَاةٍقَالَ يَحْيَى قَالَ مَالِك الْأَمْرُ عِنْدَنَا أَنَّ الْمُسْتَحَاضَةَ إِذَا صَلَّتْ أَنَّ لِزَوْجِهَا أَنْ يُصِيبَهَا وَكَذَلِكَ النُّفَسَاءُ إِذَا بَلَغَتْ أَقْصَى مَا يُمْسِكُ النِّسَاءَ الدَّمُ فَإِنْ رَأَتْ الدَّمَ بَعْدَ ذَلِكَ فَإِنَّهُ يُصِيبُهَا زَوْجُهَا وَإِنَّمَا هِيَ بِمَنْزِلَةِ الْمُسْتَحَاضَةِ قَالَ يَحْيَى قَالَ مَالِك الْأَمْرُ عِنْدَنَا فِي الْمُسْتَحَاضَةِ عَلَى حَدِيثِ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ وَهُوَ أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَيَّ فِي ذَلِكَ
म्हानै मलिक सूं [हिस्याम बिन उरवाह] सूं [उणरै पिता] सूं कैवण सूं बतायो है; 'एक लुगाई जिकी इस्तिहादला है, बांनै एक बार रै अलावा नहाणो जरूरी कोनी है, जिणरै बाद बांनै हरेक नमाज रै वास्तै नहाणो पड़सी - जिकी पूरी करी जावैला-'। याह्या कह्यो; मलिक कह्यो, 'म्हारै विचार सूं, जे कोई इस्तिहादलाह है तो नमाज पढ़ी है, तो उणरै पति रै वास्तै उणरै साथै यौन सम्बन्ध राखणो जायज है। इणीज भांत प्रसव पश्चात री लुगायां रै वास्तै, जे वे उण चरम माथै पूगगी है जठै लुगाई रो प्रसव पश्चात रो खून बंद हुयग्यो है, तो उणरै बाद खून निकळै है, तो उणरै पति रै वास्तै उणरै साथै सेक्स करणो जायज है। अर कानून एक लुगाई री तरै है जिकी इस्तिहादला है। याह्या कह्यो; मलिक कह्यो, 'स्त्री इस्तिहादलाह रै बारै में म्हारी राय हिशम बिन उर्वाह री हदीस में बताई गई है, उणरै पिता री तरफ सूं। आ सबसूं आछी बात है जिकी म्हे सुणी है'।
Imam Malik : 127
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا قَالَتْأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِصَبِيٍّ فَبَالَ عَلَى ثَوْبِهِ فَدَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَاءٍ فَأَتْبَعَهُ إِيَّاهُ
यो मलिक सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [आइशा] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी सूं संबंधित है, उण कैयो, 'एक टाबर नै अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै हवालै कर दियो गयो। फेर टाबर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कपड़ां माथै पेशाब करियो, फेर बो पाणी मांग्यो अर पाणी सूं पोंछ दियो।
Imam Malik : 128
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ أُمِّ قَيْسٍ بِنْتِ مِحْصَنٍأَنَّهَا أَتَتْ بِابْنٍ لَهَا صَغِيرٍ لَمْ يَأْكُلْ الطَّعَامَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَجْلَسَهُ فِي حَجْرِهِ فَبَالَ عَلَى ثَوْبِهِ فَدَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَاءٍ فَنَضَحَهُ وَلَمْ يَغْسِلْهُ
मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] सूं [उम्मू कैस बिन मिहशान सूं] बतायो गयो है कै वो एक बार आपरै टाबर रै साथै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कनै आयो हो जिणनै कोई खाणो नीं खायो हो। फेर बो टाबर नै गोदी मांय लेग्यो, जिणसूं पेशाब बां रै कपड़ां माथै पड़ग्यो। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम फेर पाणी मांग्यो अर बिना धोया छिड़क दियो'।
Imam Malik : 129
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّهُ قَالَدَخَلَ أَعْرَابِيٌّ الْمَسْجِدَ فَكَشَفَ عَنْ فَرْجِهِ لِيَبُولَ فَصَاحَ النَّاسُ بِهِ حَتَّى عَلَا الصَّوْتُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اتْرُكُوهُ فَتَرَكُوهُ فَبَالَ ثُمَّ أَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِذَنُوبٍ مِنْ مَاءٍ فَصُبَّ عَلَى ذَلِكَ الْمَكَانِ
मलिक सूं याह्या नै [यह्या बिन सईद] सूं बतायो हो, बो बोल्यो; 'एक बेडौइन मस्जिद मांय दाखिल हुयो, बेडौइन फेर पेशाब करण सारू आपरी पतलून खोल दी। तुरंत लोग गुस्सा सूं चिल्लाया जद तांई आवाज शोर नीं कर दी, फेर अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'वो हो जावै! ' दोस्तां नै फेर छोड़ दियो। इणरै बाद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणनै कैयो कै एक बाल्टी पाणी ले अर पछै उणनै उण जगां माथै न्हाख दो जठै थारो पेशाब करियो गयो हो।
Imam Malik : 130
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّهُ قَالَرَأَيْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يَبُولُ قَائِمًا
मलिक सूं [अब्दुल्ला बिन दीनार] सूं बतायो हो, बो बोल्यो; 'मैं एक बार [अब्दुल्लाह बिन उमर] नै खड़यो होर पेशाब करता देख्यो'।
Imam Malik : 131
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ ابْنِ السَّبَّاقِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فِي جُمُعَةٍ مِنْ الْجُمَعِ يَا مَعْشَرَ الْمُسْلِمِينَ إِنَّ هَذَا يَوْمٌ جَعَلَهُ اللَّهُ عِيدًا فَاغْتَسِلُوا وَمَنْ كَانَ عِنْدَهُ طِيبٌ فَلَا يَضُرُّهُ أَنْ يَمَسَّ مِنْهُ وَعَلَيْكُمْ بِالسِّوَاكِ
याह्या मन्नै मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं [इब्न अस सबाक] सूं बतायो कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) एक शुक्रवार नै कह्यो: 'हे मुसलमान! साची, अल्लाह इण दिन नै छुट्टी रो दिन बणायो है, इण वास्तै थनै नहाणो चाइजै। जिणरै कनै इत्र है, बांनै पहनबा में कोई हरज कोनी। अर थनै सिवाक होणो चाइजै।
Imam Malik : 132
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَوْلَا أَنْ أَشُقَّ عَلَى أُمَّتِي لَأَمَرْتُهُمْ بِالسِّوَاكِ
मलिक सूं [अबू अज जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं म्हनैं यो बतायो गयो है कै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है कै 'अगर ओ म्हारै लोगां माथै बोझ नीं होतो तो म्हैं बांनै सिवाक पैरण रो हुकम देवतो'।
Imam Malik : 133
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَلَوْلَا أَنْ يَشُقَّ عَلَى أُمَّتِهِ لَأَمَرَهُمْ بِالسِّوَاكِ مَعَ كُلِّ وُضُوءٍ
मलिक सूं [इब्न शिहाब] सूं [हुमैद बिन अब्दुर्रहमान बिन औफ] सूं [अबू हुरैरा] सूं म्हनैं बतायो गयो है; 'अगर ओ बां रै लोगां माथै बोझ नीं हुवैला तो वै बांनै हर बार जज करतां बगत सिवाक करण रो हुकम देवैला।'
Imam Malik : 134
حَدَّثَنِي يَحْيَى عَنْ مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّهُ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ أَرَادَ أَنْ يَتَّخِذَ خَشَبَتَيْنِ يُضْرَبُ بِهِمَا لِيَجْتَمِعَ النَّاسُ لِلصَّلَاةِ فَأُرِيَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدٍ الْأَنْصَارِيُّ ثُمَّ مِنْ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ الْخَزْرَجِ خَشَبَتَيْنِ فِي النَّوْمِ فَقَالَ إِنَّ هَاتَيْنِ لَنَحْوٌ مِمَّا يُرِيدُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقِيلَ أَلَا تُؤَذِّنُونَ لِلصَّلَاةِ فَأَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ اسْتَيْقَظَ فَذَكَرَ لَهُ ذَلِكَ فَأَمَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْأَذَانِ
याह्या मन्नै [यह्या बिन सईद] सूं मलिक सूं बतायो, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम लोगां नै नमाज रै वास्तै बुलाबा रै वास्तै एक साथै पीटबा रै वास्तै दो लकड़ी रा टुकड़ा लेणो चावता हा'। बानी अल हरित्स अल खजराज सूं अब्दुल्ला बिन जैद अल अंसारी लकड़ी रा दो टुकड़ा देखण रो सुपनो देख्यो। फेर बो बोल्यो, 'वाकई, ये दो लकड़ी रा टुकड़ा बिल्कुल वौ ई है जका रसूल रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) चावता हा! ' कैयो गयो हो, 'आप प्रार्थना रै वास्तै अज़ान मत बोलो'। जागबा रै बाद वे अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै गया, फेर वे आपरै सुपनै मांय देख्योड़ी बातां रो जिकर करियो। इणरै बाद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अज़ान करवा रो हुकम दियो।
Imam Malik : 135
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا سَمِعْتُمْ النِّدَاءَ فَقُولُوا مِثْلَ مَا يَقُولُ الْمُؤَذِّنُ
मलिक सूं [इब्नू शिहाब] सूं [अथा` बिन यजीद अल लैत्सी] सूं [अबू सईद अल खुदरी] सूं मन्नै बतायो गयो है कै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'जद थूं अज़ान सुणो है, तो मुएज्जिन रै मुजब बोलो'।
Imam Malik : 136
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ سُمَيٍّ مَوْلَى أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ السَّمَّانِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَوْ يَعْلَمُ النَّاسُ مَا فِي النِّدَاءِ وَالصَّفِّ الْأَوَّلِ ثُمَّ لَمْ يَجِدُوا إِلَّا أَنْ يَسْتَهِمُوا عَلَيْهِ لَاسْتَهَمُوا وَلَوْ يَعْلَمُونَ مَا فِي التَّهْجِيرِ لَاسْتَبَقُوا إِلَيْهِ وَلَوْ يَعْلَمُونَ مَا فِي الْعَتَمَةِ وَالصُّبْحِ لَأَتَوْهُمَا وَلَوْ حَبْوًا
यो म्हारै सूं मलिक सूं [सुमय्या] अबू बकर बिन अब्दुर्रहमान रै दास सूं [अबू शालिह अस सम्मान] सूं [अबू हुरैरा] सूं संबंधित है। चिट्ठी खींचो। जे वे जल्दीबाजी करण रो इनाम जाणता - प्रार्थना रै वास्तै आणो - तो वे निश्चित रूप सूं प्रतिस्पर्धा करता। जे बांनै ठाह होतो कै सांझ री नमाज अर सुबह री नमाज मांय कांई है, तो बै रेंगबा रै बावजूद भी बां कनै आ जांवता।'
Imam Malik : 137
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ الْعَلَاءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَعْقُوبَ عَنْ أَبِيهِ وَإِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُمَا أَخْبَرَاهُ أَنَّهُمَا سَمِعَا أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا ثُوِّبَ بِالصَّلَاةِ فَلَا تَأْتُوهَا وَأَنْتُمْ تَسْعَوْنَ وَأْتُوهَا وَعَلَيْكُمْ السَّكِينَةُ فَمَا أَدْرَكْتُمْ فَصَلُّوا وَمَا فَاتَكُمْ فَأَتِمُّوا فَإِنَّ أَحَدَكُمْ فِي صَلَاةٍ مَا كَانَ يَعْمِدُ إِلَى الصَّلَاةِ
यो म्हारै सूं मलिक सूं [अल 'अला` बिन अब्दुर्रहमान बिन याकूब] सूं [उणरै पिता] सूं संबंधित है अर [इशाक बिन अब्दुल्ला] दोनूं ई इण री रिपोर्ट करी है, वे दोनूं [अबू हुरैराह] नै कैता सुण्यो हो, 'अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जद नमाज सरू हुयगी है, तो दौड़णो मत करो। प्रार्थना रै वास्तै शांति सूं आवो। थानै मिलबा आळा रकात रै मांय नमाज करो। अर जो थै पाछै छोड़ दियो है बांनै पूरा करो। क्यूंकै थारै मांय सूं कोई एक प्रार्थना करै है जद तांई बो प्रार्थना करण नै जावै है।
Imam Malik : 138
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي صَعْصَعَةَ الْأَنْصَارِيِّ ثُمَّ الْمَازِنِيِّ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ قَالَ لَهُإِنِّي أَرَاكَ تُحِبُّ الْغَنَمَ وَالْبَادِيَةَ فَإِذَا كُنْتَ فِي غَنَمِكَ أَوْ بَادِيَتِكَ فَأَذَّنْتَ بِالصَّلَاةِ فَارْفَعْ صَوْتَكَ بِالنِّدَاءِ فَإِنَّهُ لَا يَسْمَعُ مَدَى صَوْتِ الْمُؤَذِّنِ جِنٌّ وَلَا إِنْسٌ وَلَا شَيْءٌ إِلَّا شَهِدَ لَهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَالَ أَبُو سَعِيدٍ سَمِعْتُهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
मलिक म्हनैं [अब्दुर्रहमान बिन अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान बिन अबू शशाअह अल अंशारी अल माजिनी] सूं [उणरै पिता] सूं बतायो कै [अबू सईद अल खुदरी] एक बार उणनैं कैयो हो, 'मैं थानै बकरियां अर चारागाह री तरै देखूं। जे थैं थारी बकरियां या थारी चारागाह रै मांय हो तो म्हैं अज़ान कैवूं अर थारी आवाज उठाऊं। क्यूंकै कोई भी मुआद्ज़िन री आवाज नीं सुणै, चाहे वो जिन्न हो, मिनख हो या दूजा, जद तांई कै वे क़यामत रै दिन उणरी गवाही नीं देवै। अबू सईद कह्यो, 'मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं सुणी है।
Imam Malik : 139
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا نُودِيَ لِلصَّلَاةِ أَدْبَرَ الشَّيْطَانُ لَهُ ضُرَاطٌ حَتَّى لَا يَسْمَعَ النِّدَاءَ فَإِذَا قُضِيَ النِّدَاءُ أَقْبَلَ حَتَّى إِذَا ثُوِّبَ بِالصَّلَاةِ أَدْبَرَ حَتَّى إِذَا قُضِيَ التَّثْوِيبُ أَقْبَلَ حَتَّى يَخْطِرَ بَيْنَ الْمَرْءِ وَنَفْسِهِ يَقُولُ اذْكُرْ كَذَا اذْكُرْ كَذَا لِمَا لَمْ يَكُنْ يَذْكُرُ حَتَّى يَظَلَّ الرَّجُلُ إِنْ يَدْرِي كَمْ صَلَّى
यो म्हारै सूं मलिक सूं [अबू अज जिनाद] सूं [अल अराज] सूं [अबू हुरैरा] सूं संबंधित है रसूलुल्लाह शाल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'जद अज़ान होवै है तो शैतान पाड़ता थका भाग जावै है जद तांई कै वो उणनै नीं सुणै। जद अज़ान पूरी हो जावै है, तो वो फेरूं पाछो आवै है। फेर जद इकामत बोली गई तो वो भाग गयो अर इकामत बोलबा रै बाद पाछो आयो। फेर बो किणी रै दिल नै फुसफुसायो अर बोल्यो; 'इणनै याद राखौ, ओ याद राखौ' अैड़ी बात जिणरै बारै मांय बो पैली कदैई नीं सोच्यो हो। ताकि नमाज पढ़ण आळा नै बेरा ना होवै कै वो कितणी रकात पढ़ी है।
Imam Malik : 140
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ أَبِي حَازِمِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ أَنَّهُ قَالَسَاعَتَانِ يُفْتَحُ لَهُمَا أَبْوَابُ السَّمَاءِ وَقَلَّ دَاعٍ تُرَدُّ عَلَيْهِ دَعْوَتُهُ حَضْرَةُ النِّدَاءِ لِلصَّلَاةِ وَالصَّفُّ فِي سَبِيلِ اللَّهِ
यो मलिक सूं [अबू हजम बिन दीनार] सूं [सहल बिन साद अस सैदी] सूं म्हारै सूं संबंधित है, उण कैयो, 'दो बगत हो जद स्वर्ग रा फाटक खुलग्या हा, अर घणकरा लोगां री प्रार्थना खारिज कर दी गई ही; अज़ान रै बगत अर अल्लाह रै मारग माथै लड़ता बगत'।