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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Malik (الامام مالك) - 1594 Hadith

Hadith

Imam Malik : 1281

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ حَزْمٍ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَبُوهُأَنَّهُ كَانَ جَالِسًا عِنْدَ أَبَانَ بْنِ عُثْمَانَ فَاخْتَصَمَ إِلَيْهِ نَفَرٌ مِنْ جُهَيْنَةَ وَنَفَرٌ مِنْ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ الْخَزْرَجِ وَكَانَتْ امْرَأَةٌ مِنْ جُهَيْنَةَ عِنْدَ رَجُلٍ مِنْ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ الْخَزْرَجِ يُقَالُ لَهُ إِبْرَاهِيمُ بْنُ كُلَيْبٍ فَمَاتَتْ الْمَرْأَةُ وَتَرَكَتْ مَالًا وَمَوَالِيَ فَوَرِثَهَا ابْنُهَا وَزَوْجُهَا ثُمَّ مَاتَ ابْنُهَا فَقَالَ وَرَثَتُهُ لَنَا وَلَاءُ الْمَوَالِي قَدْ كَانَ ابْنُهَا أَحْرَزَهُ فَقَالَ الْجُهَنِيُّونَ لَيْسَ كَذَلِكَ إِنَّمَا هُمْ مَوَالِي صَاحِبَتِنَا فَإِذَا مَاتَ وَلَدُهَا فَلَنَا وَلَاؤُهُمْ وَنَحْنُ نَرِثُهُمْ فَقَضَى أَبَانُ بْنُ عُثْمَانَ لِلْجُهَنِيِّينَ بِوَلَاءِ الْمَوَالِي

मलिक [अब्दुल्लाह बिन अबू बकर बिन हाजम] सूं बतायो कै [उणरै पिता] उणनै बतायो कै वो एक बार अबन बिन उथमान रै कनै बैठ्यो हो। फेर जुहैना रा केई लोग अर बनी हरिथ बिन अल खजराज रा केई लोग बां रै कनै कानूनी फैसलो लेवण सारू आया। जुहैना री एक लुगाई इब्राहिम बिन कुलैब नाम रै बानू हरिथ रै एक आदमी सूं सौदो कर री ही, फेर वा लुगाई संपत्ति अर गुलाम छोड़र मरगी। तो बांका टाबर अर पति नै बांकी विरासत मिली, जिणरै बाद बांरा टाबर भी मरग्या। टाबर रो वारिस बोल्यो; 'दास रा संरक्षक अधिकार - जिका टाबर नै आपरी मां सूं मिलिया - म्हांनै'। अल जुहैना रा लोगां कैयो; "ओ इसा कोनी है, असल म्हं वे म्हारे दोस्तां रा गुलाम है, सो जद वांको टाबर मर जावै है तो भरोसो म्हारो हो जावै है अर म्हांनै ई वारिस हो जावै है।" सो [अबन बिन 'उथमान] फैसलो कर लियो कै इण दासों रा संरक्षक अधिकार अल जुहैना रै लोगां रा है'।

Hadith

Imam Malik : 1282

و حَدَّثَنِي مَالِك أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ شِهَابٍعَنْ السَّائِبَةِ قَالَ يُوَالِي مَنْ شَاءَ فَإِنْ مَاتَ وَلَمْ يُوَالِي أَحَدًا فَمِيرَاثُهُ لِلْمُسْلِمِينَ وَعَقْلُهُ عَلَيْهِمْ

मलिक म्हानै बतायो है कै उण एक बार [इब्न शिहाब] सूं साईबाह रै बारै में पूछ्यो हो। इब्न शिहाब जवाब दियो; 'उणरी इच्छा जिण माथै संरक्षक है, जे वो मर जावै अर कोई संरक्षक नीं हुवै तो उणरी विरासत मुसलमानां रै कनै जावै अर उणरी दीयात री पूर्ति उणां री जिम्मेदारी है'।

Hadith

Imam Malik : 1283

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ كَانَ يَقُولُالْمُكَاتَبُ عَبْدٌ مَا بَقِيَ عَلَيْهِ مِنْ كِتَابَتِهِ شَيْءٌ

मलिक [नफी] सूं बतायो कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] कह्यो; 'अल मुकाताब अजै ई एक गुलाम है, जद तांई कै उणनै चुकाणो पड़सी।'

Hadith

Imam Malik : 1284

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ حُمَيْدِ بْنِ قَيْسٍ الْمَكِّيِّ أَنَّ مُكَاتَبًا كَانَ لِابْنِ الْمُتَوَكِّلِ هَلَكَ بِمَكَّةَ وَتَرَكَ عَلَيْهِ بَقِيَّةً مِنْ كِتَابَتِهِ وَدُيُونًا لِلنَّاسِ وَتَرَكَ ابْنَتَهُ فَأَشْكَلَ عَلَى عَامِلِ مَكَّةَ الْقَضَاءُ فِيهِ فَكَتَبَ إِلَى عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ مَرْوَانَيَسْأَلُهُ عَنْ ذَلِكَ فَكَتَبَ إِلَيْهِ عَبْدُ الْمَلِكِ أَنْ ابْدَأْ بِدُيُونِ النَّاسِ ثُمَّ اقْضِ مَا بَقِيَ مِنْ كِتَابَتِهِ ثُمَّ اقْسِمْ مَا بَقِيَ مِنْ مَالِهِ بَيْنَ ابْنَتِهِ وَمَوْلَاهُ

मन्नै बतायो गयो कै [हुमैद बिन कैस अल मक्की] रा मलिक कह्यो, 'इब्न मुतवक्किल रो एक मुकातब दास मक्का मांय मरग्यो, उणनै आपरी रिहाई रै वास्तै कीं बच्योड़ा भुगतान, केई लोगां माथै कर्ज अर एक बेटी छोड़ दी। मक्का रै मांय सरकारी अधिकारियां नै इण मामला नै सुळझाबा में दिक्कत हुई। तो उण इण बाबत पूछण सारू अब्दुल मलिक बिन मरवान नै चिट्ठी लिखी। [अब्दुल मलिक बिन मरवान] फेर जवाब दियो; 'पैली लोगां माथै करजा चुकाओ, पछै उणरी रिहाई सूं बाकी रा मामला चुकाओ अर पछै बाकी री संपत्ति नै आपरी बेटी अर आपरै मालिक नै देबा रै वास्तै बांट दो'।

Hadith

Imam Malik : 1285

حَدَّثَنِي مَالِك أَنَّهُ سَمِعَ رَبِيعَةَ بْنَ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَغَيْرَهُ يَذْكُرُونَأَنَّ مُكَاتَبًا كَانَ لِلْفُرَافِصَةِ بْنِ عُمَيْرٍ الْحَنَفِيِّ وَأَنَّهُ عَرَضَ عَلَيْهِ أَنْ يَدْفَعَ إِلَيْهِ جَمِيعَ مَا عَلَيْهِ مِنْ كِتَابَتِهِ فَأَبَى الْفُرَافِصَةُ فَأَتَى الْمُكَاتَبُ مَرْوَانَ بْنَ الْحَكَمِ وَهُوَ أَمِيرُ الْمَدِينَةِ فَذَكَرَ ذَلِكَ لَهُ فَدَعَا مَرْوَانُ الْفُرَافِصَةَ فَقَالَ لَهُ ذَلِكَ فَأَبَى فَأَمَرَ مَرْوَانُ بِذَلِكَ الْمَالِ أَنْ يُقْبَضَ مِنْ الْمُكَاتَبِ فَيُوضَعَ فِي بَيْتِ الْمَالِ وَقَالَ لِلْمُكَاتَبِ اذْهَبْ فَقَدْ عَتَقْتَ فَلَمَّا رَأَى ذَلِكَ الْفُرَافِصَةُ قَبَضَ الْمَالَ

मलिक म्हानै बतायो है कै उण [रबीअह बिन अबू अब्दुर्रहमान] नै सुण्यो है अर [इणरै अलावा] बां बतायो कै फुरफिशह बिन उमैर अल हनफी रो मुकातब खुद नै पूरो भुगतान करण री पेशकश करी ही, जिणनै उणरी रिहाई रो बोझ हो, पण फुरफिश्ह मना कर दियो। फेर मुकातब दास मदीना रै गवर्नर [मरवान बिन हाकम] सूं मिल्यो अर आ बात बताई। मारवान फेर फुराफिशाह नै फोन कर समस्या बताई, पण वा फेर भी मना कर दी। सेवट मारवान हुकम दियो कै मुकाताब दास री संपत्ति बैतुल माल मांय घाल ​​दी जावै अर दास नै मारवान बोल्यो, 'जा, थै आजाद हो'। जद फुराफिशा ओ देख्यो तो बो खजानो ले लियो।

Hadith

Imam Malik : 1286

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَدَبَّرَ جَارِيَتَيْنِ لَهُ فَكَانَ يَطَؤُهُمَا وَهُمَا مُدَبَّرَتَانِ

मलिक [नफी] सूं म्हनैं बतायो कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] दो गुलाम दासियां ​​नैं आजाद करण रो वादो करियो हो कै जे वै मर जावैला अर वै सगळा दास जवान होवण रै बावजूद बां रै साथै सेक्स करता रैया।

Hadith

Imam Malik : 1287

و حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ كَانَ يَقُولُإِذَا دَبَّرَ الرَّجُلُ جَارِيَتَهُ فَإِنَّ لَهُ أَنْ يَطَأَهَا وَلَيْسَ لَهُ أَنْ يَبِيعَهَا وَلَا يَهَبَهَا وَوَلَدُهَا بِمَنْزِلَتِهَا

मलिक [यह्या बिन सईद] सूं बतायो कै [सईद बिन मुसैयब] कह्यो; 'अगर कोई मालिक आपरी दासी नै उणरी मौत रै बाद आजादी रो वादो करै है तो वो उणसूं ब्याव कर सकै है पण वो उणनै बेच नीं सकै है अर नीं ई उणनै किणी दूजै नै दे सकै है। अर टाबर - दास - आपरी मां रै समान ही है।

Hadith

Imam Malik : 1288

حَدَّثَنَا مَالِك عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ قَالَجَاءَتْ الْيَهُودُ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرُوا لَهُ أَنَّ رَجُلًا مِنْهُمْ وَامْرَأَةً زَنَيَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا تَجِدُونَ فِي التَّوْرَاةِ فِي شَأْنِ الرَّجْمِ فَقَالُوا نَفْضَحُهُمْ وَيُجْلَدُونَ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ كَذَبْتُمْ إِنَّ فِيهَا الرَّجْمَ فَأَتَوْا بِالتَّوْرَاةِ فَنَشَرُوهَا فَوَضَعَ أَحَدُهُمْ يَدَهُ عَلَى آيَةِ الرَّجْمِ ثُمَّ قَرَأَ مَا قَبْلَهَا وَمَا بَعْدَهَا فَقَالَ لَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ ارْفَعْ يَدَكَ فَرَفَعَ يَدَهُ فَإِذَا فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ فَقَالُوا صَدَقَ يَا مُحَمَّدُ فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ فَأَمَرَ بِهِمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَافَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ فَرَأَيْتُ الرَّجُلَ يَحْنِي عَلَى الْمَرْأَةِ يَقِيهَا الْحِجَارَةَ قَالَ مَالِك يَعْنِي يَحْنِي يُكِبُّ عَلَيْهَا حَتَّى تَقَعَ الْحِجَارَةُ عَلَيْهِ

म्हानै बतायो गयो है कै [नफी'] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं मलिक कह्यो; यहूदी अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं मिलिया अर बां बतायो कै बां मांय सूं एक आदमी अर एक लुगाई व्यभिचार कर चुक्या है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम पूछ्यो: 'पत्थरबाजी रै बारै में थनै तौरात में कांई मिलै है? ' बां जवाब दियो, 'आपां बांरी लाज नै उजागर करस्यां अर बांनै बांधस्यां'। अब्दुल्ला बिन सलाम भी कह्यो; 'थै झूठ बोल रिया हो! साची, इण मांय पत्थरबाजी रो नियम है'। तो वे तौरात री किताब ल्याया अर खोली, पण बां मांय सूं एक पत्थरबाजी री आयत माथै हाथ राख्यो। कामुइदान उण पैली अर आगला छंद बांचिया। अब्दुल्ला बिन सलाम फेर उण आदमी सूं कह्यो, 'हाथ उठाओ! ' यहूदी फेर हाथ उठायो अर ओ साबित हुयो कै उण मांय पत्थरबाजी रो श्लोक है। बां कैयो; 'ओ मुहम्मद, वो सही है। तौरात रै मांय पत्थरबाजी रै बारै मांय एक श्लोक है। इण वास्तै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बां दोनूं नै पत्थर मारबा रो हुकम दियो। अब्दुल्ला बिन उमर कह्यो; 'मैं देख्यो कै बो आदमी लुगाई नै पत्थर फेंकबा सूं बचाबा रै वास्तै झुकग्यो हो'। मलिक बोल्यो; "ओ आदमी आपरै शरीर सूं लुगाई री रक्षा करतो रैयो जद तांई कै फेंक्यो गयो पत्थर उणरै खुद रै शरीर माथै नीं पड़ग्यो।"

Hadith

Imam Malik : 1289

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِأَنَّ رَجُلًا مِنْ أَسْلَمَ جَاءَ إِلَى أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ فَقَالَ لَهُ إِنَّ الْأَخِرَ زَنَى فَقَالَ لَهُ أَبُو بَكْرٍ هَلْ ذَكَرْتَ هَذَا لِأَحَدٍ غَيْرِي فَقَالَ لَا فَقَالَ لَهُ أَبُو بَكْرٍ فَتُبْ إِلَى اللَّهِ وَاسْتَتِرْ بِسِتْرِ اللَّهِ فَإِنَّ اللَّهَ يَقْبَلُ التَّوْبَةَ عَنْ عِبَادِهِ فَلَمْ تُقْرِرْهُ نَفْسُهُ حَتَّى أَتَى عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ فَقَالَ لَهُ مِثْلَ مَا قَالَ لِأَبِي بَكْرٍ فَقَالَ لَهُ عُمَرُ مِثْلَ مَا قَالَ لَهُ أَبُو بَكْرٍ فَلَمْ تُقْرِرْهُ نَفْسُهُ حَتَّى جَاءَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَهُ إِنَّ الْأَخِرَ زَنَى فَقَالَ سَعِيدٌ فَأَعْرَضَ عَنْهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ كُلُّ ذَلِكَ يُعْرِضُ عَنْهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى إِذَا أَكْثَرَ عَلَيْهِ بَعَثَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى أَهْلِهِ فَقَالَ أَيَشْتَكِي أَمْ بِهِ جِنَّةٌ فَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَاللَّهِ إِنَّهُ لَصَحِيحٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَبِكْرٌ أَمْ ثَيِّبٌ فَقَالُوا بَلْ ثَيِّبٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَ

मलिक म्हनैं [यह्या बिन सईद] सूं [सईद बिन मुसैयब] सूं बतायो कै असलम रो एक जवान अबू बकर अस सिद्दीक सूं मिल्यो। वो केवे है; 'साचैई अल अखिर व्यभिचार कर दियो है'। अबू बकर पूछ्यो; 'कांई थै म्हारै अलावा किणी दूजै नै आ बात कैयी है?' उण जवाब दियो; 'नीं'। अबू बकर उणसूं कह्यो; 'अल्लाह सूं पश्चाताप करो अर इणनै अल्लाह री रक्षा सूं ढक दो। अल्लाह आपरै सेवकां री पश्चाताप नै स्वीकार करै है। पण उमर बिन खत्ताब सूं मिलबा तांई उणरो मन तृप्त कोनी होयो, फेर उण अबू बकर सूं कांई कैयो, अर उण अबू बकर रै मुजब जवाब दियो। आदमी रो मन अजै तांई तृप्त कोनी हो जद तांई वो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै नीं आयो। बो बोल्यो, 'अल अखिर व्यभिचार कर दियो! ' सईद फेरूं बोल्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तीन बार उणसूं मुड़ग्या। हर बार जद बो कीं कैवतो, बो उणसूं कई बार मुड़ जातो। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फेर आपरै परिवार नै भेज्यो अर पूछ्यो: 'कांई बांनै शिकायत करणी चोखी लागै है कै बो पागल है?' बां कैयो: 'हे अल्लाह रा रसूल, अल्लाह री कसम वो एक स्वस्थ मिनख है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'वो अजै तांई अकेलो है या ब्याव करियोड़ो है?' बां जवाब दियो; 'थे ब्याव कर लियो है, हे अल्लाह रा रसूल'। सो उणनै पत्थर मारबा रो हुकम दियो'।

Hadith

Imam Malik : 1290

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ قَالَ بَلَغَنِيأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِرَجُلٍ مِنْ أَسْلَمَ يُقَالُ لَهُ هَزَّالٌ يَا هَزَّالُ لَوْ سَتَرْتَهُ بِرِدَائِكَ لَكَانَ خَيْرًا لَكَقَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ فَحَدَّثْتُ بِهَذَا الْحَدِيثِ فِي مَجْلِسٍ فِيهِ يَزِيدُ بْنُ نُعَيْمِ بْنِ هَزَّالٍ الْأَسْلَمِيِّ فَقَالَ يَزِيدُ هَزَّالٌ جَدِّي وَهَذَا الْحَدِيثُ حَقٌّ

मन्नै बतायो गयो है कै [यह्या बिन सईद] सूं [सईद बिन मुसय्यब] सूं मलिक कह्यो; म्हारै कनै खबर आई है कै रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम हज्जल नाम रै एक जवान असलम सूं कह्यो- हे हज्जल, जे थूं इणनै आपरी शाल सूं ढक लेसी तो थारै वास्तै आछो रैसी। याह्या बिन सईद कह्यो; 'मैं यो हदीस एक सभा रै मांय बताई जठै [यजीद बिन नूआइम बिन हज्जल अल असलमी] मौजूद हा, फेर यजीद कह्यो; 'हज्जल म्हारा दादा है अर आ हदीस साची है''।

Hadith

Imam Malik : 1291

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّهُ أَخْبَرَهُأَنَّ رَجُلًا اعْتَرَفَ عَلَى نَفْسِهِ بِالزِّنَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَشَهِدَ عَلَى نَفْسِهِ أَرْبَعَ مَرَّاتٍ فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَقَالَ ابْنُ شِهَابٍ فَمِنْ أَجْلِ ذَلِكَ يُؤْخَذُ الرَّجُلُ بِاعْتِرَافِهِ عَلَى نَفْسِهِ

मलिक म्हानै [इब्न शिहाब] सूं बतायो कै उण उणनै बतायो कै एक आदमी है जिणनै पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसल्लम रै बगत व्यभिचार करण रो स्वीकार करियो हो अर उण खुद माथै चार बार कसम खाई ही। सो रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम उणनै पत्थरबाजी रो हुकम दियो। इब्न शिहाब कह्यो; 'इण वास्तै, एक आदमी नै उणरै कबूलनामा रै आधार माथै सजा दी जा सकै है'।

Hadith

Imam Malik : 1292

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ زَيْدِ بْنِ طَلْحَةَ عَنْ أَبِيهِ زَيْدِ بْنِ طَلْحَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ أَنَّهُ أَخْبَرَهُأَنَّ امْرَأَةً جَاءَتْ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرَتْهُ أَنَّهَا زَنَتْ وَهِيَ حَامِلٌ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اذْهَبِي حَتَّى تَضَعِي فَلَمَّا وَضَعَتْ جَاءَتْهُ فَقَالَ لَهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اذْهَبِي حَتَّى تُرْضِعِيهِ فَلَمَّا أَرْضَعَتْهُ جَاءَتْهُ فَقَالَ اذْهَبِي فَاسْتَوْدِعِيهِ قَالَ فَاسْتَوْدَعَتْهُ ثُمَّ جَاءَتْ فَأَمَرَ بِهَا فَرُجِمَتْ

मलिक म्हनैं [याकुब बिन जैद बिन थलहा] सूं आपरै पिता [जैद बिन थल्हा] सूं [अब्दुल्लाह बिन अबू अवलका] सूं बतायो कै उणनैं बतायो कै एक लुगाई ही जिकी अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं मिली अर उणनैं बतायो कै वा व्यभिचार कर चुकी है अर गर्भवती है। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फेर कह्यो: 'जाओ जद तांई थै बच्चा पैदा नीं कर लेवो! ' जद वा टाबर नै जलम दियो, वा पाछी उणरै कनै आई। फेर बो बोल्यो: 'जावो जद तांई थै उणनै दूध नीं पिलाओ'। जद वा स्तनपान कराई, तो वा पाछी उणनै देखबा आई। बां ओ भी कैयो: 'जा अर टाबर नै सौंप'। फेर लुगाई आपरै टाबर नै सौंप दियो, इणरै बाद वा अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै गई, फेर उणनै पत्थरबाजी रो हुकम दियो अर उणनै पत्थरबाजी कर दी।

Hadith

Imam Malik : 1293

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ أَنَّهُمَا أَخْبَرَاهُأَنَّ رَجُلَيْنِ اخْتَصَمَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَحَدُهُمَا يَا رَسُولَ اللَّهِ اقْضِ بَيْنَنَا بِكِتَابِ اللَّهِ وَقَالَ الْآخَرُ وَهُوَ أَفْقَهُهُمَا أَجَلْ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَاقْضِ بَيْنَنَا بِكِتَابِ اللَّهِ وَأْذَنْ لِي فِي أَنْ أَتَكَلَّمَ قَالَ تَكَلَّمْ فَقَالَ إِنَّ ابْنِي كَانَ عَسِيفًا عَلَى هَذَا فَزَنَى بِامْرَأَتِهِ فَأَخْبَرَنِي أَنَّ عَلَى ابْنِي الرَّجْمَ فَافْتَدَيْتُ مِنْهُ بِمِائَةِ شَاةٍ وَبِجَارِيَةٍ لِي ثُمَّ إِنِّي سَأَلْتُ أَهْلَ الْعِلْمِ فَأَخْبَرُونِي أَنَّ مَا عَلَى ابْنِي جَلْدُ مِائَةٍ وَتَغْرِيبُ عَامٍ وَأَخْبَرُونِي أَنَّمَا الرَّجْمُ عَلَى امْرَأَتِهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَا وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَأَقْضِيَنَّ بَيْنَكُمَا بِكِتَابِ اللَّهِ أَمَّا غَنَمُكَ وَجَارِيَتُكَ فَرَدٌّ عَلَيْكَ وَجَلَدَ ابْنَهُ مِائَةً وَغَرَّبَهُ عَامًا وَأَمَرَ أُنَيْسًا الْأَسْلَمِيَّ أَنْ يَأْتِيَ امْرَأَةَ الْآخَرِ فَإِنْ اعْتَرَفَتْ رَجَمَهَا فَاعْتَرَفَتْ فَرَجَمَهَاقَالَ مَالِك وَالْعَسِيفُ الْأَجِيرُ

मलिक म्हनैं [इब्नू शिहाब] सूं ['उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उत्बाह बिन मसूद] सूं [अबू हुरैरा] अर [जैद बिन खालिद अल जुहानी] सूं बतायो कै वै दोनूं बतायो कै दो लोगां नैं आपरै मामला री शिकायत रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम सूं करी। बां मांय सूं एक बोल्यो; 'हे अल्लाह रा रसूल, अल्लाह री किताब रै मुजब म्हारै मामलां रो फैसलो करो,' जदकै दूजो - अर वो ज्यादा धर्मी हो - बोल्यो; 'ठीक है हे अल्लाह रा रसूल! अल्लाह री किताब रै मुजब म्हारो मामला तय करो, पण म्हनै बोलण री इजाजत दो'। बो बोल्यो: 'बोल'। बो आदमी फेर बोल्यो; 'वाकई म्हारो बेटो एक मजदूर हो जको इण आदमी रै सागै काम करतो हो, फेर उण आपरी घरआळी सूं व्यभिचार कर दियो। फेर बां म्हनै बतायो कै म्हारै बेटै नै पत्थरबाजी करणी है। सो म्हैं तुरंत सौ बकरियां देय'र उणनै छुड़ा ली अर आपरै दास नै आजाद कर दियो। इणरै बाद म्हैं इण मामला रै बारै में केई विशेषज्ञां सूं पूछ्यो, तो बां कैयो कै म्हारै बेटै नै सौ बार मारणो चाइजै अर एक साल तांई वनवास भेजणो चाइजै, जदकै लुगाई नै पत्थर मारणो चाइजै'। रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जिणरै हाथां मांय म्हारी आत्मा है, म्हैं अल्लाह री किताब रै साथै थारै मामला रो फैसलो करूंला। थारी बकरियां अर दास पाछा आ जावैला'। इणरै बाद उण आदमी रै टाबर नै सौ बार कोड़ा मारिया अर एक साल तांई वनवास भेज दियो। फेर उणनेस अल असलमी नै आदेश दियो कै वा लुगाई नै ल्यावै, जे वा मान लेवैला तो उणनै पत्थरबाजी कर दी जावैला। फेर लुगाई इण बात नै स्वीकार कर ली, सो उनाईस उणनै पत्थर मार दियो। मलिक बोल्यो; ''आसिफ एक मजदूर छै'।

Hadith

Imam Malik : 1294

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ سَعْدَ بْنَ عُبَادَةَ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرَأَيْتَ لَوْ أَنِّي وَجَدْتُ مَعَ امْرَأَتِي رَجُلًا أَأُمْهِلُهُ حَتَّى آتِيَ بِأَرْبَعَةِ شُهَدَاءَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعَمْ

मलिक म्हनैं [सुहैल बिन अबू सालिह] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैराह] सूं बतायो कै सद बिन उबदाह अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो; 'थारो कांई विचार है, जे म्हैं म्हारी घरआळी नै किणी दूजै आदमी रै सागै पाऊं तो कांई म्हैं च्यार गवाह लावण तांई उडीकूं?' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दियो: 'हां'।

Hadith

Imam Malik : 1295

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ أَنَّهُ قَالَ سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ يَقُولُالرَّجْمُ فِي كِتَابِ اللَّهِ حَقٌّ عَلَى مَنْ زَنَى مِنْ الرِّجَالِ وَالنِّسَاءِ إِذَا أُحْصِنَ إِذَا قَامَتْ الْبَيِّنَةُ أَوْ كَانَ الْحَبَلُ أَوْ الْاعْتِرَافُ

मलिक म्हनैं [इब्न शिहाब] सूं ['उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] सूं [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] सूं बतायो है कै म्हैं [उमर बिन खत्ताब] नैं कैता सुण्यो है; 'अल्लाह री किताब रै मांय पत्थर मारणो एक असी चीज है जिकी ठीक है, यानी व्यभिचार करण आळा मिनखां या लुगायां रै वास्तै; जे वे ब्याव कर चुक्या है; जे कोई सबूत है; या फेर जे लुगाई गर्भवती है; या फेर कोई कबूलनामा है'।

Hadith

Imam Malik : 1296

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أَبِي وَاقِدٍ اللَّيْثِيِّ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِأَتَاهُ رَجُلٌ وَهُوَ بِالشَّامِ فَذَكَرَ لَهُ أَنَّهُ وَجَدَ مَعَ امْرَأَتِهِ رَجُلًا فَبَعَثَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ أَبَا وَاقِدٍ اللَّيْثِيَّ إِلَى امْرَأَتِهِ يَسْأَلُهَا عَنْ ذَلِكَ فَأَتَاهَا وَعِنْدَهَا نِسْوَةٌ حَوْلَهَا فَذَكَرَ لَهَا الَّذِي قَالَ زَوْجُهَا لِعُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ وَأَخْبَرَهَا أَنَّهَا لَا تُؤْخَذُ بِقَوْلِهِ وَجَعَلَ يُلَقِّنُهَا أَشْبَاهَ ذَلِكَ لِتَنْزِعَ فَأَبَتْ أَنْ تَنْزِعَ وَتَمَّتْ عَلَى الْاعْتِرَافِ فَأَمَرَ بِهَا عُمَرُ فَرُجِمَتْ

मलिक म्हनैं [यह्या बिन सईद] सूं [सुलेमान बिन यासर] सूं [अबू वाकिद अल लैत्सी] सूं बतायो कै सीरिया रै मांय उमर बिन खत्ताब सूं कोई मिल्यो हो। आदमी बोल्यो कै उणनै आपरी घरआळी दूजा आदमी रै सागै मिली है। उमर बिन खत्ताब इण बाबत पूछबा रै वास्तै अबू वाकिद अल लैत्सी नै उण आदमी री घरआळी कनै भेज दियो। अबू वाकिद फेर उण लुगाई सूं मिल्यो जद वा कई लुगायां रै सागै ही। फेर अबू वाकिद आपरै पति री सगळी बातां [उमर बिन खत्ताब] नै बताई अर कैयो कै उणनै फगत आपरै पति री बातां सूं सजा नीं दी जावैला। अबू वाकिद फेर लुगाई नै खुद रो बचाव करण सारू कीं कैयो, पण लुगाई मना कर दियो। दरअसल, आखिरकार उण आपरी हरकतां नै स्वीकार कर ली। उमर फेर उणनै पत्थर मारबा रो हुकम दियो अर लुगाई नै पत्थर मार दियो गयो।'

Hadith

Imam Malik : 1297

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ أَنَّهُ سَمِعَهُ يَقُولُ لَمَّا صَدَرَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِمِنْ مِنًى أَنَاخَ بِالْأَبْطَحِ ثُمَّ كَوَّمَ كَوْمَةً بَطْحَاءَ ثُمَّ طَرَحَ عَلَيْهَا رِدَاءَهُ وَاسْتَلْقَى ثُمَّ مَدَّ يَدَيْهِ إِلَى السَّمَاءِ فَقَالَ اللَّهُمَّ كَبِرَتْ سِنِّي وَضَعُفَتْ قُوَّتِي وَانْتَشَرَتْ رَعِيَّتِي فَاقْبِضْنِي إِلَيْكَ غَيْرَ مُضَيِّعٍ وَلَا مُفَرِّطٍ ثُمَّ قَدِمَ الْمَدِينَةَ فَخَطَبَ النَّاسَ فَقَالَ أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ سُنَّتْ لَكُمْ السُّنَنُ وَفُرِضَتْ لَكُمْ الْفَرَائِضُ وَتُرِكْتُمْ عَلَى الْوَاضِحَةِ إِلَّا أَنْ تَضِلُّوا بِالنَّاسِ يَمِينًا وَشِمَالًا وَضَرَبَ بِإِحْدَى يَدَيْهِ عَلَى الْأُخْرَى ثُمَّ قَالَ إِيَّاكُمْ أَنْ تَهْلِكُوا عَنْ آيَةِ الرَّجْمِ أَنْ يَقُولَ قَائِلٌ لَا نَجِدُ حَدَّيْنِ فِي كِتَابِ اللَّهِ فَقَدْ رَجَمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَجَمْنَا وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَوْلَا أَنْ يَقُولَ النَّاسُ زَادَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فِي كِتَابِ اللَّهِ تَعَالَى لَكَتَبْتُهَا الشَّيْخُ وَالشَّيْخَةُ فَارْجُمُوهُمَا أَلْبَتَّةَ فَإِنَّا قَدْ قَرَأْنَاهَاقَالَ مَالِك قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ فَمَا انْسَلَخَ ذُو الْحِجَّةِ حَتَّى قُتِلَ عُمَرُ رَحِمَهُ اللَّهُ قَالَ يَحْيَى سَمِعْت قَوْله تَعَالَى يَقُولُ قَوْلُهُ الشَّيْخُ وَالشَّيْخَةُ يَعْنِي الثَّيِّبَ وَالثَّيِّبَةَ فَارْجُمُوهُمَا أَلْبَتَّةَ

मलिक म्हानै [यह्या बिन सईद] सूं [सईद बिन मुसैयब] सूं बतायो कै उणनै उणनै कैता सुण्यो हो; 'जद [उमर बिन खत्ताब] मीना सूं पूग्या, तो बां आपरी ऊंठ नै अबताह माथै लेग्या। उमर फेर कंकड़ एकठ कर लिया अर बांनै ढेर कर दिया। फेर बो लेटता थकां कंकड़ नै आपरै चोगा सूं ढक दियो, बो आपरा हाथ आकास कानी पसार दियो अर बोल्यो; 'हे अल्लाह, म्हारी उमर बधगी है, म्हारी ताकत कमजोर पड़गी है अर म्हारा लोग बिखरबा लागग्या है, सो बिना व्यर्थ अर अतिशयोक्ति रै म्हानै आपरै सामी बुलाओ'। फेर वै मदीना गया अर लोगां रै साम्हीं उपदेश दियो, वै बोल्या, 'हे लोग, साचाणी मौजूदा नियम थारै माथै लागू हुया है अर थारै माथै दायित्व वचनबद्ध है जिणनै पूरा करणो जरूरी है। थै साफ नियमां सूं ऊपर रैयग्या हो, जद तांई थै लोगां नै बांया अर दांया भटकाव नीं देवो। -जदकै उमर इण बात रो प्रदर्शन एक हाथ सूं दूजै हाथ माथै ताळियां बजार करियो-- जदकै कैयो, 'पत्थरबाजी री श्लोक नै त्याग'र थै नष्ट मत होवो, यानी कोई कैयो; म्हानै अल्लाह री किताब मांय दो सजा कोनी मिलै'। रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम पत्थरबाजी करी है, अर म्हे भी करी है। जिण री आत्मा उणरै हाथां मांय है, उण री कसम, जे लोगां नै ओ नीं कैयो हो कै उमर बिन खत्ताब अल्लाह ताआला री किताब मांय कीं जोड़ दियो हो, तो म्हैं उणनै -कुरान मांय- लिख देतो; 'कोई बूढो आदमी या लुगाई - जे वे व्यभिचार करै है - तो बां दोनूं नै एक साथै पत्थर मार दो, 'क्यूंकै म्हे बांनै पढ़ चुक्या हां'। मलिक बोल्यो; याह्या बिन सईद कह्यो; सईद बिन मुसैयब कह्यो; 'दुल्हिज्जा रो महीनो अजै नीं बीत्यो हो, उमर बिन खत्ताब नै मार दियो गयो'। याह्या कह्यो; 'मैं अल्लाह ताआला री बात सुणी है- मिनख अर लुगाई जिका ब्याव कर लेवै है, बांनै पत्थर मार दो-'।

Hadith

Imam Malik : 1298

حَدَّثَنِي مَالِك أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ شِهَابٍعَنْ الَّذِي يَعْمَلُ عَمَلَ قَوْمِ لُوطٍ فَقَالَ ابْنُ شِهَابٍ عَلَيْهِ الرَّجْمُ أَحْصَنَ أَوْ لَمْ يُحْصِنْ

मलिक म्हनैं बतायो कै उण एक बार [इब्नू शिहाब] सूं उण मिनख रै बारै में पूछ्यो जिण पैगम्बर लूत रै लोगां री हरकतां नैं अंजाम दियो हो, उण जवाब दियो; 'उणनै पत्थरबाजी करणी चाइजै, चायै बो ब्याव करियोड़ो हुवै या नीं हुवै'।

Hadith

Imam Malik : 1299

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَأَنَّ رَجُلًا اعْتَرَفَ عَلَى نَفْسِهِ بِالزِّنَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَا لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِسَوْطٍ فَأُتِيَ بِسَوْطٍ مَكْسُورٍ فَقَالَ فَوْقَ هَذَا فَأُتِيَ بِسَوْطٍ جَدِيدٍ لَمْ تُقْطَعْ ثَمَرَتُهُ فَقَالَ دُونَ هَذَا فَأُتِيَ بِسَوْطٍ قَدْ رُكِبَ بِهِ وَلَانَ فَأَمَرَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَجُلِدَ ثُمَّ قَالَ أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ آنَ لَكُمْ أَنْ تَنْتَهُوا عَنْ حُدُودِ اللَّهِ مَنْ أَصَابَ مِنْ هَذِهِ الْقَاذُورَاتِ شَيْئًا فَلْيَسْتَتِرْ بِسِتْرِ اللَّهِ فَإِنَّهُ مَنْ يُبْدِي لَنَا صَفْحَتَهُ نُقِمْ عَلَيْهِ كِتَابَ اللَّهِ

मन्नै बतायो गयो है कै [जैद बिन असलम] रा मलिक कह्यो, 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै बगत एक आदमी हो जिणनै स्वीकार कर लियो हो कै वो व्यभिचार करियो है, रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम पछै एक कोड़ा मांग्यो, सो वो एक टूट्योड़ो कोड़ा ल्यायो। बो बोल्यो: 'इणसूं बडो कांई है'। फेर उणनै एक कोड़ा दियो गयो जको अजै तांई आछो हो अर बां रा सिरा नीं काट्या गया हा। बो बोल्यो: 'इणसूं हळको कांई है'। फेर बांनै एक कोड़ा दियो जावै है जिणनै एक साथै बांध दियो जावै है अर थोड़ो नरम होवै है। पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम फेर बांनै बांधबा रो हुकम दियो, सो बो आदमी बांध दियो गयो। इणरै बाद उण कह्यो: 'हे लोगां, थारै वास्तै अल्लाह री मनाही रो उल्लंघन करणो बंद करण रो बगत आ गयो है। जो भी इस गंदी काम में पड़े वो अल्लाह की रक्षा से ढक दे। जो भी म्हानै आपरै करम री जाणकारी देवैला, म्हे उण माथै अल्लाह री कानून लागू करस्यां'।

Hadith

Imam Malik : 1300

حَدَّثَنِي مَالِك عَنْ نَافِعٍ أَنَّ صَفِيَّةَ بِنْتَ أَبِي عُبَيْدٍ أَخْبَرَتْهُ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ الصِّدِّيقَأُتِيَ بِرَجُلٍ قَدْ وَقَعَ عَلَى جَارِيَةٍ بِكْرٍ فَأَحْبَلَهَا ثُمَّ اعْتَرَفَ عَلَى نَفْسِهِ بِالزِّنَا وَلَمْ يَكُنْ أَحْصَنَ فَأَمَرَ بِهِ أَبُو بَكْرٍ فَجُلِدَ الْحَدَّ ثُمَّ نُفِيَ إِلَى فَدَكَ

[नफी'] रा मलिक म्हानै बतायो कै [शफिया बिंत उबैद] उणनै बतायो कै एक बार जद [अबू बकर अस सिद्दीक] नै एक आदमी सूं सामनो हुयो जिणनै एक दास रै साथै सेक्स करियो हो, जिकी अजै तांई कुंवारी ही जद तांई कै वा गर्भवती नीं हुई, उण आदमी आपरी हरकतां नै स्वीकार कर ली, भलांई बो ब्याव नीं करियो हो। अबू बकर फेर बांनै बांधबा रो हुकम दियो अर पछै फदक भेज दियो।