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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Ahmad (الامام احمد) - 26363 Hadith

Hadith

Imam Ahmad : 101

حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ يَحْيَى قَالَ أَخْبَرَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ قَالَ حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ دَرَّاجٍ أَنَّ عَلِيًّا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ صَلَّى بَعْدَ الْعَصْرِ رَكْعَتَيْنِ فَتَغَيَّظَ عَلَيْهِ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَقَالَ أَمَا عَلِمْتَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَنْهَانَا عَنْهَا

म्हानै [अल हसन बिन यह्या] बतार उण कह्यो; म्हानै [इब्नुल मुबारक] बतायो है, बां कैयो; म्हानै [ममर] नै [अज जुहरी] सूं [रबिया बिन दरराज] सूं बतायो गयो है कै अली असर रै बाद दो रकात पढ़ी जिणसूं [उमर] नाराज हो अर कह्यो; 'कांई थनै ठा कोनी कै रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम म्हानै इण काम सूं मना कर दियो'।

Hadith

Imam Ahmad : 102

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا صَفْوَانُ حَدَّثَنَا شُرَيْحُ بْنُ عُبَيْدٍ قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ خَرَجْتُ أَتَعَرَّضُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَبْلَ أَنْ أُسْلِمَ فَوَجَدْتُهُ قَدْ سَبَقَنِي إِلَى الْمَسْجِدِ فَقُمْتُ خَلْفَهُ فَاسْتَفْتَحَ سُورَةَ الْحَاقَّةِ فَجَعَلْتُ أَعْجَبُ مِنْ تَأْلِيفِ الْقُرْآنِ قَالَ فَقُلْتُ هَذَا وَاللَّهِ شَاعِرٌ كَمَا قَالَتْ قُرَيْشٌ قَالَ فَقَرَأَ { إِنَّهُ لَقَوْلُ رَسُولٍ كَرِيمٍ وَمَا هُوَ بِقَوْلِ شَاعِرٍ قَلِيلًا مَا تُؤْمِنُونَ } قَالَ قُلْتُ كَاهِنٌ قَالَ { وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍ قَلِيلًا مَا تَذَكَّرُونَ تَنْزِيلٌ مِنْ رَبِّ الْعَالَمِينَ وَلَوْ تَقَوَّلَ عَلَيْنَا بَعْضَ الْأَقَاوِيلِ لَأَخَذْنَا مِنْهُ بِالْيَمِينِ ثُمَّ لَقَطَعْنَا مِنْهُ الْوَتِينَ فَمَا مِنْكُمْ مِنْ أَحَدٍ عَنْهُ حَاجِزِينَ } إِلَى آخِرِ السُّورَةِ قَالَ فَوَقَعَ الْإِسْلَامُ فِي قَلْبِي كُلَّ مَوْقِعٍ

म्हानै बतायो है [अबुल मुघिराह] म्हानै बतायो है [शफवान] म्हानै बतायो है [स्युरैह बिन उबैद] बो बोल्यो; [उमर बिन अल खथब] कह्यो; उमर आगै कैयो, "मैं इस्लाम धर्म अपनाबा सूं पैली पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं मुकाबलो करण नै निकळ्यो हो, पण म्हनै लाग्यो कै वो म्हारै सूं पैली मस्जिद मांय आयो हो अर मैं उणरै लारै खड़्यो हो, फेर वो अल हक्काह पत्र नै पढ़'र आपरी नमाज खोल दी जिणसूं मैं कुरान री संरचना नै देखर चकित रैयग्यो।" तो म्हैं कैयो; 'अल्लाह री कसम, ओ आदमी एक कवि है जियां कै कुरैश कैवै है,' उमर आगै कैयो; फेर बां आ आयत पढ़ी: 'वास्तव में, कुरान साचैई अल्लाह रो वासी है जिको महान रसूल माथै नाज्यो गयो हो। अर कुरान कवि रा सबद कोनी है, थनै इण माथै घणो कम भरोसो है' -QS अल हाका श्लोक 40-41-, उमर कह्यो; तो म्हैं कैयो; 'कवि' फेर बो पढ़्यो: 'अर ना ही भविष्यवक्तावां रा सबद। थै इणसूं घणो कम सीख सको हो। ओ ब्रह्माण्ड रै भगवान सूं भेज्योड़ो एक रहस्योद्घाटन है। जे वो -मुहम्मद- म्हारै -नाम- माथै कीं सबद बोलता तो म्हे उणनै साची-साची उणरै दांई हाथ मांय पकड़ लेता। फेर म्हे असल मांय दिल री डोर नै काट दी। तो थारै मांय सूं कोई भी म्हानै उण नस नै काटबा सूं नीं रोक सकै,' चिट्ठी रै अंत तांई उमर कैयो; 'फेर इस्लाम म्हारै दिल मांय डूबग्यो'।

Hadith

Imam Ahmad : 103

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ وَعِصَامُ بْنُ خَالِدٍ قَالَا حَدَّثَنَا صَفْوَانُ عَنْ شُرَيْحِ بْنِ عُبَيْدٍ وَرَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ وَغَيْرِهِمَا قَالُوا لَمَّا بَلَغَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ سَرَغَ حُدِّثَ أَنَّ بِالشَّامِ وَبَاءً شَدِيدًا قَالَ بَلَغَنِي أَنَّ شِدَّةَ الْوَبَاءِ فِي الشَّامِ فَقُلْتُ إِنْ أَدْرَكَنِي أَجَلِي وَأَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ الْجَرَّاحِ حَيٌّ اسْتَخْلَفْتُهُ فَإِنْ سَأَلَنِي اللَّهُ لِمَ اسْتَخْلَفْتَهُ عَلَى أُمَّةِ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قُلْتُ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَكَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ لِكُلِّ نَبِيٍّ أَمِينًا وَأَمِينِي أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ الْجَرَّاحِ فَأَنْكَرَ الْقَوْمُ ذَلِكَ وَقَالُوا مَا بَالُ عُلْيَا قُرَيْشٍ يَعْنُونَ بَنِي فِهْرٍ ثُمَّ قَالَ فَإِنْ أَدْرَكَنِي أَجَلِي وَقَدْ تُوُفِّيَ أَبُو عُبَيْدَةَ اسْتَخْلَفْتُ مُعَاذَ بْنَ جَبَلٍ فَإِنْ سَأَلَنِي رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ لِمَ اسْتَخْلَفْتَهُ قُلْتُ سَمِعْتُ رَسُولَكَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّهُ يُحْشَرُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ بَيْنَ يَدَيْ الْعُلَمَاءِ نَبْذَةً

म्हानै बतायो गयो है कै [अबुल मुघिराह] अर ['इशाम बिन खालिद] दोनूं ई कैयो; वां कैयो कै म्हानै [शफवान] नै [स्युरैह बिन उबैद] अर [रसीद बिन सद] अर दूजा लोगां सूं बतायो गयो है; जद [उमर] सरघ पूग्या, तो बांनै खबर मिली कै सीरिया रै मांय एक गंभीर महामारी फैली है, सो बां कैयो; 'म्हारै कनै खबर आई है कै सीरिया मांय एक गंभीर महामारी फैली है, सो म्हैं कैयो; 'अगर अबू उबैदा बिन जर्राह रै जीवता रैवतां ई म्हारै कनै मौत आवै तो म्हैं उणनै आपरो उत्तराधिकारी नियुक्त करूंला अर जे अल्लाह म्हारै सूं पूछैला; 'थै उणनै मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री उम्मत रै वास्तै आपरो उत्तराधिकारी क्यूं बणायो? ' मैं जवाब दूंला; 'वास्तव में, मैं थारै रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'वास्तव में, हरेक पैगम्बर रै वास्तै एक अमीन होवै है - एक इसो मिनख जिण माथै भरोसो करियो जावै - जदकै म्हारो अमीन अबू 'उबैदा बिन जर्राह' है। तो लोग इणनै नकार देवै है अर कैवै है; 'कुरैश अधिकारियां रै साथै कांई बुराई है?' वां रो मतलब बानी फिहरी हो, फेर उमर कह्यो; 'अगर अबू उबैदा रै मर्यां पछै मौत म्हारै कनै आवै तो म्हैं मुआदज बिन जबल नै नियुक्त करूंला अर जे म्हनै अल्लाह पूछैला; 'थै इणनै क्यूं ल्यायो? ' मैं जवाब दूंला; 'मैं थारै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'सचमुच वो क़ामत रै दिन एकला विद्वानां रै साथै भेळा होसी'।

Hadith

Imam Ahmad : 104

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا ابْنُ عَيَّاشٍ قَالَ حَدَّثَنِي الْأَوْزَاعِيُّ وَغَيْرُهُ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ وُلِدَ لِأَخِي أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غُلَامٌ فَسَمَّوْهُ الْوَلِيدَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَمَّيْتُمُوهُ بِأَسْمَاءِ فَرَاعِنَتِكُمْ لَيَكُونَنَّ فِي هَذِهِ الْأُمَّةِ رَجُلٌ يُقَالُ لَهُ الْوَلِيدُ لَهُوَ شَرٌّ عَلَى هَذِهِ الْأُمَّةِ مِنْ فِرْعَوْنَ لِقَوْمِهِ

म्हानै बतायो है [अबुल मुघिराह] म्हानै बतायो है [इब्न अय्यासी] बो बोल्यो; म्हानै [अल औजाई] अर दूजा लोगां नै बतायो है, [अज जुहरी] सूं [सैद बिन अल मुसैयब] सूं [उमर बिन अल खथब] सूं उण कैयो; 'पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी उम्म सलामा रै भाई सूं एक टाबर पैदा हुयो अर उणनै अल वालिद नाम दियो गयो, इण वास्तै पैगम्बर कह्यो: 'थे उणरो नाम आपरै फिरौनां रै नाम माथै राखो, साचाणी इण उम्मा मांय अल वालिद नाम रो आदमी होसी, साचाणी वो इण उम्मा रै वास्तै इण फरोह रै वास्तै बदतर है'।

Hadith

Imam Ahmad : 105

حَدَّثَنَا بَهْزٌ حَدَّثَنَا أَبَانُ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَبِى الْعَالِيَةِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ شَهِدَ عِنْدِي رِجَالٌ مَرْضِيُّونَ مِنْهُمْ عُمَرُ وَأَرْضَاهُمْ عِنْدِي عُمَرُ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقُولُ لَا صَلَاةَ بَعْدَ صَلَاةِ الْعَصْرِ حَتَّى تَغْرُبَ الشَّمْسُ وَلَا صَلَاةَ بَعْدَ صَلَاةِ الصُّبْحِ حَتَّى تَطْلُعَ الشَّمْسُ

म्हानै बतायो है [बहज] म्हानै बतायो है [अबन] नै [कतादाह] सूं [अबुल 'अलिया] सूं [इब्न अब्बास] उण कह्यो; मैं आपरै धन्य मित्रां रै सागै गवाही दी है, जिण मांय सूं [उमर] है, अर जिण सूं म्हैं सबसूं ज्यादा राजी हूं वो उमर है, कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कैयो है कै 'सूर री नमाज रै पछै सूरज ढलण तांई कोई नमाज नीं है अर फजर री नमाज रै पछै सूरज उगबा तांई कोई नमाज नीं है'।

Hadith

Imam Ahmad : 106

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا صَفْوَانُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ عَنِ الْحَارِثِ بْنِ مُعَاوِيَةَ الْكِنْدِيِّ أَنَّهُ رَكِبَ إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَسْأَلُهُ عَنْ ثَلَاثِ خِلَالٍ قَالَ فَقَدِمَ الْمَدِينَةَ فَسَأَلَهُ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ مَا أَقْدَمَكَ قَالَ لِأَسْأَلَكَ عَنْ ثَلَاثِ خِلَالٍ قَالَ وَمَا هُنَّ قَالَ رُبَّمَا كُنْتُ أَنَا وَالْمَرْأَةُ فِي بِنَاءٍ ضَيِّقٍ فَتَحْضُرُ الصَّلَاةُ فَإِنْ صَلَّيْتُ أَنَا وَهِيَ كَانَتْ بِحِذَائِي وَإِنْ صَلَّتْ خَلْفِي خَرَجَتْ مِنْ الْبِنَاءِ فَقَالَ عُمَرُ تَسْتُرُ بَيْنَكَ وَبَيْنَهَا بِثَوْبٍ ثُمَّ تُصَلِّي بِحِذَائِكَ إِنْ شِئْتَ وَعَنْ الرَّكْعَتَيْنِ بَعْدَ الْعَصْرِ فَقَالَ نَهَانِي عَنْهُمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ وَعَنْ الْقَصَصِ فَإِنَّهُمْ أَرَادُونِي عَلَى الْقَصَصِ فَقَالَ مَا شِئْتَ كَأَنَّهُ كَرِهَ أَنْ يَمْنَعَهُ قَالَ إِنَّمَا أَرَدْتُ أَنْ أَنْتَهِيَ إِلَى قَوْلِكَ قَالَ أَخْشَى عَلَيْكَ أَنْ تَقُصَّ فَتَرْتَفِعَ عَلَيْهِمْ فِي نَفْسِكَ ثُمَّ تَقُصَّ فَتَرْتَفِعَ حَتَّى يُخَيَّلَ إِلَيْكَ أَنَّكَ فَوْقَهُمْ بِمَنْزِلَةِ الثُّرَيَّا فَيَضَعَكَ اللَّهُ تَحْتَ أَقْدَامِهِمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ بِقَدْرِ ذَلِكَ

म्हानै बतायो है [अबुल मुघिराह] म्हानै बतायो है [शफवान] म्हानै [अब्दुर्रहमान बिन जुबैर बिन नुफैर] नै [अल हरित्स बिन मुआविया अल किंदी] सूं बतायो है कै वो उमर रै कनै तीन बातां पूछबा रै वास्तै एक वाहन चलायो हो, उण कैयो; सो जद वो मदीना पूग्यो तो उमर उणसूं पूछ्यो; 'थनै अठै कांई ल्यायो है?' उण जवाब दियो; 'थां सूं तीन बातां पूछण सारू,' उमर पूछ्यो; 'वो तीन चीजां कांई है?' उण जवाब दियो; 'ओ हो सकै है कै कोई लुगाई अर म्हैं एक संकरी इमारत मांय हां, फेर प्रार्थना रो बगत आवै, जे वा अर म्हैं साथै प्रार्थना करां तो वा म्हारै जिसी ई स्तर माथै है, अर जे वा म्हारै लारै प्रार्थना करै तो वा इमारत नै छोड़ देवै?' तो उमर जवाब दियो; 'आप अर उणरै बिचाळै एक कपड़ा सूं एक बाधा बणाओ, फेर जे थै चावो तो वो थारै कनै प्रार्थना करैला'। -अर दूजो है- असर री नमाज रै पछै दो रकात पढ़बा रै बारै में?' तो [उमर] जवाब दियो; 'अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम म्हानै इणनै अंजाम देवण सूं मना कर दियो है'। -अर तीजो है- कहाणी नै चुनौती देवो - एक परी कथा-, वे चावै है कै म्हैं एक कहाणी सुणाऊं,' फेर उमर जवाब दियो; 'सो थां'पर है'। जाणै बो इणनै मना करणो नीं चावै हो, अल हरिथ बोल्यो; 'मैं तो बस थारी राय बताणी चावतो हो,' उमर बोल्यो; 'म्हानै डर है कै थै कहाणियां सुणाओला अर पछै बां माथै घमण्ड करोला, पछै कहाणियां सुणाओला अर थैं घमण्डी हो जावोला, जिणसूं थैं अमीर लोगां रै पद री तरै बां सूं ऊपर हो, इण वास्तै अल्लाह थानै थारी कल्पना रै मुजब क़ामत रै दिन बां रै पगां रै तळै राख देला'।

Hadith

Imam Ahmad : 107

حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ أَبِي حَمْزَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنِ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ أَخْبَرَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ يَنْهَاكُمْ أَنْ تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ قَالَ عُمَرُ فَوَاللَّهِ مَا حَلَفْتُ بِهَا مُنْذُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْهَا وَلَا تَكَلَّمْتُ بِهَا ذَاكِرًا وَلَا آثِرًا

म्हानै [बिसिर बिन स्यूएब बिन अबू हमजाह] बतार बां कैयो; [अज जुहरी] सूं म्हनैं [म्हारै पिताजी] बतार बां कैयो; म्हानै [सलीम बिन अब्दुल्लाह] बतायो है कै [अब्दुल्लाह बिन उमर] उणनै बतायो है, कै [उमर बिन अल खथब] कह्यो है; मैं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'वास्तव में अल्लाह थानै थारै पिता रै नाम सूं कसम खावण सूं मना कर दियो है'। उमर कह्यो; 'तो अल्लाह री कसम, जद सूं म्हैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम सूं मना करै, चायै याद करण री स्थिति में हुवै या नीं याद करण री स्थिति में' सुणी है, जद सूं म्हैं आ कसम नीं खाई है।

Hadith

Imam Ahmad : 108

حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَحُذَيْفَةَ بْنِ الْيَمَانِ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَأْخُذْ مِنْ الْخَيْلِ وَالرَّقِيقِ صَدَقَةً

म्हानै [अबुल यमन] बतायो गयो है [अबू बकर बिन अब्दुल्ला] नै [रसीद बिन सद] सूं [उमर बिन अल खथब] अर [हुजैफा बिन अल यामन] बतायो गयो है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम घोड़ां अर गुलामां सूं जकात कोनी ली'।

Hadith

Imam Ahmad : 109

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ إِسْحَاقَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ يَعْنِي ابْنَ الْمُبَارَكِ أَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سُوقَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ خَطَبَ النَّاسَ بِالْجَابِيَةِ فَقَالَ قَامَ فِينَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَ مَقَامِي فِيكُمْ فَقَالَ اسْتَوْصُوا بِأَصْحَابِي خَيْرًا ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ ثُمَّ يَفْشُو الْكَذِبُ حَتَّى إِنَّ الرَّجُلَ لَيَبْتَدِئُ بِالشَّهَادَةِ قَبْلَ أَنْ يُسْأَلَهَا فَمَنْ أَرَادَ مِنْكُمْ بَحْبَحَةَ الْجَنَّةِ فَلْيَلْزَمْ الْجَمَاعَةَ فَإِنَّ الشَّيْطَانَ مَعَ الْوَاحِدِ وَهُوَ مِنْ الِاثْنَيْنِ أَبْعَدُ لَا يَخْلُوَنَّ أَحَدُكُمْ بِامْرَأَةٍ فَإِنَّ الشَّيْطَانَ ثَالِثُهُمَا وَمَنْ سَرَّتْهُ حَسَنَتُهُ وَسَاءَتْهُ سَيِّئَتُهُ فَهُوَ مُؤْمِنٌ

म्हानै बतायो है [अली बिन इशाक] म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह, यानी इब्नुल मुबारक] म्हानै [मुहम्मद बिन सुकाह] नै [अब्दुल्ला बिन दीनार] सूं [इब्न उमर] बतायो है कै [उमर बिन अल खथथब] दमिश्क रै एक गांव में जाबिया रै लोगां रै साम्हीं प्रचार करियो अर कैयो; 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम म्हारे सामै खड़ा होया जस्यान मैं थारे सामै खड़ा होया, फेर बोल्या: 'मेरे साथियां की भलाई तै तारीफ करो, फेर उनकै पाछै आण आळे, फेर पाछै आण आळे, फेर इसके बाद झूठ फैल ज्यागा, जिसतै एक आदमी उसनै पूछण तै पहल्यां ही गवाही देण लाग ज्यागा, तो जो भी स्वर्ग की गंध सूंघणा चाहवै है, वो उस शैतान तै चिपक जावै क्यूंकि शैतान मैं जो शैतान सै, उसनै चिपकणा चाहिये। अकेलो है, जदकै दो लोगां सूं वो दूर रैसी, आपां मांय सूं किणी नै भी किणी लुगाई रै साथै अकेलो मत रैवण दो - जिकी उणरो महरम नीं है - क्यूंकै शैतान तीजो मिनख है, सो जिको ई आपरै भलै कामां माथै गर्व करै अर आपरै बुरै कामां सूं दुखी हुवै बो आस्तिक है'।

Hadith

Imam Ahmad : 110

حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ عَنْ حَكِيمِ بْنِ عُمَيْرٍ وَضَمْرَةَ بْنِ حَبِيبٍ قَالَا قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ مَنْ سَرَّهُ أَنْ يَنْظُرَ إِلَى هَدْيِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلْيَنْظُرْ إِلَى هَدْيِ عَمْرِو بْنِ الْأَسْوَدِ

म्हानै बतायो है [अबुल यामन] म्हानै बतायो है [अबू बकर] नै [हकीम बिन उमैर] अर [डलामराह बिन हबीब] दोनूं कैयो है; [उमर बिन अल खथब] कह्यो; 'जिणनै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रो मार्गदर्शन देखणो है तो 'अमरू बिन असवाद' रो मार्गदर्शन देखो।

Hadith

Imam Ahmad : 111

حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ مَوْلَى بَنِي هَاشِمٍ قَالَ حَدَّثَنَا زَائِدَةُ حَدَّثَنَا سِمَاكٌ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ قَالَ عُمَرُ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي رَكْبٍ فَقَالَ رَجُلٌ لَا وَأَبِي فَقَالَ رَجُلٌ لَا تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ فَالْتَفَتُّ فَإِذَا هُوَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

म्हानै [अबू सईद, बानी हाशिम रो एक पूर्व दास] बतार उण कह्यो; म्हानै बतायो है [जैदा] म्हानै बतायो है [सुणो] [इकरीमा] सूं [श्रीमती अब्बास] वा कैयो; [उमर] कह्यो; म्हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै सागै एक समूह रै मांय हा, फेर एक आदमी बोल्यो; 'नीं, म्हारै पिताजी रै वास्तै'। फेर एक दूजो आदमी हो जिको जवाब दियो, 'थारै पिता रै नाम री कसम मत ले!' जद म्हैं पाछो मुड़्यो तो ठाह लाग्यो कै जिको आदमी जवाब दियो बो पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' हो।

Hadith

Imam Ahmad : 112

حَدَّثَنَا عِصَامُ بْنُ خَالِدٍ وَأَبُو الْيَمَانِ قَالَا أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ عَنِ الزُّهْرِيِّ قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ لَمَّا تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ أَبُو بَكْرٍ بَعْدَهُ وَكَفَرَ مَنْ كَفَرَ مِنْ الْعَرَبِ قَالَ عُمَرُ يَا أَبَا بَكْرٍ كَيْفَ تُقَاتِلُ النَّاسَ وَقَدْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُمِرْتُ أَنْ أُقَاتِلَ النَّاسَ حَتَّى يَقُولُوا لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ فَمَنْ قَالَ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ فَقَدْ عَصَمَ مِنِّي مَالَهُ وَنَفْسَهُ إِلَّا بِحَقِّهِ وَحِسَابُهُ عَلَى اللَّهِ تَعَالَى قَالَ أَبُو بَكْرٍ وَاللَّهِ لَأُقَاتِلَنَّ قَالَ أَبُو الْيَمَانِ لَأَقْتُلَنَّ مَنْ فَرَّقَ بَيْنَ الصَّلَاةِ وَالزَّكَاةِ فَإِنَّ الزَّكَاةَ حَقُّ الْمَالِ وَاللَّهِ لَوْ مَنَعُونِي عَنَاقًا كَانُوا يُؤَدُّونَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَقَاتَلْتُهُمْ عَلَى مَنْعِهَا قَالَ عُمَرُ فَوَاللَّهِ مَا هُوَ إِلَّا أَنْ رَأَيْتُ أَنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ قَدْ شَرَحَ صَدْرَ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ لِلْقِتَالِ فَعَرَفْتُ أَنَّهُ الْحَقُّ

म्हानै बतायो गयो है कै ['इशाम बिन खालिद] अर [अबुल यमन] दोनूं ई कैयो; म्हानै [स्यूअैब बिन अबू हमजाह] नै [अज जुहरी] सूं सूचित करियो है, उण कैयो; म्हानै [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] बतायो है, कै [अबू हुरैराह] कह्यो; जद रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री मौत हुई अर बाद में अबू बकर उणरा उत्तराधिकारी बणग्या, तो कई अरब काफिर होग्या, [उमर] कह्यो; 'हे अबू बकर, थै बां सूं कियां लड़िया जद अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो हो: 'मनै लोगां सूं लड़बा रो हुकम दियो गयो हो जद तांई कै वै ला इलाहा इलालाह नीं कैवै - अल्लाह रै अलावा कोई भी भगवान नीं है जिको पूजा करण जोग है -, फेर जिको भी ला इलाहा इलालाह कैवै है उणरो मतलब है कै वो आपरी आत्मा अर अपणी आत्मा सूं आपरी संपत्ति री रक्षा कर चुक्यो है। गणना अल्लाह तआला रै हवालै कर दी जावै है। [अबू बकर] जवाब दियो; 'अल्लाह री कसम, मैं जरूर लड़ूंला'। अबुल यामन कह्यो; 'मैं निश्चित रूप सूं वां लोगां नै मार दूंला जका नमाज अर जकात रै हुकमां रै बीच भेद करै है, क्यूंकै जकात हकदार संपत्ति है, अल्लाह री कसम, जे वे म्हारै कनै जकात सौंपण ​​सूं मना कर देवैला, वो भी एक रस्सी रो टुकड़ो जिणनै वे एक बार अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै सौंप दियो हो, तो मैं निश्चित रूप सूं वांरै मना करण रै कारण वां सूं लड़ूंला।' उमर कह्यो; 'तो अल्लाह री कसम, म्हैं इणरै अलावा नीं देख्यो कै अल्लाह अबू बकर रो दिल लड़बा रै वास्तै खोल दियो हो, अर म्हैं ओ भी जाणतो हो कै ओ सांच है'।

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Imam Ahmad : 113

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ شُعَيْبٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا صَلَاةَ بَعْدَ صَلَاةِ الصُّبْحِ إِلَى طُلُوعِ الشَّمْسِ وَلَا بَعْدَ الْعَصْرِ حَتَّى تَغِيبَ الشَّمْسُ

म्हानै [अबुल मुगीराह] बतायो गयो है [अल औजाई] म्हानै बतायो गयो है [अमरू बिन स्यूएब] [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अल आश] सूं [उमर बिन अल खथथब] सूं, कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'नमाज रै बाद नीं है, अर सूरज उठै तांई असर री नमाज रै पछै सूरज ढलबा तांई कोई नमाज कोनी होवै।

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Imam Ahmad : 114

حَدَّثَنَا الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ حَدَّثَنَا ابْنُ عَيَّاشٍ عَنْ أَبِي سَبَإٍ عُتْبَةَ بْنِ تَمِيمٍ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ عَامِرٍ الْيَزَنِيِّ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ مُغِيثٍ الْأَنْصَارِيِّ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ قَضَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ صَاحِبَ الدَّابَّةِ أَحَقُّ بِصَدْرِهَا

म्हानै बतायो है [अल हाकम बिन नफी'] म्हानै बतायो है [इब्नू 'अय्यासी] नै [अबू साबा' 'उत्बाह बिन तमीम] सूं [अल वालिद बिन 'अमीर अल यजानी] सूं ['उर्वाह बिन मुगित्स अल अंसारी] सूं [उमर बिन अल खथब], उण कैयो; 'पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम फैसलो कर लियो कै पशु मालिकां नै आपरै स्तनां माथै ज्यादा अधिकार है'।

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Imam Ahmad : 115

حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ حُمْرَةَ بْنِ عَبْدِ كُلَالٍ قَالَ سَارَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ إِلَى الشَّامِ بَعْدَ مَسِيرِهِ الْأَوَّلِ كَانَ إِلَيْهَا حَتَّى إِذَا شَارَفَهَا بَلَغَهُ وَمَنْ مَعَهُ أَنَّ الطَّاعُونَ فَاشٍ فِيهَا فَقَالَ لَهُ أَصْحَابُهُ ارْجِعْ وَلَا تَقَحَّمْ عَلَيْهِ فَلَوْ نَزَلْتَهَا وَهُوَ بِهَا لَمْ نَرَ لَكَ الشُّخُوصَ عَنْهَا فَانْصَرَفَ رَاجِعًا إِلَى الْمَدِينَةِ فَعَرَّسَ مِنْ لَيْلَتِهِ تِلْكَ وَأَنَا أَقْرَبُ الْقَوْمِ مِنْهُ فَلَمَّا انْبَعَثَ انْبَعَثْتُ مَعَهُ فِي أَثَرِهِ فَسَمِعْتُهُ يَقُولُ رَدُّونِي عَنْ الشَّامِ بَعْدَ أَنْ شَارَفْتُ عَلَيْهِ لِأَنَّ الطَّاعُونَ فِيهِ أَلَا وَمَا مُنْصَرَفِي عَنْهُ مُؤَخِّرٌ فِي أَجَلِي وَمَا كَانَ قُدُومِيهِ مُعَجِّلِي عَنْ أَجَلِي أَلَا وَلَوْ قَدْ قَدِمْتُ الْمَدِينَةَ فَفَرَغْتُ مِنْ حَاجَاتٍ لَا بُدَّ لِي مِنْهَا لَقَدْ سِرْتُ حَتَّى أَدْخُلَ الشَّامَ ثُمَّ أَنْزِلَ حِمْصَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَيَبْعَثَنَّ اللَّهُ مِنْهَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ سَبْعِينَ أَلْفًا لَا حِسَابَ عَلَيْهِمْ وَلَا عَذَابَ عَلَيْهِمْ مَبْعَثُهُمْ فِيمَا بَيْنَ الزَّيْتُونِ وَحَائِطِهَا فِي الْبَرْثِ الْأَحْمَرِ مِنْهَا

म्हानै बतायो है [अबुल यामन अल हकाम बिन नफी'] म्हानै बतायो है [अबू बकर बिन अब्दुल्ला] नै [रसीद बिन सद] सूं [हमजाह बिन अबदी कुलाल] सूं वो बोल्यो; [उमर बिन अल खथब] वठै री पैली यात्रा रै बाद शाम री तरफ चाल पड़्या, जद वै लगभग नजीक आ रैया हा, तो बां नै अर बां रै साथै रै लोगां नै खबर आई कै थाउन री बीमारी बठै फैल री है, सो बां रा दोस्त बां नै कैयो; 'पाछै जावो अर बठै मत जावो, जे थै बठै ई रुको जद तांई प्लेग अजै ई है, तो म्हांनै थारै वास्तै कोई जगां कोनी दीखै जिण मांय थै इणसूं शरण ले सको'। तो उमर मदीना रै घरां पाछो आयो अर उण रात नै आराम करियो, अर म्हैं उणरै सबसूं नजीक रो आदमी हो, जद बो उठ्यो तो म्हैं उठ्यो अर उणरै लारै-लारै चाल्यो, फेर म्हैं उणनै कैता सुण्यो; 'वां म्हनैं सीरिया सूं पाछो ल्याया जद म्हैं उणरै नैड़ै हो, क्यूंकै वठै ताऊन महामारी फैलगी ही, जाण ल्यो कै वठै सूं पाछो आबा रो ओ मतलब कोनी कै म्हैं म्हारी मौत नैं समाप्त कर सकूं अर नीं ई म्हारै वठै आवण रो मतलब है कै म्हैं म्हारी मौत नैं जल्दी कर सकूं, जाण ल्यो कै जे म्हैं मदीना पूगग्यो हूं अर म्हैं म्हारी जरूरतां नैं पूरी कर ली है जिणनैं म्हैं पूरी करणी है, तो म्हैं सीरिया री धरती मांय प्रवेश करण तांई निश्चित रूप सूं चालूंला, अर हिशाम माथै रुक जाऊंला। तथ्य म्हैं अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुण्यो है: 'अल्लाह रै रसूल रै दिन सत्तर हजार लोगां नै बिना हिसाब अर बिना किणी सजा रै पाळैला, जठै वे पाळैला, वा जगां लाल समतल जमीन माथै जैतून रै पेड़ अर उणरै बाग रै बीच होसी'।

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Imam Ahmad : 116

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ أَخْبَرَنَا حَيْوَةُ أَخْبَرَنَا أَبُو عَقِيلٍ عَنِ ابْنِ عَمِّهِ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ أَنَّهُ خَرَجَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي غَزْوَةِ تَبُوكَ فَجَلَسَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمًا يُحَدِّثُ أَصْحَابَهُ فَقَالَ مَنْ قَامَ إِذَا اسْتَقَلَّتْ الشَّمْسُ فَتَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ قَامَ فَصَلَّى رَكْعَتَيْنِ غُفِرَ لَهُ خَطَايَاهُ فَكَانَ كَمَا وَلَدَتْهُ أُمُّهُ قَالَ عُقْبَةُ بْنُ عَامِرٍ فَقُلْتُ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي رَزَقَنِي أَنْ أَسْمَعَ هَذَا مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لِي عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَكَانَ تُجَاهِي جَالِسًا أَتَعْجَبُ مِنْ هَذَا فَقَدْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَعْجَبَ مِنْ هَذَا قَبْلَ أَنْ تَأْتِيَ فَقُلْتُ وَمَا ذَاكَ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي فَقَالَ عُمَرُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ تَوَضَّأَ فَأَحْسَنَ الْوُضُوءَ ثُمَّ رَفَعَ نَظَرَهُ إِلَى السَّمَاءِ فَقَالَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ فُتِحَتْ لَهُ ثَمَانِيَةُ أَبْوَابِ الْجَنَّةِ يَدْخُلُ مِنْ أَيِّهَا شَاءَ

म्हानै बतायो है [अब्दुल्लाह बिन यजीद] म्हानै बतायो है [हैवाह] म्हानै [अबू 'अकील] [उणरै चाचा रै बेटै] सूं [उकबा बिन अमीर] सूं बतायो है कै वो रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै साथै तबुक री लड़ाई में निकळ्यो हो, फेर एक दिन रसूलल्लाह वसल्लल्लाह वसल्लल्लाह वसल्लल्लाम तेरहुल्लाह वसल्लम नै तेरहुल्लाहुल्लाहल्लाम कर दियो हो, कह्यो: 'जो कोई भी सूरज उगबा माथै उठैला अर फेर वजू करैला अर वजू पूरा करैला, फेर दो रकात री नमाज पढ़ैला, तो उणरी गलतियां माफ हो जावैला जियां कै उणरी मां उणनै जलम दियो हो'। उकबा बिन अमीर कह्यो; 'अल हमदुलिल्लाह -सगळी स्तुति अल्लाह री है- जिणनै म्हनै रोजाना दियो है ताकि मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं आ बात सुण सकूं, फेर [उमर बिन अल खथब] म्हनै कह्यो अर वो म्हारै साम्हीं बैठग्यो; 'कांई थै इण बात सूं हैरान हो, भलांई रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम थारै आवा सूं पैली इणसूं भी ज्यादा अचरज री बात कैयी ही,' म्हैं पूछ्यो; 'ओ कांई है, म्हारा पिता अर माता रै वास्तै मैं फिरौती रै रूप मांय त्यार हूं?' तो उमर जवाब दियो; 'अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जो कोई वजू लेवै है अर आपरो वजू पूरो करै है, तो बांचता थकां आपरी निजरां आकास री तरफ उठावै है; 'अश्हादु अनला इलाहा इलाल्लाहु वह्दहुला स्यारीकलाहु व अश्हादु अन्ना मुहम्मदन 'अब्दुहु वारसुलुहु -मैं गवाही देवूं हूं कै अल्लाह सर्वशक्तिमान रै अलावा कोई भी भगवान नीं है जिको पूजा करण जोग है, जिणरै कोई साथी कोनी है, अर मैं गवाही देवूं हूं कै मुहम्मद उणरा सेवक अर दूत है, इण वास्तै स्वर्ग रा आठ दरवाजा उणरै सामी खुल जावैला। अर वो जिण दरवाजै सूं चावै उण दरवाजै सूं प्रवेश करैला।

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Imam Ahmad : 117

حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ يَعْنِي أَبَا دَاوُدَ الطَّيَالِسِيَّ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ دَاوُدَ الْأَوْدِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمُسْلِيِّ عَنِ الْأَشْعَثِ بْنِ قَيْسٍ قَالَ ضِفْتُ عُمَرَ فَتَنَاوَلَ امْرَأَتَهُ فَضَرَبَهَا وَقَالَ يَا أَشْعَثُ احْفَظْ عَنِّي ثَلَاثًا حَفِظْتُهُنَّ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسْأَلْ الرَّجُلَ فِيمَ ضَرَبَ امْرَأَتَهُ وَلَا تَنَمْ إِلَّا عَلَى وَتْرٍ وَنَسِيتُ الثَّالِثَةَ

म्हानै [सुलेमान बिन दाउद, अर्थात अबू दाउद अठ थयालिसी] बतार उण कैयो; म्हानै [अबू 'अवाना] नै [दाउद अल 'ऑदी] सूं [अब्दुर्रहमान अस सुलामी] सूं [अस्यात बिन कैस] सूं बतायो है; मैं [उमर] सूं मिलण गयो फेर उण आपरी घरआळी नै पकड़ ली अर उणनै मार दियो अर वा कैयो; 'हे अशततां म्हारै सूं तीन बातां राखो जिकी म्हैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं रट ली है 'किणी सूं मत पूछो कै बो आपरी घरआळी नै क्यूं मार्यो, वित्र री नमाज पढ़्यां पछै नीं सोवो' अर म्हैं तीजी बात भूलग्यो'।

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Imam Ahmad : 118

حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا يَزِيدُ يَعْنِي الرِّشْكَ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ أُمِّ عَمْرٍو ابْنَةِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهَا سَمِعَتْ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ يَقُولُ سَمِعَتْ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقُولُ فِي خُطْبَتِهِ إِنَّهُ سَمِعَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ يَلْبَسْ الْحَرِيرَ فِي الدُّنْيَا فَلَا يُكْسَاهُ فِي الْآخِرَةِ

म्हानै बतायो है [अब्दुश शमाद] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] म्हानै बतायो है [यजीद यानी अर रिसिक] नै [मुआदजाह] सूं [उम्मू अमरू, अब्दुल्ला री बेटी] कै उणनै एक बार [अब्दुल्लाह बिन जुबैर] नै कैता सुण्यो हो; मैं [उमर बिन अल खथब] नै आपरै उपदेश रै मांय कैता सुण्यो है; कि उण अल्लाह रै रसूल नै कैता सुण्यो: 'जो भी इण दुनिया मांय रेशम रा कपड़ा पैरैला, वो परलोक मांय रेशम रा कपड़ा नीं पैरैला'।

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Imam Ahmad : 119

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ إِسْحَاقَ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَ أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَيَسِيرَنَّ الرَّاكِبُ فِي جَنَبَاتِ الْمَدِينَةِ ثُمَّ لَيَقُولُ لَقَدْ كَانَ فِي هَذَا حَاضِرٌ مِنْ الْمُؤْمِنِينَ كَثِيرٌ قَالَ أَبِي أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ وَلَمْ يَجُزْ بِهِ حَسَنٌ الْأَشْيَبُ جَابِرًا

म्हानै बतायो है [यह्या बिन इशाक] म्हानै बतायो है [इब्न लाहिआह] सूं [अबू अज जुबैर] सूं [जाबिर] बो बोल्यो; म्हनैं [उमर बिन अल खथब] बतायो है, बां कैयो; मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो: 'वास्तव में एक सवार होसी जको मदीना रै बारै चालैला अर पछै कैवैला; 'अठै घणा आस्तिक रैवता हा'। अब्दुल्ला कह्यो; म्हारा पिता अहमद बिन हमबल कह्यो; 'अर हसन अल असी-याब जाबीर नै इण हदीस रै साथै डिप्लोमा कोनी दियो'।

Hadith

Imam Ahmad : 120

حَدَّثَنَا هَارُونُ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ أَنَّ عُمَرَ بْنَ السَّائِبِ حَدَّثَهُ أَنَّ الْقَاسِمَ بْنَ أَبِي الْقَاسِمِ السَّبَئِيَّ حَدَّثَهُ عَنْ قَاصِّ الْأَجْنَادِ بِالْقُسْطَنْطِينِيَّةِ أَنَّهُ سَمِعَهُ يُحَدِّثُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ كَانَ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ فَلَا يَقْعُدَنَّ عَلَى مَائِدَةٍ يُدَارُ عَلَيْهَا بِالْخَمْرِ وَمَنْ كَانَ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ فَلَا يَدْخُلْ الْحَمَّامَ إِلَّا بِإِزَارٍ وَمَنْ كَانَتْ تُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ فَلَا تَدْخُلْ الْحَمَّامَ

म्हानै बतायो है [हारून] म्हानै बतायो है [इब्नू वहाब] म्हानै बतायो है ['अमरू बिन अल हरिथ] कै [उमर बिन अस साईब] उणनै बतायो है, कै [अल कासिम बिन अबुल कासिम अस सबाई] उणनै कांस्टेंटिनोपल -तुर्की रै [कास अल अजनाद] सूं बतायो है, कै उण उणनै बतायो है कै [उमर बिन अल बिनथ] कैयो है; हे लोगां, म्हैं अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुण्यो है: 'जो कोई भी अल्लाह अर आखरी दिन माथै विस्वास करै है, वो दारू रै घेरै मांय भोज मांय नीं बैठै, अर जो भी आदमी है जिको अल्लाह अर आखरी दिन माथै विस्वास करै है, वो सार्वजनिक बाथरूम मांय नीं जावै जद तांई कै वो एक चीज नीं पैहरियोड़ो है - जो कोई भी सरोंग अर आखरी दिन माथै विस्वास करै है। अल्लाह अर आखरी दिन नै सार्वजनिक बाथरूम मांय नीं जाणो चाइजै।