Imam Ahmad : 81
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ كُلَيْبٍ قَالَ قَالَ أَبِي فَحَدَّثَنَا بِهِ ابْنُ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ وَمَا أَعْجَبَكَ مِنْ ذَلِكَ كَانَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ إِذَا دَعَا الْأَشْيَاخَ مِنْ أَصْحَابِ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعَانِي مَعَهُمْ فَقَالَ لَا تَتَكَلَّمْ حَتَّى يَتَكَلَّمُوا قَالَ فَدَعَانَا ذَاتَ يَوْمٍ أَوْ ذَاتَ لَيْلَةٍ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ مَا قَدْ عَلِمْتُمْ فَالْتَمِسُوهَا فِي الْعَشْرِ الْأَوَاخِرِ وِتْرًا فَفِي أَيِّ الْوِتْرِ تَرَوْنَهَا
म्हानै बतायो है ['अफ्फान] म्हानै बतायो है [अब्दुल वाहिद बिन जियाद] बो बोल्यो; म्हानै बतार ['अशिम बिन कुलैब] उण कैयो; [म्हारा पिताजी] कह्यो है; वां हदीस [इब्न अब्बास] सूं म्हानै बतायो है; 'एक बात जो थानै घणी हैरान कर देगी वा या है कै [उमर] जद मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै साथियां मांय सूं बुजुर्गां नै बुलाया तो बां म्हनै भी बां रै सागै बुलाया अर कह्यो; 'जद तांई वे नीं कैवैला, थै नीं बोलोला'। सो एक दिन या रात म्हांनै बुलायो अर कह्यो; 'वास्तव में, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम लैलतुल कादर रै बारै में कैयो है जियां कै थै पैली सूं ई जाणौ हो, सो लारला दस विषम दिनां री रातां अर उण बगत जिणनै थै विषम समझो हो, इण री जासूसी करो'।
Imam Ahmad : 82
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ عَاصِمَ بْنَ عَمْرٍو الْبَجَلِيَّ يُحَدِّثُ عَنْ رَجُلٍ مِنْ الْقَوْمِ الَّذِينَ سَأَلُوا عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ فَقَالُوا لَهُ إِنَّمَا أَتَيْنَاكَ نَسْأَلُكَ عَنْ ثَلَاثٍ عَنْ صَلَاةِ الرَّجُلِ فِي بَيْتِهِ تَطَوُّعًا وَعَنْ الْغُسْلِ مِنْ الْجَنَابَةِ وَعَنْ الرَّجُلِ مَا يَصْلُحُ لَهُ مِنْ امْرَأَتِهِ إِذَا كَانَتْ حَائِضًا فَقَالَ أَسُحَّارٌ أَنْتُمْ لَقَدْ سَأَلْتُمُونِي عَنْ شَيْءٍ مَا سَأَلَنِي عَنْهُ أَحَدٌ مُنْذُ سَأَلْتُ عَنْهُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ صَلَاةُ الرَّجُلِ فِي بَيْتِهِ تَطَوُّعًا نُورٌ فَمَنْ شَاءَ نَوَّرَ بَيْتَهُ وَقَالَ فِي الْغُسْلِ مِنْ الْجَنَابَةِ يَغْسِلُ فَرْجَهُ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ ثُمَّ يُفِيضُ عَلَى رَأْسِهِ ثَلَاثًا وَقَالَ فِي الْحَائِضِ لَهُ مَا فَوْقَ الْإِزَارِ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन जाफर] म्हानै बतायो है [स्यूबाह] बो बोल्यो; मैं ['अशिम बिन 'अमरू अल बजाली] नै [एक आदमी] सूं एक कहानी सुणाई जिणनै लोगां रै एक समूह रै मांय सूं देख्यो जिणनै [उमर बिन अल खथब] सूं पूछ्यो; 'म्हे थारै कनै फगत तीन बातां पूछबा नै आया हां; घर रै मांय आदमी री सुन्नत री नमाजां रै बारै मांय, जुनब सूं नहाबा रै बारै मांय अर मासिक धर्म री लुगाई सूं आदमी रै वास्तै कांई जायज है, इण बाबत'। तो उमर जवाब दियो; 'थै जादूगर हो, थै मन्नै असी बात पूछी है जिणनै म्हैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो है, जद सूं कोई नीं पूछ्यो है?' डाका बो बोल्यो; 'आदमी री सुन्नत री नमाज घर मांय हळकी हुवै, सो जिण री इच्छा हुवै, उणरो घर हळको हुवै'। अर बो जुनब सूं नहाबा रै बारै में बतायो; 'थनै आपरा गुप्तांगां नै धोणो चाइजै अर फेर वजू लेणो चाइजै अर पछै आपरै सिर माथै तीन बार पाणी न्हाखणो चाइजै' अर बां आपरी घरआळी रै बारै में बतायो जिणनै मासिक धर्म हो रैयो हो; 'उणरै वास्तै वो है जो कपड़ा माथै है -फरजी रै अलावा-'।
Imam Ahmad : 83
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنِ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُ قَالَ رَأَيْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ يَمْسَحُ عَلَى خُفَّيْهِ بِالْعِرَاقِ حِينَ يَتَوَضَّأُ فَأَنْكَرْتُ ذَلِكَ عَلَيْهِ قَالَ فَلَمَّا اجْتَمَعْنَا عِنْدَ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ لِي سَلْ أَبَاكَ عَمَّا أَنْكَرْتَ عَلَيَّ مِنْ مَسْحِ الْخُفَّيْنِ قَالَ فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ إِذَا حَدَّثَكَ سَعْدٌ بِشَيْءٍ فَلَا تَرُدَّ عَلَيْهِ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ
म्हानै बतायो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानै बतायो है [इब्न लाहीआ] नै [अबू अन नडलर] सूं [अबू सलामा] सूं [इब्न उमर] कै उण कैयो; मैं [सद बिन अबी वक्कास] नै इराक रै मांय वजू लेता बगत आपरा दो खूफ पोंछता देख्यो, फेर मैं इणनै नकार दियो, सो जद म्हे [उमर बिन अल खथथब] रै कनै भेळा हुया तो बां कैयो; 'आपरै पिताजी सूं पूछो कै थै म्हनै खूफ पोंछबा रै बारै में कांई मना कर दियो हो'। तो म्हैं उणनै इण बाबत बतायो अर बो जवाब दियो; 'अगर सद थानै कीं बतावै है तो इणनै नकार मत करो क्यूंकै रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम आपरा दो खूफ पोंछ लिया'।
Imam Ahmad : 84
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مَعْرُوفٍ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَأَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ سَأَلَ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ نَعَمْ إِذَا حَدَّثَكَ سَعْدٌ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا فَلَا تَسْأَلْ عَنْهُ غَيْرَهُ
म्हानै [हारून बिन मा'रूफ] बतार बो बोल्यो; म्हानैं [इब्न वहाब] सूं ['अमरू बिन अल हरिथ] सूं [अबू अन नदलर] सूं [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] सूं [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं [सद बिन अबी वक्कास] सूं रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम सूं बतायो गयो है कै उण दोनुवां नैं रगड़्यो अर अब्दुल्लाह बिनमार सूं [अब्दुल्लाह बिन जवाब दियो; 'हां, जे सद थानै रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं कीं बतावै तो फेर इण बाबत किणी दूजै सूं मत पूछो।'
Imam Ahmad : 85
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا هَمَّامُ بْنُ يَحْيَى قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ الْغَطَفَانِيِّ عَنْ مَعْدَانَ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ الْيَعْمَرِيِّ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَامَ عَلَى الْمِنْبَرِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ ذَكَرَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَذَكَرَ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ثُمَّ قَالَ رَأَيْتُ رُؤْيَا لَا أُرَاهَا إِلَّا لِحُضُورِ أَجَلِي رَأَيْتُ كَأَنَّ دِيكًا نَقَرَنِي نَقْرَتَيْنِ قَالَ وَذَكَرَ لِي أَنَّهُ دِيكٌ أَحْمَرُ فَقَصَصْتُهَا عَلَى أَسْمَاءَ بِنْتِ عُمَيْسٍ امْرَأَةِ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا فَقَالَتْ يَقْتُلُكَ رَجُلٌ مِنْ الْعَجَمِ قَالَ وَإِنَّ النَّاسَ يَأْمُرُونَنِي أَنْ أَسْتَخْلِفَ وَإِنَّ اللَّهَ لَمْ يَكُنْ لِيُضَيِّعَ دِينَهُ وَخِلَافَتَهُ الَّتِي بَعَثَ بِهَا نَبِيَّهُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَإِنْ يَعْجَلْ بِي أَمْرٌ فَإِنَّ الشُّورَى فِي هَؤُلَاءِ السِّتَّةِ الَّذِينَ مَاتَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ عَنْهُمْ رَاضٍ فَمَنْ بَايَعْتُمْ مِنْهُمْ فَاسْمَعُوا لَهُ وَأَطِيعُوا وَإِنِّي أَعْلَمُ أَنَّ أُنَاسًا سَيَطْعَنُونَ فِي هَذَا الْأَمْرِ أَنَا قَاتَلْتُهُمْ بِيَدِي هَذِهِ عَلَى الْإِسْلَامِ أُولَئِكَ أَعْدَاءُ اللَّهِ الْكُفَّارُ الضُّلَّالُ وَايْمُ اللَّهِ مَا أَتْرُكُ فِيمَا عَهِدَ إِلَيَّ رَبِّي فَاسْتَخْلَفَنِي شَيْئًا أَهَمَّ إِلَيَّ مِنْ الْكَلَالَةِ وَايْمُ اللَّهِ مَا أَغْلَظَ لِي نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي شَيْءٍ مُنْذُ صَحِبْتُهُ أَشَدَّ مَا أَغْلَظَ لِي فِي شَأْنِ الْكَلَالَةِ حَتَّى طَعَنَ بِإِصْبَعِهِ فِي صَدْرِي وَقَالَ تَكْفِيكَ آيَةُ الصَّيْفِ الَّتِي نَزَلَتْ فِي آخِرِ سُورَةِ النِّسَاءِ وَإِنِّي إِنْ أَعِشْ فَسَأَقْضِي فِيهَا بِقَضَاءٍ يَعْلَمُهُ مَنْ يَقْرَأُ وَمَنْ لَا يَقْرَأُ وَإِنِّي أُشْهِدُ اللَّهَ عَلَى أُمَرَاءِ الْأَمْصَارِ إِنِّي إِنَّمَا بَعَثْتُهُمْ لِيُعَلِّمُوا النَّاسَ دِينَهُمْ وَيُبَيِّنُوا لَهُمْ سُنَّةَ نَبِيِّهِمْ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَيَرْفَعُوا إِلَيَّ مَا عُمِّيَ عَلَيْهِمْ ثُمَّ إِنَّكُمْ أَيُّهَا النَّاسُ تَأْكُلُونَ مِنْ شَجَرَتَيْنِ لَا أُرَاهُمَا إِلَّا خَبِيثَتَيْنِ هَذَا الثُّومُ وَالْبَصَلُ وَايْمُ اللَّهِ لَقَدْ كُنْتُ أَرَى نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَجِدُ رِيحَهُمَا مِنْ الرَّجُلِ فَيَأْمُرُ بِهِ فَيُؤْخَذُ بِيَدِهِ فَيُخْرَجُ بِهِ مِنْ الْمَسْجِدِ حَتَّى يُؤْتَى بِهِ الْبَقِيعَ فَمَنْ أَكَلَهُمَا لَا بُدَّ فَلْيُمِتْهُمَا طَبْخًا قَالَ فَخَطَبَ النَّاسَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ وَأُصِيبَ يَوْمَ الْأَرْبِعَاءِ
म्हानै बतायो है ['अफ्फान] म्हानै बतायो है [हम्मम बिन यह्या] बो बोल्यो; [सलीम बिन अबुल जाद अल गटाफानी] सूं [मदन बिन अबू थलहा अल यमरी] सूं [कतादाह] बतायो गयो है कै [उमर बिन अल खथब] शुक्रवार नै पल्पिट माथै खड़्या हुया, फेर अल्लाह री स्तुति अर महिमा करी फेर रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम रो जिक्र करियो अर अबू बकलर कह्यो; 'म्हैं एक सुपनो देख्यो अर म्हैं सोच्यो कै ओ म्हारी मौत रै आबा रो संकेत है, म्हैं सुपनो देख्यो जाणै कोई मुर्गा म्हनै दो बार चुभ्यो हो'। मदन कह्यो; उण -उमर- बतायो कै मुर्गी लाल है, फेर म्हैं असमा' बिंत उमैस, अबू बकर री घरआळी नै बतायो, तो वा कैयो; 'एक विदेशी आदमी/अरब रै अलावा थानै मार देला'। उमर कह्यो; 'वास्तव में लोगां म्हनैं उत्तराधिकारी नियुक्त करण सारू कैयो, अर साचाणी अल्लाह आपरै धरम अर खिलाफत नैं बरबाद नीं करैला, जिणनैं आपरै पैगम्बर नैं नियुक्त कर'र भेज्यो है, अर जे मौत म्हारै कनै आवैला तो ओ मामला शूरा में सौंप दियो जावैला - विचार-विमर्श - छह लोगां रै बीच जिका पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसल्लाम नैं दीवाया गया। बां सूं राजी हो, तो थनै जिण री भी निष्ठा है, बां री बात सुणणी चाइजै। अर आज्ञा मानो, अर साची मैं जाणूं हूं कै अस्या लोग होसी जका इण मामला नै बिगाड़ देला, अर मैं ईज हूं जको इस्लाम रै आधार माथै बां सूं आपरै हाथां सूं लड़ूंला, वै अल्लाह रा दुश्मन है, काफिर अर भटक्योड़ा, अल्लाह री कसम, मैं म्हारै प्रभु रै वादा नै नीं छोड़ूंला अर पछै म्हारै वास्तै अल कलाला सूं भी ज्यादा जरूरी चीज ले दूंला - कोई जिको पिता नै नीं छोड़ैला, अर अल्लाह रै बेटै नै नीं छोड़ैला - अर अल्लाह रै नाम सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जद सूं म्हैं बां रै सागै गयो हूं, बां कदैई म्हारै सागै किणी बात री पुष्टि नीं करी है, वै कला रै मामला मांय म्हारै सागै और ज्यादा सख्त हा, जद तांई कै वै म्हारी छाती मांय आपरी आंगळी नीं घाल दी अर नीं कैयो: 'थारै वास्तै शैफ रै बारै मांय आ आयत काफी है, जकी सूरह अन नीसा रै अंत मांय है', साची में, जे म्हैं उण लोगां रै सागै फैसलो करूंला, जिका लोगां नै ओ फैसलो लेणो पड़सी कै कुण जाण सकैला। अर जका लोग नीं पढ़ै, अर म्हैं अल्लाह नै देस रै नेतावां माथै गवाही देवूं कै म्हैं बांनै इण वास्तै भेज्यो कै वै लोगां नै आपरै धार्मिक कामां रै बारै में सिखावै अर वै आपरै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री सुन्नत नै समझावै अर म्हारै सूं वांरी शिकायत करै जिकी बां नै नीं मालूम ही, तो साची में थैं, हे लोगां, थैं दो पेड़ खाया जिणनै म्हैं नीं मान्यो हो कै वै लहसुन माथै हा, अर अल्लाह री कसम म्हैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै देख्यो है जद बांनै एक आदमी सूं आं दोनूं री गंध सूंघी तो बां आपरो हाथ पकड़ता थकां मस्जिद सूं बारै निकळ’र बाकी मांय घालण रो हुकम दियो, सो जिको ई दोनूं नै खावै बो बांनै तब तांई पकावै जद तांई कोई गंध नीं आवै। मदन कह्यो; 'उमर शुक्रवार नै लोगां रै साम्हीं प्रचार करियो अर बुधवार नै मार दियो गयो'।
Imam Ahmad : 86
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ قَالَ حَدَّثَنِي نَافِعٌ مَوْلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ قَالَ خَرَجْتُ أَنَا وَالزُّبَيْرُ والْمِقْدَادُ بْنُ الْأَسْوَدِ إِلَى أَمْوَالِنَا بِخَيْبَرَ نَتَعَاهَدُهَا فَلَمَّا قَدِمْنَاهَا تَفَرَّقْنَا فِي أَمْوَالِنَا قَالَ فَعُدِيَ عَلَيَّ تَحْتَ اللَّيْلِ وَأَنَا نَائِمٌ عَلَى فِرَاشِي فَفُدِعَتْ يَدَايَ مِنْ مِرْفَقِي فَلَمَّا أَصْبَحْتُ اسْتُصْرِخَ عَلَيَّ صَاحِبَايَ فَأَتَيَانِي فَسَأَلَانِي عَمَّنْ صَنَعَ هَذَا بِكَ قُلْتُ لَا أَدْرِي قَالَ فَأَصْلَحَا مِنْ يَدَيَّ ثُمَّ قَدِمُوا بِي عَلَى عُمَرَ فَقَالَ هَذَا عَمَلُ يَهُودَ ثُمَّ قَامَ فِي النَّاسِ خَطِيبًا فَقَالَ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ عَامَلَ يَهُودَ خَيْبَرَ عَلَى أَنَّا نُخْرِجُهُمْ إِذَا شِئْنَا وَقَدْ عَدَوْا عَلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَفَدَعُوا يَدَيْهِ كَمَا بَلَغَكُمْ مَعَ عَدْوَتِهِمْ عَلَى الْأَنْصَارِ قَبْلَهُ لَا نَشُكُّ أَنَّهُمْ أَصْحَابُهُمْ لَيْسَ لَنَا هُنَاكَ عَدُوٌّ غَيْرَهُمْ فَمَنْ كَانَ لَهُ مَالٌ بِخَيْبَرَ فَلْيَلْحَقْ بِهِ فَإِنِّي مُخْرِجٌ يَهُودَ فَأَخْرَجَهُمْ
म्हानै बतायो है [याकूब] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [इब्न इशाक] सूं बो बोल्यो; म्हानै बतायो है [नफी' पूर्व दास अब्दुल्लाह बिन उमर] [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं, उण कह्यो; मैं जुबैर अर मिकदाद बिन असवाद रै सागै खैबर रै मांय आपरा खजाना देखबा नै गयो हो, जद म्हे बठै पूग्या, म्हे आप-आप री जमीनां माथै अलग हुयग्या, आधी रात नै जद मैं आपरै बिस्तर माथै सोयो हो जणा म्हारै माथै हमलो हुयो, म्हारी कलाई कोहनी सूं झुकगी, जद सवेरै रै बगत म्हारा दो दोस्त म्हारै वास्तै चिल्लाया, वे म्हारै कनै आया अर पूछ्यो; 'थारै सागै ओ कुण कर्यो है'। म्हैं जवाब दियो; 'मन्नै ठा कोनी'। वो आगै बोल्यो; सो जुबैर अर मिकदाद म्हारो हाथ सुधार दियो अर म्हनै उमर रै कनै ले आया अर [उमर] कह्यो; 'यहूदी लोगां आ ई करियो'। फेर वो खड़्यो होयो अर लोगां रै साम्हीं प्रचार करियो; 'ओ लोगां, वाकई अल्लाह रै रसूल खैबर रै यहूदीयां नै काम पर राख्या, एक समझौते रै साथै आपां चावां तो बांनै निकाळ दिया, अर बां अब्दुल्ला बिन उमर नै आपरी कलाई घुमा'र अन्याय करियो है जियां कै थारै कनै आयो है अर साथै ई अंसार लोगां रै प्रति पैली री दुश्मनी भी है, म्हांनै कोई संदेह कोनी कै वै यहूदी दोस्त है - क्यूंकै म्हारै कनै कोई दुश्मन कोनी है, बां रै अलावा, तो खैबर रै मांय जिणरै कनै संपत्ति है, बो ले लेवै क्यूंकै मैं यहूदीयां नै निकाळ दूंला। फेर उमर बांनै भगा दियो।
Imam Ahmad : 87
حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ مُوسَى وَحُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَا حَدَّثَنَا شَيْبَانُ عَنْ يَحْيَى عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ بَيْنَا هُوَ يَخْطُبُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ إِذْ جَاءَ رَجُلٌ فَقَالَ عُمَرُ لِمَ تَحْتَبِسُونَ عَنْ الصَّلَاةِ فَقَالَ الرَّجُلُ مَا هُوَ إِلَّا أَنْ سَمِعْتُ النِّدَاءَ فَتَوَضَّأْتُ فَقَالَ أَيْضًا أَوَلَمْ تَسْمَعُوا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا رَاحَ أَحَدُكُمْ إِلَى الْجُمُعَةِ فَلْيَغْتَسِلْ
म्हानै बतायो गयो है कै [हसन बिन मूसा] अर [हुसैन बिन मुहम्मद] दोनूं ई कैयो; म्हानै [स्याबान] नै [यह्या] सूं [अबू सलामा] सूं [अबू हुरैराह] सूं बतायो गयो है कै जद उमर बिन अल खथथब शुक्रवार नै उपदेश दे रैया हा, तो अचाणचक एक आदमी आयो, सो उमर पूछ्यो; 'थै प्रार्थना नै क्यूं टाळ रिया हो?' फेर बो आदमी जवाब दियो; 'कुछ भी कोनी पण जद म्हैं अज़ान सुणूं तो म्हैं तुरंत वजू ले लेऊं।' [उमर] फेरूं पूछ्यो; 'कांई थैं नीं सुणी है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार कह्यो हो कै 'जद थैं जुम्मा री नमाज मांय जावोला तो नहाओ'।
Imam Ahmad : 88
حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ مُوسَى قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ قَالَ حَدَّثَنَا عَاصِمٌ الْأَحْوَلُ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ قَالَ جَاءَنَا كِتَابُ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَنَحْنُ بِأَذْرَبِيجَانَ يَا عُتْبَةَ بْنَ فَرْقَدٍ وَإِيَّاكُمْ وَالتَّنَعُّمَ وَزِيَّ أَهْلِ الشِّرْكِ وَلَبُوسَ الْحَرِيرِ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَانَا عَنْ لَبُوسِ الْحَرِيرِ وَقَالَ إِلَّا هَكَذَا وَرَفَعَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِصْبَعَيْهِ
म्हानै बतायो है [हसन बिन मूसा] बो बोल्यो; म्हानै [जुहैर] बतार बो बोल्यो; [अबू उथमान] सूं ['अशिम अल अहवाल] सूं संबंधित होवण रै बाद उण कह्यो; म्हारै कनै [उमर] रो एक चिट्ठी आयो, अर म्हे उण बगत अजरबैजान मांय हा, जिण मांय लिख्योड़ो हो; 'ओ उत्बाह बिन फरकाद, मौज मत करो अर मुशर्कियां रा गहणा पैरो, अर रेशम रा कपड़ा पैरो, क्यूंकै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) आपां नै रेशम पैरण सूं मना कर दियो हो, फेर बां कैयो: 'सिवाय इणरै' अर अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लल्लाह अलैहि वसल्लम) आपरी दो आंगळियां माथै रसवाया। म्हारै कनै।'
Imam Ahmad : 89
حَدَّثَنَا حَسَنٌ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَسْوَدِ أَنَّهُ سَمِعَ مُحَمَّدَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ ابْنِ لَبِيبَةَ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي سِنَانٍ الدُّؤَلِيِّ أَنَّهُ دَخَلَ عَلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَعِنْدَهُ نَفَرٌ مِنْ الْمُهَاجِرِينَ الْأَوَّلِينَ فَأَرْسَلَ عُمَرُ إِلَى سَفَطٍ أُتِيَ بِهِ مِنْ قَلْعَةٍ مِنْ الْعِرَاقِ فَكَانَ فِيهِ خَاتَمٌ فَأَخَذَهُ بَعْضُ بَنِيهِ فَأَدْخَلَهُ فِي فِيهِ فَانْتَزَعَهُ عُمَرُ مِنْهُ ثُمَّ بَكَى عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَقَالَ لَهُ مَنْ عِنْدَهُ لِمَ تَبْكِي وَقَدْ فَتَحَ اللَّهُ لَكَ وَأَظْهَرَكَ عَلَى عَدُوِّكَ وَأَقَرَّ عَيْنَكَ فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ إِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا تُفْتَحُ الدُّنْيَا عَلَى أَحَدٍ إِلَّا أَلْقَى اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ بَيْنَهُمْ الْعَدَاوَةَ وَالْبَغْضَاءَ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ وَأَنَا أُشْفِقُ مِنْ ذَلِكَ
म्हानै [हसन] बतार बो बोल्यो; म्हानै बतायो है [इब्न लाहीआह] म्हानै [अबू अल असवाद] बतायो है कै उणनै [मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान बिन लबीबाह] नै [अबू सिनान अद दौली] सूं एक कहाणी सुणाई है, कै वो [उमर बिन अल खथथब] नै देखण नै आयो हो, अर उणरै कनै मुहाजिरीन पूर्ववर्ती हा, फेर उमर एक टोकरी काढी जिण मांय इकरा रै वास्तै एक टोकरी ल्याई ही। एक अंगूठी, फेर बांका एक बेटा अंगूठी लेर बांरै मुंह मांय घाली, फेर उमर बांनै बांरै मुंह सूं काढ ली फेर उमर रोयो, बांरै कनै बैठ्या लोगां पूछ्यो; 'थै क्यूं रो रैया हो, कांई अल्लाह थारै वास्तै जीत नीं ली अर थारै दुसमणां माथै थानै जीत नीं ली अर थारै दृष्टिकोण नै शांतिपूर्ण नीं बणायो?' उमर जवाब दियो; 'वास्तव में, मैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'दुनिया एक नौकर रै वास्तै नीं खुलैला, जद तांई कै अल्लाह जी कामत रै दिन बां रै बीच नफरत अर दुश्मनी नीं पैदा करैला'। अर म्हनैं इणसूं डर लागै है'।
Imam Ahmad : 90
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ حَدَّثَنِي نَافِعٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ أَبِيهِ قَالَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَيْفَ يَصْنَعُ أَحَدُنَا إِذَا هُوَ أَجْنَبَ ثُمَّ أَرَادَ أَنْ يَنَامَ قَبْلَ أَنْ يَغْتَسِلَ قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِيَتَوَضَّأْ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ ثُمَّ لِيَنَمْ
म्हानै बतायो है [या'कुब] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [इब्न इशाक] म्हानै बतायो है [नफी'] नै [अब्दुल्लाह बिन उमर] सूं [उणरै पिता] नै बतायो है; मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो कै कोई इसो आदमी कांई करै जिको जुनूब है अर फेर नहाबा सूं पैली सोणो चावै है? रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'उणनै नमाज रै वास्तै वजू री तरै वजू करणो चाइजै अर पछै सोणो चाइजै'।
Imam Ahmad : 91
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ حَدَّثَنِي الزُّهْرِيُّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقُولُ لَمَّا تُوُفِّيَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أُبَيٍّ دُعِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِلصَّلَاةِ عَلَيْهِ فَقَامَ إِلَيْهِ فَلَمَّا وَقَفَ عَلَيْهِ يُرِيدُ الصَّلَاةَ تَحَوَّلْتُ حَتَّى قُمْتُ فِي صَدْرِهِ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَعَلَى عَدُوِّ اللَّهِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أُبَيٍّ الْقَائِلِ يَوْمَ كَذَا كَذَا وَكَذَا يُعَدِّدُ أَيَّامَهُ قَالَ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَبَسَّمُ حَتَّى إِذَا أَكْثَرْتُ عَلَيْهِ قَالَ أَخِّرْ عَنِّي يَا عُمَرُ إِنِّي خُيِّرْتُ فَاخْتَرْتُ وَقَدْ قِيلَ { اسْتَغْفِرْ لَهُمْ أَوْ لَا تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ إِنْ تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ سَبْعِينَ مَرَّةً فَلَنْ يَغْفِرَ اللَّهُ لَهُمْ } لَوْ أَعْلَمُ أَنِّي إِنْ زِدْتُ عَلَى السَّبْعِينَ غُفِرَ لَهُ لَزِدْتُ قَالَ ثُمَّ صَلَّى عَلَيْهِ وَمَشَى مَعَهُ فَقَامَ عَلَى قَبْرِهِ حَتَّى فُرِغَ مِنْهُ قَالَ فَعَجَبٌ لِي وَجَرَاءَتِي عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ فَوَاللَّهِ مَا كَانَ إِلَّا يَسِيرًا حَتَّى نَزَلَتْ هَاتَانِ الْآيَتَانِ { وَلَا تُصَلِّ عَلَى أَحَدٍ مِنْهُمْ مَاتَ أَبَدًا وَلَا تَقُمْ عَلَى قَبْرِهِ إِنَّهُمْ كَفَرُوا بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ وَمَاتُوا وَهُمْ فَاسِقُونَ } فَمَا صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعْدَهُ عَلَى مُنَافِقٍ وَلَا قَامَ عَلَى قَبْرِهِ حَتَّى قَبَضَهُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ
म्हानै बतायो है [याकूब] म्हानै [म्हारा पिता नै] [इब्न इशाक] सूं बतायो है म्हानै [अज जुहरी] नै [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] सूं [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] सूं बतायो है, बो बोल्यो; मैं [उमर बिन खत्ताब] नै कैता सुण्यो; जद अब्दुल्लाह बिन उबई री मौत हुई तो रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै उणरै वास्तै प्रार्थना करण सारू बुलायो गयो, सो वो उणरै कनै दौड़ियो, जद वो उणरै वास्तै प्रार्थना करण सारू उणरै साम्हीं खड़यो हुयो तो म्हैं उणनै रोक दियो सो म्हैं उणरै साम्हीं खड़यो हो अर बोल्यो; 'हे रसूलुल्लाह, अब्दुल्लाह बिन उबै अल्लाह रा दुश्मन है जिका इण अर आज रै दिन कैयो,' उण दिन रो नांव कैयो, पछै उमर आगै कैयो; हालांकि, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बस मुळकता रैया जद तांई कै जद म्हैं म्हारी बातां नै दोहराई तो बो बोल्यो: 'हे उमर, म्हारै सूं दूर जा, असल मांय म्हनै एक विकल्प दियो गयो हो सो म्हैं चुण लियो, अर ओ कैयो गयो है: 'चाहे थै बां रै वास्तै माफी मांगो या नीं मांगो - ओ ईज है। भलांई थै सत्तर बार बां रै वास्तै माफी मांगोला, पण अल्लाह बांनै कदैई माफ नीं करैला।" -क्यूएस अल अनफाल आयत 80- जे म्हनैं ठाह होतो कै जे म्हैं म्हारी अरज सत्तर बार कर दीला तो बांनै माफी मिल जावैला तो म्हैं और भी माफी मांगूंला' उमर कह्यो; फेर बां बां रै वास्तै प्रार्थना करी अर बांरी लाश नैं लेय'र बांरी कब्र रै ऊपर खड़्या रैया जद तांई कै बांनै दफनाया नीं गयो; मैं खुद नै रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै प्रति कितरो घमण्डी मानतो हो, भलांई अल्लाह अर उणरा रसूल नै आच्छी तरियां ठाह है' उमर फेरूं कैयो, 'तो अल्लाह री कसम, आं दोय आयतां रै थोड़ै दिनां पछै ई - QS At Taubah verse 80, 84-' अर कदैई नीं पूजा करो - किणी मृतक री लाश - बां रै बीचै, अर वे उणरी कब्र माथै नीं खड़्या हो। अल्लाह अर उणरै रसूल माथै काफिर कर दियो अर वे दुष्टता री हालत में मरग्या। फेर रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै बाद कदैई भी मुनाफिक नै नमाज नीं पढ़ी अर नीं ई बां री कब्रां माथै खड़्यो हो।
Imam Ahmad : 92
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ كَمَا حَدَّثَنِي عَنْهُ نَافِعٌ مَوْلَاهُ قَالَ كَانَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقُولُ إِذَا لَمْ يَكُنْ لِلرَّجُلِ إِلَّا ثَوْبٌ وَاحِدٌ فَلْيَأْتَزِرْ بِهِ ثُمَّ لِيُصَلِّ فَإِنِّي سَمِعْتُ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقُولُ ذَلِكَ وَيَقُولُ لَا تَلْتَحِفُوا بِالثَّوْبِ إِذَا كَانَ وَحْدَهُ كَمَا تَفْعَلُ الْيَهُودُ قَالَ نَافِعٌ وَلَوْ قُلْتُ لَكُمْ إِنَّهُ أَسْنَدَ ذَلِكَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَرَجَوْتُ أَنْ لَا أَكُونَ كَذَبْتُ
म्हानै बतायो है [याकूब] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [इब्न इशाक] सूं बो बोल्यो; [अब्दुल्ला] सूं [नफी अब्दुल्ला रो पूर्व दास] बतार नफी बोल्यो; अब्दुल्ला बिन उमर कह्यो; जे किणी आदमी रै कनै एक रै अलावा कोई कपड़ा कोनी है तो बो कपड़ा सारोंग री तरै पैर लेवै अर पछै नमाज पढ़ै, क्यूंकै म्हैं एक बार [उमर बिन अल खथब] नै ओ कैता सुण्यो हो अर बो कैयो हो; 'जियां थारै कनै एक ई कपड़ो है तो खुद नै कपड़ा सूं मत ढकणो चाइजै, जियां कै यहूदी करै है'। नफी कह्यो; 'अगर मैं थानै बताऊं कै अब्दुल्लाह बिन उमर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम माथै भरोसो करियो हो तो म्हनै उम्मीद है कै मैं झूठ नीं बोल रैयो हो।'
Imam Ahmad : 93
حَدَّثَنَا مُؤَمَّلٌ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ قَالَ حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ مِخْرَاقٍ عَنْ شَهْرٍ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ قَالَ حَدَّثَنِي عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ مَاتَ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ قِيلَ لَهُ ادْخُلْ الْجَنَّةَ مِنْ أَيِّ أَبْوَابِ الْجَنَّةِ الثَّمَانِيَةِ شِئْتَ
म्हानै बतायो है [मुअम्मल] म्हानै बतायो है [हम्मद] बो बोल्यो; म्हानै [जियाद बिन मिखराक] नै [शहर] सूं [उकबाह बिन अमीर] सूं बतायो है, बो बोल्यो; उण म्हनैं [उमर] बतायो कै उण अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नैं कैता सुण्यो है कै 'जो भी अल्लाह अर आखरी दिन माथै विश्वास करता थकां मर जावैला, उणनैं कैयो जावैला; 'आपनै आठ दरवाजा मांय सूं किणी भी दरवाजा सूं स्वर्ग मांय प्रवेश करो। ''
Imam Ahmad : 94
حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ قَالَ أَخْبَرَنَا جَعْفَرٌ يَعْنِي الْأَحْمَرَ عَنْ مُطَرِّفٍ عَنِ الْحَكَمِ عَنْ مُجَاهِدٍ قَالَ حَذَفَ رَجُلٌ ابْنًا لَهُ بِسَيْفٍ فَقَتَلَهُ فَرُفِعَ إِلَى عُمَرَ فَقَالَ لَوْلَا أَنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يُقَادُ الْوَالِدُ مِنْ وَلَدِهِ لَقَتَلْتُكَ قَبْلَ أَنْ تَبْرَحَ
म्हानै [असवाद बिन अमीर] बतार बां कैयो; म्हानै [जाफर यानी अल अहमर] नै [मुथरीफ] सूं [अल हकाम] सूं [मुजाहिद] सूं रिपोर्ट करी है, बां कैयो; एक आदमी आपरै बेटै नै तलवार सूं काट दियो, जिणसूं बो मरग्यो, फेर ओ मामला उमर रै साम्हीं आयो, सो [उमर] कैयो; जे मैं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै एक बार कह्यो हो तो नीं सुण्यो हो कै 'बाप नै आपरै टाबर नै मारणै री सजा कोनी मिलै। 'रात बितावण सूं पैली म्हैं थानै जरूर मार दूंला'।
Imam Ahmad : 95
حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ عَنْ سُلَيْمَانَ الْأَعْمَشِ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ عَنْ عَابِسِ بْنِ رَبِيعَةَ قَالَ رَأَيْتُ عُمَرَ نَظَرَ إِلَى الْحَجَرِ فَقَالَ أَمَا وَاللَّهِ لَوْلَا أَنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُقَبِّلُكَ مَا قَبَّلْتُكَ ثُمَّ قَبَّلَهُ
म्हानै [असवाद बिन अमीर] बतार बां कैयो; म्हानै [जुहैर] [सुलेमान अल अमसी] सूं बतायो है [इब्राहिम] नै [अबिस बिन रबिया] सूं बतायो है; मैं [उमर] नै काळा पत्थर नै देखता अर बोलता देख्यो; 'अल्लाह री कसम, जे मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै थानै चूमता नीं देखतो तो मैं थानै चूमतो कोनी होतो' फेर उण उणनै चूम ली।
Imam Ahmad : 96
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ عَنِ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنَا السَّائِبُ بْنُ يَزِيدَ ابْنُ أُخْتِ نَمِرٍ أَنَّ حُوَيْطِبَ بْنَ عَبْدِ الْعُزَّى أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ السَّعْدِىِّ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ قَدِمَ عَلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فِي خِلَافَتِهِ فَقَالَ لَهُ عُمَرُ أَلَمْ أُحَدَّثْ أَنَّكَ تَلِي مِنْ أَعْمَالِ النَّاسِ أَعْمَالًا فَإِذَا أُعْطِيتَ الْعُمَالَةَ كَرِهْتَهَا قَالَ فَقُلْتُ بَلَى فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَمَا تُرِيدُ إِلَى ذَلِكَ قَالَ قُلْتُ إِنَّ لِي أَفْرَاسًا وَأَعْبُدًا وَأَنَا بِخَيْرٍ وَأُرِيدُ أَنْ تَكُونَ عُمَالَتِي صَدَقَةً عَلَى الْمُسْلِمِينَ فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَلَا تَفْعَلْ فَإِنِّي قَدْ كُنْتُ أَرَدْتُ الَّذِي أَرَدْتَ فَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُعْطِينِي الْعَطَاءَ فَأَقُولُ أَعْطِهِ أَفْقَرَ إِلَيْهِ مِنِّي حَتَّى أَعْطَانِي مَرَّةً مَالًا فَقُلْتُ أَعْطِهِ أَفْقَرَ إِلَيْهِ مِنِّي قَالَ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُذْهُ فَتَمَوَّلْهُ وَتَصَدَّقْ بِهِ فَمَا جَاءَكَ مِنْ هَذَا الْمَالِ وَأَنْتَ غَيْرُ مُشْرِفٍ وَلَا سَائِلٍ فَخُذْهُ وَمَا لَا فَلَا تُتْبِعْهُ نَفْسَكَ
म्हानै [अबुल यामन] बतार बो बोल्यो; [अज जुहरी] सूं म्हांनै [स्यूअैब] री सूचना दी है, बां कैयो; म्हानै बतायो है [जैसा सायब बिन यजीद] नामीर री बैन रो बेटो, कै [हुवैथिब बिन अब्दुल उज्जा] उणनै बतायो है, कै [अब्दुल्लाह बिन सादी] उणनै बतायो है, कै वो आपरी खिलाफत रै बगत उमर बिन अल खथथब रै कनै आयो हो, सो उमर उणनै कैयो; 'म्हानै एक बात रै बारै में नीं बतायो गयो है कै थै लोगां रै काम री देखभाळ करण रो काम संभाळो हो, फेर जद थनै तनखा दी जावै है तो थनै ओ नापसंद कोनी है?' अब्दुल्ला बिन सादी कह्यो; तो म्हैं जवाब दियो; 'ठीक है' उमर बोल्यो; 'थनै इण सूं कांई चाइजै?' उण जवाब दियो; तो म्हैं जवाब दियो; 'साची, म्हारै कनै कई घोड़ा अर गुलाम है, अर म्हैं भलो हूं, म्हैं चावूं कै म्हारी मजदूरी मुसलमानां नै दान में दी जावै'। [उमर] कह्यो; 'अैड़ो मत करो, क्यूंकै असल मांय म्हैं भी थारी इच्छा रै मुजब चावतो हो, पण पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम म्हनैं एक वरदान दियो अर म्हैं कैयो; 'इणनै म्हारै सूं गरीब नै दे दो,' जद तांई कै एक दिन उण म्हनै धन नीं दियो अर म्हैं कैयो; 'इणनै म्हारै सूं गरीब किणी नै दे दो', पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम म्हनै डांट्यो अर कह्यो- 'इणनै ले अर इणनै विकसित करो- इण मांय निवेश करो- फेर इण मांय निवेश करो। इण धन सूं थारै कनै जो भी आवै अर थनै उणरी उम्मीद नीं है अर नीं मांगी है, तो उणनै ले ल्यो, अर जे ओ इसा नीं है तो उणनै आपरो नीं मानणो चाइजै।
Imam Ahmad : 97
حَدَّثَنَا سَكَنُ بْنُ نَافِعٍ الْبَاهِلِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا صَالِحٌ عَنِ الزُّهْرِيِّ قَالَ حَدَّثَنِي رَبِيعَةُ بْنُ دَرَّاجٍ أَنَّ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ سَبَّحَ بَعْدَ الْعَصْرِ رَكْعَتَيْنِ فِي طَرِيقِ مَكَّةَ فَرَآهُ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَتَغَيَّظَ عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَمَا وَاللَّهِ لَقَدْ عَلِمْتَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْهَا
म्हानै [साकन बिन नफी अल बहिली] बतार उण कैयो; [अज जुहरी] सूं म्हानै [सलीह] बताय'र उण कैयो; म्हनैं [रबिया बिन दरराज] बतायो है कै [अली बिन अबू तालिब] मक्का रै मारग माथै असर रै बाद दो रकात सुन्नत री नमाज पढ़ी, फेर उमर नैं आ बात देखी अर बो उणसूं नाराज हो, फेर कैयो; 'अल्लाह री कसम, कांई थनै पैली सूं ई नीं ठाह हो कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) इणनै मना कर दियो हो।
Imam Ahmad : 98
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ قَالَ حَدَّثَنَا الْعَلَاءُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَعْقُوبَ عَنْ رَجُلٍ مِنْ قُرَيْشٍ مِنْ بَنِي سَهْمٍ عَنْ رَجُلٍ مِنْهُمْ يُقَالُ لَهُ مَاجِدَةُ قَالَ عَارَمْتُ غُلَامًا بِمَكَّةَ فَعَضَّ أُذُنِي فَقَطَعَ مِنْهَا أَوْ عَضِضْتُ أُذُنَهُ فَقَطَعْتُ مِنْهَا فَلَمَّا قَدِمَ عَلَيْنَا أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ حَاجًّا رُفِعْنَا إِلَيْهِ فَقَالَ انْطَلِقُوا بِهِمَا إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَإِنْ كَانَ الْجَارِحُ بَلَغَ أَنْ يُقْتَصَّ مِنْهُ فَلْيَقْتَصَّ قَالَ فَلَمَّا انْتُهِيَ بِنَا إِلَى عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ نَظَرَ إِلَيْنَا فَقَالَ نَعَمْ قَدْ بَلَغَ هَذَا أَنْ يُقْتَصَّ مِنْهُ ادْعُوا لِي حَجَّامًا فَلَمَّا ذَكَرَ الْحَجَّامَ قَالَ أَمَا إِنِّي قَدْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ قَدْ أَعْطَيْتُ خَالَتِي غُلَامًا وَأَنَا أَرْجُو أَنْ يُبَارِكَ اللَّهُ لَهَا فِيهِ وَقَدْ نَهَيْتُهَا أَنْ تَجْعَلَهُ حَجَّامًا أَوْ قَصَّابًا أَوْ صَائِغًا حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ قَالَ وَحَدَّثَنِي الْعَلَاءُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ رَجُلٍ مِنْ بَنِي سَهْمٍ عَنِ ابْنِ مَاجِدَةَ السَّهْمِيِّ أَنَّهُ قَالَ حَجَّ عَلَيْنَا أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فِي خِلَافَتِهِ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन यजीद] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन इशाक] बो बोल्यो; म्हानै [अल 'अला` बिन अब्दुर्रहमान बिन याकूब] नै [बनी सहम रै एक कुरैश आदमी] सूं एक [उणां मांय सूं मजीदाह नामक आदमी] सूं बतायो; मैं मक्का रै मांय एक छोरै सूं झगड़ो करियो, फेर बो म्हारो कान काट दियो -या- म्हैं कान काट दियो, सो जद अबू बकर हज करण सारू म्हारै कनै आया, तो म्हे बांनै बात राखी, सो बां जवाब दियो; 'इण दोनूं नै उमर बिन अल खथब रै कनै ले जावो, जे घायल करण आळा मिनख नै क़िशाश करणो है तो उणनै क़िशाश करणो है'। वो केवे है; तो जद म्हे [उमर बिन अल खथब] सूं पैली पूग्या, तो बां म्हारै कानी देख्यो अर कैयो; 'हां, मैं किशाश करण री हद तांई पूगग्यो हूं, म्हनै हजामत बणाबा आळो कैवो'। तो जद उण तांबा रो जिकर करियो तो बो बोल्यो; 'इण बीच म्हैं अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुण्यो- 'मैं आपरी मातृक चाची नै एक नौकर दियो है, इण उम्मीद में कै अल्लाह उणनै इणसूं आशीर्वाद देवैला, अर म्हैं उणनै तांबा, कसाई या सुनार नीं बणाबा सूं मना कर दियो है'। म्हानै बतायो है [याकूब] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [इब्न इशाक] सूं उण कह्यो; अर [अल 'अला` बिन अब्दुर्रहमान] नै [बनी सहम रै एक आदमी] सूं [इब्न मजिदाह अस सहमी] सूं बतायो है कै उण कैयो; 'अबू बकर आपरी खिलाफत रै बगत म्हारै कनै तीर्थयात्रा माथै गया हा,' पछै बां हदीस रो जिकर करियो।
Imam Ahmad : 99
حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ أَبِي نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ خَطَبَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ النَّاسَ فَقَالَ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ رَخَّصَ لِنَبِيِّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا شَاءَ وَإِنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ مَضَى لِسَبِيلِهِ فَأَتِمُّوا الْحَجَّ وَالْعُمْرَةَ كَمَا أَمَرَكُمْ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ وَحَصِّنُوا فُرُوجَ هَذِهِ النِّسَاءِ
म्हानै ['उबैदा बिन हुमैद] नै [दाउद बिन अबू हिंद] सूं [अबू नदलाह] सूं [अबू सईद] सूं बतायो; [उमर] लोगां रै साम्हीं उपदेश दियो अर कैयो; 'वास्तव में अल्लाह आपरै पैगम्बर नै उणरी इच्छा रै वास्तै राहत दी है, अर वाकई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपरी राह माथै चाल पड़्या है, सो अल्लाह रै हुकम मुजब हज अर उमरा पूरा करो अर इण लुगायां रै गुप्तांगां री रक्षा करो'।
Imam Ahmad : 100
حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ عَنْ نَافِعٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيَرْقُدُ الرَّجُلُ إِذَا أَجْنَبَ قَالَ نَعَمْ إِذَا تَوَضَّأَ
म्हानै बतायो है ['उबैदा बिन हुमैद] म्हानै [उबैदुल्लाह बिन उमर] नै [नफी'] सूं [इब्न उमर] नै [उमर बिन अल खथब] सूं बतायो है, उण कैयो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं पूछ्यो गयो; कांई कोई आदमी जुनूब है तो सोणो जाणो चाइजै? उण जवाब दियो: 'हां, जे थै वजू कर लियो है'।