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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Ahmad (الامام احمد) - 26363 Hadith

Hadith

Imam Ahmad : 21

حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ عَبْدِ رَبِّهِ قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ قَالَ حَدَّثَنِي شَيْخٌ مِنْ قُرَيْشٍ عَنْ رَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ عَنْ جُنَادَةَ بْنِ أَبِي أُمَيَّةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ قَالَ قَالَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ حِينَ بَعَثَنِي إِلَى الشَّامِ يَا يَزِيدُ إِنَّ لَكَ قَرَابَةً عَسَيْتَ أَنْ تُؤْثِرَهُمْ بِالْإِمَارَةِ وَذَلِكَ أَكْبَرُ مَا أَخَافُ عَلَيْكَ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ وَلِيَ مِنْ أَمْرِ الْمُسْلِمِينَ شَيْئًا فَأَمَّرَ عَلَيْهِمْ أَحَدًا مُحَابَاةً فَعَلَيْهِ لَعْنَةُ اللَّهِ لَا يَقْبَلُ اللَّهُ مِنْهُ صَرْفًا وَلَا عَدْلًا حَتَّى يُدْخِلَهُ جَهَنَّمَ وَمَنْ أَعْطَى أَحَدًا حِمَى اللَّهِ فَقَدْ انْتَهَكَ فِي حِمَى اللَّهِ شَيْئًا بِغَيْرِ حَقِّهِ فَعَلَيْهِ لَعْنَةُ اللَّهِ أَوْ قَالَ تَبَرَّأَتْ مِنْهُ ذِمَّةُ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ

म्हानै [यजीद बिन अब्दुरर्ब्बीह] बतार उण कह्यो; म्हानै [बकियाह बिन अल वालिद] बतार बां कैयो; म्हानै [कुरैश रो एक शेख] [राजा' बिन हैवाह] सूं [जुनादाह बिन अबू उमैया] सूं [यजीद बिन अबू सुफियान] सूं बतायो है, उण कैयो; [अबू बकर] म्हनै सीरिया भेजता बगत कह्यो; हे यजीद, थारा साचाणी रिश्तेदार है, म्हनै आशा है कै थै बांनै नेतृत्व रै मांय पैली नीं राखोला, अर इणी बात सूं म्हनै थारै बारै में सबसूं ज्यादा डर है, क्यूंकै अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो है; 'जो कोई भी मुसलमानां रै कामकाज री अगुवाई करै है, फेर प्रेम रै कारण बां रै वास्तै कोई नै नियुक्त करै है, तो वो अल्लाह री ओर सूं अभिशाप है, अर अल्लाह उणसूं उणरी फर्जी अर नफिला रा काम भी स्वीकार नीं करैला, जद तांई कै वो उणनै नरक मांय नीं घालै, अर जिको किणी नै अल्लाह री सीमावां देवै, तो वो अल्लाह री सीमावां रै मांय बिना किणी चीज रो उल्लंघन करै है, तो वो अल्लाह सूं सराप है, या वो कैवै है: 'उणरै अलावा अल्लाह री गारंटी'।

Hadith

Imam Ahmad : 22

حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ قَالَ حَدَّثَنَا الْمَسْعُودِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي بُكَيْرُ بْنُ الْأَخْنَسِ عَنْ رَجُلٍ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُعْطِيتُ سَبْعِينَ أَلْفًا يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ بِغَيْرِ حِسَابٍ وُجُوهُهُمْ كَالْقَمَرِ لَيْلَةَ الْبَدْرِ وَقُلُوبُهُمْ عَلَى قَلْبِ رَجُلٍ وَاحِدٍ فَاسْتَزَدْتُ رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ فَزَادَنِي مَعَ كُلِّ وَاحِدٍ سَبْعِينَ أَلْفًا قَالَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَرَأَيْتُ أَنَّ ذَلِكَ آتٍ عَلَى أَهْلِ الْقُرَى وَمُصِيبٌ مِنْ حَافَّاتِ الْبَوَادِي

म्हानै [हसीम बिन अल कासिम] बतार बां कैयो; म्हानै [अल मसूदी] बतार बो बोल्यो; म्हानै [बुकैर बिन अल अखनास] नै [एक आदमी] सूं [अबू बकर ऐश शिद्दीक] सूं बतायो है, उण कैयो; रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'म्हानै सत्तर हजार लोग दिया गया, वे सगळा बिना हिसाब रै स्वर्ग में प्रवेश करग्या, बां रा चेहरा पूर्णिमा री रात री चांद री तरै हा अर बां रा दिल एक आदमी रै काळजै सूं ऊपर हा, फेर म्हैं आपरै रब्ब सूं और मांगी, सो उण जोड़ दियो, हरेक आदमी नै सत्तर हजार लोग'। अबू बकर कह्यो; 'फेर म्हैं देख्यो कै ओ गांव वाळा री तरफ आ रैयो है अर घाटियां रै बारै सूं टकरा रैयो है'।

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Imam Ahmad : 23

حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ بْنُ عَطَاءٍ عَنْ زِيَادٍ الْجَصَّاصِ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا بَكْرٍ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ يَعْمَلْ سُوءًا يُجْزَ بِهِ فِي الدُّنْيَا

म्हानै [अब्दुल वहाब बिन 'अथो`] नै [जियाद अल जश्शास] सूं [अली बिन जैद] सूं [मुजाहिद] सूं [इब्न उमर] सूं बतायो; म्हैं [अबू बकर] नै कैता सुण्यो; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो कै 'जो कोई भी बुराई करैला, अल्लाह उणनै दुनिया मांय इनाम देला'।

Hadith

Imam Ahmad : 24

حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ صَالِحٍ قَالَ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارٍ غَيْرُ مُتَّهَمٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ يُحَدِّثُ أَنَّ رِجَالًا مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَزِنُوا عَلَيْهِ حَتَّى كَادَ بَعْضُهُمْ أَنْ يُوَسْوِسَ قَالَ عُثْمَانُ فَكُنْتُ مِنْهُمْ فَذَكَرَ مَعْنَى حَدِيثِ أَبِي الْيَمَانِ عَنْ شُعَيْبٍ

म्हानै बतायो है [याकूब] म्हानै बतायो है [म्हारा पिता] नै [सलीह] सूं वो कह्यो, [इब्नू शिहाब] कह्यो; "म्हानै [अंसार रै मांय सूं एक आदमी] बतायो है जिण माथै कोई आरोप कोनी हो, कै उण [उस्मान बिन अफ्फान] नै आ कहाणी सुणाई ही, कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रा कई साथी हा, जका पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री मौत रै बाद दुखी हा, इण वास्तै कै बां मांय सूं लगभग आधा घबराया हा," उल्मान कह्यो; 'मैं भी बां मांय सूं हूं' फेर उण स्यूअैब सूं अबुल यमन री हदीस रो अरथ बतायो।

Hadith

Imam Ahmad : 25

حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ صَالِحٍ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرَتْهُ أَنَّ فَاطِمَةَ بِنْتَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَأَلَتْ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ بَعْدَ وَفَاةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يَقْسِمَ لَهَا مِيرَاثَهَا مِمَّا تَرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِمَّا أَفَاءَ اللَّهُ عَلَيْهِ فَقَالَ لَهَا أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا نُورَثُ مَا تَرَكْنَا صَدَقَةٌ فَغَضِبَتْ فَاطِمَةُ عَلَيْهَا السَّلَام فَهَجَرَتْ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَلَمْ تَزَلْ مُهَاجِرَتَهُ حَتَّى تُوُفِّيَتْ قَالَ وَعَاشَتْ بَعْدَ وَفَاةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سِتَّةَ أَشْهُرٍ قَالَ وَكَانَتْ فَاطِمَةُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا تَسْأَلُ أَبَا بَكْرٍ نَصِيبَهَا مِمَّا تَرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ خَيْبَرَ وَفَدَكَ وَصَدَقَتِهِ بِالْمَدِينَةِ فَأَبَى أَبُو بَكْرٍ عَلَيْهَا ذَلِكَ وَقَالَ لَسْتُ تَارِكًا شَيْئًا كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعْمَلُ بِهِ إِلَّا عَمِلْتُ بِهِ وَإِنِّي أَخْشَى إِنْ تَرَكْتُ شَيْئًا مِنْ أَمْرِهِ أَنْ أَزِيغَ فَأَمَّا صَدَقَتُهُ بِالْمَدِينَةِ فَدَفَعَهَا عُمَرُ إِلَى عَلِيٍّ وَعَبَّاسٍ فَغَلَبَهُ عَلَيْهَا عَلِيٌّ وَأَمَّا خَيْبَرُ وَفَدَكُ فَأَمْسَكَهُمَا عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَقَالَ هُمَا صَدَقَةُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَتَا لِحُقُوقِهِ الَّتِي تَعْرُوهُ وَنَوَائِبِهِ وَأَمْرُهُمَا إِلَى مَنْ وَلِيَ الْأَمْرَ قَالَ فَهُمَا عَلَى ذَلِكَ الْيَوْمَ

म्हानै [जा'कुब] बतार बो बोल्यो; [म्हारा पिता] नै [सलीह] सूं बतायो है, [इब्न शिहाब] कह्यो है; म्हानै बतायो है ['उर्वाह बिन अज जुबैर] कै [ऐस्याह] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री पत्नी उणनै बतायो है कै रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम री बेटी फातिमा रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम री मौत रै बाद अबू बकर सूं पूछ्यो कै रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम रै द्वारा रसूलुल्लाह रै हाथां बांटबा रै वास्तै छोड़ दियो गयो हो। शाल्लल्लाह अलैहि वसल्लम उणनै फै` संपत्ति रै रूप में जिणनै अल्लाह उणनै दियो, फेर [अबू बकर] उणनै कह्यो: रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'म्हानै वारिस कोनी अर जो धन म्हे पाछै छोड़ देवां वो दान बण जावै', फेर फातिमा नाराज हुई अर अबू बाबूर सूं बात नीं करी, जद तांई वा उरवा री बात जारी राखी, वा इण बात नै जारी राखी। कह्यो; पैगम्बर री मौत रै बाद फातिमा छह महीना तांई जीवित रैयी, अर फातिमा अबू बकर सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै खैबर अर फदक रै युद्धां सूं छोड़ी गई धन-दौलत में सूं आपरो हिस्सो मांग्यो अर मदीना रै दौरान उणरी भिक्षा, पण अबू बकर उणनै देबा सूं मना कर दियो, अर उण कह्यो; 'मैं कोई इसो कोनी हूं जको पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री कोई बात नै नजरअंदाज कर देवै, बां री हरेक बात नै मैं जरूर करूंला अर म्हनै चिंता है कै जे मैं बां रै थोड़ा सा भी हुकम नै नजरअंदाज करूंला तो मैं भटक जाऊंला।' जठै तण मदीना रै मांय आपरी भिक्षा री बात है, उमर बांनै अली अर अब्बास नै दे दियो हो, फेर अली अवशेषां नै नियंत्रित करियो हो, जदकै खैबर अर फदक रै अवशेषां नै उमर संभाळियो हो अर बां कैयो; 'दोनां नै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री भिक्षा है जिकी उणरा अधिकार बणगी है, जिणनै थै उणनै अर उणरै प्रतिनिधियां नै दे दियो है, अर दोनूं रा कामकाज उण मिनख रै हाथां मांय है जिको कामकाज रो नेतृत्व करै है' अर उण कैयो; 'अर दोनूं ई एक ई दिन हुया'।

Hadith

Imam Ahmad : 26

حَدَّثَنَا حَسَنُ بْنُ مُوسَى وَعَفَّانُ قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَنَّهَا تَمَثَّلَتْ بِهَذَا الْبَيْتِ وَأَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقْضِي وَأَبْيَضَ يُسْتَسْقَى الْغَمَامُ بِوَجْهِهِ رَبِيعُ الْيَتَامَى عِصْمَةٌ لِلْأَرَامِلِ فَقَالَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ذَاكَ وَاللَّهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

म्हानै बतायो गयो है कै [हसन बिन मूसा] अर [अफ्फान] दोनूं ई कैयो; म्हानै [हम्मद बिन सलामा] नै [अली बिन जैद] सूं [अल कासिम बिन मुहम्मद] सूं [ऐस्याह] सूं बतायो गयो है, कै जद अबू बकर मुकदमो तय कर रैया हा, तद वै सीयर रो ओ छंद बांच्यो हो; 'अर एक सफेद बादळ उणरै चेहरै नै भीज दियो, अनाथां नै प्यार करतो हो अर विधवावां री रक्षा करतो हो', फेर [अबू बकर] कह्यो; 'अल्लाह री कसम, ओ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम' हो।

Hadith

Imam Ahmad : 27

حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ جُرَيْجٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي أَنَّ أَصْحَابَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَدْرُوا أَيْنَ يَقْبُرُونَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى قَالَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَنْ يُقْبَرَ نَبِيٌّ إِلَّا حَيْثُ يَمُوتُ فَأَخَّرُوا فِرَاشَهُ وَحَفَرُوا لَهُ تَحْتَ فِرَاشِهِ

म्हानै [अब्दुर्राज़ाक] बतार बो बोल्यो; म्हनैं [इब्न जुरैज] बतायो है, बां कैयो; म्हनैं [म्हारै पिताजी] बतायो हो कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै साथियां नैं ठा नीं हो कै वे पैगम्बर नैं कठै दफनावैला, इण वास्तै [अबू बकर] कह्यो; मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो: 'एक पैगम्बर नै दफनायो कोनी जावै सिवाय उण जगां रै जठै वो मर जावै है,' सो बां उणरी बिस्तर नै हटा दी अर उणरै बिस्तर रै तळै उणरै वास्तै एक कब्र खोद दी।

Hadith

Imam Ahmad : 28

حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ حَدَّثَنَا لَيْثٌ قَالَ حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ أَبِي حَبِيبٍ عَنْ أَبِي الْخَيْرِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُ قَالَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلِّمْنِي دُعَاءً أَدْعُو بِهِ فِي صَلَاتِي قَالَ قُلْ اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْمًا كَثِيرًا وَلَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ فَاغْفِرْ لِي مَغْفِرَةً مِنْ عِنْدِكَ وَارْحَمْنِي إِنَّكَ أَنْتَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ

म्हानै [हज्जा] बतार बो बोल्यो; म्हानै बतायो है [लैट्स] बो बोल्यो; मन्नै [यजीद बिन अबू हबीब] नै [अबुल खैर] सूं [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अल आश] सूं [अबू बकर आश शिद्दीक] सूं बतायो गयो है कै उण रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै कैयो; 'मनै एक प्रार्थना सिखाओ जिणनै मैं आपरी प्रार्थना रै मांय सुण सकूं!' वां जवाब दियो: 'पढ़ो!, अल्लाहुम्मा इन्नी जलामतु नफसी झुलमान कत्सीरा वाला याघफिरुद्ज़ ज़ुनूबा इल्ला अंता फघफिरली मघफिरतान मिन 'इंडिका वारहमनी इन्नाका अंतल घोफूरर रहीम - हे अल्लाह, वास्तव में मैं खुद रै साथै घणो अन्याय करियो है, सिवाय थारै पापों रै, इण वास्तै कोई भी अन्याय नीं करियो है। थारै सूं म्हनै माफी दे। अर म्हारै माथै दया कर, निस्चै ई थूं क्षमा करण आळो अर दयालु है-'।

Hadith

Imam Ahmad : 29

حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ أُسَامَةَ قَالَ أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ عَنْ قَيْسٍ قَالَ قَامَ أَبُو بَكْرٍ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّكُمْ تَقْرَءُونَ هَذِهِ الْآيَةَ { يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا عَلَيْكُمْ أَنْفُسَكُمْ } حَتَّى أَتَى عَلَى آخِرِ الْآيَةِ أَلَا وَإِنَّ النَّاسَ إِذَا رَأَوْا الظَّالِمَ لَمْ يَأْخُذُوا عَلَى يَدَيْهِ أَوْشَكَ اللَّهُ أَنْ يَعُمَّهُمْ بِعِقَابِهِ أَلَا وَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ النَّاسَ وَقَالَ مَرَّةً أُخْرَى وَإِنَّا سَمِعْنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

म्हानै [हम्मद बिन उसामाह] बतार उण कह्यो; म्हांनै [इस्माइल] नै [कैस सूं] बतायो है, बां कैयो; [अबू बकर] खड़यो होयो अर अल्लाह री स्तुति करी अर उणनै शुद्ध करियो अर फेर कह्यो; 'हे लोग, साचाणी, थै ओ श्लोक पढ़ो: 'हे विस्वास करण आळा, खुद नै संभाळो; -आयत रै अंत तांई-, सावधान रैवो, साची, जे लोग किणी अन्यायी नै देखै है, पण वे दोनूं हाथ नीं रोकै है, तो डर है कै अल्लाह बां सगळा नै बराबर सजा देला, सावधान रैवो कै म्हैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'सचमुच, मिनख,' दूजै मौकै उण कैयो; 'वास्तव में, म्हे अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' नै सुण्यो।

Hadith

Imam Ahmad : 30

حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّكُمْ تَقْرَءُونَ هَذِهِ الْآيَةَ { يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا عَلَيْكُمْ أَنْفُسَكُمْ لَا يَضُرُّكُمْ مَنْ ضَلَّ إِذَا اهْتَدَيْتُمْ } وَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ النَّاسَ إِذَا رَأَوْا الظَّالِمَ فَلَمْ يَأْخُذُوا عَلَى يَدَيْهِ أَوْشَكَ أَنْ يَعُمَّهُمْ اللَّهُ بِعِقَابِهِ

म्हानै [यजीद बिन हारून] बतार बो बोल्यो; म्हानै [इस्माइल बिन अबू खालिद] नै [कैस बिन अबू हाजिम] सूं [अबू बकर ऐश शिद्दीक] सूं सूचित करियो है, उण कैयो; 'हे लोग, थै साची में ओ श्लोक पढ़ो: 'हे विस्वास करण आळा, खुद नै संभाळो; जे थनै मार्गदर्शन मिल्यो है तो कोई भी गुमराह मिनख थानै नुकसान कोनी पुगावैला'। - -QS अल मैदाह आयत 105-, अर साचाणी म्हैं अल्लाह रै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'वास्तव में, जे लोग किणी अन्यायी नै देखै है, पण वे उणरा हाथ नीं रोकै है, तो डर है कै अल्लाह बां सगळा नै सजा देला।

Hadith

Imam Ahmad : 31

حَدَّثَنَا يَزِيدُ قَالَ أَخْبَرَنَا هَمَّامٌ عَنْ فَرْقَدٍ السَّبَخِيِّ وَعَفَّانُ قَالَا حَدَّثَنَا مُرَّةُ الطَّيِّبُ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَدْخُلُ الْجَنَّةَ سَيِّئُ الْمَلَكَةِ

म्हानै [यजीद] बतार बो बोल्यो; [फरकद अस सबखी] अर [अफ्फान] दोनूं सूं [हम्मम] नै रिपोर्ट करी है; आपां नै [मुर्राह अथ थायिब] नै [अबू बकर अश शिद्दीक] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं बतायो गयो है, बां कैयो है कै 'कोई भी जिणरो चरित्र भद्दा होवै बो स्वर्ग मांय नीं जावैला'।

Hadith

Imam Ahmad : 32

حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا صَدَقَةُ بْنُ مُوسَى عَنْ فَرْقَدٍ السَّبَخِيِّ عَنْ مُرَّةَ الطَّيِّبِ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَدْخُلُ الْجَنَّةَ خَبٌّ وَلَا بَخِيلٌ وَلَا مَنَّانٌ وَلَا سَيِّئُ الْمَلَكَةِ وَأَوَّلُ مَنْ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ الْمَمْلُوكُ إِذَا أَطَاعَ اللَّهَ وَأَطَاعَ سَيِّدَهُ

म्हानै बतायो है [यजीद बिन हारून] म्हानै बतायो है [शदाकाह बिन मूसा] सूं [फरकाद अस सबखी] सूं [मुर्राह अथ थायिब] सूं [अबू बकर अश सिद्दीक] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं, उण कह्यो है: 'एक धोखेबाज, एक व्यक्ति, एक मिनख जिको आपरै व्यक्तियां रो वरदान लेवैला अर उणरो फायदो उठावैला, स्वर्ग में प्रवेश नीं करैला। जिणरो रवैया बुरो है, अर पैली इच्छा स्वर्ग मांय प्रवेश करण आळो एक दास है जिको आपरै प्रभु अर आपरै स्वामी री आज्ञाकारी है।

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Imam Ahmad : 33

حَدَّثَنَا رَوْحٌ قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ سُبَيْعٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ الصِّدِّيقَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَفَاقَ مِنْ مَرْضَةٍ لَهُ فَخَرَجَ إِلَى النَّاسِ فَاعْتَذَرَ بِشَيْءٍ وَقَالَ مَا أَرَدْنَا إِلَّا الْخَيْرَ ثُمَّ قَالَ حَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ الدَّجَّالَ يَخْرُجُ مِنْ أَرْضٍ بِالْمَشْرِقِ يُقَالُ لَهَا خُرَاسَانُ يَتْبَعُهُ أَقْوَامٌ كَأَنَّ وُجُوهَهُمْ الْمَجَانُّ الْمُطْرَقَةُ

म्हानै बतार [रौह] बो बोल्यो; म्हानै [सईद बिन अबू अरुबाह] नै [अबू अत तैया] सूं [अल मुघिराह बिन सुबाई] सूं ['अमरू बिन हुरैत्स] सूं बतायो गयो है कै [अबू बकर] आपरी बीमारी सूं ठीक होग्या, फेर वै लोगां नै देखण गया अर किणी बात रै वास्तै माफी मांगी अर कैयो; 'म्हानै भलाई रै अलावा कीं नीं चाइजै', फेर कैयो; 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम म्हांनै कैयो है, कै दज्जल धरती रै पूरब हिस्सै सूं प्रकट हुवैला, जिणनै खुरोसन कैवै है, घणकरा लोग उणरै लारै चालैला, बां रा चेहरा जाली ढालां री तरै हुवैला'।

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Imam Ahmad : 34

حَدَّثَنَا رَوْحٌ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ يَزِيدَ بْنِ خُمَيْرٍ قَالَ سَمِعْتُ سُلَيْمَ بْنَ عَامِرٍ رَجُلًا مِنْ أَهْلِ حِمْصَ وَكَانَ قَدْ أَدْرَكَ أَصْحَابَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ مَرَّةً قَالَ سَمِعْتُ أَوْسَطَ الْبَجَلِيَّ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ سَمِعْتُهُ يَخْطُبُ النَّاسَ وَقَالَ مَرَّةً حِينَ اسْتُخْلِفَ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَامَ عَامَ الْأَوَّلِ مَقَامِي هَذَا وَبَكَى أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَقَالَ أَسْأَلُ اللَّهَ الْعَفْوَ وَالْعَافِيَةَ فَإِنَّ النَّاسَ لَمْ يُعْطَوْا بَعْدَ الْيَقِينِ شَيْئًا خَيْرًا مِنْ الْعَافِيَةِ وَعَلَيْكُمْ بِالصِّدْقِ فَإِنَّهُ فِي الْجَنَّةِ وَإِيَّاكُمْ وَالْكَذِبَ فَإِنَّهُ مَعَ الْفُجُورِ وَهُمَا فِي النَّارِ وَلَا تَقَاطَعُوا وَلَا تَبَاغَضُوا وَلَا تَحَاسَدُوا وَلَا تَدَابَرُوا وَكُونُوا إِخْوَانًا كَمَا أَمَرَكُمْ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ

म्हानै बतार [रौह] बो बोल्यो; [यजीद बिन खुमैर] सूं [स्यूबाह] बतार उण कह्यो; मैं [सुलेम बिन अमीर] नै हिमशा रै एक आदमी नै सुण्यो अर वो रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै साथियां सूं मिल्यो, वो कह्यो, अर एक दूजा रोकथा में वो कह्यो; मैं [अबू बकर अश शिद्दीक] सूं [औसथ अल बजाली] सुणी, औसथ कह्यो; मैं बांनै लोगां रै साम्हीं प्रचार करता सुण्यो हो,' अर दूजै मौकै बां कैयो; जद बांनै खलीफा बणायो गयो, तो बां कैयो; 'वास्तव में, रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पैला साल में म्हारी जगां माथै खड़्या हुया,' ​​फेर अबू बकर रोयो, फेर बोल्यो; 'मैं अल्लाह सूं माफी अर मोक्ष मांगूं हूं, क्यूंकै साची में मिनखां नै विश्वास करण रै बाद मोक्ष सूं बेसी कीं नीं मिलै। ईमानदार बणो क्यूंकै वो स्वर्ग मांय है, अर झूठ बोलण सूं बचो क्यूंकै झूठ बोलण सूं बुराई भी हुवै है अर दोनूं ई नरक मांय है।

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Imam Ahmad : 35

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ يَعْنِي ابْنَ عَيَّاشٍ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ زِرٍّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا بَشَّرَاهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ سَرَّهُ أَنْ يَقْرَأَ الْقُرْآنَ غَضًّا كَمَا أُنْزِلَ فَلْيَقْرَأْهُ عَلَى قِرَاءَةِ ابْنِ أُمِّ عَبْدٍ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ وَيَزِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ عَنِ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ قَالَ غَضًّا أَوْ رَطْبًا

म्हानै [यह्या बिन आदम] बतार उण कह्यो; म्हानैं [अबू बकर, अर्थात् इब्न अय्यासी] सूं [अशिम] सूं [जिर्र] सूं [अब्दुल्लाह] सूं बतायो गयो है कै [अबू बकर] अर [उमर] उणनैं आछी खबर पूगाई, कै अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाह व अलैहि वसल्लम) कह्यो कै: प्रकट हुयो, तो उणनै इब्न उम्मी अब्द रै मुजब पढ़णो चाइजै। वो केवे है; म्हानै बतायो है [यह्या बिन आदम] म्हानै बतायो है [अबू बकर] अर [यजीद बिन अब्दुल अजीज] नै [अल अमसी] सूं [इब्राहिम] सूं ['अलकामा] सूं [उमर बिन अल खोथब] नै पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम सूं ऊपरली हदीस री तरै बतायो है, उण 'नरम' या कोमल' कैयो।

Hadith

Imam Ahmad : 36

حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ مَوْلَى بَنِي هَاشِمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ وَسَعِيدُ بْنُ سَلَمَةَ بْنِ أَبِي الْحُسَامِ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي عَمْرٍو عَنْ أَبِي الْحُوَيْرِثِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ أَنَّ عُثْمَانَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ تَمَنَّيْتُ أَنْ أَكُونَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَاذَا يُنْجِينَا مِمَّا يُلْقِي الشَّيْطَانُ فِي أَنْفُسِنَا فَقَالَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَدْ سَأَلْتُهُ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ يُنْجِيكُمْ مِنْ ذَلِكَ أَنْ تَقُولُوا مَا أَمَرْتُ عَمِّي أَنْ يَقُولَهُ

म्हानै बतायो है [अबू सईद] नै बानी हाशिम रो एक पूर्व दास, म्हानै बतायो है [अब्दुल अजीज बिन मुहम्मद] अर [सईद बिन सलामा बिन अबुल हुसम] नै ['अमरू बिन अबू अमरू] सूं [अबुल हुवैरिट्स] सूं [मुहम्मद बिन जुबैर बिन मुथ'इम] नै उमान कह्यो है; म्हैं सुपनो देख्यो कै म्हैं अल्लाह रै रसूल सूं कोई इसी चीज पूछ सकूं जिणसूं आपां नै शैतान री फुसफुसाहट सूं बचायो जा सकै, सो [अबू बकर] कह्यो; मैं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं इण बाबत पूछ्यो, तो बां कैयो: 'इणसूं थानै कांई बचायो जा सकै है, थै वो वाक्य बोलो जिणनै म्हैं म्हारै काकै नै कैवण रो हुकम दियो हो पण वो नीं कैवणो चावै हो'।

Hadith

Imam Ahmad : 37

حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ يُونُسَ عَنِ الْحَسَنِ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ خَطَبَ النَّاسَ فَقَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّ النَّاسَ لَمْ يُعْطَوْا فِي الدُّنْيَا خَيْرًا مِنْ الْيَقِينِ وَالْمُعَافَاةِ فَسَلُوهُمَا اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ

म्हानै [इस्माइल बिन इब्राहिम] नै [यूनुस] सूं [अल हसन] सूं बतायो गयो है कै [अबू बकर] लोगां रै साम्हीं प्रचार करियो, फेर बो बोल्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'हे लोग, वाकई इण दुनिया मांय मिनखां नै आत्मविश्वास अर सुरक्षा सूं बेसी कीं नीं दियो गयो है, सो अल्लाह सूं दोनूं री मांग करो।'

Hadith

Imam Ahmad : 38

حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ قَالَ وَحَدَّثَنِي حُسَيْنُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عِكْرِمَةَ مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ لَمَّا أَرَادُوا أَنْ يَحْفِرُوا لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ الْجَرَّاحِ يَضْرَحُ كَحَفْرِ أَهْلِ مَكَّةَ وَكَانَ أَبُو طَلْحَةَ زَيْدُ بْنُ سَهْلٍ يَحْفِرُ لِأَهْلِ الْمَدِينَةِ فَكَانَ يَلْحَدُ فَدَعَا الْعَبَّاسُ رَجُلَيْنِ فَقَالَ لِأَحَدِهِمَا اذْهَبْ إِلَى أَبِي عُبَيْدَةَ وَلِلْآخَرِ اذْهَبْ إِلَى أَبِي طَلْحَةَ اللَّهُمَّ خِرْ لِرَسُولِكَ قَالَ فَوَجَدَ صَاحِبُ أَبِي طَلْحَةَ أَبَا طَلْحَةَ فَجَاءَ بِهِ فَلَحَدَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

म्हानै [याकूब बिन इब्राहिम] बतायो है [इब्न इशाक] सूं म्हानै [म्हारा पिता] नै बतायो है। वो केवे है; अर म्हानै [हुसैन बिन अब्दुल्ला] नै [इब्न अब्बास री पूर्व दास इकरीमा] सूं [इब्न अब्बास] सूं बतायो है, उण कैयो; जद साथी रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री कब्र खोदणी चावता हा - तो वांरै कनै दो विकल्प हा: - अबू उबैदा बिन अल जर्राह - अगर वे कब्र बणा रैया हा - जिका मक्का रै लोगां री तरै खोदता हा, अर अबू थलहा जैद बिन साहल जिका मदीना रै लोगां री तरै खोदता हा, यानी कब्र बणाता हा, तो अब्बास दो आदमी अर बां सूं एक नै कैयो; 'अबू उबैदा रै कनै जावो!' अर दूजा नै कैयो; 'अबू तल्हा रै कनै जावो! हे अल्लाह, आपरै रसूल नै चुणो'। अर जाहिर तौर माथै अबू तल्हा रै कनै गयो मिनख उणनै ढूंढ लियो अर तुरंत उणनै लेग्यो, फेर उणनै रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम' रै वास्तै लहत बणाई।

Hadith

Imam Ahmad : 39

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ سَعِيدٍ عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ أَخْبَرَنِي عُقْبَةُ بْنُ الْحَارِثِ قَالَ خَرَجْتُ مَعَ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ مِنْ صَلَاةِ الْعَصْرِ بَعْدَ وَفَاةِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِلَيَالٍ وَعَلِيٌّ عَلَيْهِ السَّلَام يَمْشِي إِلَى جَنْبِهِ فَمَرَّ بِحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ يَلْعَبُ مَعَ غِلْمَانٍ فَاحْتَمَلَهُ عَلَى رَقَبَتِهِ وَهُوَ يَقُولُ وَا بِأَبِي شَبَهُ النَّبِيِّ لَيْسَ شَبِيهًا بِعَلِيِّ قَالَ وَعَلِيٌّ يَضْحَكُ

म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन अज़ जुबैर] म्हानै बतायो है [उमर बिन सईद] नै [इब्नू अबिमुलैका] म्हानै बतायो है [उकबा बिन अल हरिथ] उण कह्यो; रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री मौत रै कुछ रातां पछै मैं [अबू बकर अश सिद्दीक] रै साथै असर री नमाज रै बाद बारै गयो, अचाणचक अली उणरै कनै सूं गुजरियो, फेर वो हसन बिन अली रै कनै सूं गुजरियो जको टाबरां रै सागै खेल रैयो हो, सो उणनै आपरै कंधा माथै उठायो अर कैयो; 'हे म्हारा पिताजी, वो पैगम्बर सूं मिलतो-जुलतो है अर अली सूं मिलतो-जुलतो कोनी'। उकबा बोल्यो 'अर अली हँस्यो'।

Hadith

Imam Ahmad : 40

حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ جَابِرٍ عَنْ عَامِرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبْزَى عَنْ أَبِي بَكْرٍ قَالَ كُنْتُ عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسًا فَجَاءَ مَاعِزُ بْنُ مَالِكٍ فَاعْتَرَفَ عِنْدَهُ مَرَّةً فَرَدَّهُ ثُمَّ جَاءَهُ فَاعْتَرَفَ عِنْدَهُ الثَّانِيَةَ فَرَدَّهُ ثُمَّ جَاءَهُ فَاعْتَرَفَ الثَّالِثَةَ فَرَدَّهُ فَقُلْتُ لَهُ إِنَّكَ إِنْ اعْتَرَفْتَ الرَّابِعَةَ رَجَمَكَ قَالَ فَاعْتَرَفَ الرَّابِعَةَ فَحَبَسَهُ ثُمَّ سَأَلَ عَنْهُ فَقَالُوا مَا نَعْلَمُ إِلَّا خَيْرًا قَالَ فَأَمَرَ بِرَجْمِهِ

म्हानै बतायो है [असवाद बिन अमीर] म्हानै बतायो है [इजरायल] सूं [जाबीर] सूं [अमीर] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अबजा] सूं [अबू बकर] उण कह्यो; मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै कनै बैठ्यो हो, अचाणचक माइज बिन मलिक आया अर रसूलल्लाहु अलैहि वसल्लम रै साम्हीं कबूल कर लियो - कै उण व्यभिचार करियो हो - पैली बार पण उण आपरी कबूल करण सूं मना कर दियो, फेर वो उणरै कनै आयो अर उणरै साम्हीं दूजी बार कबूल कर लियो पण उण उणनै कबूल करण सारू आयो अर उणनै कबूल कर दियो, अर उणनै कबूल कर दियो। तीजी बार अर बो मना कर दियो, सो म्हैं उणनै कैयो; 'अगर थै चौथी बार कबूल करोला तो वो थानै पत्थर मार देला,' अबू बकर कह्यो; 'फेर उण चौथी बार कबूल करियो, अल्लाह रा रसूल उणनै हिरासत में ले लियो, फेर उण उणरै बारै में पूछ्यो, तो उणनै जवाब दियो; 'आपनै उणरै बारै में भलाई रै अलावा और कीं नीं मालूम'। सो अल्लाह रा रसूल उणनै पत्थर मारबा रो हुकम दियो'।