Imam Tirmidzi : 81
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ أَبِي فَزَارَةَ عَنْ أَبِي زَيْدٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَسَأَلَنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا فِي إِدَاوَتِكَ فَقُلْتُ نَبِيذٌ فَقَالَ تَمْرَةٌ طَيِّبَةٌ وَمَاءٌ طَهُورٌ قَالَ فَتَوَضَّأَ مِنْهُقَالَ أَبُو عِيسَى وَإِنَّمَا رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ أَبِي زَيْدٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَبُو زَيْدٍ رَجُلٌ مَجْهُولٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ لَا تُعْرَفُ لَهُ رِوَايَةٌ غَيْرُ هَذَا الْحَدِيثِ وَقَدْ رَأَى بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ الْوُضُوءَ بِالنَّبِيذِ مِنْهُمْ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَغَيْرُهُ و قَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ لَا يُتَوَضَّأُ بِالنَّبِيذِ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ و قَالَ إِسْحَقُ إِنْ ابْتُلِيَ رَجُلٌ بِهَذَا فَتَوَضَّأَ بِالنَّبِيذِ وَتَيَمَّمَ أَحَبُّ إِلَيَّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَوْلُ مَنْ يَقُولُ لَا يُتَوَضَّأُ بِالنَّبِيذِ أَقْرَبُ إِلَى الْكِتَابِ وَأَشْبَهُ لِأَنَّ اللَّهَ تَعَالَى قَالَ{ فَلَمْ تَجِدُوا مَاءً فَتَيَمَّمُوا صَعِيدًا طَيِّبًا }
हमरा सब के [हन्नाद] कहलक, हमरा सब के [शरीक] के [अबू फजारा] स [अबू जैद] स [अब्दुल्लाह बिन मसूद] स रिवायत केने अछि ओ कहलनि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सँ पूछलनि: 'अहाँक लोटा मे की अछि?' हम जवाब देलियनि, ‘अरक,’ तखन ओ कहलनि: ‘नीक खजूर आ पवित्र पानि,’ इब्न मसूद कहलनि; 'त' ओ हुनका संग वजूद केलनि'। अबू ईसा कहलनि; 'केवल इ हदीस अबू जैद स अब्दुल्ला स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स रिवायत भेल अछि। एम्हर अबू जैद एहन व्यक्ति छथि जिनका एखन धरि हदीस विशेषज्ञ नहि चिन्हल गेल छथि । हुनका एहि हदीस के छोड़ि कोनो हदीस के रिवायत के बारे में कोनो जानकारी नै अछि | किछु वैज्ञानिकक मत छनि जे कोनो व्यक्ति नबिज -अरक- सँ वजूद क' सकैत अछि । एहि मे सुफियन अत्स त्सौरी आदि सेहो छथि । आ किछु आन लोकक मत छनि जे शराबक संग वज़ूद नहि करबाक चाही। ई शफीई, अहमद आ इशाक के राय छै। इशाक कहलकै; 'जँ एहि सँ ककरो परीक्षा भ' गेलै तखन ओकरा शराब सँ वजूद कर' दियौक, मुदा हम त' तायम्मुम कर' त' बेसी नीक बुझब'। अबू ईसा कहलनि; रहल बात ककरो बातक त'; 'मदिरा के साथ वज़ूद करना जायज नै छै,' कुरान के नजदीक आरू अधिक उपयुक्त छै । कारण अल्लाह तआला कहैत छथि, '-तखन पानि नहि भेटत, तखन नीक - साफ - जमीन पर नमाज पढ़ू'।
Imam Tirmidzi : 82
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَرِبَ لَبَنًا فَدَعَا بِمَاءٍ فَمَضْمَضَ وَقَالَ إِنَّ لَهُ دَسَمًاقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ وَأُمِّ سَلَمَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَأَى بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ الْمَضْمَضَةَ مِنْ اللَّبَنِ وَهَذَا عِنْدَنَا عَلَى الِاسْتِحْبَابِ وَلَمْ يَرَ بَعْضُهُمْ الْمَضْمَضَةَ مِنْ اللَّبَنِ
[कुतैबाह] हमरा सब के कहलक अछि, [अल लैथ] हमरा सब के [उकाइल] स [अज ज़ुहरी] स [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह] स [इब्न अब्बास] स कहलक अछि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दूध पीलनि, तखन पानि मँगलनि आ ओहि सँ मुँह कुल्ला केलनि, तकर बाद कहलनि: 'सत्ते दूध मे चर्बी होइत छैक'। ओ कहलनि; 'एहि अध्याय मे सहल बिन स'द अस सईदी आ उम्म सलामाह सँ सेहो एकटा रिवायत अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'ई एकटा हदीस अछि जे हसन सहीह अछि, किछु विद्वानक मत छनि जे दूध पीलाक बाद व्यक्ति केँ पानि सँ मुँह कुल्ला करबाक आवश्यकता होइत छैक |' जखन कि हमरा सबहक अनुसार ई मात्र सुन्नत अछि। आ किछु मे दूध पीबाक कारणेँ व्यक्ति केँ मुँह कुल्ला करबाक आवश्यकता तक नहि होइत छैक' ।
Imam Tirmidzi : 83
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الزُّبَيْرِيُّ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الضَّحَّاكِ بْنِ عُثْمَانَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ رَجُلًا سَلَّمَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَبُولُ فَلَمْ يَرُدَّ عَلَيْهِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَإِنَّمَا يُكْرَهُ هَذَا عِنْدَنَا إِذَا كَانَ عَلَى الْغَائِطِ وَالْبَوْلِ وَقَدْ فَسَّرَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ ذَلِكَ وَهَذَا أَحَسَنُ شَيْءٍ رُوِيَ فِي هَذَا الْبَابِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ الْمُهَاجِرِ بْنِ قُنْفُذٍ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَنْظَلَةَ وَعَلْقَمَةَ بْنِ الْفَغْوَاءِ وَجَابِرٍ وَالْبَرَاءِ
हमरा सभकेँ [नशर बिन अली] आ [मुहम्मद बिन बस्स्यार] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सब के [अबू अहमद मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह अज़ जुबैर] स [सुफयान] स [अदल द्लाहक बिन उस्मान] स [नफी'] स [इब्न उमर] स कहलक अछि; 'एकटा आदमी छल जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नमस्कार करैत छल जखन नबी के पेशाब क रहल छल, ताहि लेल ओ कोनो जवाब नहि देलक।' अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन सहीह के डिग्री में छै, केवल ई - सलामी के जवाब देना - हमरा सब में मकरूह छै जखन हम सब शौच या पेशाब क रहल छी, जेकर व्याख्या विज्ञान के किछु विशेषज्ञ सब केने छैथ।' आ ई हदीस एहि अध्याय मे रिवायत सबसँ नीक हदीस अछि | अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे अल मुहाजिर बिन कुनफुद्ज, अब्दुल्लाह बिन हंझाला, अलकामाह बिन अल अफ्रा', जाबीर आ अल बर्रा के हदीस सेहो अछि'' |
Imam Tirmidzi : 84
حَدَّثَنَا سَوَّارُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْعَنْبَرِيُّ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَال سَمِعْتُ أَيُّوبَ يُحَدِّثُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ يُغْسَلُ الْإِنَاءُ إِذَا وَلَغَ فِيهِ الْكَلْبُ سَبْعَ مَرَّاتٍ أُولَاهُنَّ أَوْ أُخْرَاهُنَّ بِالتُّرَابِ وَإِذَا وَلَغَتْ فِيهِ الْهِرَّةُ غُسِلَ مَرَّةً قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَ هَذَا وَلَمْ يُذْكَرْ فِيهِ إِذَا وَلَغَتْ فِيهِ الْهِرَّةُ غُسِلَ مَرَّةً وَفِي الْبَاب عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [साववर बिन अब्दुल्लाह अल अनबरी] कहलनि, हमरा सभकेँ [अल मुअतमीर बिन सुलेमान] कहलनि; हम [अय्यूब] स [मुहम्मद बिन सिरिन] स [अबू हुरैरा] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स रिवायत सुनने छी जे ओ कहने छलाह: ‘जँ कोनो बर्तन कुकुर चाटि लेलक त ओकरा सात बेर धोबय पड़त, जाहि मे स एक या अंतिम धरती स अछि। ओना जँ बर्तन बिलाड़ि चाटि गेल अछि तँ एक बेर धो लिअ' । अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि।' ई शफीई, अहमद आ इशाक के राय छै। ई हदीस अबू हुरैरा स, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स सेहो एकटा आओर तरीका स एहि तरहे रिवायत भेल अछि। बस एतबे जे एहि मे ई नहि लिखल छैक जे 'जँ बर्तन बिलाड़ि चाटि लेलक त' बस एक बेर धो दियौक'। एहि अध्याय मे अब्दुल्ला बिन मुगफ़ल सँ सेहो इतिहास अछि' ।
Imam Tirmidzi : 85
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ حُمَيْدَةَ بِنْتِ عُبَيْدِ بْنِ رِفَاعَةَ عَنْ كَبْشَةَ بِنْتِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ وَكَانَتْ عِنْدَ ابْنِ أَبِي قَتَادَةَ أَنَّ أَبَا قَتَادَةَ دَخَلَ عَلَيْهَا قَالَتْ فَسَكَبْتُ لَهُ وَضُوءًا قَالَتْ فَجَاءَتْ هِرَّةٌ تَشْرَبُ فَأَصْغَى لَهَا الْإِنَاءَ حَتَّى شَرِبَتْ قَالَتْ كَبْشَةُ فَرَآنِي أَنْظُرُ إِلَيْهِ فَقَالَ أَتَعْجَبِينَ يَا بِنْتَ أَخِي فَقُلْتُ نَعَمْ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّهَا لَيْسَتْ بِنَجَسٍ إِنَّمَا هِيَ مِنْ الطَّوَّافِينَ عَلَيْكُمْ أَوْ الطَّوَّافَاتِ وَقَدْ رَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ مَالِكٍ وَكَانَتْ عِنْدَ أَبِي قَتَادَةَ وَالصَّحِيحُ ابْنُ أَبِي قَتَادَةَ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ أَكْثَرِ الْعُلَمَاءِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ مِثْلِ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ لَمْ يَرَوْا بِسُؤْرِ الْهِرَّةِ بَأْسًا وَهَذَا أَحَسَنُ شَيْءٍ رُوِيَ فِي هَذَا الْبَابِ وَقَدْ جَوَّدَ مَالِكٌ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ إِسْحَقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ وَلَمْ يَأْتِ بِهِ أَحَدٌ أَتَمَّ مِنْ مَالِكٍ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [इशक बिन मूसा अल अंसारी] कहलक अछि, हमरा सभकेँ कहलक अछि [मा'न] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [मलिक बिन अनस] [इशक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू थल्हाह]सँ [हुमैद बिंत उबैद बिन रिफाअह]सँ [कबस्याह बिंत काअब बिन मलिक] इब्न अबू कतादाहक पत्नीसँ कहलक अछि, जे [अबू कतादाह] हुनका देखय लेल आयल छल। -कबस्याह- कहलक; 'हम ओकरा लेल पानि ढारि देलियैक, अचानक एकटा बिलाड़ि भीतर आबि क' पीबि लेलक, अबू कतादा तखन ओहि बर्तन केँ झुका देलक जाहि सँ बिलाड़ि पीबि सकय'। कबस्याह बाजल; 'अबू कतादाह केँ बुझल छलनि जे हम हुनका देखैत छी, तें ओ कहलनि; 'अहाँ आश्चर्यचकित छी, हमर भाइक बेटी?' हम उत्तर देलियनि, ‘हँ,’ ओ कहलनि; 'सत्ते अल्लाह केरऽ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम न॑ कहलकै कि बिल्ली अशुद्ध नै होय छै । ओ एकटा एहन जानवर अछि जे प्रायः अहाँक चारूकात घुमैत रहैत अछि ।' आ किछु गोटे मलिक सँ रिवायत केलनि जे ओ - कब्स्याह - अबू कतादाक पत्नी छलीह, मुदा सत्य ई अछि जे ओ इब्न अबू कतादाहक पत्नी छलीह | ओ कहलनि; 'एहि अध्याय मे ऐशा आ अबू हुरैरा सँ सेहो एकटा रिवायत अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन सहीह अछि, ई नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ताबी'इन आ हुनका बाद के लोक जेना शफीई, अहमद आ इशाक के साथी सब में स अधिकांश विद्वान के राय अछि | हुनका लोकनिक मत छनि जे बँचल बिलाड़िक पेय मे कोनो हर्ज नहि । आ ई एहि अध्याय मे सबसँ नीक हदीस अछि। इमाम मलिक एहि हदीस केँ नीक मानैत छलाह, अर्थात इशहक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हाह सँ। आ हुनक कथ्य मे मालिक सँ बेसी सिद्ध कियो नहि अछि' ।
Imam Tirmidzi : 86
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ هَمَّامِ بْنِ الْحَارِثِ قَالَبَالَ جَرِيرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ ثُمَّ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ فَقِيلَ لَهُ أَتَفْعَلُ هَذَا قَالَ وَمَا يَمْنَعُنِي وَقَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَفْعَلُهُقَالَ إِبْرَاهِيمُ وَكَانَ يُعْجِبُهُمْ حَدِيثُ جَرِيرٍ لِأَنَّ إِسْلَامَهُ كَانَ بَعْدَ نُزُولِ الْمَائِدَةِ هَذَا قَوْلُ إِبْرَاهِيمَ يَعْنِي كَانَ يُعْجِبُهُمْ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عُمَرَ وَعَلِيٍّ وَحُذَيْفَةَ وَالْمُغِيرَةِ وَبِلَالٍ وَسَعْدٍ وَأَبِي أَيُّوبَ وَسَلْمَانَ وَبُرَيْدَةَ وَعَمْرِو بْنِ أُمَيَّةَ وَأَنَسٍ وَسَهْلِ بْنِ سَعْدٍ وَيَعْلَى بْنِ مُرَّةَ وَعُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ وَأُسَامَةَ بْنِ شَرِيكٍ وَأَبِي أُمَامَةِ وَجَابِرٍ وَأُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ وَابْنِ عُبَادَةَ وَيُقَالُ ابْنُ عِمَارَةَ وَأُبَيُّ بْنُ عِمَارَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ جَرِيرٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
[हन्नाद] हमरा सब के रिवायत केलनि, [वाकी'] हमरा सब के [अल अ'माश] स [इब्राहिम] स [हम्मम इब्न अल-हरित] स रिवायत केलनि ओ कहलनि; [जरीर बिन अब्दुल्लाह] पेशाब केलनि, फेर वजूद केलनि आ अपन खुफ के ऊपर पोछलनि। तखन हुनका कहल गेलनि जे अहाँ ई किएक क' रहल छी?' ओ कहलनि; 'हमरा ई काज करबासँ की रोकैत अछि ? हम अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) के ई काज करैत देखलहुं।' इब्राहिम कहलनि; 'जरीर केरऽ ई हदीस स॑ लोगऽ क॑ तअजुब के अहसास होय जाय छै, कैन्हेंकि जरीर न॑ सूरह अल-मैदा के खुलासा के बाद इस्लाम म॑ प्रवेश करलकै ।' इब्राहिम केरऽ ई कहना छै कि ई हदीस स॑ लोगऽ क॑ तअजुब केरऽ अहसास होय जाय छै । ओ कहलनि; 'एहि अध्याय मे उमर, अली, हुदजाइफा, अल मुगीरा, बिलाल, स'द, अबू अय्यूब, सलमान, बुरैदा, 'अमरू बिन उमय्याह, अनस, सहल बिन स'द, या'ला बिन मुर्रा, उबादा इब्नु शामीद, उसामा बिन सियारिक, अबू उमामा, जबिर, उसामाह बिन जैद आ इब्नु उबदाह, किछु गोटे इहो कहैत छथि, इब्नू उमराह आ उबाई बिन इमारा'। अबू ईसा कहलनि; 'ई जरीर हदीस पद पर हसन प्रामाणिक अछि'।
Imam Tirmidzi : 87
وَيُرْوَى عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ قَالَرَأَيْتُ جَرِيرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ فَقُلْتُ لَهُ فِي ذَلِكَ فَقَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِ فَقُلْتُ لَهُ أَقَبْلَ الْمَائِدَةِ أَمْ بَعْدَ الْمَائِدَةِ فَقَالَ مَا أَسْلَمْتُ إِلَّا بَعْدَ الْمَائِدَةِحَدَّثَنَا بِذَلِكَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ زِيَادٍ التِّرْمِذِيُّ عَنْ مُقَاتِلِ بْنِ حَيَّانَ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ جَرِيرٍ قَالَ وَرَوَى بَقِيَّةُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ أَدْهَمَ عَنْ مُقَاتِلِ بْنِ حَيَّانَ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ جَرِيرٍ وَهَذَا حَدِيثٌ مُفَسَّرٌ لِأَنَّ بَعْضَ مَنْ أَنْكَرَ الْمَسْحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ تَأَوَّلَ أَنَّ مَسْحَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْخُفَّيْنِ كَانَ قَبْلَ نُزُولِ الْمَائِدَةِ وَذَكَرَ جَرِيرٌ فِي حَدِيثِهِ أَنَّهُ رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ بَعْدَ نُزُولِ الْمَائِدَةِ
ई [स्याहर बिन हौस्याब] सँ रिवायत भेल अछि, ओ कहलनि; 'हम देखलहुँ जे [जरीर बिन अब्दुल्लाह] वजूद करैत छलाह, तखन ओ अपन दू टा खुफ पोछि लेलनि।' त हम हुनका स एहि बारे मे पूछलहुं त ओ कहलथि जे हम देखलहुं जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजूद करैत छलाह आ फेर अपन दूटा खूफ पोछैत छलाह। तेँ हम हुनका सँ पुछलियनि, 'ई सूरह अल-मैदाह के प्रकटीकरण सँ पहिने छल आकि ओकर बाद?' ओ कहलनि जे, सूरह अल-मैदा के खुलासा के बाद तक हम मुसलमान नहि बनलहुं। [कुतैबाह] हमरा सभकेँ से बात कहलनि, ओ कहलनि; '[खालिद बिन जियाद अत-तिरमिधि] न॑ हमरा सब स॑, [मुकतिल बिन हय्यान] स॑, [स्याहर बिन हौस्याब] स॑, [जरीर] स॑, बतैन॑ छै’ । कथाकार बजलाह; '[बकियाह] [इब्राहिम बिन अधम] स, [मुकतिल बिन हय्यान] स, [स्याहर बिन हौस्याब] स, [जरीर] स रिवायत अछि। आरू ई एगो साफ हदीस छै, कैन्हेंकि कुछ लोग जे खूफ के ऊपर पोंछै स॑ इनकार करै छै, एकरऽ मतलब ई समझै छै कि नबी (स.अ.व.) न॑ सूरह अल-मैदा के वजह स॑ पहल॑ खूफ के ऊपर पोंछी लेलकै । जरीर अपन हदीस मे उल्लेख केने छथि जे ओ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के सूरह अल-मैदा के खुलासा के बाद अपन खूफ के ऊपर पोछैत देखलनि।
Imam Tirmidzi : 88
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ مَسْرُوقٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيِّ عَنْ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ سُئِلَ عَنْ الْمَسْحِ عَلَى الْخُفَّيْنِ فَقَالَ لِلْمُسَافِرِ ثَلَاثَةٌ وَلِلْمُقِيمِ يَوْمٌ وَذُكِرَ عَنْ يَحْيَى بْنِ مَعِينٍ أَنَّهُ صَحَّحَ حَدِيثَ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ فِي الْمَسْحِ وَأَبُو عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيُّ اسْمُهُ عَبْدُ بْنُ عَبْدٍ وَيُقَالُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَفِي الْبَاب عَنْ عَلِيٍّ وَأَبِي بَكْرَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَصَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ وَعَوْفِ بْنِ مَالِكٍ وَابْنِ عُمَرَ وَجَرِيرٍ
हमरा सभकेँ [कुतैबा] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अबू अवानाह] [सैद बिन मस्रुक]सँ [इब्राहिम अत तैमी]सँ [अमरू बिन मैमुन]सँ [अबू अब्दुल्लाह अल जदली]सँ [खुजैमा बिन त्साबीत]सँ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लमसँ कहलक अछि, जे हुनकासँ एक जोड़ी खुफ पोछबाक विषयमे पूछल गेल अछि, ओ कहलनि: ‘तीन दिन जे यात्रा पर छथि हुनका लेल आ एक दिन जे घर मे रहैत छथि हुनका लेल'। यह्या बिन मैइन स॑ ई भी कहलऽ गेलऽ छेलै कि हुनी खूफ पोंछै के संबंध म॑ खुजैमा बिन थाबीत केरऽ हदीस क॑ प्रमाणित करलकै । आरू अबू अब्दुल्लाह अल जदली के नाम अब्द बिन अब्द छै, जेकरा आमतौर पर अब्दुररहमान बिन अब्द कहलऽ जाय छै । अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि, एहि अध्याय मे अली, अबू बकरह, अबू हुरैरा, शफवान बिन असल, औफ बिन मलिक, इब्न उमर आ जरीर सँ सेहो रिवायत अछि' |
Imam Tirmidzi : 89
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ عَاصِمِ بْنِ أَبِي النَّجُودِ عَنْ زِرِّ بْنِ حُبَيْشٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْمُرُنَا إِذَا كُنَّا سَفَرًا أَنْ لَا نَنْزِعَ خِفَافَنَا ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ وَلَيَالِيهِنَّ إِلَّا مِنْ جَنَابَةٍ وَلَكِنْ مِنْ غَائِطٍ وَبَوْلٍ وَنَوْمٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَى الْحَكَمُ بْنُ عُتَيْبَةَ وَحَمَّادٌ عَنْ إِبْرَاهِيمَ النَّخَعِيِّ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيِّ عَنْ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ وَلَا يَصِحُّ قَالَ عَلِيُّ بْنُ الْمَدِينِيِّ قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ شُعْبَةُ لَمْ يَسْمَعْ إِبْرَاهِيمُ النَّخَعِيُّ مِنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيِّ حَدِيثَ الْمَسْحِ و قَالَ زَائِدَةُ عَنْ مَنْصُورٍ كُنَّا فِي حُجْرَةِ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ وَمَعَنَا إِبْرَاهِيمُ النَّخَعِيُّ فَحَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ التَّيْمِيُّ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ الْجَدَلِيِّ عَنْ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْمَسْحِ عَلَى الْخُفَّيْنِ قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثُ صَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ الْمُرَادِيِّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهُوَ قَوْلُ أَكْثَرِ الْعُلَمَاءِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ مِنْ الْفُقَهَاءِ مِثْلِ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَابْنِ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ قَالُوا يَمْسَحُ الْمُقِيمُ يَوْمًا وَلَيْلَةً وَالْمُسَافِرُ ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ وَلَيَالِيهِنَّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَدْ رُوِيَ عَنْ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّهُمْ لَمْ يُوَقِّتُوا فِي الْمَسْحِ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَهُوَ قَوْلُ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ قَالَ أَبُو عِيسَى وَالتَّوْقِيتُ أَصَحُّ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ أَيْضًا مِنْ غَيْرِ حَدِيثِ عَاصِمٍ
हमरा सब के कहलक अछि [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सब के [अबू अल अहवाश] स ['अशिम बिन अबू अन नुजुद] स [जिरर बिन हुबैसी] स [शफवान बिन अस्सल] स कहलक अछि ओ कहलनि; ' जखन हम सब यात्रा करैत रही तखन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सब के आदेश देलखिन जे तीन दिन तीन राति तक एकरा नहि खोलब सिवाय जखन हम सब जुनब रही। आ एखनो शौच, पेशाब आ सुतबाक लेल पोछब जायज अछि'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि।' अल हकम बिन उतबाह आरू हम्मद न॑ ई हदीस इब्राहिम अन नखाई स॑, अबू अब्दुल्लाह अल जदली स॑, खुजैमा बिन थाबीत स॑ बतैन॑ छै, लेकिन ई प्रामाणिक नै छै । अली इब्नुल मदीनी कहलनि; 'याह्या बिन सै'द कहलनि जे शु'बाह कहलनि; 'इब्राहिम अन नखाई अबू अब्दुल्ला अल जदली स॑ खुफ पोछै के हदीस के बारे म॑ कहियो नै सुनलकै' । जईदा मंसूर स कहलकै, 'हम एक बेर इब्राहिम एट तैमी के कोठरी में छलहुं, जखन कि ओहि समय हम इब्राहिम अन नखाई के संग छलहुं, तखन इब्राहिम अत तैमी हमरा सब के अमरू बिन मैमुन स, अबू अब्दुल्लाह अल जदली स, खुजैमा बिन थाबीत स, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स दू खुफ पोछबाक हदीस के बारे में बतौलनि। मुहम्मद बिन इस्माइल कहलनि; 'एहि अध्याय मे सबसँ नीक हदीस शफवान बिन 'असल अल मुरादी' द्वारा रिवायित हदीस अछि | अबू ईसा कहलनि; 'ई नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ताबी'इन के साथी में से बहुत विद्वानों की राय है और फुकहा के बीच से उनके बाद के लोगों की राय है | जेना सुफियन अतस त्सौरी, इब्नुल मुबारक, स्याफी, अहमद आ इशाक। ओ सभ कहलक; 'घर मे रहनिहार लोक एक दिन-राति खुफ पोछैत छथि आ यात्रा करय बला लोक तीन दिन-तीन राति पोछैत छथि'। अबू ईसा कहलनि; 'किछु वैज्ञानिक विशेषज्ञ सँ ईहो बतौल गेल अछि जे ओ लोकनि एक जोड़ी खुफ पोछबाक समय सीमा नहि निर्धारित करैत छथि |' ई राय मालिक बिन अनस के छैन्ह । अबू ईसा फेर कहलकै, 'जे राय समय सीमा प्रदान करै छै, वू बेसी वैध छै' । ई हदीस ‘अशिम’ हदीस के अलावा शफवान बिन ‘असल’ द्वारा भी रिवायत करलऽ गेलऽ छै ।
Imam Tirmidzi : 90
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الدِّمَشْقِيُّ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ أَخْبَرَنِي ثَوْرُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ رَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ عَنْ كَاتِبِ الْمُغِيرَةِ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ أَعْلَى الْخُفِّ وَأَسْفَلَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ مِنْ الْفُقَهَاءِ وَبِهِ يَقُولُ مَالِكٌ وَالشَّافِعِيُّ وَإِسْحَقُ وَهَذَا حَدِيثٌ مَعْلُولٌ لَمْ يُسْنِدْهُ عَنْ ثَوْرِ بْنِ يَزِيدَ غَيْرُ الْوَلِيدِ بْنِ مُسْلِمٍ قَالَ أَبُو عِيسَى وَسَأَلْتُ أَبَا زُرْعَةَ وَمُحَمَّدَ بْنَ إِسْمَعِيلَ عَنْ هَذَا الْحَدِيثِ فَقَالَا لَيْسَ بِصَحِيحٍ لِأَنَّ ابْنَ الْمُبَارَكِ رَوَى هَذَا عَنْ ثَوْرٍ عَنْ رَجَاءِ بْنِ حَيْوَةَ قَالَ حُدِّثْتُ عَنْ كَاتِبِ الْمُغِيرَةِ مُرْسَلٌ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَمْ يُذْكَرْ فِيهِ الْمُغِيرَةُ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [अबुल वलीद अद डिमास्की] कहलक अछि, हमरा सभकेँ कहलक अछि [अल वलीद बिन मुस्लिम] कहलक अछि, हमरा [त्सौर बिन यजीद]केँ [राजा` बिन हैवाह]सँ [अल मुगिराहक लेखक]सँ [अल मुगिराह बिन स्यूबाह]सँ कहलक अछि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन खूफ के ऊपर आ नीचा रगड़लनि'। अबू ईसा कहलकै, 'ई नबी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ साथी म॑ स॑ एक, तबीईन आरू ओकरा बाद के लोगऽ के ही नै छै जे फुकाहा के बीच स॑ छै । ई राय मालिक, स्याफी आ इशाक सेहो लेलक। ई समस्याग्रस्त हदीस छै, अल वालिद बिन मुस्लिम के अलावा त्साउर बिन यजीद पर कियो भरोसा नै करै छै। अबू ईसा कहलनि; 'हम अबू ज़ुराह आरू मुहम्मद बिन इस्माइल स॑ ई हदीस के बारे म॑ पूछलियै, दोनों न॑ जवाब देलकै, 'ई हदीस प्रामाणिक नै छै, कैन्हेंकि इब्नुल मुबारक न॑ ई हदीस त्साउर स॑, राजा` बिन हैवाह स॑ बतैन॑ छै’ । ओ कहलनि; 'हमरा मुर्सल में शास्त्री अल मुगिराह स, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहल गेल छल, आ एहि में अल मुगिरा के कोनो जिक्र नै अछि'।
Imam Tirmidzi : 91
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَرَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمْسَحُ عَلَى الْخُفَّيْنِ عَلَى ظَاهِرِهِمَاقَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْمُغِيرَةِ حَدِيثٌ حَسَنٌ وَهُوَ حَدِيثُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ وَلَا نَعْلَمُ أَحَدًا يَذْكُرُ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ عَلَى ظَاهِرِهِمَا غَيْرَهُ وَهُوَ قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَأَحْمَدُ قَالَ مُحَمَّدٌ وَكَانَ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ يُشِيرُ بِعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي الزِّنَادِ
हमरा सभकेँ कहने छथि [अली बिन हुजर] कहलनि; हमरा सब के [अब्दुररहमान बिन अबू अज़ जिनाद] [अपन पिता] स [उर्वाह बिन अज़ जुबैर] स [अल मुगिराह बिन स्यूबाह] स कहने छथि ओ कहलनि; ' हम देखलहुँ जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपन दू खुफ के ऊपर रगड़ैत छलाह' । अबू ईसा कहलनि; 'ई अल मुगीराह हदीस हसन डिग्री में अछि, अर्थात अब्दुररहमान बिन अबू अज़ जिनाद के हदीस, हुनकर पिता स, उर्वाह स, अल मुगिरा स।' आ हमरा लोकनि केँ कहियो एहन कियोक जानकारी नहि भेटैत अछि जे अल मुगीरा सँ उरवाह सँ लफाज केर जिक्र केने हो, 'दू खुफन्या केर शीर्ष पर', हुनका छोड़ि। ई अधिकांश वैज्ञानिकक विचार अछि । ई राय सुफियन अतस त्सौरी आ अहमद सेहो लेलनि । मुहम्मद कहलनि; 'मलिक बिन अनस अब्दुररहमान बिन अबू अज जिनाद के संकेत देलखिन'।
Imam Tirmidzi : 92
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ وَمَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ أَبِي قَيْسٍ عَنْ هُزَيْلِ بْنِ شُرَحْبِيلَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَتَوَضَّأَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَسَحَ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ وَالنَّعْلَيْنِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ قَالُوا يَمْسَحُ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ وَإِنْ لَمْ تَكُنْ نَعْلَيْنِ إِذَا كَانَا ثَخِينَيْنِ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَ أَبُو عِيسَى سَمِعْت صَالِحَ بْنَ مُحَمَّدٍ التِّرْمِذِيَّ قَال سَمِعْتُ أَبَا مُقَاتِلٍ السَّمَرْقَنْدِيَّ يَقُولُ دَخَلْتُ عَلَى أَبِي حَنِيفَةَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ فَدَعَا بِمَاءٍ فَتَوَضَّأَ وَعَلَيْهِ جَوْرَبَانِ فَمَسْحَ عَلَيْهِمَا ثُمَّ قَالَ فَعَلْتُ الْيَوْمَ شَيْئًا لَمْ أَكُنْ أَفْعَلُهُ مَسَحْتُ عَلَى الْجَوْرَبَيْنِ وَهُمَا غَيْرُ مُنَعَّلَيْنِ
हमरा सभकेँ [हन्नाद] आ [महमूद बिन घैलन] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सब के [वाकी'] के [सुफयान] स [अबू कैस] स [हुजैल बिन स्यूराहबिल] स [अल मुघिरा बिन स्यूबाह] स कहलक अछि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजूद केलनि, अपन दू टा मोजा आ दुनू चप्पल पोछलनि'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि, आ ई बहुत रास वैज्ञानिक विशेषज्ञक विचार अछि ।' ई राय सुफियन अतस त्सौरी, इब्नुल मुबारक, स्याफीई, अहमद आ इशाक सेहो लेलक | ओ सभ कहलक; 'चप्पल नहि सेहो दुनू मोजा पोछि सकैत अछि जँ दुनू मोट हो' । अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे अबू मूसा द्वारा रिवायत एकटा हदीस सेहो अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'हम सालिह बिन मुहम्मद एट तिरमिधि कहैत सुनने रही; 'हम सुनलहुँ अबू मुकातिल जेना समरकन्दी कहैत छथि; हम अबू हनीफा तखन आयल रही जखन ओ बीमार छलाह आ मृत्युशय्या पर छलाह। ओ हमरा पानि आनय लेल कहलनि आ मोजा पहिरने वजूद केलनि। तकर बाद दुनू गोटे केँ पोछि क' बजलाह, "आइ हम एहन काज केलहुँ जे पहिने कहियो नहि केने रही: मोजा पोछि लेलहुँ, भले ओ चप्पल नहि हो."
Imam Tirmidzi : 93
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ بَكْرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُزَنِيِّ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ ابْنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَتَوَضَّأَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَالْعِمَامَةِقَالَ بَكْرٌ وَقَدْ سَمِعْتُهُ مِنَ ابْنِ الْمُغِيرَةِ قَالَ وَذَكَرَ مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ فِي هَذَا الْحَدِيثِ فِي مَوْضِعٍ آخَرَ أَنَّهُ مَسَحَ عَلَى نَاصِيَتِهِ وَعِمَامَتِهِ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ ذَكَرَ بَعْضُهُمْ الْمَسْحَ عَلَى النَّاصِيَةِ وَالْعِمَامَةِ وَلَمْ يَذْكُرْ بَعْضُهُمْ النَّاصِيَةَ و سَمِعْت أَحْمَدَ بْنَ الْحَسَنِ يَقُولُ سَمِعْتُ أَحْمَدَ بْنَ حَنْبَلٍ يَقُولُ مَا رَأَيْتُ بِعَيْنِي مِثْلَ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْقَطَّانِ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عَمْرِو بْنِ أُمَيَّةِ وَسَلْمَانَ وَثَوْبَانَ وَأَبِي أُمَامَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْهُمْ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَأَنَسٌ وَبِهِ يَقُولُ الْأَوْزَاعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ قَالُوا يَمْسَحُ عَلَى الْعِمَامَةِ و قَالَ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ لَا يَمْسَحُ عَلَى الْعِمَامَةِ إِلَّا بِرَأْسِهِ مَعَ الْعِمَامَةِ وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَمَالِكِ بْنِ أَنَسٍ وَابْنِ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيِّ قَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت الْجَارُودَ بْنَ مُعَاذٍ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعَ بْنَ الْجَرَّاحِ يَقُولُ إِنْ مَسَحَ عَلَى الْعِمَامَةِ يُجْزِئُهُ لِلْأَثَرِ
हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन बस्स्यार] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [सुलेमान अत तैमी] सँ [बकर बिन अब्दुल्लाह अल मुजानी] सँ [अल हसन] सँ [इब्नुल मुघिराह बिन स्यूबाह] सँ [अपन पिता] सँ [याह्या बिन सईद अल कथथान] कहलक अछि ओ कहलनि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजूद केलनि, आ ओ खुफ आ इमामा - माथ पर बान्हल एक तरहक पाग - पोछि देलनि।' [बकर] कहलक; 'हम [इब्नुल मुगिराह] सँ सुनने छी। कथाकार बजलाह; 'मुहम्मद बिन बस्स्यार एहि हदीसक जिक्र आन ठाम केने छथि, जे ओ अपन अग्रभाग आ पाग पोछि लेलनि' | ई हदीस एकटा आओर मार्ग स सेहो रिवायत भेल छल, अल मुगीरा बिन स्यूबाह स। किछु गोटे लफाड्जक जिक्र केलनि; 'अपन अग्रभाग आ पाग सहलाबैत', जखन कि किछु गोटे एकर जिक्र नहि केलनि। आ अहमद इब्नुल हसन के कहैत सुनलियैन; अहमद बिन हंबल कहैत सुनलहुँ; 'हम अपन दू आँखि सँ याह्या बिन सैइद अल कथथान सन ककरो नहि देखलहुँ'। कथावाचक कहलनि, 'एहि अध्याय मे अमरू बिन उमय्याह, सलमान, त्सौबान आ अबू उमामा सँ सेहो इतिहास अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'अल मुगीराह बिन स्यूबाह केरऽ हदीस हसन प्रामाणिक छै, ई राय नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ साथी म॑ स॑ बहुत विद्वान न॑ लेल॑ छै, जेना कि अबू बकर, उमर आरू अनस’ । ई राय अल औजाई, अहमद आरू इशाक के भी छै । ओ सभ कहलक; 'कियो अपन पाग पोछि सकैत अछि'। आ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आ ताबीइन के साथी सब स बहुत रास विद्वान सब कहलनि; 'जखन धरि माथ आ पाग नहि पोछत ता धरि पाग नहि पोछबाक चाही' । ई सूफियन अतस त्सौरी, मलिक बिन अनस, इब्नुल मुबारक आ स्याफ्री के राय छै । अबू ईसा कहलनि: हम अल जरुद बिन मुअदज के कहैत सुनलहुं: हम वाकी’ इब्नुल जर्राह के कहैत सुनलहुं: 'जँ ओ केवल अपन पाग पोछैत छथि त' हुनका लेल ई काफी अछि, कारण ई सुन्नत अछि।'
Imam Tirmidzi : 94
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ الْحَكَمِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ كَعْبِ بْنِ عُجْرَةَ عَنْ بِلَالٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ وَالْخِمَارِ
हमरा सभकेँ [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अली बिन मुशीर] [अल अ'मासी]सँ [अल हकम]सँ [अब्दुररहमान बिन अबू लैला]सँ [काअब बिन उजरा]सँ [बिलाल]सँ कहलक अछि; ' नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक जोड़ी खुफ आ पाग रगड़लनि' ।
Imam Tirmidzi : 95
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ إِسْحَقَ هُوَ الْقُرَشِيُّ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَسَأَلْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ الْمَسْحِ عَلَى الْخُفَّيْنِ فَقَالَ السُّنَّةُ يَا ابْنَ أَخِي قَالَ وَسَأَلْتُهُ عَنْ الْمَسْحِ عَلَى الْعِمَامَةِ فَقَالَ أَمِسَّ الشَّعَرَ الْمَاءَ
हमरा सब के [कुतैबा बिन सईद] कहलक अछि, हमरा सब के [बिसीर बिन अल मुफद्दलाल] के [अब्दुररहमान बिन इशाक अल कुरसी] स, [अबू उबैदाह बिन मुहम्मद बिन अम्मर बिन यासिर] स कहलक अछि; 'हम एक बेर [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] सँ दुनू खुफ पोछबाक विषय मे पूछने रही, तखन ओ जवाब देलनि, 'से त' सुन्नत अछि, हमर भाइक बेटा'।' कहलक; आ हम हुनका इमामा पोछबाक विषय मे सेहो पुछलियनि, त ओ जवाब देलनि, 'केश पानि सँ पोछू'।
Imam Tirmidzi : 96
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ عَنْ كُرَيْبٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ خَالَتِهِ مَيْمُونَةَ قَالَتْ وَضَعْتُ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غُسْلًا فَاغْتَسَلَ مِنْ الْجَنَابَةِ فَأَكْفَأَ الْإِنَاءَ بِشِمَالِهِ عَلَى يَمِينِهِ فَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَأَفَاضَ عَلَى فَرْجِهِ ثُمَّ دَلَكَ بِيَدِهِ الْحَائِطَ أَوْ الْأَرْضَ ثُمَّ مَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ وَغَسَلَ وَجْهَهُ وَذِرَاعَيْهِ ثُمَّ أَفَاضَ عَلَى رَأْسِهِ ثَلَاثًا ثُمَّ أَفَاضَ عَلَى سَائِرِ جَسَدِهِ ثُمَّ تَنَحَّى فَغَسَلَ رِجْلَيْهِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَفِي الْبَاب عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ وَجَابِرٍ وَأَبِي سَعِيدٍ وَجُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ
हमरा सभकेँ [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [वाकी'] [अल अ'मासी]सँ [सलीम बिन अबू अल जु'द]सँ [कुरैब]सँ [इब्न अब्बास]सँ अपन मौसीसँ कहलक अछि - [मैमुनाह] - ओ कहलनि; ' हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लेल स्नान के पानि राखि देलहुं, तखन ओ ओहि सं जुनूब नहा देलखिन्ह. बामा हाथसँ बर्तनकेँ दहिना हाथ पर झुका लेलक , फेर दुनू हथेली धो लेलक। तकर बाद ओ अपन हाथ बर्तन मे राखि अपन जननांग केँ पानि सँ डुबाबैत छलाह आ हाथ देबाल वा जमीन पर रगड़ैत छलाह | तखन मुँह कुल्ला कऽ नाकक छेद मे पानि दऽ मुँह आ दुनू बाँहि-कोहनी धोलनि । तखन तीन बेर माथ पर पानि ढारि क' पानि पूरा देह पर पास करू, फेर हटि क' पैर धोउ'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि, आ एहि अध्याय मे उम्म सलामा, जाबीर, अबू सैद, जुबैर बिन मुथइम आ अबू हुरैरा सँ सेहो रिवायत अछि'।
Imam Tirmidzi : 97
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَرَادَ أَنْ يَغْتَسِلَ مِنْ الْجَنَابَةِ بَدَأَ فَغَسَلَ يَدَيْهِ قَبْلَ أَنْ يُدْخِلَهُمَا الْإِنَاءَ ثُمَّ غَسَلَ فَرْجَهُ وَيَتَوَضَّأُ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ ثُمَّ يُشَرِّبُ شَعْرَهُ الْمَاءَ ثُمَّ يَحْثِي عَلَى رَأْسِهِ ثَلَاثَ حَثَيَاتٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ الَّذِي اخْتَارَهُ أَهْلُ الْعِلْمِ فِي الْغُسْلِ مِنْ الْجَنَابَةِ أَنَّهُ يَتَوَضَّأُ وُضُوءَهُ لِلصَّلَاةِ ثُمَّ يُفْرِغُ عَلَى رَأْسِهِ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ ثُمَّ يُفِيضُ الْمَاءَ عَلَى سَائِرِ جَسَدِهِ ثُمَّ يَغْسِلُ قَدَمَيْهِ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ وَقَالُوا إِنْ انْغَمَسَ الْجُنُبُ فِي الْمَاءِ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ أَجْزَأَهُ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ
[इब्न अबू उमर] हमरा सब के बतौलनि जे [सुफयान बिन उयैनह] हमरा सब के [हिशाम बिन उर्वाह] स [अपन पिता] स [आईशा] स बतेलनि जे कहलनि: 'जखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जनाबा (संयम) के लेल कोनो विधिवत वज़ूद (घुसल) करय जा रहल छलाह त ओ पहिने हाथ धो लैत छलाह पात्र। तकर बाद जननांग धोबैत छलाह, नमाज लेल जेना वजूद करैत छथि, तेना पानि सँ केश कुल्ला करैत छलाह | तकर बाद माथ पर तीन बूंद पानि ढारि दैत छलाह।' अबू ईसा कहलनि: ई हदीस हसन सहीह अछि, आ ई हदीस ओहि हदीस अछि जकरा विद्वान लोकनि जनाबा के लेल विधिवत वज़ूद के संबंध में चुनने छथि | कि मनुष्य जेना नमाज के लेल करैत अछि तेना वज़ूज करथि, तखन माथ पर तीन बूंद पानि ढारि दियौक। तकर बाद पूरा देह पर पानि ढारि क' पैर धोउ।' विद्वान सब एहि हदीस के अभ्यास करैत छथि, कहैत छथि जे जनाबह वाला व्यक्ति जंजीर नै करला पर सेहो पानि में डूबि जाय त ओ काफी अछि।' ई शफीई, अहमद आ इशाक' के राय छै।
Imam Tirmidzi : 98
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ رَافِعٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي امْرَأَةٌ أَشُدُّ ضَفْرَ رَأْسِي أَفَأَنْقُضُهُ لِغُسْلِ الْجَنَابَةِ قَالَ لَا إِنَّمَا يَكْفِيكِ أَنْ تَحْثِينَ عَلَى رَأْسِكِ ثَلَاثَ حَثَيَاتٍ مِنْ مَاءٍ ثُمَّ تُفِيضِينَ عَلَى سَائِرِ جَسَدِكِ الْمَاءَ فَتَطْهُرِينَ أَوْ قَالَ فَإِذَا أَنْتِ قَدْ تَطَهَّرْتِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ الْمَرْأَةَ إِذَا اغْتَسَلَتْ مِنْ الْجَنَابَةِ فَلَمْ تَنْقُضْ شَعْرَهَا أَنَّ ذَلِكَ يُجْزِئُهَا بَعْدَ أَنْ تُفِيضَ الْمَاءَ عَلَى رَأْسِهَا
हमरा सब के [इब्न अबू उमर] कहलक अछि, हमरा सब के [सुफयान] के [अय्यूब बिन मूसा] स [सैद अल मकबुरी] स [अब्दुल्लाह बिन रफी'] स [उम्म सलामा] स कहलक अछि ओ कहलक; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, सचमुच हम एकटा एहन महिला छी जे केश के टाई - बेनी - कसैत छलहुं, जं जुनब के स्नान करब त की हम ओकरा खोलब?' ओ उत्तर देलखिन: 'नहि, मुदा अहाँक लेल ई काफी अछि जे तीन बेर पानि माथ पर ढारि दियौक, तकर बाद पानि पूरा शरीर पर चला दियौक तखन अहाँ शुद्ध भ' जायब, वा ओ कहलनि: 'अहाँ शुद्ध भ' गेलहुँ'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन सहीह अछि।' बहुतो विद्वान एहि हदीस के अभ्यास करैत छथि, कहैत छथि जे जँ कोनो महिला जुनुब के स्नान करैत छथि, आ केश नहि खोलैत छथि तखन शरीर पर पानि बहलाक बाद काफी भ' जाइत छनि'।
Imam Tirmidzi : 99
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا الْحَارِثُ بْنُ وَجِيهٍ قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ دِينَارٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ تَحْتَ كُلِّ شَعْرَةٍ جَنَابَةٌ فَاغْسِلُوا الشَّعْرَ وَأَنْقُوا الْبَشَرَ وَفِي الْبَاب عَنْ عَلِيٍّ وَأَنَسٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْحَارِثِ بْنِ وَجِيهٍ حَدِيثٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِهِ وَهُوَ شَيْخٌ لَيْسَ بِذَاكَ وَقَدْ رَوَى عَنْهُ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ الْأَئِمَّةِ وَقَدْ تَفَرَّدَ بِهَذَا الْحَدِيثِ عَنْ مَالِكِ بْنِ دِينَارٍ وَيُقَالُ الْحَارِثُ بْنُ وَجِيهٍ وَيُقَالُ ابْنُ وَجْبَةَ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [नशर बिन अली] कहलनि, हमरा सभकेँ [अल हरिथ बिन वाजिह] कहलनि; हमरा सब के [मलिक बिन दिनार] [मुहम्मद बिन सिरिन] स [अबू हुरैरा] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहने छथि, ओ कहलनि: 'हर केश के नीचा जुनुब होइत अछि, ताहि लेल केश धोउ आ त्वचा साफ करू'। एहि अध्याय मे अली आ अनस सँ सेहो इतिहास अछि | अबू ईसा कहलनि; 'अल हरिथ बिन वजीह के हदीस एकटा गरीब हदीस छै जेकरा हम सब हुनका स छोड़ि क नै जनैत छी, भले ही ओ कमजोर शेख छलाह।' हुनका सँ किछु विद्वान नहि कहलनि, मुदा ओ असगर ई हदीस, मालिक बिन दिनार सँ बतौलनि | कखनो अल हरिथ बिन वजीह त कखनो इब्न वजबाह' कहल जाइत अछि |
Imam Tirmidzi : 100
حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ الْأَسْوَدِ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ لَا يَتَوَضَّأُ بَعْدَ الْغُسْلِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا قَوْلُ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالتَّابِعِينَ أَنْ لَا يَتَوَضَّأَ بَعْدَ الْغُسْلِ
हमरा सब के [इस्माइल बिन मूसा] कहलक अछि, हमरा सब के [शरीक] के [अबू इशक] स [अल असवद] स [ऐसिया] स कहलक अछि, 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नहाए के बाद वज़ूद नै केने छलाह'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन सहीह हदीस अछि'। अबू ईसा कहलनि; 'आरू ई नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आरू तबीईन केरऽ कुछ साथी सिनी के नै छै, अर्थात स्नान के बाद वज़ूद नै करना' ।