Imam Tirmidzi : 1
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ ح و حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ مُصْعَبِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تُقْبَلُ صَلَاةٌ بِغَيْرِ طُهُورٍ وَلَا صَدَقَةٌ مِنْ غُلُولٍقَالَ هَنَّادٌ فِي حَدِيثِهِ إِلَّا بِطُهُورٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا الْحَدِيثُ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ عَنْ أَبِيهِ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأَنَسٍ وَأَبُو الْمَلِيحِ بْنُ أُسَامَةَ اسْمُهُ عَامِرٌ وَيُقَالُ زَيْدُ بْنُ أُسَامَةَ بْنِ عُمَيْرٍ الْهُذَلِيُّ
हमरा सब के [कुतैबा बिन सईद] कहलक अछि, हमरा सब के [अबू अवानाह] के [सिमक बिन हरब] स कहलक अछि, आ हमरा सब के [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सब के [वाकी’] [इजराइल] स [सिमक] स [मुशअब बिन स’द] स [इब्न उमर] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहलक अछि, ओ कहलनि: ' बिना नमाज के पूरा कयल गेल शुद्धिकरण स्वीकार नहि कयल जायत, आ चोरीक संपत्ति सँ उत्पन्न दक्षिणा स्वीकार नहि कयल जायत' | हन्नाद अपन हदीस मे ‘अशुद्ध’ केर जिक्र केने छथि । अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस एहि अध्याय मे सबसँ प्रामाणिक आ सर्वश्रेष्ठ अछि'। एहि अध्याय मे अबू अल मलिह सँ हुनकर पिता आ अबू हुरैरा आ अनस सँ हदीस सेहो अछि | आरू अबू अल मलिह बिन उसामाह के नाम अमीर छै, जेकरा जैद बिन उसामाह बिन उमैर अल हुद्जाली' भी कहलऽ जाय छै ।
Imam Tirmidzi : 2
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى الْقَزَّازُ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ ح و حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا تَوَضَّأَ الْعَبْدُ الْمُسْلِمُ أَوْ الْمُؤْمِنُ فَغَسَلَ وَجْهَهُ خَرَجَتْ مِنْ وَجْهِهِ كُلُّ خَطِيئَةٍ نَظَرَ إِلَيْهَا بِعَيْنَيْهِ مَعَ الْمَاءِ أَوْ مَعَ آخِرِ قَطْرِ الْمَاءِ أَوْ نَحْوَ هَذَا وَإِذَا غَسَلَ يَدَيْهِ خَرَجَتْ مِنْ يَدَيْهِ كُلُّ خَطِيئَةٍ بَطَشَتْهَا يَدَاهُ مَعَ الْمَاءِ أَوْ مَعَ آخِرِ قَطْرِ الْمَاءِ حَتَّى يَخْرُجَ نَقِيًّا مِنْ الذُّنُوبِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ حَدِيثُ مَالِكٍ عَنْ سُهَيْلٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبُو صَالِحٍ وَالِدُ سُهَيْلٍ هُوَ أَبُو صَالِحٍ السَّمَّانُ وَاسْمُهُ ذَكْوَانُ وَأَبُو هُرَيْرَةَ اخْتُلِفَ فِي اسْمِهِ فَقَالُوا عَبْدُ شَمْسٍ وَقَالُوا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو وَهَكَذَا قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ وَهُوَ الْأَصَحُّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ وَثَوْبَانَ وَالصُّنَابِحِيِّ وَعَمْرِو بْنِ عَبَسَةَ وَسَلْمَانَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَالصُّنَابِحِيُّ الَّذِي رَوَى عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ لَيْسَ لَهُ سَمَاعٌ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاسْمُهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عُسَيْلَةَ وَيُكْنَى أَبَا عَبْدِ اللَّهِ رَحَلَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُبِضَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ فِي الطَّرِيقِ وَقَدْ رَوَى عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحَادِيثَ وَالصُّنَابِحُ بْنُ الْأَعْسَرِ الْأَحْمَسِيُّ صَاحِبُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُقَالُ لَهُ الصُّنَابِحِيُّ أَيْضًا وَإِنَّمَا حَدِيثُهُ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنِّي مُكَاثِرٌ بِكُمْ الْأُمَمَ فَلَا تَقْتَتِلُنَّ بَعْدِي
हमरा सब के कहलक अछि [इशक बिन मूसा अल अंसारी] कहलक अछि, हमरा सब के कहलक अछि [मा'न बिन ईसा अल कज्जाज] कहलक अछि, हमरा सब के [मलिक बिन अनस] कहलक अछि। दोसर मार्गसँ; आरू हमरा सब क॑ [कुतैबा] क॑ [मालिक] स॑ [सुहैल बिन अबू सालिह] स॑ [अपनऽ पिता] स॑ [अबू हुरैरा] स॑ रिवायत करल॑ छै, वू कहलकै, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम न॑ कहलकै कि अगर कोय मुसलमान, या कोनो मुसलमान वज़ूद करै छै, त॑ वू ओकरऽ चेहरा धोबै छै, त॑ वू पाप जे आँखऽ के दृष्टि के कारण ओकरऽ चेहरा प॑ छै, वू पानी के साथ, या साथ निकली जैतै पानिक अंतिम बूंद, वा एहने किछु। जँ हाथ धोओत तँ हाथसँ पाप पानिसँ बाहर निकलत , वा पानिक अंतिम बूंदसँ जा धरि ओ बिना कनिको पाप केने बाहर नहि निकलत' । अबू ईसा कहलनि; 'ई हसन सहीह हदीस अछि, अर्थात मलिक द्वारा सुहैल सँ अपन पिता अबू हुरैरा सँ आ अबू सालिह, सुहैल केर पिता, अर्थात अबू सालिह अस सम्मान सँ, आ ओकर नाम द्जकवान सँ बतौल गेल हदीस। अबू हुरैरा स्वयं एखनो हुनक नाम पर विवादित छथि; कियो अब्दु स्यामसी कहैत छथि, कियो अब्दुल्ला बिन अमरू कहैत छथि आ एहि तरहे मुहम्मद बिन इस्माइल कहलनि; 'से सबसँ सही अछि'। अबू ईसा कहलनि; एहि अध्याय मे उस्मान बिन अफ्फान, थौबान, ऐश शुनाबीही, उमर बिन अबासाह, सलमान, अब्दुल्लाह बिन अमरू, आ ऐश शुनाबीही सँ सेहो रिवायत अछि जे अबू बकर अश शिद्दीक सँ रिवायत केने छथि, मुदा ओ ई बात सीधा अल्लाह शल्लाहु अलैहि व सल्लम केर रसूलुल्लाह सँ नहि सुनने छलाह | हुनकऽ नाम अब्दुररहमान बिन उसैला छेलै, जबकि हुनकऽ उपनाम अबू अब्दुल्लाह छेलै, हुनी नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम स॑ मिलै लेली यात्रा करलकै, जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम केरऽ खुद मौत तखनी होय गेलऽ छेलै जब॑ हुनी अभी भी यात्रा म॑ छेलै । पैगम्बर शल्लाहु अलैहि व सल्लम सँ कतेको हदीस बतौने छथि । अश शुनाबी इब्नुल अ'सर अल अहमसी पैगम्बर शल्लाहु अलैहि व सल्लम के दोस्त छलाह, हुनका ऐश शुनाबीही सेहो कहल जाइत छल | ओ जे हदीस बतौलनि से अछि; ओ कहलनि; हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहैत सुनने रही जे सचमुच हम उम्मा के गुणा करब, तें हमरा बाद अहाँ सब कहियो एक दोसरा के नहि मारब’।
Imam Tirmidzi : 3
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَهَنَّادٌ وَمَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ قَالُوا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْحَنَفِيَّةِ عَنْ عَلِيٍّعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مِفْتَاحُ الصَّلَاةِ الطُّهُورُ وَتَحْرِيمُهَا التَّكْبِيرُ وَتَحْلِيلُهَا التَّسْلِيمُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا الْحَدِيثُ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ هُوَ صَدُوقٌ وَقَدْ تَكَلَّمَ فِيهِ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ قَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت مُحَمَّدَ بْنَ إِسْمَعِيلَ يَقُولُ كَانَ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَالْحُمَيْدِيُّ يَحْتَجُّونَ بِحَدِيثِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ قَالَ مُحَمَّدٌ وَهُوَ مُقَارِبُ الْحَدِيثِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ جَابِرٍ وَأَبِي سَعِيدٍ
हमरा सभकेँ [कुतैबा] आ [हन्नाद] आ [महमूद बिन घैलन] केँ कहल गेल अछि जे ओ सभ कहलनि; [सुफियन] स हमरा सब कए [वाकी'] कए कहने छथि। -दोसर तरीका स एकर उल्लेख अछि- हमरा सब के बता देलक अछि [मुहम्मद बिन बस्यार] कहलक अछि, हमरा सब के बता देलक अछि [अब्दुररहमान बिन महदी] कहलक अछि, हमरा सब के [सूफयान] के [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद बिन अकील] स [मुहम्मद इब्नुल हनाफिया] स [अली] स नबी सल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहलक अछि, ओ कहलनि: 'नमाज के कुंजी शुद्धि अछि, द मना अछि तकबीर आ हलाल नमस्कार'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस एहि अध्याय मे सबसँ प्रामाणिक आ सर्वश्रेष्ठ अछि।' अब्दुल्ला बिन मुहम्मद बिन अकील ईमानदार आदमी छै, लेकिन कुछ वैज्ञानिक छै जे ओकरऽ रटै के बात करै छै । अबू ईसा कहलनि; 'हम मुहम्मद बिन इस्माइल के कहैत सुनने छी; 'अहमद बिन हंबल, इशाक बिन इब्राहिम आरू अल हुमैदी, वू अब्दुल्ला बिन मुहम्मद बिन अकील के हदीस के साथ पोस्टुलेट करै छै । मुहम्मद कहलनि; 'समय नजदीक आबि गेल अछि'। अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे जाबीर आ अबू सईद सँ सेहो इतिहास अछि' |
Imam Tirmidzi : 4
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ مُحَمَّدُ بْنُ زَنْجَوَيْهِ الْبَغْدَادِيُّ وَغَيْرُ وَاحِدٍ قَالَ حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ قَرْمٍ عَنْ أَبِي يَحْيَى الْقَتَّاتِ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِفْتَاحُ الْجَنَّةِ الصَّلَاةُ وَمِفْتَاحُ الصَّلَاةِ الْوُضُوءُ
हमरा सब क॑ [अबू बकर मुहम्मद बिन जंजावीह अल बगदादी] क॑ बतैन॑ छै आरू खाली एगो नै, हुनी कहलकै; हमरा सब के [हुसैन बिन मुहम्मद] कहलक अछि, हमरा सब के [सुलेमान बिन कर्न] के [अबू याह्या अल कत्तात] स [मुजाहिद] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाअल्लाहु 'अनहुमा स कहलक अछि, ओ कहलनि, रसुलुल्लाह शल्लाहु अलैहि व सल्लम कहलनि: 'स्वर्ग के कुंजी नमाज अछि, जखन कि नमाज के कुंजी वज़ूद अछि'।
Imam Tirmidzi : 5
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَهَنَّادٌ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ قَالَ شُعْبَةُ وَقَدْ قَالَ مَرَّةً أُخْرَى أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْخُبْثِ وَالْخَبِيثِ أَوْ الْخُبُثِ وَالْخَبَائِثِقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَلِيٍّ وَزَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَجَابِرٍ وَابْنِ مَسْعُودٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ أَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَحْسَنُ وَحَدِيثُ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ فِي إِسْنَادِهِ اضْطِرَابٌ رَوَى هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ وَسَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ فَقَالَ سَعِيدٌ عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ عَوْفٍ الشَّيْبَانِيِّ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ و قَالَ هِشَامٌ الدَّسْتُوَائِيُّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَرَوَاهُ شُعْبَةُ وَمَعْمَرٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ النَّضْرِ بْنِ أَنَسٍ فَقَالَ شُعْبَةُ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ وَقَالَ مَعْمَرٌ عَنْ النَّضْرِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَبُو عِيسَى سَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا فَقَالَ يُحْتَمَلُ أَنْ يَكُونَ قَتَادَةُ رَوَى عَنْهُمَا جَمِيعًا
हमरा सभ केँ [कुतैबा] आ [हन्नाद] केँ कहने छथि जे ओ सभ कहलनि; हमरा सब के [वाकी'] के [स्यूबाह] स [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] स [अनस बिन मलिक] स कहलक अछि, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जखन ओ शौचालय में प्रवेश करय जा रहल छलाह त ओ कहलनि: 'अल्लाहम्मा इन्नी अ'उद्ज़ू बीका -हे अल्लाह, सचमुच हम अहाँक शरण लैत छी-'। शु'बाह कहलक; 'एकटा आओर समय मे ओ कहलनि: 'अ'उद्ज़ू बीका मिनल खुबत्सी वाल खुबीस -हम अहाँ सँ पुरुष शैतान आ स्त्री शैतान सँ शरण लैत छी- वा अल खुबुत्सी वाल खबा`इट्स -हम अहाँ सँ पुरुष शैतान आ स्त्री शैतान सँ शरण लैत छी-'। अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे अली, जैद बिन अरकाम, जाबिर आ इब्नू मसूद सँ सेहो रिवायत अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'अनस बिन ईसा केरऽ हदीस ई अध्याय म॑ सबसें प्रामाणिक आरू सबसे अच्छा छै । एम्हर जैद बिन अरकाम के हदीस में सनाद में भ्रम अछि। ई हदीस कतादा के हिसियाम अद दस्तुवा`ई आरू सैइद बिन अबू अरूबाह द्वारा भी रिवायत करलऽ गेलऽ छै । सईद न॑ कहलकै कि ई जैद बिन अरकाम स॑ अल कासिम बिन औफ असी स्याबानी स॑ छै । आरू जैद बिन अरकाम केरऽ कतादा स॑ हिस्यम अद दस्तुवा`ई, जबकि स्यूबाह आरू मा’मार न॑ एकरा अन नडलर बिन अनस केरऽ कतादा स॑ बतैन॑ छै । स्यूअबाह एकर जिक्र जैद बिन अरकाम स केने छथि। मा'मार कहलकै कि ई हुनकऽ पिता स॑ अन नदलर बिन अनस स॑, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम स॑ छै । अबू ईसा कहलनि; 'हम मुहम्मद सँ एहि इतिहासक विषय मे पूछलहुँ, तेँ ओ उत्तर देलनि, 'एखनो संभव अछि जे कताद दुनू गोटे सँ रिवायत केने हो' ।
Imam Tirmidzi : 6
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ الضَّبِّيُّ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا دَخَلَ الْخَلَاءَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْخُبْثِ وَالْخَبَائِثِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन अब्दाह अदल द्लाब्बी अल बशरी] कहलनि, हमरा सब के [हम्मद बिन जैद] स [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] स [अनस बिन मलिक] कहलनि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम, जखन ओ शौचालय मे प्रवेश केलनि त कहलनि: 'अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उद्ज़ू बीका मिनाल खुबुत्सी वाल खबा`इट्स -हे अल्लाह, हम अहाँ सँ नर आ मादा शैतान सँ शरण लैत छी-'। अबू ईसा कहलनि; 'ई एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि'।
Imam Tirmidzi : 7
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ إِسْرَائِيلَ بْنِ يُونُسَ عَنْ يُوسُفَ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَرَجَ مِنْ الْخَلَاءِ قَالَ غُفْرَانَكَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ إِسْرَائِيلَ عَنْ يُوسُفَ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ وَأَبُو بُرْدَةَ بْنُ أَبِي مُوسَى اسْمُهُ عَامِرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ قَيْسٍ الْأَشْعَرِيُّ وَلَا نَعْرِفُ فِي هَذَا الْبَابِ إِلَّا حَدِيثَ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा सभ केँ [मुहम्मद बिन इस्माइल] कहलक अछि, हमरा सभ केँ [मलिक बिन इस्माइल] केँ [इजराइल बिन यूनुस] सँ [यूसुफ बिन अबू बुरदाह] सँ [अपन पिता] सँ [ऐस्याह] रदलियाअल्लाहु 'अनहा सँ कहलक अछि, ओ कहलनि; 'जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम शौचालय स बाहर निकललाह त पढ़लथि: 'घुफ्रानका -हमरा अहाँक माफी के आशा अछि-'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन घररीब के रैंक के छै, एकरा बारे में हमरा सब के सिवाय ई बात के जानकारी नै छै कि ई इजरायली हदीस के छै, यूसुफ बिन अबू बुरदा के छै, जबकि अबू बुरदाह बिन अबू मूसा के नाम अमीर बिन अब्दुल्लाह बिन कैस अल अस्यरी छै।' आरू हमरा सब क॑ ई अध्याय म॑ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ ऐश्याह रदलियाअल्लाहु अनहा केरऽ हदीस के अलावा नै पता छै ।
Imam Tirmidzi : 8
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَخْزُومِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَطَاءَ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الْأَنْصَارِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَتَيْتُمْ الْغَائِطَ فَلَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ وَلَا بَوْلٍ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا وَلَكِنْ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُواقَالَ أَبُو أَيُّوبَ فَقَدِمْنَا الشَّامَ فَوَجَدْنَا مَرَاحِيضَ قَدْ بُنِيَتْ مُسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةِ فَنَنْحَرِفُ عَنْهَا وَنَسْتَغْفِرُ اللَّهَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ جَزْءٍ الزُّبَيْدِيِّ وَمَعْقِلِ بْنِ أَبِي الْهَيْثَمِ وَيُقَالُ مَعْقِلُ بْنُ أَبِي مَعْقِلٍ وَأَبِي أُمَامَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَسَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي أَيُّوبَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَصَحُّ وَأَبُو أَيُّوبَ اسْمُهُ خَالِدُ بْنُ زَيْدٍ وَالزُّهْرِيُّ اسْمُهُ مُحَمَّدُ بْنُ مُسْلِمٍ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ شِهَابٍ الزُّهْرِيُّ وَكُنْيَتُهُ أَبُو بَكْرٍ قَالَ أَبُو الْوَلِيدِ الْمَكِّيُّ قَالَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ مُحَمَّدُ بْنُ إِدْرِيسَ الشَّافِعِيُّ إِنَّمَا مَعْنَى قَوْلِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسْتَقْبِلُوا الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ وَلَا بِبَوْلٍ وَلَا تَسْتَدْبِرُوهَا إِنَّمَا هَذَا فِي الْفَيَافِي وَأَمَّا فِي الْكُنُفِ الْمَبْنِيَّةِ لَهُ رُخْصَةٌ فِي أَنْ يَسْتَقْبِلَهَا وَهَكَذَا قَالَ إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ و قَالَ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ رَحِمَهُ اللَّهُ إِنَّمَا الرُّخْصَةُ مِنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي اسْتِدْبَارِ الْقِبْلَةِ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ وَأَمَّا اسْتِقْبَالُ الْقِبْلَةِ فَلَا يَسْتَقْبِلُهَا كَأَنَّهُ لَمْ يَرَ فِي الصَّحْرَاءِ وَلَا فِي الْكُنُفِ أَنْ يَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ
हमरा सब के कहलक अछि [सैद बिन अब्दुररहमान अल मखजुमी] कहलनि, हमरा सब के [सुफयान बिन उयैनह] स [अज ज़ुहरी] स ['अथो` बिन यजीद अल लैत्सी] स [अबू अय्यूब अल अंशरी] स कहलक अछि ओ कहलनि, अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कहलनि: ' यदि अहाँ शौच करैत छी तखन किब्ल के सामना नहि करू या ओकरा दिस पीठ नहि करू, चाहे शौच करब वा शौच करब। छोट। मुदा पूर्व वा पश्चिम मुँह करू'। अबू अय्यूब कहलनि; 'जखन हम सब सीरिया पहुंचलहुं त हुनकर शौचालय किबला के दिशा दिस मुँह क' बनल देखल गेल, तें हम सब हुनका सब सं मुँह घुमा क' अल्लाह सं माफी मंगलहुं'. अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे अब्दुल्लाह बिन अल हरिथ बिन जज`ई अज़ जुबैदी आ म'किल बिन अबू अल हैतसम -जेकरा म'किल बिन अबू उमामा के नाम सँ सेहो जानल जाइत अछि-, अबू हुरैरा आ सुहैल बिन हनीफ सँ सेहो इतिहास अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे अबू अय्यूब द्वारा रिवायित हदीस सबसँ नीक आ सबसँ प्रामाणिक अछि।' अबू अय्यूब के नाम खालिद बिन जैद छै, जबकि अज़ जुहरी के नाम मुहम्मद बिन मुस्लिम बिन उबैदुल्लाह बिन सिहाब अज जुहरी छै, हुनकऽ उपनाम अबू बकर’ छै । अबू अल वालिद अल मक्की कहलनि; अबू अब्दुल्ला मुहम्मद बिन बिन इदरीश असी स्याफी कहलनि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वचन के एकमात्र अर्थ 'शौच या पेशाब करते समय किबला के ओर मुँह न करें या पीठ नहीं घुमाएं' खुला जगह पर है | एम्हर, जं बंद भवन में छी तं किबला के दिशा दिस मुँह करबा में सुविधा छैक. ई बात इशहाक बिन इब्राहिम सेहो कहलनि। एम्हर अहमद बिन हनबल रहीमाहुल्लाह कहलनि; "नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ शौच या पेशाब करै के समय राहत खाली ओकरा तरफ पीठ फेरै के छेलै, जबकि ओकरा सामना करना अखनी तलक अनुमति नै छै ।" जेना इमाम अहमद रेगिस्तान में किबला के सामना करय में कोनो अंतर नै केने होथि या बंद भवन में |
Imam Tirmidzi : 9
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ عَنْ أَبَانَ بْنِ صَالِحٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَنَهَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِبَوْلٍ فَرَأَيْتُهُ قَبْلَ أَنْ يُقْبَضَ بِعَامٍ يَسْتَقْبِلُهَاوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي قَتَادَةَ وَعَائِشَةَ وَعَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرٍ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ
हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन बस्यार] आ [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सब के [वहब बिन जरीर] कहलक अछि, हमरा सब के [हमर पिता] के [मुहम्मद बिन इशक] स [अबन बिन सालिह] स [मुजाहिद] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] स कहलक अछि ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पेशाब करय जाय काल किबला के दिशा के सामना करय स मना क देलखिन, मुदा हम हुनका मरय स एक साल पहिने किबला के दिशा के सामना करैत देखलहुं।' एहि अध्याय मे अबू कतादा, ऐसिया आ अम्मर बिन यासिर' सँ सेहो इतिहास अछि | अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे जाबीर द्वारा रिवायत हदीस हसन घरीब अछि'।
Imam Tirmidzi : 10
وَقَدْ رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ عَنْ أَبِي قَتَادَةَأَنَّهُ رَأَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَبُولُ مُسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةِحَدَّثَنَا بِذَلِكَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ وَحَدِيثُ جَابِرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ لَهِيعَةَ وَابْنُ لَهِيعَةَ ضَعِيفٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ وَغَيْرُهُ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ
आरू ई हदीस [इब्न लहिअह] द्वारा, [अबू जुबैर] स॑, [जाबीर] स॑, [अबू कतादाह] स॑, कि हुनी एक बार नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम क॑ किबला के दिशा के तरफ मुँह करी क॑ पेशाब करतें देखल॑ छेलै । [कुतैबाह] हमरा सभकेँ एना कहने छथि, ओ कहलनि; 'इब्न लहिअह हमरा सभकेँ कहि देने छथि'। आरू जाबिर केरऽ हदीस जे नबी सल्लाह अलैहि व सल्लम स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै, इब्न लहिया केरऽ हदीस स॑ भी अधिक प्रामाणिक छै, कैन्हेंकि इब्न लहिआ हदीस विशेषज्ञ, इमाम याह्या बिन सईद अल कथथान आरू अन्य लोगऽ के अनुसार एक कमजोर व्यक्ति छेलै जे एकरऽ व्याख्या अपनऽ रटला स॑ करी चुकलऽ छै’ ।
Imam Tirmidzi : 11
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ عَنْ عَمِّهِ وَاسِعِ بْنِ حَبَّانَ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَرَقِيتُ يَوْمًا عَلَى بَيْتِ حَفْصَةَ فَرَأَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى حَاجَتِهِ مُسْتَقْبِلَ الشَّامِ مُسْتَدْبِرَ الْكَعْبَةِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सब के [अब्दाह बिन सुलेमान] के [उबैदुल्लाह बिन उमर] स [मुहम्मद बिन याह्या बिन हब्बन] स अपन चाचा स - [वासी' बिन हब्बन] - स [इब्न उमर] स कहलक अछि ओ कहलनि; 'एक दिन हम हफशाह के घर के अटारी पर चढ़लहुं, तखन देखलहुं जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम काबा दिस पीठ क' सीरिया के दिशा दिस मुँह क' क' शौच क' रहल छलाह.' अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस पद पर हसन प्रामाणिक अछि'।
Imam Tirmidzi : 12
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ أَخْبَرَنَا شَرِيكٌ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمَنْ حَدَّثَكُمْ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَبُولُ قَائِمًا فَلَا تُصَدِّقُوهُ مَا كَانَ يَبُولُ إِلَّا قَاعِدًاقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عُمَرَ وَبُرَيْدَةَ وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حَسَنَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَائِشَةَ أَحْسَنُ شَيْءٍ فِي هَذَا الْبَابِ وَأَصَحُّ وَحَدِيثُ عُمَرَ إِنَّمَا رُوِيَ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْكَرِيمِ بْنِ أَبِي الْمُخَارِقِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ عُمَرَ قَالَ رَآنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَنَا أَبُولُ قَائِمًا فَقَالَ يَا عُمَرُ لَا تَبُلْ قَائِمًا فَمَا بُلْتُ قَائِمًا بَعْدُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَإِنَّمَا رَفَعَ هَذَا الْحَدِيثَ عَبْدُ الْكَرِيمِ بْنُ أَبِي الْمُخَارِقِ وَهُوَ ضَعِيفٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ أَيُّوبُ السَّخْتِيَانِيُّ وَتَكَلَّمَ فِيهِ وَرَوَى عُبَيْدُ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ مَا بُلْتُ قَائِمًا مُنْذُ أَسْلَمْتُ وَهَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الْكَرِيمِ وَحَدِيثُ بُرَيْدَةَ فِي هَذَا غَيْرُ مَحْفُوظٍ وَمَعْنَى النَّهْيِ عَنْ الْبَوْلِ قَائِمًا عَلَى التَّأْدِيبِ لَا عَلَى التَّحْرِيمِ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَ إِنَّ مِنْ الْجَفَاءِ أَنْ تَبُولَ وَأَنْتَ قَائِمٌ
हमरा सभकेँ [अली बिन हुजर] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [शरीक] [अल मिकदाम बिन स्यूरैह]सँ [अपन पिता]सँ [ऐस्याह]सँ कहलक अछि ओ कहलनि; 'जे कियो अहाँ के कहत जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ठाढ़ रहैत पेशाब केने छलाह, हुनका पर विश्वास नहि करू, कारण बैसल काल छोड़ि पेशाब नहि केने छलाह'। ओ कहैत छथि; 'एहि अध्याय मे उमर के दोस्त बुरैदा आ अब्दुररहमान बिन हसनह के हदीस सेहो अछि' | अबू ईसा कहलनि; ‘ऐस्याह केरऽ हदीस ई अध्याय म॑ सबसें अच्छा आरू सबसें प्रामाणिक छै, जबकि उमर केरऽ हदीस अब्दुल करीम बिन अबुल मुखरिक केरऽ हदीस स॑, नाफी स॑, इब्न उमर स॑, उमर स॑, बतैलऽ गेलऽ छै; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर हमरा ठाढ़ भ' क' पेशाब करैत देखलनि, तखन ओ कहलनि: 'हे उमर, ठाढ़ भ' क' पेशाब नहि करू,' तेँ ओकर बाद हम फेर कहियो ठाढ़ भ' क' पेशाब नहि केलहुँ'। अबू ईसा कहलनि; एहि हदीस के व्याख्या करय वाला एकमात्र व्यक्ति अब्दुल करीम बिन अबुल मुखरिक छलाह, आ हदीस विशेषज्ञ के अनुसार ओ कमजोर व्यक्ति छलाह | अबू अय्यूब अस सिखतियानी सेहो कमजोर भ' गेल छथि आ एहि पर चर्चा केने छथि'. उबैदुल्लाह नफी' सँ, इब्न उमर सँ रिवायत केने छथि, ओ कहलनि; उमर रदलियाअल्लाहु 'अनहु कहलनि; 'जहिया सँ इस्लाम ग्रहण केलहुँ तहिया सँ ठाढ़ भ' क' कहियो पेशाब नहि केने छी'। आरू ई हदीस अब्दुल करीम केरऽ हदीस स॑ भी अधिक प्रामाणिक छै, जबकि ई अध्याय म॑ बुराइदा केरऽ हदीस महफुद्ज -जाग-' नै छै । एम्हर ठाढ़ भ' क' पेशाब करबाक निषेधक अर्थ शिष्टाचार सँ संबंधित अछि, निषेधात्मक निषेध सँ नहि । अब्दुल्ला बिन मसूद सँ रिवायत, ओ कहलनि; 'असल मे ठाढ़ भ' क' पेशाब करब त' खराब शिष्टाचार थिक'।
Imam Tirmidzi : 13
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَتَى سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ عَلَيْهَا قَائِمًا فَأَتَيْتُهُ بِوَضُوءٍ فَذَهَبْتُ لِأَتَأَخَّرَ عَنْهُ فَدَعَانِي حَتَّى كُنْتُ عِنْدَ عَقِبَيْهِ فَتَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى خُفَّيْهِقَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت الْجَارُودَ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعًا يُحَدِّثُ بِهَذَا الْحَدِيثِ عَنْ الْأَعْمَشِ ثُمَّ قَالَ وَكِيعٌ هَذَا أَصَحُّ حَدِيثٍ رُوِيَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْمَسْحِ و سَمِعْت أَبَا عَمَّارٍ الْحُسَيْنَ بْنَ حُرَيْثٍ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعًا فَذَكَرَ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَكَذَا رَوَى مَنْصُورٌ وَعُبَيْدَةُ الضَّبِّيُّ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ مِثْلَ رِوَايَةِ الْأَعْمَشِ وَرَوَى حَمَّادُ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ وَعَاصِمُ بْنُ بَهْدَلَةَ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَدِيثُ أَبِي وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ أَصَحُّ وَقَدْ رَخَّصَ قَوْمٌ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي الْبَوْلِ قَائِمًا قَالَ أَبُو عِيسَى وَعَبِيدَةُ بْنُ عَمْرٍو السَّلْمَانِيُّ رَوَى عَنْهُ إِبْرَاهِيمُ النَّخَعِيُّ وَعَبِيدَةُ مِنْ كِبَارِ التَّابِعِينَ يُرْوَى عَنْ عَبِيدَةَ أَنَّهُ قَالَ أَسْلَمْتُ قَبْلَ وَفَاةِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِسَنَتَيْنِ وَعُبَيْدَةُ الضَّبِّيُّ صَاحِبُ إِبْرَاهِيمَ هُوَ عُبَيْدَةُ بْنُ مُعَتِّبٍ الضَّبِّيُّ وَيُكْنَى أَبَا عَبْدِ الْكَرِيمِ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [वाकी'] [अल अ'मासी]सँ [अबू व`इल]सँ [हुदजाइफा]सँ कहलक अछि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर कोनो लोकक कूड़ा-करकट पर गेल छलाह, तखन ठाढ़ भ' क' पेशाब केलनि। हम हुनकासँ दूर होबय लेल गेलहुँ , मुदा ओ वास्तवमे हमरा ताबत धरि फोन केलक जाबत हम हुनका कातमे नहि रहि गेलहुँ , तखन ओ वजूद केलक आ अपन खुफ पोछलक । अबू ईसा कहलनि; 'हम [अल जरुद] कहैत सुनलहुँ; 'हम [वाकी'] केँ ई हदीस [अल अ'मासी] सँ कहैत सुनलहुँ, तकर बाद वाकी' कहलनि; 'ई पैगम्बर शल्लाहु अलैहि व सल्लम सँ खुफ पोछै के बारे में बतैलऽ गेलऽ सबसें प्रामाणिक हदीस छेकै । आ हम अबू अम्मर अल हुसैन बिन हुरैब के सेहो कहैत सुनने रही; 'वाकी सुनलहुँ', तखन ओ ई बात कहलनि'। अबू ईसा कहलनि; 'एहि तरहेँ [मंसूर] आ [उबैदा अदल द्लाब्बी] [अबू व`इल] सँ [हुदजाइफा] सँ रिवायत केने छथि, जेना कि अल अ'मासी द्वारा रिवायत कयल गेल अछि' | [हम्मद बिन अबू सुलेमान] आरू [अशिम बिन बिंदाह] न॑ भी [अबू व`इल] स॑, [अल मुगिराह बिन स्यूबाह] स॑, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम स॑ भी रिवायत करलकै । एम्हर हुदजाइफा सँ अबू वईल केर हदीस सबसँ प्रामाणिक हदीस अछि। किछु वैज्ञानिक ठाढ़ रहला पर पेशाब करब आसान बना देने छथि । अबू ईसा कहलनि; 'इब्राहिन अन नखा'ई न॑ अबीदा बिन अमरू अस सलमानी स॑ बतैन॑ छै, आरू 'अबीदाह एक वरिष्ठ ताबी`इन विद्वान छै' । कथ्य अछि जे अबीदा एक बेर कहने छलीह; 'हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के निधन स दू साल पहिने इस्लाम धर्म अपना लेलौं'। एम्हर उबैदा अदल द्लाब्बी इब्राहिम के दोस्त छल, अर्थात उबैदा बिन मुअतिब अदल द्लाब्बी, जिनकर उपनाम अबू अब्दुल करीम छल' |
Imam Tirmidzi : 14
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلَامِ بْنُ حَرْبٍ الْمُلَائِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَنَسٍ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَرَادَ الْحَاجَةَ لَمْ يَرْفَعْ ثَوْبَهُ حَتَّى يَدْنُوَ مِنْ الْأَرْضِقَالَ أَبُو عِيسَى هَكَذَا رَوَى مُحَمَّدُ بْنُ رَبِيعَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَنَسٍ هَذَا الْحَدِيثَ وَرَوَى وَكِيعٌ وَأَبُو يَحْيَى الْحِمَّانِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ قَالَ قَالَ ابْنُ عُمَرَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَرَادَ الْحَاجَةَ لَمْ يَرْفَعْ ثَوْبَهُ حَتَّى يَدْنُوَ مِنْ الْأَرْضِ وَكِلَا الْحَدِيثَيْنِ مُرْسَلٌ وَيُقَالُ لَمْ يَسْمَعْ الْأَعْمَشُ مِنْ أَنَسٍ وَلَا مِنْ أَحَدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَدْ نَظَرَ إِلَى أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ رَأَيْتُهُ يُصَلِّي فَذَكَرَ عَنْهُ حِكَايَةً فِي الصَّلَاةِ وَالْأَعْمَشُ اسْمُهُ سُلَيْمَانُ بْنُ مِهْرَانَ أَبُو مُحَمَّدٍ الْكَاهِلِيُّ وَهُوَ مَوْلًى لَهُمْ قَالَ الْأَعْمَشُ كَانَ أَبِي حَمِيلًا فَوَرَّثَهُ مَسْرُوقٌ
हमरा सभकेँ कहलक अछि [कुतैबा बिन सईद] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अब्दुस्सलम बिन हरब अल मुला`ई] [अल अ'मासी]सँ [अनास]सँ कहलक अछि ओ कहलनि; 'जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपना के राहत देबय चाहैत छलाह त' ओ अपन कपड़ा ता धरि नहि उठौलनि जाबत धरि ओ लगभग जमीन पर नहि छुबि गेल'. अबू ईसा कहलनि; 'एहि तरहें [मुहम्मद बिन रबियाह] एहि हदीस केँ [अल अ'मासी] सँ, [अनास] सँ रिवायत केलनि'। जखन कि [वाकी'] आ [अबू याह्या अल हिम्मानी] [अल अ'मासी] सँ रिवायत केलनि, ओ कहलनि; ' [इब्न उमर] कहलनि; 'जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपना के राहत देबय चाहैत छलाह त' ओ अपन कपड़ा ता धरि नहि उठौलनि जाबत धरि ओ लगभग जमीन पर नहि छुबि गेल'. आ ई दुनू हदीस मुर्सल अछि। इहो कहलऽ जाय छै कि अल अमासी न॑ अनस स॑ नै सुनलकै, नै ही नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ कोनो साथी स॑ । अनस बिन मलिक देखलनि, तखन कहलनि; ‘अनसकेँ प्रार्थना करैत देखलहुँ,’ तखन हुनकासँ नमाजक विषयमे उल्लेख केलनि । एम्हर अल अ'माशक नाम सुलेमान बिन मिहरान अबू मुहम्मद अल काहिली छलनि, आ ओ बनी काहिलीक पूर्व गुलाम छलाह | अल अ'माश कहलनि; 'हमर पिताजीक एकटा बच्चा छलनि जे एखनो गर्भ मे छल तखन मसरुक केँ विरासत मे भेटल छलनि।'
Imam Tirmidzi : 15
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عُمَرَ الْمَكِّيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَتَادَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى أَنْ يَمَسَّ الرَّجُلُ ذَكَرَهُ بِيَمِينِهِوَفِي هَذَا الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَسَلْمَانَ وَأبِي هُرَيْرَةَ وَسَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو قَتَادَةَ الْأَنْصَارِيُّ اسْمُهُ الْحَارِثُ بْنُ رِبْعِيٍّ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ كَرِهُوا الِاسْتِنْجَاءَ بِالْيَمِينِ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन अबू उमर अल मक्की] कहलक अछि, हमरा सब के [सुफयान बिन उयैनह] के [मा'मर] स [याह्या बिन अबू कत्सिर] स [अब्दुल्लाह बिन अबू कतादाह] स [अपन पिता] स कहलक अछि; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोनो आदमी के ओकर दाहिना हाथ स ओकर जननांग के स्पर्श करय स मना क देलखिन'। एहि अध्याय मे ऐसिया, सलमान, अबू हुरैरा आ सुहैल बिन हनीफ के इतिहास सेहो अछि | अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि।' एम्हर अबू कतादाह अल अंसारी के नाम अल हरिथ अर रिब'ई अछि । वैज्ञानिक विशेषज्ञऽ के अनुसार ई हदीस के प्रयोग ई छै कि दाहिना हाथ के प्रयोग करी क॑ इस्टिंजा` -सेबोक- करना जायज छै' ।
Imam Tirmidzi : 16
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ قِيلَ لِسَلْمَانَقَدْ عَلَّمَكُمْ نَبِيُّكُمْ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلَّ شَيْءٍ حَتَّى الْخِرَاءَةَ فَقَالَ سَلْمَانُ أَجَلْ نَهَانَا أَنْ نَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ بِغَائِطٍ أَوْ بَوْلٍ وَأَنْ نَسْتَنْجِيَ بِالْيَمِينِ أَوْ أَنْ يَسْتَنْجِيَ أَحَدُنَا بِأَقَلَّ مِنْ ثَلَاثَةِ أَحْجَارٍ أَوْ أَنْ نَسْتَنْجِيَ بِرَجِيعٍ أَوْ بِعَظْمٍقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَخُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ وَجَابِرٍ وَخَلَّادِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِيهِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ سَلْمَانَ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ قَوْلُ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ رَأَوْا أَنَّ الِاسْتِنْجَاءَ بِالْحِجَارَةِ يُجْزِئُ وَإِنْ لَمْ يَسْتَنْجِ بِالْمَاءِ إِذَا أَنْقَى أَثَرَ الْغَائِطِ وَالْبَوْلِ وَبِهِ يَقُولُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ
हमरा सभकेँ [हन्नाद] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अबू मुअवियाह] [अल अमासी]सँ [इब्राहिम]सँ [अब्दुररहमान बिन यजीद]सँ कहलक अछि ओ कहलनि: 'की अहाँक पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अहाँ सभकेँ शौच करबाक तरीका धरि सब किछु सिखाओलनि?' [सलमान] जवाब देलकै, 'सही छै, ओ हमरा सब के शौच या पेशाब के समय किबला के सामना करै स, दहिना हाथ स इस्टिंजा` करय स, आ तीन पाथर स कम स इस्टिंजा` करय स मना क देलखिन, आ जानवर के गोबर या हड्डी के प्रयोग स इस्टिंजा` करय स मना क देलखिन। अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे ऐसिया, खुजैमा बिन थाबीत, जाबीर, खल्लाद इब्न अस सा`इब, हुनक पिता सँ सेहो इतिहास अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे सलमान के हदीस हसन प्रामाणिक अछि, ई नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी आओर हुनका बाद आयल लोक मे सं अधिकांश विद्वान के राय अछि. हुनका लोकनिक मानब छनि जे पाथर सँ इस्टिंजा' करब पर्याप्त अछि भले पानि सँ नहि कयल जाय, जाबत धरि पाथर गंदगी निकालबा मे सक्षम भ' गेल हो | ई राय अतस त्सौरी, इब्नुल मुबारक, असी स्याफीई, अहमद, आरू इशाक' के भी छै ।
Imam Tirmidzi : 17
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ وَقُتَيْبَةُ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ إِسْرَائِيلَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَخَرَجَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِحَاجَتِهِ فَقَالَ الْتَمِسْ لِي ثَلَاثَةَ أَحْجَارٍ قَالَ فَأَتَيْتُهُ بِحَجَرَيْنِ وَرَوْثَةٍ فَأَخَذَ الْحَجَرَيْنِ وَأَلْقَى الرَّوْثَةَ وَقَالَ إِنَّهَا رِكْسٌقَالَ أَبُو عِيسَى وَهَكَذَا رَوَى قَيْسُ بْنُ الرَّبِيعِ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ نَحْوَ حَدِيثِ إِسْرَائِيلَ وَرَوَى مَعْمَرٌ وَعَمَّارُ بْنُ رُزَيْقٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَرَوَى زُهَيْرٌ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ الْأَسْوَدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَرَوَى زَكَرِيَّا بْنُ أَبِي زَائِدَةَ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ الْأَسْوَدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ وَهَذَا حَدِيثٌ فِيهِ اضْطِرَابٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ الْعَبْدِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ قَالَ سَأَلْتُ أَبَا عُبَيْدَةَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ هَلْ تَذْكُرُ مِنْ عَبْدِ اللَّهِ شَيْئًا قَالَ لَا قَالَ أَبُو عِيسَى سَأَلْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَيُّ الرِّوَايَاتِ فِي هَذَا الْحَدِيثِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ أَصَحُّ فَلَمْ يَقْضِ فِيهِ بِشَيْءٍ وَسَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا فَلَمْ يَقْضِ فِيهِ بِشَيْءٍ وَكَأَنَّهُ رَأَى حَدِيثَ زُهَيْرٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْأَسْوَدِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ أَشْبَهَ وَوَضَعَهُ فِي كِتَابِ الْجَامِعِ قَالَ أَبُو عِيسَى وَأَصَحُّ شَيْءٍ فِي هَذَا عِنْدِي حَدِيثُ إِسْرَائِيلَ وَقَيْسٍ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ لِأَنَّ إِسْرَائِيلَ أَثْبَتُ وَأَحْفَظُ لِحَدِيثِ أَبِي إِسْحَقَ مِنْ هَؤُلَاءِ وَتَابَعَهُ عَلَى ذَلِكَ قَيْسُ بْنُ الرَّبِيعِ قَالَ أَبُو عِيسَى و سَمِعْت أَبَا مُوسَى مُحَمَّدَ بْنَ الْمُثَنَّى يَقُولُ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ مَهْدِيٍّ يَقُولُ مَا فَاتَنِي الَّذِي فَاتَنِي مِنْ حَدِيثِ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ إِلَّا لِمَا اتَّكَلْتُ بِهِ عَلَى إِسْرَائِيلَ لِأَنَّهُ كَانَ يَأْتِي بِهِ أَتَمَّ قَالَ أَبُو عِيسَى وَزُهَيْرٌ فِي أَبِي إِسْحَقَ لَيْسَ بِذَاكَ لِأَنَّ سَمَاعَهُ مِنْهُ بِآخِرَةٍ قَالَ و سَمِعْت أَحْمَدَ بْنَ الْحَسَنِ التِّرْمِذِيَّ يَقُولُ سَمِعْتُ أَحْمَدَ بْنَ حَنْبَلٍ يَقُولُ إِذَا سَمِعْتَ الْحَدِيثَ عَنْ زَائِدَةَ وَزُهَيْرٍ فَلَا تُبَالِي أَنْ لَا تَسْمَعَهُ مِنْ غَيْرِهِمَا إِلَّا حَدِيثَ أَبِي إِسْحَقَ وَأَبُو إِسْحَقَ اسْمُهُ عَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ السَّبِيعِيُّ الْهَمْدَانِيُّ وَأَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ لَمْ يَسْمَعْ مِنْ أَبِيهِ وَلَا يُعْرَفُ اسْمُهُ
हमरा सभ केँ [हन्नाद] आ [कुतैबा] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सब के [वाकी’] के [इजराइल] स [अबू इशक] स [अबू उबैदा] स [अब्दुल्लाह] स कहलक अछि, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपना के राहत देबय लेल निकलल छलाह, ओ तखन कहलनि: 'हमरा तीन टा पत्थर खोजू,' अबू उबैद कहलनि; 'त' हम ओकरा लेल दू टा पाथर आ एकटा सुखायल जानवरक गोबर अनलहुँ, ओ बस दू टा पाथर ल' क' जानवरक गोबर फेकि देलक तखन कहलक: 'सत्ते जानवरक गोबर अशुद्ध अछि'। अबू ईसा कहलनि; '[कैस बिन अर रबी'] न॑ ई हदीस क॑ [अबू इशाक] स॑, [अबू उबैदा] स॑, [अब्दुल्लाह] स॑ ई तरह स॑ बतैलकै जेना कि इस्राइल द्वारा बतैलऽ गेलऽ हदीस । [मा'मार] आरू [अम्मर बिन रुजैक] न॑ भी [अबू इशाक] स॑, [अलकामाह] स॑, [अब्दुल्लाह] स॑ बतैन॑ छै । [जुहैर] [अबू इशक] स, [अब्दुररहमान इब्नुल असवद] स, अपन पिता - [अल असवद बिन यजीद] - स, [अब्दुल्लाह] स रिवायत छथि। ओना एहि हदीस मे भ्रम अछि। हमरा सब के कहलक अछि मुहम्मद बिन बस्स्यार अल अब्दी कहलक, हमरा सब के कहलक अछि मुहम्मद बिन जाफर कहलक, हमरा सब के कहलक अछि स्यूबाह स 'अमरू बिन मुर्राह ओ कहलक; 'अबदुल्लाक किछु मोन अछि?' ओ उत्तर देलनि, 'नहि'। अबू ईसा कहलनि; 'हम अब्दुल्ला बिन अब्दुररहमान सँ पुछलियनि; अबू इशाक के हदीस में कोन रिवाज सबस बेसी प्रामाणिक अछि?' मुदा ओ किछु उत्तर नहि देलक। आ हम मुहम्मदसँ सेहो पुछलियनि, मुदा ओहो कोनो जवाब नहि देलनि'। जेना देखलक जे अबू इशक सँ, अब्दुररहमान इब्नुल असवद सँ, पिता सँ, अब्दुल्ला सँ जुहैर हदीस मे समानता छैक, तखन ओ ओकरा अल जामी किताब मे राखि देलक''। अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे हमरा हिसाबे सबसँ प्रामाणिक अछि अबू इशाक सँ, अबू उबैदा सँ, अब्दुल्ला सँ इजरायल आ कैस केर हदीस।' कारण इजरायल एहन व्यक्ति अछि जे आन लोक स बेसी मजबूत अछि आ अबू इशाक के हदीस रटैत अछि। एकरा कैस बिन अर रबी न॑ मजबूत करलकै'' । अबू ईसा कहलनि; 'हम अबू मूसा मुहम्मद इब्नुल मुत्सन्ना के कहैत सुनने रही; अब्दुररहमान बिन महदी कहैत सुनलहुँ; 'ई हमरा स॑ नै हेराय गेलऽ छै जेना कि हमरा स॑ सूफियान अतस त्सौरी के हदीस स॑ हेराय गेलऽ छै, अबू इशक स॑ सिवाय कुछ ऐसनऽ चीज के जेकरा हम्में इजरायल स॑ पकड़ी लै छियै, कैन्हेंकि हुनी एकरा कुछ अधिक सिद्ध के साथ बतैन॑ छै' । अबू ईसा कहलनि; 'अबू इशक सँ जुहैर के इतिहास एहन नै छै, कारण अंत में सुनने छल'। ओ कहलनि; 'हम अहमद इब्नुल हसन एट तुर्मुद्जी कहैत सुनने रही; 'अहमद बिन हंबल कहैत सुनलहुँ; 'जदि अहाँ जैदाह आ जुहैर सँ हदीस सुनैत छी तखन निश्चित रहू, भले अहाँ एकरा ककरो सँ नहि सुनने होयब, सिवाय अबू इशहाक सँ हदीस के, जखन कि अबू इशाक के नाम अमरू बिन अब्दुल्लाह अस सबी अल हमदानी अछि, आ अबू उबैदा बिन अब्दुल्लाह बिन मसौद अपन पिता सँ नहि सुनने छलाह, आ हुनकर नाम सेहो अछि अनजान'।
Imam Tirmidzi : 18
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسْتَنْجُوا بِالرَّوْثِ وَلَا بِالْعِظَامِ فَإِنَّهُ زَادُ إِخْوَانِكُمْ مِنْ الْجِنِّوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَسَلْمَانَ وَجَابِرٍ وَابْنِ عُمَرَ قَالَ أَبُو عِيسَى وَقَدْ رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَغَيْرُهُ عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّهُ كَانَ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيْلَةَ الْجِنِّ الْحَدِيثَ بِطُولِهِ فَقَالَ الشَّعْبِيُّ إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا تَسْتَنْجُوا بِالرَّوْثِ وَلَا بِالْعِظَامِ فَإِنَّهُ زَادُ إِخْوَانِكُمْ مِنْ الْجِنِّ وَكَأَنَّ رِوَايَةَ إِسْمَعِيلَ أَصَحُّ مِنْ رِوَايَةِ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا الْحَدِيثِ عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ وَفِي الْبَاب عَنْ جَابِرٍ وَابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا
हमरा सब के कहलक [हन्नाद] कहलक, हमरा सब के [हफश बिन घियात] स [दाऊद बिन अबू हिंद] स [अश स्या'बी] स [अलकामा] स [अब्दुल्लाह बिन मसूद] स कहलक अछि, रसुलुल्लाह शलाहु अलैहि व सल्लम कहलनि: 'पशु के गोबर आ हड्डी के प्रयोग स अपन संस्कार नहि करू, कियाक त वास्तव में ओ सब अहाँक भाई के भोजन अछि जिन्न'। एहि अध्याय मे अबू हुरैरा, सलमान, जाबिर आ इब्न उमर' के हदीस सेहो अछि | अबू ईसा कहलनि; ' [इस्माइल बिन इब्राहिम] आरू एकरऽ अलावा ई हदीस [दाऊद बिन अबू हिंद] स॑, [एश स्या'बी] स॑, [अलकामाह] स॑, [अब्दुल्लाह] स॑ बतैलकै कि वू नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ लैलातुल कदर के रात म॑ छेलै... हदीस लम्बा छै । ऐश स्याबी कहलनि, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'गंदगी आ हड्डी सं नहि खाउ किएक त' वास्तव मे ई जिन्न सँ अहाँक भाइ सभक भोजन अछि'। जेना इस्माइल केरऽ रिवायत हदीस हफश बिन घियात केरऽ रिवायत स॑ भी अधिक प्रामाणिक होय । विद्वान लोकनि एहि हदीसक अभ्यास करैत छथि | आरू हदीस म॑ एगो आरू हदीस छै जे जाबीर आरू इब्न उमर रदलियाअल्लाहु ‘अनहुमा’ न॑ बतैन॑ छै ।
Imam Tirmidzi : 19
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي الشَّوَارِبِ الْبَصْرِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُعَاذَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمُرْنَ أَزْوَاجَكُنَّ أَنْ يَسْتَطِيبُوا بِالْمَاءِ فَإِنِّي أَسْتَحْيِيهِمْ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَفْعَلُهُوَفِي الْبَاب عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْبَجَلِيِّ وَأَنَسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَعَلَيْهِ الْعَمَلُ عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ يَخْتَارُونَ الِاسْتِنْجَاءَ بِالْمَاءِ وَإِنْ كَانَ الِاسْتِنْجَاءُ بِالْحِجَارَةِ يُجْزِئُ عِنْدَهُمْ فَإِنَّهُمْ اسْتَحَبُّوا الِاسْتِنْجَاءَ بِالْمَاءِ وَرَأَوْهُ أَفْضَلَ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَابْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ
हमरा सभकेँ [कुतैबा] आ [मुहम्मद बिन अब्दुल मलिक बिन अबू असी स्यावरीब अल बशरी] दुनू गोटे कहलनि; हमरा सभ केँ [अबू अवानाह] केँ [कोतादाह] सँ [मुअदजाह] सँ [ऐस्याह] सँ कहलक अछि; 'अपन पति सब के पानि स शुद्ध करबाक आदेश दियौ, हम हुनका सब स लाज करैत छी, सचमुच अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ई काज केने छलाह'। एहि अध्याय मे जरीर बिन अब्दुल्लाह अल बजाली के दोस्त अनस आ अबू हुरैरा के हदीस सेहो अछि | अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक छै, आरू अहलुल इल्मी ई हदीस के अभ्यास करै छै, वू पानी स॑ शुद्ध करना चुनै छै भले ही ओकरा पत्थर स॑ शुद्ध करना वैध लगै छै, आरू वू पानी स॑ शुद्ध करना पसंद करै छै, कैन्हेंकि ओकरा ई बात क॑ अधिक महत्वपूर्ण समझै छै । ई राय सुफियन अतस त्सौरी, इब्नुल मुबारक, स्याफीई, अहमद आरू इशाक' न॑ लेलकै ।
Imam Tirmidzi : 20
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَكُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَأَتَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَاجَتَهُ فَأَبْعَدَ فِي الْمَذْهَبِقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي قُرَادٍ وَأَبِي قَتَادَةَ وَجَابِرٍ وَيَحْيَى بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ أَبِيهِ وَأَبِي مُوسَى وَابْنِ عَبَّاسٍ وَبِلَالِ بْنِ الْحَارِثِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَيُرْوَى عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ يَرْتَادُ لِبَوْلِهِ مَكَانًا كَمَا يَرْتَادُ مَنْزِلًا وَأَبُو سَلَمَةَ اسْمُهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ الزُّهْرِيُّ
हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन बस्यार] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [अब्दुल वहाब अतस त्साफी] [मुहम्मद बिन अमरू]सँ [अबू सलामाह]सँ [अल मुघीरा बिन स्यूबाह]सँ कहलक अछि ओ कहलनि; 'हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ यात्रा पर छेलियै, तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपना के राहत द क एकटा आओर जगह पर चलि गेलाह'। अबू ईसा कहलनि; 'एहि अध्याय मे मित्र अब्दुररहमान बिन अबू कुराद, अबू कतादाह, जाबीर, याह्या बिन उबैद केर हदीस सेहो अछि जे हुनक पिता अबू मूसा, इब्न अब्बास आ मित्र बिलाल बिन हरिथ सँ भेटल अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'ई हदीस हसन प्रामाणिक अछि, आ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ सेहो रिवायत अछि, जे पेशाब करबा काल ओ अपन मूत्रालय केँ ओहिना ढकैत छलाह जेना घर ढकैत छल | आरू अबू सलामाह के नाम अब्दुल्लाह बिन अब्दुररहमान बिन ‘औफ अज़ ज़ुहरी’ छै ।