Imam Tirmidzi : 3881
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ خَالِدٍ الْحِمْصِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَأَهْدَى رَجُلٌ مِنْ بَنِي فَزَارَةَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَاقَةً مِنْ إِبِلِهِ الَّتِي كَانُوا أَصَابُوا بِالْغَابَةِ فَعَوَّضَهُ مِنْهَا بَعْضَ الْعِوَضِ فَتَسَخَّطَهُ فَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى هَذَا الْمِنْبَرِ يَقُولُ إِنَّ رِجَالًا مِنْ الْعَرَبِ يُهْدِي أَحَدُهُمْ الْهَدِيَّةَ فَأُعَوِّضُهُ مِنْهَا بِقَدْرِ مَا عِنْدِي ثُمَّ يَتَسَخَّطُهُ فَيَظَلُّ يَتَسَخَّطُ عَلَيَّ وَايْمُ اللَّهِ لَا أَقْبَلُ بَعْدَ مَقَامِي هَذَا مِنْ رَجُلٍ مِنْ الْعَرَبِ هَدِيَّةً إِلَّا مِنْ قُرَشِيٍّ أَوْ أَنْصَارِيٍّ أَوْ ثَقَفِيٍّ أَوْ دَوْسِيٍّقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ وَهُوَ أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ يَزِيدَ بْنِ هَارُونَ عَنْ أَيُّوبَ
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन इस्माइल] हमसे कहिस है [अहमद बिन खालिद अल हिमशी] हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन इशाक] से [सैद बिन अबू सईद अल मकबुरी] से [उनके पिता] से [अबू हुरैरा] उ कहिन; 'बनी फजराह के एक आदमी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जंगल से मिले कईयो ऊंटन से एक ऊँट उपहार मा दिहिस, फिर उ ओकरे जगह कई ऊँट दिहिस, लेकिन बेदूइन आदमी खुश नाहीं रहा। तब हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का ई पल्पिट से कहते सुना: 'वास्तव मा, अरब आबादी के एक आदमी ने हमका एक उपहार दिहिस रहा, फिर हम ओका बदले मा कुछ अइसन दिहे रहेन, लेकिन उ खुश नाहीं भवा अऊर इहाँ तक कि हमसे अउर भी नाराज होइ गवा, अल्लाह के कसम, ई जगह के बाद हम खड़ा हई, हम अरब से कउनो उपहार स्वीकार नाहीं करब सिवाय कुसर या अंशर या अंशक से। दाउस'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन हदीस है। अऊर ई हदीस अय्यूब से यजीद इब्न हारून के हदीस से ज्यादा प्रामाणिक है।
Imam Tirmidzi : 3882
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ وَغَيْرُ وَاحِدٍ قَالُوا حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا أَبِي قَال سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مَلَاذٍ يُحَدِّثُ عَنْ نُمَيْرِ بْنِ أَوْسٍ عَنْ مَالِكِ بْنِ مَسْرُوحٍ عَنْ عَامِرِ بْنِ أَبِي عَامِرٍ الْأَشْعَرِيِّ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نِعْمَ الْحَيُّ الْأَسْدُ وَالْأَشْعَرِيُّونَ لَا يَفِرُّونَ فِي الْقِتَالِ وَلَا يَغُلُّونَ هُمْ مِنِّي وَأَنَا مِنْهُمْ قَالَ فَحَدَّثْتُ بِذَلِكَ مُعَاوِيَةَ فَقَالَ لَيْسَ هَكَذَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ هُمْ مِنِّي وَإِلَيَّ فَقُلْتُ لَيْسَ هَكَذَا حَدَّثَنِي أَبِي وَلَكِنَّهُ حَدَّثَنِي قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ هُمْ مِنِّي وَأَنَا مِنْهُمْ قَالَ فَأَنْتَ أَعْلَمُ بِحَدِيثِ أَبِيكَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ وَهْبِ بْنِ جَرِيرٍ وَيُقَالُ الْأَسْدُ هُمْ الْأَزْدُ
हम [इब्राहिम बिन याकूब] अऊर दूसरन का बतावा गा है, उइ कहिन; हमसे कहिस है [वहब बिन जरीर] हमसे कहिस है [मेरे पिता] उ कहिन; हम [अब्दुल्ला बिन मलाड्ज] का [नुमैर बिन औस] से [मलिक बिन मसरुह] से [अमीर बिन अबू अमीर अल अस्यारी] से [उनके पिता] से एक कहानी सुनावत सुने रहेन, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'सबसे अच्छा लोग हैं -बानी असद अऊर अस्यारिय्यिन के लोग-, उ युद्ध या भ्रष्टाचार से दूर नाहीं भागत हैं -लूटे गए धन का छुपावत हैं-, उ मोर हिस्सा से हैं अऊर मैं ओनके हिस्सा से हौं'। कथावाचक कहिन; 'त हम [मुआविया] से ई बात कहेन, अऊर उ कहिन; 'ई रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन नाहीं, बल्कि उ कहिन: 'वे मोर अऊर मोर हिस्सा हैं'। तौ हम तर्क दिहेन; 'ई बात मोर पिताजी नाहीं बताइन, लेकिन उ कहिन; हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुना: 'वे मोर तरफ से हैं अऊर मैं ओनके तरफ से हौं'। मुआविया कहिन; 'तुम अपने पिता के हदीस का बेहतर जानत हौ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक गरीब हदीस है, हम ईका वहब बिन जरीर के हदीस के अलावा नाहीं जानित, अऊर असद का आजाद भी कहा जात है'।
Imam Tirmidzi : 3883
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَسْلَمُ سَالَمَهَا اللَّهُ وَغِفَارٌ غَفَرَ اللَّهُ لَهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي ذَرٍّ وَأَبِي بَرْزَةَ الْأَسْلَمِيِّ وَبُرَيْدَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन बसियार] हमसे कहिन है [अब्दुर्रहमान बिन महदी] हमसे कहिन है [स्यूबाह] से [अब्दुल्लाह बिन दीनार] से [इब्न उमर] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से उ कहिन: 'बनी असलम काहे से कि उ अल्लाह द्वारा बचावा गा है, अऊर गिहिफार काहे से कि उ अल्लाह द्वारा माफ कीन गा है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है, अऊर ई अध्याय मा, ई अबू ज़ार अऊर अबू बरजाह अल असलमी, बुरैदा अऊर अबू हुरैरा रदलियाअल्लाहु अन्हू से भी रिवायित कीन गा है'।
Imam Tirmidzi : 3884
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَسْلَمُ سَالَمَهَا اللَّهُ وَغِفَارٌ غَفَرَ اللَّهُ لَهَا وَعُصَيَّةُ عَصَتْ اللَّهَ وَرَسُولَهُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُؤَمَّلٌ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ نَحْوَ حَدِيثِ شُعْبَةَ وَزَادَ فِيهِ وَعُصَيَّةُ عَصَتْ اللَّهَ وَرَسُولَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे [अली बिन हुजर] [इब्न उमर] से [अब्दुल्लाह बिन दीनार] से [इस्माइल बिन जाफर] बतावा गा है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'बनी असलम काहे से कि उ अल्लाह द्वारा बचावा गा है अऊर बानी घिफर काहे से कि उ अल्लाह द्वारा माफ कीन गा है। इ बीच, 'उशैय्या काहे से कि उ अल्लाह अऊर उनके रसूल के आज्ञा न मानिन'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है। हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिन हैं [मुअमल] हमसे [सुफयान] [अब्दुल्ला बिन दीनार] से बताइन हैं जइसे कि स्यूबा के हदीस अऊर उ थोड़ा जोड़िन; 'अऊर 'उशय्याह ने अल्लाह अऊर उनके रसूल के आज्ञा न मानी है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।
Imam Tirmidzi : 3885
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَغِفَارٌ وَأَسْلَمُ وَمُزَيْنَةُ وَمَنْ كَانَ مِنْ جُهَيْنَةَ أَوْ قَالَ جُهَيْنَةُ وَمَنْ كَانَ مِنْ مُزَيْنَةَ خَيْرٌ عِنْدَ اللَّهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مِنْ أَسَدٍ وَطَيِّئٍ وَغَطَفَانَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे कहिस है [कुतैबा] हमसे [अल मुघिराह बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू अज जिन्नद] से [अल अ'राज] से [अबू हुरैराह] कहिस है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'उनके कसम जेकरे हाथन मा मुहम्मद के आत्मा है, वास्तव मा बनू घिफार, असलम, मुजैना अऊर जे जुहैनाह मा हैं -या ओकरे वचन- जुहैनाह मा हैं, अऊर जे मुज़ैनाह मा हैं, उ अल्लाह के नजर मा बनू असद से बेहतर हैं, गद्हाई अऊर पुनरुत्थान के दिन।' अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।
Imam Tirmidzi : 3886
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ جَامِعِ بْنِ شَدَّادٍ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ مُحْرِزٍ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ قَالَ جَاءَ نَفَرٌ مِنْ بَنِي تَمِيمٍ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَبْشِرُوا يَا بَنِي تَمِيمٍ قَالُوا بَشَّرْتَنَا فَأَعْطِنَا قَالَ فَتَغَيَّرَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَجَاءَ نَفَرٌ مِنْ أَهْلِ الْيَمَنِ فَقَالَ اقْبَلُوا الْبُشْرَى فَلَمْ يَقْبَلْهَا بَنُو تَمِيمٍ قَالُوا قَدْ قَبِلْنَا قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिन हैं [अब्दुर्रहमान बिन महदी] हमसे [सुफयान] से [जामी' बिन स्याददाद] से [शफवान बिन मुहरिज़] से ['इमरान बिन हुशैन] कहिन हैं; 'बनी तमीम से लोगन का एक समूह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले आवा रहा, तौ उ कहिन: 'खुश रहौ हे बनी तमीम'। उइ जवाब दिहिन; 'तुम हमका खुशखबरी दिहिन हौ, यहिसे हमका कुछ दइ द्या'। 'इमरान कहिन; 'फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का चेहरा बदल गवा, कुछ देर बाद ही यमन के निवासियन के एक समूह उनके पास आवा, तब उ कहिन: 'अच्छी खबर का स्वीकार करा, काहे से कि बनू तमीम ईका स्वीकार नाहीं करय चाहत हैं!' उइ कहिन; 'हे रसूलाल्लाह हम मान लेत हैं'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।
Imam Tirmidzi : 3887
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرَةَ عَنْ أَبِيهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَسْلَمُ وَغِفَارٌ وَمُزَيْنَةُ خَيْرٌ مِنْ تَمِيمٍ وَأَسَدٍ وَغَطَفَانَ وَبَنِي عَامِرِ بْنِ صَعْصَعَةَ يَمُدُّ بِهَا صَوْتَهُ فَقَالَ الْقَوْمُ قَدْ خَابُوا وَخَسِرُوا قَالَ فَهُمْ خَيْرٌ مِنْهُمْقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमसे कहिन है [महमूद बिन घैलान] हमसे कहिन है [अबू अहमद] हमसे [सुफयान] [अब्दुल मलिक बिन उमैर] से [अब्दुर्रहमान बिन अबू बकरा] से [अपने पिता] से कहिन है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम ने कहा है: 'बनी असलम, घीफर मुजान अऊर बनीम असलाम से बेहतर हैं, घटफन। अऊर बानी अमीर बिन शशाअह जेकर आवाज जोर रही'। तौ कुछ लोग कहत हैं; 'वे दुखी अऊर नुकसान मा होइहैं'। उन्होंने कहा: तो वे - बानी असलम, घिफर और मुजैना - उनसे बेहतर हैं - बानी तमीम, असद और घटफान और बानी अमीर बिन शशाअह -'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।
Imam Tirmidzi : 3888
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ آدَمَ ابْنُ ابْنَةِ أَزْهَرَ السَّمَّانِ حَدَّثَنِي جَدِّي أَزْهَرُ السَّمَّانُ عَنْ ابْنِ عَوْنٍ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي شَامِنَا اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي يَمَنِنَا قَالُوا وَفِي نَجْدِنَا قَالَ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي شَامِنَا وَبَارِكْ لَنَا فِي يَمَنِنَا قَالُوا وَفِي نَجْدِنَا قَالَ هُنَاكَ الزَّلَازِلُ وَالْفِتَنُ وَبِهَا أَوْ قَالَ مِنْهَا يَخْرُجُ قَرْنُ الشَّيْطَانِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ عَوْنٍ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ أَيْضًا عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे [बिसिर बिन आदम, अजहर बिन अस सामन के पोता] [इब्न औन] से [नफी] से [इब्न उमर] से [बिसिर बिन आदम, अजहर अस सामन] से बतावा गा है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'हे अल्लाह, हमरे शम के धरती मा हमका आशीर्वाद दे, अल्लाह, हमरे यमन के धरती मा हमका आशीर्वाद दे।' उइ -मित्र- कहिन; 'अऊर हमरे नजद इलाका मा?' उ कहिन: 'हे अल्लाह, हमका हमरे शाम भूमि मा आशीर्वाद दे, अऊर हमरे यमन भूमि मा हमका आशीर्वाद दे'। उइ -मित्र- कहिन; 'अऊर हमरे नजद इलाका मा?' उ कहिन: 'भूकंप अऊर बदनामी होइहैं'। या उ कहिन: 'उनसे शैतान के सींग निकलिहैं'। अबू ईसा कहिन; ई हदीस एक हसन शाहीह है, ई मार्ग से गरीब हदीस है, अर्थात् इब्न औन के हदीस से। अऊर ई हदीस [सलीम बिन अब्दुल्ला बिन उमर] से [उनके पिता] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से भी सुनाई गै है'।
Imam Tirmidzi : 3889
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا أَبِي قَال سَمِعْتُ يَحْيَى بْنَ أَيُّوبَ يُحَدِّثُ عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ شِمَاسَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ قَالَكُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نُؤَلِّفُ الْقُرْآنَ مِنْ الرِّقَاعِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طُوبَى لِلشَّامِ فَقُلْنَا لِأَيٍّ ذَلِكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ لِأَنَّ مَلَائِكَةَ الرَّحْمَنِ بَاسِطَةٌ أَجْنِحَتَهَا عَلَيْهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ أَيُّوبَ
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिन हैं [वहब बिन जरीर] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] उ कहिन; हम [यह्या बिन अय्यूब] का [यजीद बिन अबू हबीब] से [अब्दुर्रहमान बिन सिमसाह] से [जैद बिन थाबित] से एक कहानी सुनावत सुनेन, उ कहिन; 'हम रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बगल मा खजूर के पत्तन से कुरान लिखेन, फिर रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'सीरिया के लोग भाग्यशाली हैं'। फिर हम पूछेन; 'अरे अल्लाह के रसूल अइसन काहे अहै?' उ कहिन: 'वास्तव मा, परम दयालु के दूत - अल्लाह - ने सीरिया के धरती पर आपन पंख फैलावा है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन गरीब हदीस है, हम सिर्फ याह्या बिन अय्यूब के हदीस से जानत हैं'।
Imam Tirmidzi : 3890
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ الْعَقَدِيُّ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيَنْتَهِيَنَّ أَقْوَامٌ يَفْتَخِرُونَ بِآبَائِهِمْ الَّذِينَ مَاتُوا إِنَّمَا هُمْ فَحْمُ جَهَنَّمَ أَوْ لَيَكُونُنَّ أَهْوَنَ عَلَى اللَّهِ مِنْ الْجُعَلِ الَّذِي يُدَهْدِهُ الْخِرَاءَ بِأَنْفِهِ إِنَّ اللَّهَ قَدْ أَذْهَبَ عَنْكُمْ عُبِّيَّةَ الْجَاهِلِيَّةِ وَفَخْرَهَا بِالْآبَاءِ إِنَّمَا هُوَ مُؤْمِنٌ تَقِيٌّ وَفَاجِرٌ شَقِيٌّ النَّاسُ كُلُّهُمْ بَنُو آدَمَ وَآدَمُ خُلِقَ مِنْ تُرَابٍوَفِي الْبَاب عَنْ ابْنِ عُمَرَ وَابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन बसियार] हमसे कहिन है [अबू अमीर अल 'अकादी] हमसे कहिन है [हिस्याम बिन सद] से [सैद बिन अबू सईद अल मकबुरी] से [अबू हुरैरा] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से उ कहिन: 'उनका तुरंत अपने पूर्वजन के बारे मा रोक दें - नरक के कोयला जहन्नाम- या उ अल्लाह के नजर मा जानवरन से ज्यादा घृणित हैं जवन आपन नाक से गंदगी धकेलत हैं, निस्चय ही अल्लाह आपसे जाहिलिया के आह्वान अऊर आपके पूर्वजन मा घमंड हटा दिहिस है, - जे मौजूद हैं - केवल भक्त विश्वासी या दरिद्र पापी हैं, सब मनुष्य आदम के संतान हैं, जबकि आदम के गंदगी से बनावा गा रहा। अऊर यहि अध्याय मा, इब्न उमर अऊर इब्न अब्बास से एक इतिहास भी है। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन गरीब हदीस है'।
Imam Tirmidzi : 3891
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مُوسَى بْنِ أَبِي عَلْقَمَةَ الْفَرْوِيُّ الْمَدَنِيُّ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ هِشَامِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ قَدْ أَذْهَبَ اللَّهُ عَنْكُمْ عُبِّيَّةَ الْجَاهِلِيَّةِ وَفَخْرَهَا بِالْآبَاءِ مُؤْمِنٌ تَقِيٌّ وَفَاجِرٌ شَقِيٌّ وَالنَّاسُ بَنُو آدَمَ وَآدَمُ مِنْ تُرَابٍقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ وَهَذَا أَصَحُّ عِنْدَنَا مِنْ الْحَدِيثِ الْأَوَّلِ وَسَعِيدٌ الْمَقْبُرِيُّ قَدْ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ وَيَرْوِي عَنْ أَبِيهِ أَشْيَاءَ كَثِيرَةً عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَقَدْ رَوَى سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَغَيْرُ وَاحِدٍ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ هِشَامِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَ حَدِيثِ أَبِي عَامِرٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ سَعْدٍ
हमसे कहिन है [हारून बिन मूसा बिन अबू 'अलकमह अल फरवी अल मदनी] ने हमसे [मेरे पिता] से [हिस्याम बिन सद] से [सैद बिन अबू सैद] से [उनके पिता] से [अबू हुरैरा रदलियाहू अनहू] से कहा है कि अल्लाह के रसूल सल्लाह अलैहि वसललम ने कहा है: जाहिलिया अऊर अपने पूर्वजन पर गर्व, -केवल- एक आस्तिक है जे भक्त है या एक पजीर - एक पापी है - जे दरिद्र है, सब मनुष्य आदम के संतान हैं, अऊर आदम जमीन से बनावा गा रहा'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन हदीस है, अऊर हमरे विचार से, ई हदीस पहिली हदीस से ज्यादा प्रामाणिक है, काहे से कि सैद अल मकबुरी ने ई अबू हुरैरा से सुना रहा, अऊर उ अपने पिता से अबू हुरैरा रदलियाल्लाहु अन्हू से बहुत सारी हदीस भी सुनाइन। ई हदीस [सुफयान अत्स त्सौरी] अऊर [हिस्याम बिन सद] से [सैद अल मकबुरी] से [अबू हुरैरा] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से दूसरन द्वारा भी सुनाई गै रही जइसे कि अबू अमीर द्वारा हिश्याम बिन सद से सुनाई गई हदीस।