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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Tirmidzi (الإمام الترمذي) - 3891 Hadith

Hadith

Imam Tirmidzi : 3841

حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ السَّرِيِّ وَالْمُؤَمَّلُ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَبْغَضُ الْأَنْصَارَ رَجُلٌ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिन है [महमूद बिन घैलान] हमसे कहिन हैं [बिसिर बिन अस सर्री] अऊर [अल मुअमल] दुइनौ कहिन; हमका [सुफयान] से [हबीब बिन अबू थाबित] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'अल्लाह अऊर आखिरी दिन मा विश्वास करै वाले लोग अंसार से नफरत न करैं'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3842

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَال سَمِعْتُ قَتَادَةَ يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْأَنْصَارُ كَرِشِي وَعَيْبَتِي وَإِنَّ النَّاسَ سَيَكْثُرُونَ وَيَقِلُّونَ فَاقْبَلُوا مِنْ مُحْسِنِهِمْ وَتَجَاوَزُوا عَنْ مُسِيئِهِمْقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे कहिस है [स्यूबाह] उ कहिन; हम [कतादाह] का [अनास बिन मलिक] से एक कहानी सुनावत सुने रहेन, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अंसार मोर करीबी दोस्त अऊर मोर रहस्यन के रखवाले हैं। लोग बहुत होइहैं अऊर वै - अंसार - कम होइहैं, यहै कारन ओनके भलाई का स्वीकार करौ अऊर ओनके बुराई का माफ करौ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3843

حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا أَبُو يَحْيَى الْحِمَّانِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ طَارِقِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهُمَّ أَذَقْتَ أَوَّلَ قُرَيْشٍ نَكَالًا فَأَذِقْ آخِرَهُمْ نَوَالًاقَالَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الْوَرَّاقُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْأُمَوِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ نَحْوَهُ

हमसे कहिन [अबू कुरैब] हमसे [अबू याह्या अल हिम्मानी] से [अल अमासी] से [थारिक बिन अब्दुर्रहमान] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'हे अल्लाह, तुमने कुरैश के पहिली पीढ़ी का यातना दिहिस है, तौ ओनके आखिरी पीढ़ी का अनुग्रह प्रदान करा'। कथावाचक कहिन; अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहिह गरीब हदीस है, ई हमका बतावा गा है [अब्दुल वहाब अल वराक] हमका [यह्या बिन सईद अल अमावी] [अल अमासी] से ऊपर के हदीस के तरह बताइस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3844

حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ بْنُ دِينَارٍ الْكُوفِيُّ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مَنْصُورٍ عَنْ جَعْفَرٍ الْأَحْمَرِ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَنَسٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِلْأَنْصَارِ وَلِأَبْنَاءِ الْأَنْصَارِ وَلِأَبْنَاءِ أَبْنَاءِ الْأَنْصَارِ وَلِنِسَاءِ الْأَنْصَارِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे कहा गा है [अल कासिम बिन दीनार अल कुफी] ने हमसे [इशाक बिन मंशुर] से [जाफर अल अहमर] से [अथा बिन अस साईब] से [अनास] से कहा है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे अल्लाह, अंसार के पापों को माफ कर दो, और अंसार के संतानों और अंसार और औरतन के नाती अंसार'। अबू ईसा कहिन; 'इस राह से, यह हदीस एक हसन गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3845

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْأَنْصَارِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَا أُخْبِرُكُمْ بِخَيْرِ دُورِ الْأَنْصَارِ أَوْ بِخَيْرِ الْأَنْصَارِ قَالُوا بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بَنُو النَّجَّارِ ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ بَنُو عَبْدِ الْأَشْهَلِ ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ بَنُو الْحَارِثِ بْنِ الْخَزْرَجِ ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ بَنُو سَاعِدَةَ ثُمَّ قَالَ بِيَدِهِ فَقَبَضَ أَصَابِعَهُ ثُمَّ بَسَطَهُنَّ كَالرَّامِي بِيَدَيْهِ قَالَ وَفِي دُورِ الْأَنْصَارِ كُلِّهَا خَيْرٌقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا أَيْضًا عَنْ أَنَسٍ عَنْ أَبِي أُسَيْدٍ السَّاعِدِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे [अल लैट्स बिन सद] [यह्या बिन सईद अल अंसारी] से कहिन है कि उ [अनस बिन मलिक] का कहत सुने रहे; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'क्या आप नहीं चाहते कि मैं आपको अंसार का सबसे अच्छा घर या अंसार का सबसे अच्छा घर बताऊँ?' उइ जवाब दिहिन; 'बिलकुल हे अल्लाह के रसूल'। उ कहिन: 'अर्थात बानी नज्जर, फिर ओनके बाद बानी अब्दुल असीहाल, फिर ओनके बाद बानी अल हरिथ बिन अल खजराज, फिर ओनके बाद बानी सैदा'। फिर उ आपन उंगली का मुट्ठी मा कस के इशारा किहिन अऊर ओनका फिर से छोड़ दिहिन जइसे केहू अपने हाथ से फेंक दिहिस होय। फिर आगे कहिन- 'अऊर अंसार के घरे मा सब अच्छा है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है, अऊर ई हदीस पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से [अनुस] से [अबू उसैद अस सैदी] से भी रिवायित कीन गा है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3846

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَال سَمِعْتُ قَتَادَةَ يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ عَنْ أَبِي أُسَيْدٍ السَّاعِدِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَيْرُ دُورِ الْأَنْصَارِ دُورُ بَنِي النَّجَّارِ ثُمَّ دُورُ بَنِي عَبْدِ الْأَشْهَلِ ثُمَّ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ الْخَزْرَجِ ثُمَّ بَنِي سَاعِدَةَ وَفِي كُلِّ دُورِ الْأَنْصَارِ خَيْرٌ فَقَالَ سَعْدٌ مَا أَرَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا قَدْ فَضَّلَ عَلَيْنَا فَقِيلَ قَدْ فَضَّلَكُمْ عَلَى كَثِيرٍقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو أُسَيْدٍ السَّاعِدِيُّ اسْمُهُ مَالِكُ بْنُ رَبِيعَةَ وَقَدْ رُوِيَ نَحْوَ هَذَا عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَوَاهُ مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ وَعُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे कहिस है [स्यूबाह] उ कहिन; हम [कतदाह] का [अनुस बिन मलिक] से [अबू उसैद के रूप मा सैदी] से एक कहानी सुनावत सुने रहेन, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अंसार के सबसे अच्छे घर बनी नज्जर के घर हैं, फिर बनी अब्दुल असीहाल के घर फिर बनी अल हरिथ बिन अल खजराज फिर बनी सैदा, और अंसार का हर घर अच्छा है'। त स'द कहिन; 'मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कभी नहीं देखा सिवाय इसके कि उ हमका हमेशा सबसे आगे रखत रहें, अऊर ई भी कहा जात रहा; 'वास्तव मा आपका बहुत ज्यादा प्राथमिकता दीन गै है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है, जबकि अबू उसैद अस सैदी का नाम मलिक बिन रबिया है, अऊर ई पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से [अबू हुरैरा] से ऊपर -हदीस- के तरह भी रिवायित कीन गा रहा। अऊर [ममर] ने [अबू सलामा] से [अज जुहरी] अऊर ['उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह] से [अबू हुरैरा] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से भी रिवायित कीन है।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3847

حَدَّثَنَا أَبُو السَّائِبِ سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ بَشِيرٍ عَنْ مُجَالِدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَيْرُ دِيَارِ الْأَنْصَارِ بَنُو النَّجَّارِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे [अबू अस साईब सलम बिन जुनादाह] हमसे [अहमद बिन बसीर] से [मुजालिद] से [अश स्याबी] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से कहिन है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अंसार का सबसे अच्छा घर बनी नज्जर है'। अबू ईसा कहिन; 'इस राह से, यह हदीस एक गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3848

حَدَّثَنَا أَبُو السَّائِبِ سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ بَشِيرٍ عَنْ مُجَالِدٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَيْرُ الْأَنْصَارِ بَنُو عَبْدِ الْأَشْهَلِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे [अबू अस साईब सलम बिन जुनादाह] हमसे [अहमद बिन बसीर] से [मुजालिद] से [अश स्याबी] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से कहिन है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अंसार लोगन के लिए रहने के लिए सबसे अच्छी जगह बनी नज्जर है'। अबू ईसा कहिन; 'इस रास्ते से, यह हदीस एक गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3849

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عَمْرِو بْنِ سُلَيْمٍ الزُّرَقِيِّ عَنْ عَاصِمِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ قَالَخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى إِذَا كُنَّا بِحَرَّةِ السُّقْيَا الَّتِي كَانَتْ لِسَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ائْتُونِي بِوَضُوءٍ فَتَوَضَّأَ ثُمَّ قَامَ فَاسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةَ ثُمَّ قَالَ اللَّهُمَّ إِنَّ إِبْرَاهِيمَ كَانَ عَبْدَكَ وَخَلِيلَكَ وَدَعَا لِأَهْلِ مَكَّةَ بِالْبَرَكَةِ وَأَنَا عَبْدُكَ وَرَسُولُكَ أَدْعُوكَ لِأَهْلِ الْمَدِينَةِ أَنْ تُبَارِكَ لَهُمْ فِي مُدِّهِمْ وَصَاعِهِمْ مِثْلَيْ مَا بَارَكْتَ لِأَهْلِ مَكَّةَ مَعَ الْبَرَكَةِ بَرَكَتَيْنِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَفِي الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ

हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे कहिन है [अल लैट्स] से [सैद बिन अबू सईद अल मकबुरी] से [अमरू बिन सुलैम अज़ जुराकी] से [अशिम बिन अमरू] से [अली बिन अबू तालिब] उ कहिन; 'हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे तब तक बाहर गयेन जब तक कि हम हर्रा सुक्या क्षेत्र मा नाहीं पहुँचेन - अर्थात् - आवासीय क्षेत्र - सद बिन अबू वकाश - अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'मुझे वजू का पानी दओ''। फिर उ वजू लिहिन, जेकरे बाद उ आपन मुँह किबला के ओर घुमा के कहिन: 'हे अल्लाह, वाकई अब्राहम तुम्हार सेवक अऊर तुम्हार प्यारा अहै, अऊर उ मक्का के लोगन के लिए बरकत के साथ प्रार्थना किहिन हैं, जबकि मैं भी तुम्हार सेवक अऊर तुम्हार रसूल हई, मैं आपसे मदीना के लोगन के लिए प्रार्थना करत हउँ, कि तू ओनका मुँह मा आशीर्वाद दे अऊर ओनके लोगन के जइसे आपने आशीर्वाद दिहिन हैं।' एक आशीर्वाद के साथ मक्का दो आशीर्वाद के साथ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है, अऊर ई अध्याय मा, ऐसिया, अब्दुल्ला बिन जैद अऊर अबू हुरैरा के भी रिवायत हैं।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3850

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ حَدَّثَنَا أَبُو نُبَاتَةَ يُونُسُ بْنُ يَحْيَى بْنِ نُبَاتَةَ حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ وَرْدَانَ عَنْ أَبِي سَعِيدِ بْنِ الْمُعَلَّى عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَاقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا بَيْنَ بَيْتِي وَمِنْبَرِي رَوْضَةٌ مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ عَلِيٍّ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन [अब्दुल्लाह बिन अबू जियाद] हमसे कहिन हैं [अबू नुबताह यूनुस बिन याह्या बिन नुबताह] हमसे [सलामा बिन वारदान] से [अबू सैद बिन अल मुअल्ला] से [अली बिन अबू तालिब] अऊर [अबू हुरैराह] रदलियाल्लाहु अनहुमा से कहिन हैं, दुइनौ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मेरे घर अऊर मोर मंच के बीच स्वर्ग के बगीचन से एक बगीचा है'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस इस मार्ग से हसन गरीब डिग्री का है, अर्थात् अली के हदीस से है। अऊर ई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अबू हुरैराह से कईयो मार्गन से भी सुनावा गा है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3851

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَامِلٍ الْمَرْوَزِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ الزَّاهِدُ عَنْ كَثِيرِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ رَبَاحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَا بَيْنَ بَيْتِي وَمِنْبَرِي رَوْضَةٌ مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِوَبِهَذَا الْإِسْنَادِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ صَلَاةٌ فِي مَسْجِدِي هَذَا خَيْرٌ مِنْ أَلْفِ صَلَاةٍ فِيمَا سِوَاهُ مِنْ الْمَسَاجِدِ إِلَّا الْمَسْجِدَ الْحَرَامَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन कामिल अल मरवाजी] हमसे [अब्दुल अजीज बिन अबू हाजिम अज़ जाहिद] से [कत्सिर बिन जैद] से [अल वालिद बिन रबाह] से [अबू हुरैराह] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन हैं: 'मेरे घर अऊर मोर मंचर के बीच स्वर्ग के बगीचा से एक बगीचा है'। यहि सस्नाद के साथे, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उ कहिन: 'मेरी मस्जिद मा नमाज पढ़ब ग्रैंड मस्जिद के अलावा दूसर मस्जिदन मा हजार बार नमाज पढ़ै से अच्छा है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है, अऊर अबू हुरैरा रदलियाल्लाहु अन्हू से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कईयो मार्ग से भी सुनाई गै है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3852

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ أَيُّوبَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ اسْتَطَاعَ أَنْ يَمُوتَ بِالْمَدِينَةِ فَلْيَمُتْ بِهَا فَإِنِّي أَشْفَعُ لِمَنْ يَمُوتُ بِهَاوَفِي الْبَاب عَنْ سُبَيْعَةَ بِنْتِ الْحَارِثِ الْأَسْلَمِيَّةِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ أَيُّوبَ السَّخْتِيَانِيِّ

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिस है [मुआज़ बिन हिशम] हमका [मेरे पिता] से [अय्यूब] से [नफी] से [इब्न उमर] से कहिस है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जो कोई भी मदीना शहर में मर सकत है, तो वह वही में मर जाए, काहे से कि निश्चय ही मैं ओकरे लिए शौच करब जे वहिमा मरत है'। अऊर यहि अध्याय मा, सुबैयाह बिंत अल हरित्स अल असलामिया से एक इतिहास भी है। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस यहि मार्ग से सही गरीब के डिग्री मा है, यानी अय्यूब अस सखतियानी के हदीस से'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3853

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ قَال سَمِعْتُ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ مَوْلَاةً لَهُ أَتَتْهُ فَقَالَتْ اشْتَدَّ عَلَيَّ الزَّمَانُ وَإِنِّي أُرِيدُ أَنْ أَخْرُجَ إِلَى الْعِرَاقِ قَالَ فَهَلَّا إِلَى الشَّامِ أَرْضِ الْمَنْشَرِ اصْبِرِي لَكَاعِ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ صَبَرَ عَلَى شِدَّتِهَا وَلَأْوَائِهَا كُنْتُ لَهُ شَهِيدًا أَوْ شَفِيعًا يَوْمَ الْقِيَامَةِوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَسُفْيَانَ بْنِ أَبِي زُهَيْرٍ وَسُبَيْعَةَ الْأَسْلَمِيَّةِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ عُبَيْدِ اللَّهِ

हमसे कहिन [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] हमसे कहिन हैं [अल मुतमीर बिन सुलेमान] उ कहिन; हम ['उबैदुल्लाह बिन उमर] [नफी'] से [इब्नू उमर रदलियाअल्लाहु अन्हुमा] से सुने रहेन कि उ जवन पूर्व दास रहीं जेका उ आजाद किहिन रहैं, उ उनके पास आईं अऊर कहिन; "चाहे अबही हमका केतना भी कठिन समय महसूस होय, हम वास्तव मा इराक जाय वाला हई।" इब्न उमर कहिन; 'का तुम सिर्फ सीरिया न जाओ काहे से कि ई पवित्र भूमि में से एक है, धैर्य रखो, हे लोग जे जल्दी ऊब जात हैं, काहे से कि वास्तव में हमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना है: 'जो भी अपनी कठिनाइयन अऊर कठिनाइयन का धैर्य रखत है, तब मैं न्याय के दिन ओकरे लिए गवाह या मध्यस्थ होब'। अऊर यहि अध्याय मा, अबू सैद, सुफयान बिन अबू जुहैर अऊर सुबैअह अल असलामिया के इतिहास भी हैं। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस हदीस 'उबैदिल्लाह' से एक हसन शाहिह गरीब हदीस है।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3854

حَدَّثَنَا أَبُو السَّائِبِ سَلْمُ بْنُ جُنَادَةَ أَخْبَرَنَا أَبِي جُنَادَةُ بْنُ سَلْمٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ آخِرُ قَرْيَةٍ مِنْ قُرَى الْإِسْلَامِ خَرَابًا الْمَدِينَةُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ جُنَادَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ قَالَ تَعَجَّبَ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ مِنْ حَدِيثِ أَبِي هُرَيْرَةَ هَذَا

हमसे [अबू अस साईब सलम बिन जुनादाह] हमसे [अबू जुनादाह बिन सलम] से [हिशम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [अबू हुरैराह] से कहिन है, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कई इस्लामी शहरन मा से आखिरी हमला मदीना रहा'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन गरीब हदीस है, हम हिस्याम बिन उरवाह से जुनादाह हदीस के अलावा ई नाहीं जानित है। कथावाचक कहिन; 'अबू हुरैरा से ई हदीस सुनके मुहम्मद बिन इस्माइल हैरान रह गए'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3855

حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ ح و حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍأَنَّ أَعْرَابِيًّا بَايَعَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْإِسْلَامِ فَأَصَابَهُ وَعَكٌ بِالْمَدِينَةِ فَجَاءَ الْأَعْرَابِيُّ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَقِلْنِي بَيْعَتِي فَأَبَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَخَرَجَ الْأَعْرَابِيُّ ثُمَّ جَاءَهُ فَقَالَ أَقِلْنِي بَيْعَتِي فَأَبَى فَخَرَجَ الْأَعْرَابِيُّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا الْمَدِينَةُ كَالْكِيرِ تَنْفِي خَبَثَهَا وَتُنَصِّعُ طَيِّبَهَاوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिस है [अल अंसारी] हमसे कहिस है [मा'न] हमसे कहिस है [मलिक बिन अनस]। अऊर ई एक अउर मार्ग से सुनावा गा है, ई हमका [कुतैबा] से [मलिक बिन अनस] से [मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] से [जाबीर] से बतावा गा है कि एक बेडौइन अरब इस्लाम के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से निष्ठा लिहिस, फिर जब उ मदीना मा रहा, तब उ बुखार से पीड़ित रहा, फिर रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम से अलैहि वसल्लम अऊर कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, बस मोर बेता का रद्द करौ'। लेकिन रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम मना कर दिहिन, फिर बदुई चले गें, कुछ देर बाद उ फिर से रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आइन अऊर कहिन; 'बस मोर बैत रद्द करौ'। मुला ऊ अनिच्छुक रहा, यहिसे ऊ चला गवा। त रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'केवल मदीना एक लोहार के आग उड़ावै वाले के तरह है जवन जंग हटा देई अऊर जवन अच्छा है ओका शुद्ध कर देई'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3856

حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ ح و حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيِّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّهُ كَانَ يَقُولُ لَوْ رَأَيْتُ الظِّبَاءَ تَرْتَعُ بِالْمَدِينَةِ مَا ذَعَرْتُهَا إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَا بَيْنَ لَابَتَيْهَا حَرَامٌوَفِي الْبَاب عَنْ سَعْدٍ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ وَأَنَسٍ وَأَبِي أَيُّوبَ وَزَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ وَرَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ وَسَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ وَجَابِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिस है [अल अंसारी] हमसे कहिस है [मा'न] हमसे कहिस है [मलिक]। अऊर ई दूसर मार्ग से सुनावा गा है, ई हमका [कुतैबा] से [मलिक] से [इब्न शिहाब] से [सैद बिन मुसैयब] से [अबू हुरैरा] से बतावा गा है कि उ कहिन; 'अगर मैं मदीना मा भेड़ - गजेल - चरत देखित, तौ मैं ओनसे डरत नाहीं, काहे से कि वास्तव मा अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कहिन: 'दुनौ पक्षन के बीच हराम - शुद्ध - है।' अऊर यहि अध्याय मा, सद, अब्दुल्ला बिन जैद, अनस, अबू अय्यूब, जैद बिन थाबित, रफी' बिन खदीज, सहल बिन हुनैफ अऊर जाबिर से भी रिवायत हैं। अबू ईसा कहिन; 'अबू हुरैरा का हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3857

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ ح و حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي عَمْرٍو عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَلَعَ لَهُ أُحُدٌ فَقَالَ هَذَا جَبَلٌ يُحِبُّنَا وَنُحِبُّهُ اللَّهُمَّ إِنَّ إِبْرَاهِيمَ حَرَّمَ مَكَّةَ وَإِنِّي أُحَرِّمُ مَا بَيْنَ لَابَتَيْهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमका [कुतैबा] [मलिक] से बताइस है। अऊर ई एक अउर मार्ग से बयान कीन गा है, हमसे कहिस है [अल अंसारी] हमसे कहिस है [मा'न] हमसे [मलिक] [अमरू बिन अबू अमरू] से [अनस बिन मलिक] से कहिस है कि उहुद का पहाड़ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने प्रकट भवा अऊर उ कहिस: 'ई एक पहाड़ है जेसे अल्लाह हमसे बहुत प्यार करत है, अऊर अल्लाह हमसे बहुत प्यार करत है, हे मक्का शहर का निषिद्ध -शुद्ध- किहिन, अऊर निस्चय ही मैं ओकरे दुइनौ पक्षन के बीच -अर्थात मदीना-' का -शुद्ध- करै से मना करत हउँ। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3858

حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى عَنْ عِيسَى بْنِ عُبَيْدٍ عَنْ غَيْلَانَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْعَامِرِيِّ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ أَوْحَى إِلَيَّ أَيَّ هَؤُلَاءِ الثَّلَاثَةِ نَزَلْتَ فَهِيَ دَارُ هِجْرَتِكَ الْمَدِينَةَ أَوْ الْبَحْرَيْنِ أَوْ قِنَّسْرِينَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ الْفَضْلِ بْنِ مُوسَى تَفَرَّدَ بِهِ أَبُو عَمَّارٍ

हमसे [अल हुसैन बिन हुरैत्स] हमसे [अल फदल बिन मूसा] [ईसा बिन उबैद] से [गैलान बिन अब्दुल्लाह अल अमीरी] से [अबू ज़ुरअह बिन अमरू बिन जरीर] से [जरीर बिन अब्दुल्ला] से पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन है: इन तीनों जगहन मा से आप जवन भी जगह पर कदम रखब, तब उहै आपके प्रवासन कय जगह है, अर्थात्; मदीना या बहरीन या किनास्रिन - लेवेंट के क्षेत्र -'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक गरीब हदीस है, हम ईका अल फधल बिन मूसा के हदीस के अलावा नाहीं जानित है, जबकि अबू अमीर ई हदीस का सुनावै मा अकेले रहे'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3859

حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ عَنْ صَالِحِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَصْبِرُ عَلَى لَأْوَاءِ الْمَدِينَةِ وَشِدَّتِهَا أَحَدٌ إِلَّا كُنْتُ لَهُ شَهِيدًا أَوْ شَفِيعًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ قَالَ وَصَالِحُ بْنُ أَبِي صَالِحٍ أَخُو سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ

हमसे कहिन है [महमूद बिन घैलान] हमसे कहिन है [अल फधल बिन मूसा] हमसे [हिस्याम बिन उर्वाह] से [सालिह बिन अबू सालिह] से [अपने पिता] से [अबू हुरैरा] से कहिन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कोई भी मेदीना के प्रकृति के कठिनाई अऊर कठिनाई के साथ धैर्यवान नाहीं है सर्वनाश के दिन ओकरे लिए एक गवाह या मध्यस्थ बनौ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस यहि मार्ग से हसन गरीब के डिग्री मा है'। कथावाचक कहिन; 'सलिह बिन अबू सलीह सुहैल बिन अबू सलीह के भाई थे'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3860

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَدِيِّ ابْنِ حَمْرَاءَ الزُّهْرِيِّ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاقِفًا عَلَى الْحَزْوَرَةِ فَقَالَ وَاللَّهِ إِنَّكِ لَخَيْرُ أَرْضِ اللَّهِ وَأَحَبُّ أَرْضِ اللَّهِ إِلَى اللَّهِ وَلَوْلَا أَنِّي أُخْرِجْتُ مِنْكِ مَا خَرَجْتُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَاهُ يُونُسُ عَنْ الزُّهْرِيِّ نَحْوَهُ وَرَوَاهُ مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَدِيثُ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَدِيِّ ابْنِ حَمْرَاءَ عِنْدِي أَصَحُّ

हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे कहिन है [अल लैट्स] से ['उकैल] से [अज जुहरी] से [अबू सलामा] से [अब्दुल्ला बिन 'आदी बिन हमरा` अज जुहरी] उ कहिन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हज़राह - मक्का क्षेत्र - मा खड़ा देखेन अऊर कहत रहे: 'अल्लाह के कसम, सचमुच तुम - मक्का शहर - अल्लाह के सबसे अच्छी धरती हौ, अऊर अल्लाह के सबसे प्यारी धरती हौ, अगर हमका तोहरे जगह से निष्कासित न कीन जात, तौ हम तोहरे से बाहर नाहीं आवत।' अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन गरीब प्रामाणिक हदीस है, अऊर ऊपर के रूप मा [यूनुस] द्वारा [अज जुहरी] से भी सुनाई गै है, अऊर [मुहम्मद बिन अमरू] द्वारा [अबू सलामा] से [अबू हुरैराह] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अऊर मोर विचार से, अज़ुल्लाह अजुरीह सलाम से अबुल्लाह बिन अजुरीह के हदीस 'आदि बिन हमरा` अधिक प्रामाणिक है'।