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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Tirmidzi (الإمام الترمذي) - 3891 Hadith

Hadith

Imam Tirmidzi : 3801

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ مُحَمَّدُ بْنُ نَافِعٍ حَدَّثَنَا النَّضْرُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا سَيْفُ بْنُ عُمَرَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا رَأَيْتُمْ الَّذِينَ يَسُبُّونَ أَصْحَابِي فَقُولُوا لَعْنَةُ اللَّهِ عَلَى شَرِّكُمْقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ مُنْكَرٌ لَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَالنَّضْرُ مَجْهُولٌ وَسَيْفٌ مَجْهُولٌ

हमसे कहिन [अबू बकर मुहम्मद बिन नफी'] हमसे कहिन हैं [अन नदर बिन हम्माद] हमसे [सैफ बिन उमर] से ['उबैदिल्लाह बिन उमर] से [नफी'] से [इब्न उमर] कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा; 'अगर तुम देखत हौ कि केहू मोर दोस्तन के आलोचना करत है, तौ कहौ -ओसे-; 'अल्लाह का अभिशाप आप सब में से सबसे बुरे व्यक्ति - चरित्र में - पर पड़े'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस मुनकर हदीस है, हम उबैदिल्लाह बिन उमर के हदीस से ई रिवायत नाहीं जानित है सिवाय ई पंक्ति के, अन नधर मझुल है अऊर वइसने सैफ भी है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3802

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ قَالَسَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ وَهُوَ عَلَى الْمِنْبَرِ إِنَّ بَنِي هِشَامِ بْنِ الْمُغِيرَةِ اسْتَأْذَنُونِي فِي أَنْ يُنْكِحُوا ابْنَتَهُمْ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ فَلَا آذَنُ ثُمَّ لَا آذَنُ ثُمَّ لَا آذَنُ إِلَّا أَنْ يُرِيدَ ابْنُ أَبِي طَالِبٍ أَنْ يُطَلِّقَ ابْنَتِي وَيَنْكِحَ ابْنَتَهُمْ فَإِنَّهَا بَضْعَةٌ مِنِّي يَرِيبُنِي مَا رَابَهَا وَيُؤْذِينِي مَا آذَاهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَاهُ عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ نَحْوَ هَذَا

हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे [अल लैट्स] [इब्न अबू अवलका] से [अल मिसवार बिन मखरामह] से कहिन हैं, उ कहिन; हमने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मंडप पर रहते हुए कहते सुना: 'वास्तव में, बानी हिशम बिन अल मुघिराह ने मुझसे अपनी बिटियन का अली बिन अबू तालिब से शादी करै के अनुमति माँगी, लेकिन हम इजाजत नाहीं दिहेन, फिर हम इजाजत नाहीं दिहेन तब हम इजाजत नाहीं दिहेन, जब तक कि इब्नू अबू तालिब-अलीब -अलीब -अलीब हमार बिटिया से तलाक नाहीं चाहत रहे अऊर ओनके बिटिया से शादी नाहीं करय चाहत रहे बिटियन, काहे से कि वास्तव मा मोर बिटिया मोर हिस्सा है, मैं कुछ अइसन चीज से खुश रहब जेहिका उ खुश करत है अऊर मैं उ दुख से दर्द महसूस करब जवन उ महसूस करत है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है, अऊर [अमरू बिन दीनार] द्वारा [इब्नू अबू अवलका] से [अल मिसवार बिन मखरमह] से भी यहि तरह से सुनाई गै है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3803

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ حَدَّثَنَا الْأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ عَنْ جَعْفَرٍ الْأَحْمَرِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَطَاءٍ عَنْ ابْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَكَانَ أَحَبَّ النِّسَاءِ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاطِمَةُ وَمِنْ الرِّجَالِ عَلِيٌّ قَالَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ يَعْنِي مِنْ أَهْلِ بَيْتِهِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे कहिन है [इब्राहिम बिन सईद अलजौहारी] हमसे [अल असवाद बिन अमीर] से [जाफर अल अहमर] से [अब्दुल्ला बिन अथा] से [इब्नू बुरैदह] से [अपने पिता] से कहिन हैं उ कहिन; "जिन औरतन से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सबसे ज्यादा प्यार करत रहें, ओनमा से फातिमा रही, जबकि पुरुषन मा अली रही।" इब्राहिम बिन सैद ने कहा; 'उनका मतलब है छंद विशेषज्ञन मा से'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस हसन गरीब हदीस है, हमका ई पता नाहीं है लेकिन ई रूट से है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3804

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ ابْنُ عُلَيَّةَ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِأَنَّ عَلِيًّا ذَكَرَ بِنْتَ أَبِي جَهْلٍ فَبَلَغَ ذَلِكَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّمَا فَاطِمَةُ بَضْعَةٌ مِنِّي يُؤْذِينِي مَا آذَاهَا وَيُنْصِبُنِي مَا أَنْصَبَهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ هَكَذَا قَالَ أَيُّوبُ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ ابْنِ الزُّبَيْرِ وَقَالَ غَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ الْمِسْوَرِ بْنِ مَخْرَمَةَ وَيُحْتَمَلُ أَنْ يَكُونَ ابْنُ أَبِي مُلَيْكَةَ رَوَى عَنْهُمَا جَمِيعًا

हमसे कहिन है [अहमद बिन मणि'] हमसे कहिन है [इस्माइल बिन उलेय्या] से [अय्यूब] से [इब्न अबू अवलका] से [अब्दुल्लाह बिन अज जुबैर] से कि अली ने अबू जहल के बिटिया का जिक्र किहिन, फिर ई बात पैगम्बर सल्लाह अलैहि वलालाल के पास आई, सोहत फतिमा का हिस्सा है: उ दुख महसूस करिहैं जवन उ महसूस किहिन अऊर हम उ दर्द से बीमार महसूस किहिन जवन उ महसूस किहिन'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस हसन शाहीह हदीस है, यही बात अबू अय्यूब ने इब्न अबू अवलका से इब्न अज़ जुबैर से कही है। अऊर न केवल एक मनई कुछ अइसन कहिन, इब्न अबू अवलका से अल मिसवार बिन मखरामा से अऊर ई संभव है कि इब्न अबू अवलका ओन दुइनौ से रिवायत किहिन हो'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3805

حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ عَبْدِ الْجَبَّارِ الْبَغْدَادِيُّ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ قَادِمٍ حَدَّثَنَا أَسْبَاطُ بْنُ نَصْرٍ الْهَمْدَانِيُّ عَنْ السُّدِّيِّ عَنْ صُبَيْحٍ مَوْلَى أُمِّ سَلَمَةَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لِعَليٍّ وَفَاطِمَةَ وَالْحَسَنِ وَالْحُسَيْنِ أَنَا حَرْبٌ لِمَنْ حَارَبْتُمْ وَسِلْمٌ لِمَنْ سَالَمْتُمْقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَصُبَيْحٌ مَوْلَى أُمِّ سَلَمَةَ لَيْسَ بِمَعْرُوفٍ

हमसे कहिन है [सुलेमान बिन अब्दुल जब्बार अल बगदादी] हमसे कहिन हैं [अली बिन कादिम] हमसे [असबत बिन नशर अल हमदानी] से [अस सुद्दी] से [शुबैह पूर्व दास -जेका उम्म सलामा द्वारा मुक्त कीन गा रहा] [जैद बिन सलामा] से [जैद बिन सलामा] से कहिन है कि रसूलुल्लाह अलाहुलाह वल्लाह अलैह, हसन और हुसैन: 'जो तुमसे लड़ेगा, उससे लड़ूँगा, और जो तुमसे भला करेगा, उससे मेल मिलाप करूँगा'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन गरीब हदीस है, हम केवल ई मार्ग से जानित है, अऊर शुबैह, एक पूर्व गुलाम - जेका - उम्म सलामा द्वारा मुक्त कीन गा रहा, बहुत प्रसिद्ध नाहीं है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3806

حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ زُبَيْدٍ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَلَّلَ عَلَى الْحَسَنِ وَالْحُسَيْنِ وَعَلِيٍّ وَفَاطِمَةَ كِسَاءً ثُمَّ قَالَ اللَّهُمَّ هَؤُلَاءِ أَهْلُ بَيْتِي وَخَاصَّتِي أَذْهِبْ عَنْهُمْ الرِّجْسَ وَطَهِّرْهُمْ تَطْهِيرًا فَقَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ وَأَنَا مَعَهُمْ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ إِنَّكِ إِلَى خَيْرٍقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهُوَ أَحْسَنُ شَيْءٍ رُوِيَ فِي هَذَا الْبَابِ وَفِي الْبَاب عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ وَأَنَسِ بْنِ مَالِكٍ وَأَبِي الْحَمْرَاءِ وَمَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ وَعَائِشَةَ

हमसे कहिन है [महमद बिन घैलान] हमसे कहिन है [अबू अहमद अज जुबैरी] हमसे [सुफयान] से [जुबैद] से [स्याहर बिन हौस्याब] से [उम्मू सलामा] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हसन, हुसैन, फातिमा अऊर अली का कपड़ा से ढँक दिहिन, तब उ कहिन, अल्लाह, उ सब मोर सदस्य हैं: मंदिर, अऊर मोर सबसे करीबी लोग, यहिसे, ओनका खुद गंदगी - पाप से साफ करा - अऊर ओनका यथासंभव शुद्ध करा'। त उम्म सलामा कहिन; '-क्या मैं उनके साथ रह सकता हूँ, हे अल्लाह के रसूल?'. उ कहिन: 'वास्तव मा तुम भलाई मा हौ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन सही हदीस है, अऊर ई ई अध्याय मा सबसे अच्छा इतिहास है, अऊर ई अध्याय मा भी, उमर बिन अबू सलामा, अनस बिन मलिक, अबू अल हमरा` अऊर म'किल बिन यासर अऊर ऐसिया से एक इतिहास है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3807

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ أَخْبَرَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ مَيْسَرَةَ بْنِ حَبِيبٍ عَنْ الْمِنْهَالِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَائِشَةَ بِنْتِ طَلْحَةَ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ قَالَتْمَا رَأَيْتُ أَحَدًا أَشْبَهَ سَمْتًا وَدَلًّا وَهَدْيًا بِرَسُولِ اللَّهِ فِي قِيَامِهَا وَقُعُودِهَا مِنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ وَكَانَتْ إِذَا دَخَلَتْ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَامَ إِلَيْهَا فَقَبَّلَهَا وَأَجْلَسَهَا فِي مَجْلِسِهِ وَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ عَلَيْهَا قَامَتْ مِنْ مَجْلِسِهَا فَقَبَّلَتْهُ وَأَجْلَسَتْهُ فِي مَجْلِسِهَا فَلَمَّا مَرِضَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَخَلَتْ فَاطِمَةُ فَأَكَبَّتْ عَلَيْهِ فَقَبَّلَتْهُ ثُمَّ رَفَعَتْ رَأْسَهَا فَبَكَتْ ثُمَّ أَكَبَّتْ عَلَيْهِ ثُمَّ رَفَعَتْ رَأْسَهَا فَضَحِكَتْ فَقُلْتُ إِنْ كُنْتُ لَأَظُنُّ أَنَّ هَذِهِ مِنْ أَعْقَلِ نِسَائِنَا فَإِذَا هِيَ مِنْ النِّسَاءِ فَلَمَّا تُوُفِّيَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قُلْتُ لَهَا أَرَأَيْتِ حِينَ أَكْبَبْتِ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرَفَعْتِ رَأْسَكِ فَبَكَيْتِ ثُمَّ أَكْبَبْتِ عَلَيْهِ فَرَفَعْتِ رَأْسَكِ فَضَحِكْتِ مَا حَمَلَكِ عَلَى ذَلِكَ قَالَتْ إِنِّي إِذًا لَبَذِرَةٌ أَخْبَرَنِي أَنَّهُ مَيِّتٌ مِنْ وَجَعِهِ هَذَا فَبَكَيْتُ ثُمَّ أَخْبَرَنِي أَنِّي أَسْرَعُ أَهْلِهِ لُحُوقًا بِهِ فَذَاكَ حِينَ ضَحِكْتُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ عَائِشَةَ

हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिन हैं [उथमान बिन उमर] हमसे [इजरायल] [मैसरह बिन हबीब] से [अल मिन्हाल बिन अमरू] से [ऐस्याह बिनत थलहा] से [उम्मुल मुकमिनिन ऐस्याह] से कहिन हैं, उ कहिन; ऐसिया ने कहा, 'मैंने कभी भी रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से मिलता-जुलता कोई नहीं देखा है जो अपनी विनम्रता, व्यवहार और खड़े होने या बैठने पर अपनी रुख दोनों में है सिवाय फातिमा बिन रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के। '-अर्थात- अगर उ पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलत रहा, त उ ओनका स्वागत करत रहा, ओका चुमत रहा अऊर ओका उ सीट पर एक सीट देत रहा जवन उ कब्जा करत रहा, वइसने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ, अगर उ ओसे मिलत रहा, त उ आपन सीट से खड़ा होत रहा -नमस्कार करै खातिर-, फिर उ ओका लात मारत रहा अऊर ओका सीट देत रहा। कब्जा करत अहै। जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार रहे, त फातिमा ओनसे मिले अऊर ओनसे मिले आइन, फिर उ आपन सिर -उनके छाती पर- रखिन अऊर ओनका चूमिन, फिर फातिमा रोवत-रोवत आपन सिर उठाइन, फिर उ आपन सिर ओनके छाती पर रखिन -दूसरी बार-, अऊर हँसत-हँसत फिर से उठाइन, त हम कहिन -अपने दिल मा-; 'हमका सचमुच लागत रहा कि फातिमा हमरे औरतन मा सबसे मजबूत मनई रही - ऊ अडिग रही - लेकिन पता चला कि ऊ दूसर औरतन के तरह भी होइ सकत है - यानी ऊ दुखी होइ सकत है अऊर रो सकत है -'। जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का निधन हुआ, तो हमने उनसे कहा; 'का पता है कि जब तुम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊपर आपन माथा झुकाये रहेव अऊर फिर रोवत-रोवत उठाये रहेव, ओकरे बाद आपन माथा झुकाये रहे - दूसरी बार- फिर हँसते हुए उठाये रहेव, तो तुमका अइसन का बना?' फातिमा जवाब दिहिस; 'वास्तव मा - वहि समय - मोका गुप्त खबर मिली, उ मोसे कहिन कि उ जल्द ही मर जइहैं काहे से कि उ जवन बीमारी से पीड़ित रहे, तौ मैं रोय पड़ी, फिर उ इ भी बताइन कि मैं उनके परिवार के सदस्यन में से एक हौं जे उनके पीछे सबसे पहिले आवा रहा, यहै कारन मैं मुस्कुराइन'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस यहि मार्ग से हसन गरीब के डिग्री मा है, अऊर ई हदीस भी ऐसिया से कई चैनलन से सुनाई गै रही'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3808

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَالِدٍ ابْنُ عَثْمَةَ قَالَ حَدَّثَنِي مُوسَى بْنُ يَعْقُوبَ الزَّمْعِيُّ عَنْ هَاشِمِ بْنِ هَاشِمٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ وَهْبٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ أَخْبَرَتْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دَعَا فَاطِمَةَ يَوْمَ الْفَتْحِ فَنَاجَاهَا فَبَكَتْ ثُمَّ حَدَّثَهَا فَضَحِكَتْ قَالَتْ فَلَمَّا تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَأَلْتُهَا عَنْ بُكَائِهَا وَضَحِكِهَا قَالَتْ أَخْبَرَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ يَمُوتُ فَبَكَيْتُ ثُمَّ أَخْبَرَنِي أَنِّي سَيِّدَةُ نِسَاءِ أَهْلِ الْجَنَّةِ إِلَّا مَرْيَمَ ابْنَةَ عِمْرَانَ فَضَحِكْتُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन खालिद बिन अत्समाह] उ कहिन; [मूसा बिन याकूब अज़ ज़म'ई] से [हसीम बिन हसीम] से कहिन है कि [अब्दुल्लाह बिन वहब] ने उनसे कहा था कि [उम्मू सलामा] ने उनसे कहा था कि मक्का शहर के विजय के दिन, रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैही वसल्लम ने [फातिमा] को बुलावा अऊर फुसफुसाया, फिर उ अचानक फतिमा से बोलिन, -दूसरी बार-, फिर फातिमा मुस्कुराई'। उम्म सलामा कहिन; 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के निधन के बाद, हम उनसे कुछ अइसन बात पूछेन जेसे उ रोवा अऊर मुस्कुराए'। फातिमा कहिन; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कहा कि उ मर जइहैं, तौ मैं रोय पड़ी, फिर उ मोसे कहिन कि मैं मरियम बिन्त इमरान के अलावा स्वर्ग के महिला शासक हौं, तौ मैं मुस्कुराइन'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस यहि मार्ग से हसन गरीब के डिग्री मा है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3809

حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ يَزِيدَ الْكُوفِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلَامِ بْنُ حَرْبٍ عَنْ أَبِي الْجَحَّافِ عَنْ جُمَيْعِ بْنِ عُمَيْرٍ التَّيْمِيِّ قَالَدَخَلْتُ مَعَ عَمَّتِي عَلَى عَائِشَةَ فَسُئِلَتْ أَيُّ النَّاسِ كَانَ أَحَبَّ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ فَاطِمَةُ فَقِيلَ مِنْ الرِّجَالِ قَالَتْ زَوْجُهَا إِنْ كَانَ مَا عَلِمْتُ صَوَّامًا قَوَّامًاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ قَالَ وَأَبُو الْجَحَّافِ اسْمُهُ دَاوُدُ بْنُ أَبِي عَوْفٍ وَيُرْوَى عَنْ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ حَدَّثَنَا أَبُو الْجَحَّافِ وَكَانَ مَرْضِيًّا

हमसे कहिन है [हुसैन बिन यजीद अल कुफी] हमसे [अब्दुस्सलाम बिन हरब] [अबू अल जहफ] से [जुमई' बिन उमैर अत तैमी] से कहिन हैं, उ कहिन; हम अऊर हमार चाची [ऐस्याह] से मिलेन, फिर हम पूछेन कि कौन सी औरत - आयत सदस्यन मा से - का पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सबसे ज्यादा प्यार करत रहे?' ऐसिया जवाब दिहिस; 'फतिमा'। उनसे फिर से पूछा गा; 'पुरुषन के बारे मा का?' ऐसिया जवाब दिहिस; 'उनके पति, काहे से कि मोर जानकारी के अनुसार उ एक अइसन मनई हैं जे रात मा बहुत उपवास अऊर प्रार्थना करत हैं'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन गरीब हदीस है'। अबू अल जहहाफ का असली नाम दाउद बिन अबू 'औफ है, अऊर - ई हदीस - सुफियान अत्स त्सौरी से भी रिवायत है जे हमसे कहिन कि अबू अल जहहाफ एक त्सिकाह रहे।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3810

حَدَّثَنَا أَبُو هِشَامٍ الرِّفَاعِيُّ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمَا غِرْتُ عَلَى أَحَدٍ مِنْ أَزْوَاجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا غِرْتُ عَلَى خَدِيجَةَ وَمَا بِي أَنْ أَكُونَ أَدْرَكْتُهَا وَمَا ذَاكَ إِلَّا لِكَثْرَةِ ذِكْرِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهَا وَإِنْ كَانَ لَيَذْبَحُ الشَّاةَ فَيَتَتَبَّعُ بِهَا صَدَائِقَ خَدِيجَةَ فَيُهْدِيهَا لَهُنَّقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ

हमसे कहिन है [अबू हिशम अर रिफाई] हमसे [हफ्श बिन घियात्स] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्या] से कहिन हैं, उ कहिन; 'मैं पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कौनो भी पत्नी से ईर्ष्या नाहीं किहे हौं जइसे कि मैं खदीजाह से ईर्ष्या करत रहेंव, ई नाहीं कि मैं ओसे -खदीजाह से कभी मिला हौं, लेकिन ई एहसे रहा काहे से कि अल्लाह के रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अक्सर ओकरे गुणन का जिक्र करत रहें, अऊर जब उ एक बकरी का बध करत रहें, तौ खदीजाह के नाम से अलमाम देत रहें, ओकरे मेहरारून का बाँटौ'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन शाही गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3811

حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْمَا حَسَدْتُ أَحَدًا مَا حَسَدْتُ خَدِيجَةَ وَمَا تَزَوَّجَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا بَعْدَ مَا مَاتَتْ وَذَلِكَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَشَّرَهَا بِبَيْتٍ فِي الْجَنَّةِ مِنْ قَصَبٍ لَا صَخَبَ فِيهِ وَلَا نَصَبَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ مِنْ قَصَبٍ قَالَ إِنَّمَا يَعْنِي بِهِ قَصَبَ اللُّؤْلُؤِ

हमसे कहिन है [अल हुसैन बिन अल हुरैत्स] हमसे [अल फधल बिन मूसा] से [हिशम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से कहिन हैं, उ कहिन; 'हम खदीजा से जतना ईर्ष्या करत हई, ओतना ईर्ष्या हम कभी भी केहू से नाहीं किहेन, अऊर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खदीजा के मरे के बाद के अलावा हमसे शादी नाहीं किहिन, जवन कि एहसे रहा कि उ ओका स्वर्ग मा गहना से बने घर के खुशखबरी दिहिन रहैं, जेहिमा न तौ चिल्लाहट या थकान है'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है। -शब्द- कशब का कशबुल लु`लु` -परमाता-' है।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3812

حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَقَ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ قَال سَمِعْتُ عَلِيَّ بْنَ أَبِي طَالِبٍ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ خَيْرُ نِسَائِهَا خَدِيجَةُ بِنْتُ خُوَيْلِدٍ وَخَيْرُ نِسَائِهَا مَرْيَمُ ابْنَةُ عِمْرَانَوَفِي الْبَاب عَنْ أَنَسٍ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَعَائِشَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिन है [हारून बिन इशाक अल हमदानी] हमसे [अब्दह] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [अब्दुल्लाह बिन जाफर] से कहिन हैं, उ कहिन; हम [अली बी अबू तालिब] का कहत सुने रहेन; हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना: 'सबसे बढ़िया औरत - स्वर्ग - खदीजा बिन्त खुवैलिद है, अऊर सबसे अच्छी औरत - स्वर्ग - इमरान के बिटिया मरियम है'। अऊर यहि अध्याय मा, अनस, इब्नू अब्बास अऊर ऐसिया के इतिहास भी हैं। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3813

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ زَنْجُوَيْهِ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ حَسْبُكَ مِنْ نِسَاءِ الْعَالَمِينَ مَرْيَمُ ابْنَةُ عِمْرَانَ وَخَدِيجَةُ بِنْتُ خُوَيْلِدٍ وَفَاطِمَةُ بِنْتُ مُحَمَّدٍ وَآسِيَةُ امْرَأَةُ فِرْعَوْنَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिन है [अबू बकर बिन ज़ंजुवैह] हमसे कहिन है [अब्दुर्राजाक] हमसे [मामर] से [कतादाह] से [अनस रदलियाहू अनहू] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'तुमरे लिए काफी है औरत - दुनिया के शासक - मरियम बिन्त बिनत, इमरान बिनत बिनत ख़िल्लाहुद और कतिमा मुहम्मद अऊर आसियाह के पत्नी फिरौन'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक प्रामाणिक हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3814

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ دُرُسْتَ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْكَانَ النَّاسُ يَتَحَرَّوْنَ بِهَدَايَاهُمْ يَوْمَ عَائِشَةَ قَالَتْ فَاجْتَمَعَ صَوَاحِبَاتِي إِلَى أُمِّ سَلَمَةَ فَقُلْنَ يَا أُمَّ سَلَمَةَ إِنَّ النَّاسَ يَتَحَرَّوْنَ بِهَدَايَاهُمْ يَوْمَ عَائِشَةَ وَإِنَّا نُرِيدُ الْخَيْرَ كَمَا تُرِيدُ عَائِشَةُ فَقُولِي لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَأْمُرْ النَّاسَ يُهْدُونَ إِلَيْهِ أَيْنَمَا كَانَ فَذَكَرَتْ ذَلِكَ أُمُّ سَلَمَةَ فَأَعْرَضَ عَنْهَا ثُمَّ عَادَ إِلَيْهَا فَأَعَادَتْ الْكَلَامَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ صَوَاحِبَاتِي قَدْ ذَكَرْنَ أَنَّ النَّاسَ يَتَحَرَّوْنَ بِهَدَايَاهُمْ يَوْمَ عَائِشَةَ فَأْمُرْ النَّاسَ يُهْدُونَ أَيْنَمَا كُنْتَ فَلَمَّا كَانَتْ الثَّالِثَةُ قَالَتْ ذَلِكَ قَالَ يَا أُمَّ سَلَمَةَ لَا تُؤْذِينِي فِي عَائِشَةَ فَإِنَّهُ مَا أُنْزِلَ عَلَيَّ الْوَحْيُ وَأَنَا فِي لِحَافِ امْرَأَةٍ مِنْكُنَّ غَيْرِهَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَقَدْ رَوَى بَعْضُهُمْ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُرْسَلًا وَقَدْ رُوِيَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ عَوْفِ بْنِ الْحَارِثِ عَنْ رُمَيْثَةَ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ شَيْئًا مِنْ هَذَا وَهَذَا حَدِيثٌ قَدْ رُوِيَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَلَى رِوَايَاتٍ مُخْتَلِفَةٍ وَقَدْ رَوَى سُلَيْمَانُ بْنُ بِلَالٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ نَحْوَ حَدِيثِ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ

हमसे कहिन है [यह्या बिन दुरुस्ता अल बशरी] हमसे [हम्मद बिन जैद] [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से कहिन हैं, उ कहिन; पहिले जब ऐसिया के घरे बारी आवत रही तौ दोस्त पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का आपन उपहार सौंप के अच्छाई पावै के बहुत कोशिश करत रहें। ऐसिया जारी रखिन; 'तब मोर साथी - पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दूसर पत्नी - उम्म सलामा के ओर इकट्ठा भइन, अऊर उ कहिन; 'हे उम्म सलामा, वाकई लोग - दोस्तन - पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का आपन उपहार देके अच्छाई खोजै के बहुत कोशिश किहिन जब ऐसिया के घरे उनकी बारी आई, अऊर वाकई हम अच्छाई के साथ-साथ उ अच्छाई चाहित है जवन ऐस्या चाहत रहीं, एहसे, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बतावा कि साथियन का आदेश दे ओनके उपहार ओनके लिए जहाँ भी उ है - अपनी पत्नियन के घरन के बीच -'। अंत मा उम्म सलामा ओसे ई कहिस, लेकिन उ केवल मुँह फेर लिहिस, फिर उ ओकरे पास लौटि गा, अऊर उम्म सलामा उ कहे का दोहराइस, उ कहिस; 'हे अल्लाह के रसूल, वाकई मा मोर साथियन - पैगम्बर के पत्नियन - कहिन कि लोग - पैगम्बर के साथी - आपन उपहार दे के अच्छाई खोजै के बहुत कोशिश किहिन - अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का - ठीक उहै दिन जब ऐसिया के साथे उनकर बारी आई, यहिसे लोगन का आदेश दें कि आप जहाँ हैं, ओनके उपहार सौंपौ'। जब उम्म सलामा तीन बार ई बात कहिन, तौ उ कहिन: 'हे उम्म सलामा, ऐसिया के कारण मोका दुख न दे, काहे से कि मोका कौनो रहस्योद्घाटन नाहीं भेजा गा है, अऊर मैं आपसे एक औरत के साथे एकै कम्बल मा हौं लेकिन ऐस्या ही है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन गरीब हदीस है, अऊर ओनमा से कुछ लोग हम्मद बिन जैद से हिस्याम बिन उर्वाह से अपने पिता से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ई हदीस का मुर्सल तरीका से सुनाइन, अऊर ई हदीस [हिस्याम बिन उर्वाह] से भी [अउफ] से अलुमा से अलुमा से [रह] [उम्मू सलामा] कुछ इससे'। फिर ई हदीस हिस्याम बिन उरवाह से भी अलग-अलग हदीस के साथ रिवायित कीन गा रहा, अऊर [सुलेमान बिन बिलाल] ने भी हम्मद बिन जैद के हदीस के तरह [अपने पिता] से [ऐस्याह] से [हिस्याम बिन उरवाह] से रिवायित कीन गा रहा।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3815

حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَلْقَمَةَ الْمَكِّيِّ عَنْ ابْنِ أَبِي حُسَيْنٍ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ جِبْرِيلَ جَاءَ بِصُورَتِهَا فِي خِرْقَةِ حَرِيرٍ خَضْرَاءَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّ هَذِهِ زَوْجَتُكَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَلْقَمَةَ وَقَدْ رَوَى عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَلْقَمَةَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مُرْسَلًا وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ عَائِشَةَ وَقَدْ رَوَى أَبُو أُسَامَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا مِنْ هَذَا

हमसे कहा गा है ['अब्द बिन हुमैद] ने हमसे [अब्दुर्राजाक] से [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अलकामह अल मक्की] से [इब्नू अबू हुसैन] से [इब्नू अबू अवलका] से [ऐस्याह] से कहा है कि जिब्रिल पैगम्बर सल्लाह वल्लाहि वल्लाहि वल्लाह के पास एक रेशम के टुकड़े के साथ आए कपड़ा, उ कहिन; 'सचमुच, ई दुनिया अऊर परलोक मा तोहार पत्नी है'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन गरीब हदीस है, अब्दुल्ला बिन अमरू बिन अलकामह के हदीस के अलावा हम यह हदीस नहीं जानते। अऊर ई हदीस [अब्दुर्रहमान बिन महदी] द्वारा [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अलकामा] से ई सनाद मुरसल के साथे भी लिखा है, अऊर उ ऐसिया से अपनी हदीस मा एकर जिक्र नाहीं किहिन हैं। अऊर ई [अबू उसामा] द्वारा [हिस्याम बिन उर्वाह] से [अपने पिता] से [ऐस्याह] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से भी ई हदीस से कुछ के बारे मा सुनावा गा रहा।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3816

حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا عَائِشَةُ هَذَا جِبْرِيلُ وَهُوَ يَقْرَأُ عَلَيْكِ السَّلَامَ قَالَتْ قُلْتُ وَعَلَيْهِ السَّلَامُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ تَرَى مَا لَا نَرَىقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिस है [सुवैद बिन नशर] हमसे कहिस है [अब्दुल्ला बिन अल मुबारक] हमसे कहिस है [मामर] से [अज जुहरी] से [अबू सलामा] से [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे ऐस्याह, ई जिबरील है, ऊ तोहका नमस्कार पहुँचावत है'। आयशा कहिन; हम जवाब दिहेन; 'वअलेहिस सलाम वारहमतउल्लाह वबरकतह, तुमका कुछ पता है कि हम नाहीं जानित है'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3817

حَدَّثَنَا سُوَيْدٌ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْقَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ جِبْرِيلَ يَقْرَأُ عَلَيْكِ السَّلَامَ فَقُلْتُ وَعَلَيْهِ السَّلَامُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ

हमसे कहिन है [सुवैद] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्ला बिन अल मुबारक] हमसे [जकरिया] से [अश स्याबी] से [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] से [ऐस्या] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे कहा: 'वास्तव में जिब्राईल आपको नमस्कार पहुँचाता है'। त हम जवाब दिहेन; 'वा 'अलेहिस सलाम वरहमतुल्लाह वा बरकतौह'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक प्रामाणिक हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3818

حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ الرَّبِيعِ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ سَلَمَةَ الْمَخْزُومِيُّ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَمَا أَشْكَلَ عَلَيْنَا أَصْحَابَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدِيثٌ قَطُّ فَسَأَلْنَا عَائِشَةَ إِلَّا وَجَدْنَا عِنْدَهَا مِنْهُ عِلْمًاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ

हमसे कहिन है [हुमैद बिन मस'दह] हमसे कहिन हैं [जियाद बिन अर रबी'] हमसे [खालिद बिन सलामा अल मखजुमी] [अबू बुरदह] से [अबू मूसा] से कहिन हैं; 'हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दोस्तन के लिए उनके हदीस के बारे मा बिल्कुल भी दिक्कत नाहीं है, एहसे हम ऐसिया से पूछेन, लेकिन हमका उनके तरफ से हदीस के बारे मा जानकारी मिली'। अबू ईसा कहिन; 'यह हदीस एक हसन शाही गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3819

حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ بْنُ دِينَارٍ الْكُوفِيُّ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ عَمْرٍو عَنْ زَائِدَةَ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ قَالَمَا رَأَيْتُ أَحَدًا أَفْصَحَ مِنْ عَائِشَةَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ

हमसे कहिन है [अल कासिम बिन दिनार अल कुफी] हमसे [मुआविया बिन अमरू] से [जाइदा] से [अब्दुल मलिक बिन उमैर] से [मूसा बिन थलहा] से कहिन है; 'मैं [ऐस्याह] से ज्यादा वाक्पटु -चतुर- केहू नाहीं देखेन'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक शाही गरीब हदीस है'।

Hadith

Imam Tirmidzi : 3820

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ يَعْقُوبَ قَالَا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ الْمُخْتَارِ حَدَّثَنَا خَالِدٌ الْحَذَّاءُ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اسْتَعْمَلَهُ عَلَى جَيْشِ ذَاتِ السُّلَاسِلِ قَالَ فَأَتَيْتُهُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُّ النَّاسِ أَحَبُّ إِلَيْكَ قَالَ عَائِشَةُ قُلْتُ مِنْ الرِّجَالِ قَالَ أَبُوهَا قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

ई हमका [इब्राहिम बिन याकूब] अऊर [मुहम्मद बिन बस्यार] द्वारा बतावा गा है जबकि इब्न याकूब से हदीस के पाठ दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [यह्या बिन हम्माद] हमसे कहिन हैं [अब्दुल अजीज बिन अल मुख्तार] हमसे [खालिद बिन अल हद्दजा`] से [अबू उत्समान अन नहदी] से [अमरू बिन अल 'अश] से कहिन हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ओनका ज़ैतुस सैनिकन के प्रभारी होवे के लिए नियुक्त किहिन, फिर हम उनसे मिलेन अऊर उनसे कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, आप कौन से इंसान से सबसे ज्यादा प्यार करत हैं?' उ जवाब दिहिस: 'ऐस्याह'। हम फिर से पूछेन; 'पुरुषन के बारे मा का?' उ जवाब दिहिस: 'उनके पिता'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहीह हदीस है'।