Banyak terjadi al harj
Imam Bukhari : 83
حَدَّثَنَا الْمَكِّيُّ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ أَخْبَرَنَا حَنْظَلَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ عَنْ سَالِمٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يُقْبَضُ الْعِلْمُ وَيَظْهَرُ الْجَهْلُ وَالْفِتَنُ وَيَكْثُرُ الْهَرْجُ قِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا الْهَرْجُ فَقَالَ هَكَذَا بِيَدِهِ فَحَرَّفَهَا كَأَنَّه يُرِيدُ الْقَتْلَ
हमसे कहिन [अल मक्की बिन इब्राहिम] कहिन, हमसे [हंजलाह बिन अबू सुफयान] [सलीम] से कहिन; हम [अबू हुरैराह] पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से सुने रहेन, उ कहिन: 'ज्ञान बढ़ी अऊर अज्ञानता फैली अऊर बदनामी फैली अऊर बहुत अराजकता पैदा होइ'। उनसे सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा गया: 'हे अल्लाह के रसूल, अराजकता से का मतलब है?' तौ रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दिहिन: 'ऐसन'। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने हाथ से इशारा किहिन अऊर फिर ओका झुका दिहिन। मानो ओकर मतलब हत्या रहा।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 3512, 3626, 3648, 3969, 4079, 6889, 7176, 7234, 7533, 7788, 9162, 10306, 10369, 10373, 10443, 16217, 18677, 18804, 20047, 20113, 20128
Imam Bukhari : 83, 978, 5577, 6537, 6538, 6539, 6540
Imam Muslim : 4826, 4827
Imam Abu Dawud : 3713
Imam Tirmidzi : 2126
Imam Ibnu Majah : 4040, 4041, 4042