इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Memberi sesuatu sementara tidak memberi fulan sedikitpun padahal dia adalah seorang mukmin

Imam Bukhari : 871

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْمَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ عَنْ جَرِيرِ بْنِ حَازِمٍ قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ يَقُولُ حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ تَغْلِبَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُتِيَ بِمَالٍ أَوْ سَبْيٍ فَقَسَمَهُ فَأَعْطَى رِجَالًا وَتَرَكَ رِجَالًا فَبَلَغَهُ أَنَّ الَّذِينَ تَرَكَ عَتَبُوا فَحَمِدَ اللَّهَ ثُمَّ أَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَوَاللَّهِ إِنِّي لَأُعْطِي الرَّجُلَ وَأَدَعُ الرَّجُلَ وَالَّذِي أَدَعُ أَحَبُّ إِلَيَّ مِنْ الَّذِي أُعْطِي وَلَكِنْ أُعْطِي أَقْوَامًا لِمَا أَرَى فِي قُلُوبِهِمْ مِنْ الْجَزَعِ وَالْهَلَعِ وَأَكِلُ أَقْوَامًا إِلَى مَا جَعَلَ اللَّهُ فِي قُلُوبِهِمْ مِنْ الْغِنَى وَالْخَيْرِ فِيهِمْ عَمْرُو بْنُ تَغْلِبَ فَوَاللَّهِ مَا أُحِبُّ أَنَّ لِي بِكَلِمَةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حُمْرَ النَّعَمِتَابَعَهُ يُونُسُ

हमसे कहिन [मुहम्मद बिन मामर] कहिन, हमसे कहिन [अबू 'अशिम] से [जरीर बिन हाजिम] कहिन, हम सुने [अल हसन] कहिन, हमसे कहिन [अमरू बिन तगलिब], कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम का एक बार संपत्ति के रूप मा उपहार दीन गा रहा या कैदी औरतन का, फिर उ ओनका वितरित किहिन। कुछ मनई अहैं जेका ई दीन जात अहै अऊर कुछ मनई अहै जेका नाय मिलत। फिर उनके पास खबर आई कि जिन लोगन का ई नाहीं मिला, वै -उनका- आलोचना किहिन। फिर पूजा बोलो और अल्लाह का स्तुति करो फिर बोलो: 'अम्मा बा'दू। अल्लाह के कसम, मैं एक मनई का दिहिस अऊर दूसर का नाहीं। जवन मनई का हम नाहीं देत हई, वास्तव मा हम ओ व्यक्ति से ज्यादा प्यार करत हई जेका हम देत हई। लेकिन मैं लोगन के एक समूह दिहेंव काहे से कि मैं ध्यान से देखेंव कि उ लोग अबहियों बहुत दुखी अऊर डरत रहें। अऊर हम लोगन के एक समूह का जाने देत हई काहे से कि अल्लाह ओनके दिलन का पर्याप्तता के भावना अऊर अच्छाई से भरा बना दिहिस है। ओनमा अमरू बिन तगलिब भी शामिल रहे'। अमरू बिन तगलिब ने कहा, 'अल्लाह कसम, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने जो मुझसे पहले कहा था, उसके तुलना में मुझे सबसे अच्छा ऊंट से ज्यादा कुछ भी पसंद नहीं है'। ई हदीस [यूनुस] द्वारा पुष्टि कीन गै रही'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 1440, 1495, 19751, 19752
Imam Bukhari : 26, 871, 1384, 6981
Imam Muslim : 214, 215, 1752
Imam Abu Dawud : 4063, 4065
Imam Nasa'i : 4906