Lalu aku masuk kembali di tengah shaf dan tidak ada orang yang menyalahkanku
Imam Bukhari : 74
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي أُوَيْسٍ قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ قَالَأَقْبَلْتُ رَاكِبًا عَلَى حِمَارٍ أَتَانٍ وَأَنَا يَوْمَئِذٍ قَدْ نَاهَزْتُ الِاحْتِلَامَ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُصَلِّي بِمِنًى إِلَى غَيْرِ جِدَارٍ فَمَرَرْتُ بَيْنَ يَدَيْ بَعْضِ الصَّفِّ وَأَرْسَلْتُ الْأَتَانَ تَرْتَعُ فَدَخَلْتُ فِي الصَّفِّ فَلَمْ يُنْكَرْ ذَلِكَ عَلَيَّ
हमका बतावा गा है [इस्माइल बिन अबू उवैस] कहिन, ई हमका बतावा गा है [मलिक] से [इब्न शिहाब] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्ला बिन उतबाह] से [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] कहिन; मैं एक मादा गदहा पर सवार होइके आवा रहा, वहि समय मैं लगभग यौवन मा रहा, अऊर अल्लाह के रसूल बिना दीवार के सामने किहे मीना मा नमाज पढ़त रहें। तौ मैं कुछ पंक्तियन के सामने से गुजरेन अऊर फिर मैं मादा गदहा का छोड़ दिहेन ताकि उ जवन खाना चाहत रही, ओका ढूंढ सकै। फिर मैं कतार के बीच मा वापस आवा अऊर केहू मोका दोष नाहीं दिहिस'।