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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 742

حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ الْوَاسِطِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ عَنْ الْجُرَيْرِيِّ عَنْ أَبِي الْعَلَاءِ عَنْ مُطَرِّفٍ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ قَالَصَلَّى مَعَ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ بِالْبَصْرَةِ فَقَالَ ذَكَّرَنَا هَذَا الرَّجُلُ صَلَاةً كُنَّا نُصَلِّيهَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ أَنَّهُ كَانَ يُكَبِّرُ كُلَّمَا رَفَعَ وَكُلَّمَا وَضَعَ

हमसे कहिन [इशाक अल वसिथी] कहिन, हमसे [खालिद] से [अल जुरैरी] से [अबू अल अ'ला] से [मुथर्रिफ] से ['इमरान बिन हुशैन] कहिन, 'उ अली के साथे नमाज पढ़िन? बसराह मा रदलियाअल्लाहु अन्हू। फिर कहिन, 'ई मनई हमका उ नमाज के बारे मा याद दिलाइस जवन हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे किहे रहेन। उनकर कहब हवै कि हर बार हाथ उठावत हवै अउर हर बार हाथ नीचे करत हवै तौ तकबीर करत हवै।