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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 20920

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَاصِمٍ حَدَّثَنِي أَبُو رَيْحَانَةَ قَالَ أَبِي وَسَمَّاهُ عَلِيٌّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مَطَرٍ قَالَ أَخْبَرَنِي سَفِينَةُ مَوْلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُوَضِّئُهُ الْمُدُّ وَيَغْسِلُهُ الصَّاعُ مِنْ الْجَنَابَةِ

हमसे कहिन है ['अली बिन अशिम] ने हमसे [अबू रैहानाह] बताइन हैं। -मेरे पिताजी कहत हैं; अऊर अली ने ओनके नाम अब्दुल्लाह बिन माथर रखिन- उ कहिन; [सफीना] - रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के सेवक - ने मोका सूचित किहिन है कि रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओनका वजू के लिए एक कीचड़ पानी दिहिस अऊर जनबत के कारण ओनका एक शा' पानी से नहवाइस।