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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 20538

حَدَّثَنَا ابْنُ الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ مُوَرِّقٍ الْعِجْلِيِّ عَنْ أَبِي ذَرٍّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ لَاءَمَكُمْ مِنْ خَدَمِكُمْ فَأَطْعِمُوهُمْ مِمَّا تَأْكُلُونَ وَاكْسُوهُمْ مِمَّا تَلْبَسُونَ وَمَنْ لَا يُلَائِمُكُمْ مِنْ خَدَمِكُمْ فَبِيعُوا وَلَا تُعَذِّبُوا خَلْقَ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ

हमसे कहिन है [इब्नू वालिद] हमसे कहिन है [सुफयान] से [मंसूर] से [मुजाहिद] से [मुवारिक अल इजली] से [अबू ज़ार] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उ कहिन: 'तुम्हारा दास जे तोहार बात मानत है, ओका खाना खात समय ओका खिलावा अऊर ओका कपड़ा पहिरत है, जब तू ओनके आज्ञा नाहीं मानत है, अऊर अल्लाह के प्राणी के साथे दुर्व्यवहार न करौ'।