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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Amal terbaik beriman kepada Allah Berjihad di jalan Allah, Haji mabrur

Imam Ahmad : 20524

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ حَدَّثَنِي أَبِي أَنَّ أَبَا مُرَاوِحٍ الْغِفَارِيَّ أخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا ذَرٍّ أخْبَرَهُ أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُّ الْعَمَلِ أَفْضَلُ قَالَ إِيمَانٌ بِاللَّهِ وَجِهَادٌ فِي سَبِيلِهِ قَالَ فَأَيُّ الرِّقَابِ أَفْضَلُ قَالَ أَغْلَاهَا ثَمَنًا وَأَنْفَسُهَا عِنْدَ أَهْلِهَا قَالَ أَفَرَأَيْتَ إِنْ لَمْ أَفْعَلْ قَالَ تُعِينُ صَانِعًا أَوْ تَصْنَعُ لِأَخْرَقَ قَالَ أَرَأَيْتَ إِنْ ضَعُفْتُ قَالَ تُمْسِكُ عَنْ الشَّرِّ فَإِنَّهُ صَدَقَةٌ تَصَّدَّقُ بِهَا عَلَى نَفْسِكَ

हमसे कहिन है [यह्या बिन सईद] हमसे कहिन हैं [हिस्याम] ने हमसे [मेरे पिता] से कहिन है कि [अबू मुर्रविह अल घिफारी] ने उनसे कहा है कि [अबू ज़ार] ने उनसे कहा है, कि उ एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम से पूछिन, 'हे रसूलल्लाह, सबसे महत्वपूर्ण कर्म का है?' उ कहिन: 'अल्लाह पर विश्वास करा अऊर ओकरे रास्ता मा प्रयास करा'। ऊ फिरि पूछिस, 'कौन दास सबसे बड़ा है?' उ जवाब दिहिन: 'सबसे महंगा अऊर मालिक के लिए बहुत फायदा है'। उ फिर से पूछिन, 'अगर हम ई नाहीं करब -काहे से कि हमरे पास ई नाहीं है-?' उ जवाब दिहिन: 'तुम ओन लोगन के मदद करत हौ जे काम करत हैं या मूर्ख ओन लोगन के जे काम नाहीं कइ पावत हैं'। ऊ फिर पूछिस, 'अगर हम कमजोर होइ जाब त का होई?' उ कहिन: 'बुरे कामन से दूर रहौ, तब तोहरे लिए दान हैं'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 356, 3776, 7273, 7320, 7525, 7745, 8021, 8225, 8677, 9318, 10458, 10701, 10894, 11109, 11411, 12372, 12471, 14404, 15426, 15818, 16998, 17129, 17146, 17359, 18239, 18717, 18849, 20341, 20368, 20425, 20476, 20524, 21039, 21100, 21539, 21644, 21658, 22040, 22667, 22840, 25846, 25848, 25854, 26204
Imam Bukhari : 25, 1422, 2334, 2578, 2607, 6013, 6980
Imam Muslim : 118, 119, 3497, 3501, 3502, 3521
Imam Abu Dawud : 2126, 2127, 2155, 3983
Imam Tirmidzi : 1582, 1583, 1584, 1634
Imam Nasa'i : 606, 2577, 3054, 3078, 3079, 4899
Imam Ibnu Majah : 2793, 3968
Imam Darimi : 2286, 2307, 2621