Imam Ahmad : 26183
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ أَنَّ امْرَأَةً حَدَّثَتْهُ قَالَتْ نَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ اسْتَيْقَظَ وَهُوَ يَضْحَكُ فَقُلْتُ تَضْحَكُ مِنِّي يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ لَا وَلَكِنْ مِنْ قَوْمٍ مِنْ أُمَّتِي يَخْرُجُونَ غُزَاةً فِي الْبَحْرِ مَثَلُهُمْ مَثَلُ الْمُلُوكِ عَلَى الْأَسِرَّةِ قَالَتْ ثُمَّ نَامَ ثُمَّ اسْتَيْقَظَ أَيْضًا يَضْحَكُ فَقُلْتُ تَضْحَكُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مِنِّي قَالَ لَا وَلَكِنْ مِنْ قَوْمٍ مِنْ أُمَّتِي يَخْرُجُونَ غُزَاةً فِي الْبَحْرِ فَيَرْجِعُونَ قَلِيلَةً غَنَائِمُهُمْ مَغْفُورًا لَهُمْ قَالَتْ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَجْعَلَنِي مِنْهُمْ فَدَعَا لَهَا قَالَ فَأَخْبَرَنِي عَطَاءُ بْنُ يَسَارٍ قَالَ فَرَأَيْتُهَا فِي غَزَاةٍ غَزَاهَا الْمُنْذِرُ بْنُ الزُّبَيْرِ إِلَى أَرْضِ الرُّومِ هِيَ مَعَنَا فَمَاتَتْ بِأَرْضِ الرُّومِ
हमसे कहिन रहा ['अब्दुर्राजाक] हमसे [मामर] [जैद बिन असलम] से [अथा' बिन यासर] से कहिन रहा कि [एक औरत] ने ओसे कहा रहा, उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल (अल्लाह के रसूल अलैहि वसल्लम) सोए रहे अऊर फिर हँसते हुए जाग गए, त हमने पूछा, 'हे अल्लाह के रसूल, का तुम मुझ पर हँस रहे हो?' उ जवाब दिहिन: 'नहीं, लेकिन मोर उम्मत से एक लोग जवन समुद्र मा लड़ै के लिए निकले रहे, ओनके उदाहरण सिंहासन पर बैठे राजाओं के तरह है'। औरत ने तब कहा, 'फिर वो सो गया और हँसते हुए जाग गए, तो मैंने पूछा कि हे अल्लाह के रसूल, क्या तुम मुझ पर हंस रहे हो?' उ जवाब दिहिन: 'नहीं, लेकिन मोर उम्मत का एक समूह समुद्र मा लड़ै के लिए निकला अऊर फिर उ अल्लाह द्वारा माफ कीन गा एक छोट घनिमा - युद्ध के लूट - लइके लौटि आए'। तब औरत कहिस, 'अल्लाह से दुआ करा कि मैं ओनमा से एक होइ जाऊं'। फिर उ ओनके बरे प्रार्थना किहिन। जैद बिन असलम ने कहा, ''अथा' बिन यासर ने मोका सूचित किहिन, उ कहिन, 'मैं एक बार अल मुंडज़िर बिन अज जुबैर के नेतृत्व मा रोमन भूमि के ओर लड़ाई मा ऊ औरत का देखे रहेन, ऊ औरत हमरे साथ रही अऊर रोमन भूमि मा मर गै'।