Imam Ahmad : 26048
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ عَنْ حَجَّاجٍ وَيَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ عَنِ الرَّبِيعِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ قَالَتْ خَوْلَةُ بِنْتُ حَكِيمٍ قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ امْرَأَةُ عُثْمَانَ بْنِ مَظْعُونٍ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا مِنْ مُسْلِمٍ يَنْزِلُ مَنْزِلًا فَيَقُولُ حِينَ يَنْزِلُ أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ وَقَالَ يَزِيدُ ثَلَاثًا إِلَّا وُقِيَ شَرَّ مَنْزِلِهِ ذَلِكَ حَتَّى يَظْعَنَ مِنْهُ
हमका [मुहम्मद बिन यजीद] [हज्जाज] से बताइस है, अऊर [यजीद बिन हारून] कहिन, हमका [अल हज्जाज] से [अर रबी' बिन मलिक] कहिन; [खौला बिन हकीम], [मुहम्मद बिन यजीद] कहिन; कि उ -खौला- उस्मान बिन मथ'उन के पत्नी रहीं, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'ई मुसलमान नाहीं है जे एक जगह रुकत है अऊर फिर रुकत समय कहत है: 'अउडज़ू बिकालिमातिल्लाहत तमत मिन स्यारी मा खलाक़ा - अल्लाह के नाम पर सही शरण, उ जवन कुछौ बनाइन है ओकर बुराई से-' -यजीद कहिन; कुल तीन बार। - लेकिन जब तक उ ओका छोड़ि देई तब तक उ ओ जगह के बुराई से बचावा जाई'।