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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 25897

حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بُجَيْدٍ عَنْ جَدَّتِهِ أُمِّ بُجَيْدٍ قَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَاللَّهِ إِنَّ الْمِسْكِينَ لَيَقِفُ عَلَى بَابِي حَتَّى أَسْتَحْيِيَ فَلَا أَجِدُ فِي بَيْتِي مَا أَرْفَعُ فِي يَدِهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ارْفَعِي فِي يَدِهِ وَلَوْ ظِلْفًا مُحْرَقًا حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ وَأَبُو كَامِلٍ قَالَا حَدَّثَنَا لَيْثٌ يَعْنِي ابْنَ سَعْدٍ قَالَ حَدَّثَنِي سَعِيدٌ يَعْنِي الْمَقْبُرِيَّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بُجَيْدٍ أَخِي بَنِي حَارِثَةَ أَنَّهُ حَدَّثَتْهُ جَدَّتُهُ وَهِيَ امْرَأَةُ بُجَيْدٍ وَكَانَتْ تُزْعَمُ مِمَّنْ بَايَعَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا قَالَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ

हमसे कहिन है [यजीद बिन हारून] कहिन, हमसे कहिन है [इब्न अबू दज़ीब] से [अल मुकबिरी] से [अब्दुर्रहमान बिन बुजैद] अपनी दादी [उम्मू बुजैद] से उ कहिन, हम कहिन, 'हे अल्लाह के रसूल, अल्लाह के कसम, गरीब लोग हमरे घर के दरवाजा पर खड़ा होइ जब तक हम शर्मिंदा न होइ जाब, जब तक हम अपने घर मा का नाहीं पा सकित है'? तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'ओका भुना हुआ मांस का एक टुकड़ा भी दइ द्या'। हमका [हज्जाज] अऊर [अबू कामिल] दुइनौ कहिन, हमसे [लैट्स] -अर्थात इब्न साद- कहिन, हमसे कहिन [सैद] -अर्थात अल मकबुरी- ['अब्दुर्रहमान बिन बुजैद] बनी हरिता के भाई से, कि ओकर दादी ओनसे कहिन रहैं, उ [बुजैद] के पत्नी रहीं। अऊर उ स्वीकार किहिन कि उ ओन लोगन में से एक रहे जे रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से निष्ठा लिहिन रहैं, उ रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से कहिन... फिर उ अर्थ बताइन।'