Imam Ahmad : 25879
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الرَّازِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ الْفَضْلِ قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ عَطَاءٍ عَنْ بُقَيْرَةَ امْرَأَةِ الْقَعْقَاعِ قَالَتْ إِنِّي لَجَالِسَةٌ فِي صُفَّةِ النِّسَاءِ فَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ وَهُوَ يُشِيرُ بِيَدِهِ الْيُسْرَى فَقَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِذَا سَمِعْتُمْ بِخَسْفٍ هَاهُنَا قَرِيبًا فَقَدْ أَظَلَّتْ السَّاعَةُ
हमसे कहिन है [इशाक बिन इब्राहिम अर रज़ी] उ कहिन, हमसे कहिन हैं [सलामा बिन अल फदल्ल] उ कहिन, हमका [मुहम्मद बिन इशाक] से [मुहम्मद बिन अमरू बिन 'अथा'] से [बुकैरा] से उनकी पत्नी का'का' से कहिन, उ कहिन, 'वास्तव मा, मैं तब इलाहुल्लाह सल्लाहुलाह के पंक्ति मा बैठा रहा, अपने बाईं ओर हाथ से इशारा करत हुए अलैही वसल्लम उपदेश देत हुए कहिन: 'हे लोग, अगर आप सुनत हई कि आपके पास सैनिक डूबत अहैं, तौ ई बतावत है कि अंत निकट है'।