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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 25850

حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي حَبِيبَةَ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْأَشْهَلِيُّ عَنْ أُمِّ عَامِرٍ بِنْتِ يَزِيدَ امْرَأَةٍ مِنْ الْمُبَايِعَاتِ أَنَّهَا أَتَتْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِعَرْقٍ فِي مَسْجِدِ بَنِي فُلَانٍ فَتَعَرَّقَهُ ثُمَّ قَامَ فَصَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ

"हमें बताया गया है [अबू अमीर] ने कहा, हमें बताया गया है [इब्राहिम बिन इस्माइल बिन अबू हबीबा] ने कहा, हमें [अब्दुर्रहमान बिन अब्दुल्ला अल अशली] को [उम्मी अमीर बिन यज़ीद] से बताया गया है, कि जिन औरतों ने बैअत ली, उनमें से एक औरत थी जो बनी फुलान की मस्जिद में मांस लेकर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आई, फिर उन्होंने उसे खाया और फिर नमाज़ पढ़ने लगे और वुज़ू नहीं किया।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 414, 1884, 1890, 1898, 2079, 2172, 2223, 2225, 2282, 2338, 2393, 2414, 2942, 3142, 3181, 3229, 3274, 3285, 3604, 13780, 13931, 14549, 16611, 16612, 16613, 16951, 16952, 16956, 18273, 21446, 21447, 22747, 25214, 25294, 25396, 25405, 25585, 25843, 25850, 26088, 26089, 26090, 26091
इमाम बुखारी : 200, 201, 203, 634, 2706, 4985, 4988, 5002, 5041
इमाम मुस्लिम : 531, 532, 533, 534, 535, 536
इमाम अबू दाऊद : 159, 160, 161, 162, 163, 164
इमाम तिर्मिदज़ी : 75, 1759
इमाम नसाई : 182, 183, 184, 185
इमाम इब्नु माजा : 481, 483
इमाम मलिक : 44, 46, 48, 49
इमाम दरिमी : 721