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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 25637

حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ دَاوُدَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ عَنْ أُمِّ الْفَضْلِ بِنْتِ الْحَارِثِ قَالَتْ صَلَّى بِنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَيْتِهِ مُتَوَشِّحًا فِي ثَوْبِ الْمَغْرِبِ فَقَرَأَ الْمُرْسَلَاتِ مَا صَلَّى صَلَاةً بَعْدَهَا حَتَّى قُبِضَ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन है [मूसा बिन दाउद] हमसे कहिन है ['अब्दुल अजीज बिन अबू सलामा] से [हुमैद] से [अनस] से [उम्मू फदल्ल बिन अल हरिथ] उ कहिन, 'हम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे उनके घर मा नमाज पढ़िन, उ मगरिब नमाज पहिनिन, फिर उ मुसुरत पढ़िन, अऊर उ अल- तब तक नमाज नाहीं पढ़िन जब तक कि उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नाहीं मर गए'।