Mandi janabat, mulai dengan mencuci kedua telapak tangan, berwudhu kemudian menyiramkan air ke atas kepalanya sebanyak tiga kali, kemudian mengalirkan air ke seluruh kulitnya
Imam Ahmad : 25625حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنِ سُلَيْمَانَ الْأَعْمَشِ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ عَنْ كُرَيْبٍ مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ مَيْمُونَةَ بِنْتِ الْحَارِثِ قَالَتْ وَضَعْتُ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غِسْلًا وَسَتَرْتُهُ فَصَبَّ عَلَى يَدِهِ فَغَسَلَهَا مَرَّةً أَوْ مَرَّتَيْنِ قَالَ سُلَيْمَانُ فَلَا أَدْرِي أَذَكَرَ الثَّالِثَةَ أَمْ لَا قَالَ ثُمَّ أَفْرَغَ بِيَمِينِهِ عَلَى شِمَالِهِ فَغَسَلَ فَرْجَهُ ثُمَّ دَلَكَ يَدَهُ بِالْأَرْضِ أَوْ بِالْحَائِطِ ثُمَّ مَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ وَغَسَلَ وَجْهَهُ قَالَ وَغَسَلَ رَأْسَهُ ثُمَّ صَبَّ عَلَى جَسَدِهِ ثُمَّ تَنَحَّى فَغَسَلَ قَدَمَيْهِ قَالَتْ فَنَاوَلْتُهُ خِرْقَةً قَالَ فَقَالَ هَكَذَا وَأَشَارَ بِيَدِهِ أَنْ لَا أُرِيدُهَا قَالَ سُلَيْمَانُ فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِإِبْرَاهِيمَ فَقَالَ هُوَ كَذَلِكَ وَلَمْ يُنْكِرْهُ و قَالَ إِبْرَاهِيمُ لَا بَأْسَ بِالْمِنْدِيلِ إِنَّمَا هِيَ عَادَةٌ
हमरा सब के कहल गेल अछि [अफ्फान] हमरा सब के [अबू अवानाह] के [सुलेमान अल अ'मासी] स [सलीम बिन अबू अल जा'द] स [कुरैब] स इब्न अब्बास के पूर्व दास स, [इब्नु अब्बास] स [मैमुनाह बिंत अल हरिथ] स कहलक अछि, 'हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहिअल्लाम के लेल पानि के व्यवस्था केलौं जे ओ बथैथ करथि, तखन हम स्नान करबा काल अपन -देह- झाँपि लेलक। हाथ पर पानि ढारि एक-दू बेर धोबैत छलाह'। सुलेमान बजलाह - हमरा नहि बुझल अछि जे मैमुना तीन बेर कहलनि वा नहि' । इब्न अब्बास कहलनि, 'तखन ओ अपन दहिना हाथ सँ बामा हाथ पर पानि ढारि देलनि फेर जननांग धोलनि, फेर जमीन पर वा देबाल पर हाथ रगड़लनि, फेर मुँह कुल्ला केलनि, इस्स्टिनसियाक केलनि - नाक मे पानि देलनि - आ मुँह धो लेलनि'। इब्न अब्बास आगू कहलनि, 'तखन ओ माथ धो लेलनि, फेर पूरा शरीर पर पानि ढारि देलनि, तकर बाद शिफ्ट भ' क' पैर धो लेलनि'. उम्म सलामाह कहलकै, 'हम तखन ओकरा लेल कपड़ाक टुकड़ा ल' लेलियैक'। इब्न अब्बास कहलनि, 'तखन ओ हाथ सँ एहि तरहें कहलनि, मतलब जे ओ नहि चाहैत छलाह'। सुलेमान कहलकै, 'हम इब्राहिम स॑ ई बात के जिक्र करल॑ छेलियै, त॑ हुनी कहलकै, 'ई ऐसनऽ छै', आरू ई बात स॑ इनकार नै करलकै' । इब्राहिम बजलाह - गमछाक प्रयोग मे कोनो हर्ज नहि, ई त' बस रिवाज अछि।'