Imam Ahmad : 24360
حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ شُعْبَةَ عَنْ أَبِي عِمْرَانَ الْجَوْنِيِّ عَنْ رَجُلٍ مِنْ قُرَيْشٍ يُقَالُ لَهُ طَلْحَةُ عَنْ عَائِشَةَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِي جَارَيْنِ إِلَى أَيِّهِمَا أُهْدِي قَالَ إِلَى أَقْرَبِهِمَا بَابًا مِنْكِ
हमका [वाकी'] से [स्यू'बाह] से [अबू इमरान अल जौनी] से कुरैश पुरुषन से बतावा गा है कि ई ओनका [थलहा] से [ऐस्याह] से बतावा गा रहा, हम कहेन; 'हे अल्लाह के रसूल, मोर वास्तव मा दुई पड़ोसी हैं, मैं कौन से एक का देब?' उ कहिन: 'तुम्हारे सबसे नजदीक केकर दरवाजा है'।