Sesungguhnya imam dijadikan untuk diikuti, apabila dia rukuk maka rukuklah, bila dia mengangkat kepalanya maka angkatlah kepala
Imam Bukhari : 691
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا لَيْثٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّهُ قَالَخَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ فَرَسٍ فَجُحِشَ فَصَلَّى لَنَا قَاعِدًا فَصَلَّيْنَا مَعَهُ قُعُودًا ثُمَّ انْصَرَفَ فَقَالَ إِنَّمَا الْإِمَامُ أَوْ إِنَّمَا جُعِلَ الْإِمَامُ لِيُؤْتَمَّ بِهِ فَإِذَا كَبَّرَ فَكَبِّرُوا وَإِذَا رَكَعَ فَارْكَعُوا وَإِذَا رَفَعَ فَارْفَعُوا وَإِذَا قَالَ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ فَقُولُوا رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ وَإِذَا سَجَدَ فَاسْجُدُوا
हमका बतावा गा है [कुतैबा बिन सैद] कहिन, हमका [लैट्स] बतावा गा है [इब्न शिहाब] से [अनस बिन मलिक] उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने घोड़ा से गिर गें अऊर उ घायल होइ गें। फिर उ हमका बैठे-बैठे प्रार्थना करै का नेतृत्व किहिन, अऊर हम भी बैठे-बैठे प्रार्थना किहेन। जब उ खतम किहिन तौ उ कहिन: 'वास्तव मा, एक पुजारी, या एक पुजारी बनावा जाय, का अनुसरण करै का है। अगर उ सजदा करत है तौ तुम सजदा करत हौ, अगर ऊ सजदा करत है तौ प्रणाम करत हौ, तुम प्रणाम करत हौ, अगर ऊ सिर उठावत है तौ आपन माथा ऊपर उठावत हौ, अगर ऊ कहै 'SAMI'ALLAHU LIMAN HAMIDAH -अल्लाह उनकर स्तुति करै वालेन का सुनै-, तौ कहौ 'रब्बाना लकल हमदू -हे हमार रब्ब, सब तारीफ तोहरे पास है- अऊर अगर ऊ सजदा करत है।'
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 6847, 7809, 8146, 8534, 8961, 9069, 9275, 9765, 10960, 11631, 12195, 12598, 13689, 18770, 18801, 23116, 23168, 23260, 23994, 24439
Imam Bukhari : 365, 647, 648, 680, 690, 691, 692, 763, 1046, 1047, 1160, 5226
Imam Muslim : 622, 623, 625, 628
Imam Abu Dawud : 509, 511, 512
Imam Tirmidzi : 329
Imam Nasa'i : 786, 821, 823, 912, 913, 1051
Imam Ibnu Majah : 837, 1227, 1228, 1229
Imam Malik : 280, 281
Imam Darimi : 1228, 1277