Imam Ahmad : 24114
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّا قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ عَنْ أَبِي مَيْسَرَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ كُنْتُ إِذَا طَمِثْتُ شَدَدْتُ عَلَيَّ إِزَارًا ثُمَّ أَدْخُلُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شِعَارَهُ وَلَكِنَّهُ كَانَ أَمْلَكَكُمْ لِإِرْبِهِ
हमसे [यह्या बिन जकारिया] कहिन हैं, उ कहिन; बताइस है [मेरे पिता] से [अबी इशाक] से [अबी मैसरोह] से [ऐस्याह] कहिन; 'अगर मोर मासिक धर्म - मासिक धर्म - है तौ मैं आपन कपड़ा कस लेत हौं फिर मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे कम्बल मा घुस जात हौं। हालांकि, उ उ व्यक्ति है जे आपन वासना का सबसे अच्छा रोक सकत है।'