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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 23806

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحِ بْنِ هَانِئٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ كُنْتُ أَتَعَرَّقُ الْعَرْقَ وَأَنَا حَائِضٌ فَيَأْخُذُهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَضَعُ فَمَهُ حَيْثُ كَانَ فَمِي وَأَشْرَبُ مِنْ الْإِنَاءِ فَيَأْخَذُهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَضَعُ فَمَهُ حَيْثُ كَانَ فَمِي وَأَنَا حَائِضٌ

हमसे [मुहम्मद बिन जाफर] बताइस है, उ कहिन; हमका [स्यु'बाह] से [मिकदाम बिन सुरैह बिन हानी] से [उनके पिता] से कहा गा है; कहिन है [आइशा]; 'मैंने एक बार मासिक धर्म के दौरान अपने दाँत से हड्डी से चिपका हुआ मांस खाया था, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने लिया और अपना मुँह रखा जहाँ - मैंने रखा - अपना मुँह। फिर हम एक बर्तन से पीयेन अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओका लइके आपन मुँह रखिन जहाँ -हम आपन मुँह रखेन'।